Surat ACB Trap: 45 हजार की रिश्वत लेते इंजीनियर गिरफ्तार
सूरत नगर निगम के एक सहायक इंजीनियर को 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सूरत एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। 55 वर्षीय जिग्नेश नटवरलाल मोदी वर्ष 2021 में भी ड्रेनेज लाइन कनेक्शन की मंजूरी के बदले 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एसीबी के हत्थे चढ़ चुके थे। पांच साल के भीतर दूसरी बार रिश्वत लेते पकड़े गए जिग्नेश मोदी को गुजरात सरकार के ‘ऑपरेशन गंगाजल’ के तहत भ्रष्ट अधिकारियों की सूची में शामिल किए जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, सूरत के उधना साउथ जोन में कार्यरत सहायक इंजीनियर जिग्नेश मोदी का मासिक वेतन लगभग 1 लाख 70 हजार रुपये था। उन्होंने उधना क्षेत्र में पानी की पाइपलाइन बिछाने का काम करने वाले एक ठेकेदार का बिल पास करने के लिए शुरुआत में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में बातचीत के बाद यह रकम 45 हजार रुपये तय हुई।
जैसे ही जिग्नेश मोदी ने उधना साउथ जोन कार्यालय के बाहर 45 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, एसीबी की टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। रिश्वतखोरी के इस मामले में गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने उनके कार्यालय और आवास पर भी तलाशी अभियान शुरू किया है।