सूरत में 'अधूरी तलाश' की स्क्रीनिंग, बेघर युवती और इंसानियत की कहानी ने दर्शकों को झकझोरा

सूरत में 'अधूरी तलाश' की स्क्रीनिंग, बेघर युवती और इंसानियत की कहानी ने दर्शकों को झकझोरा
Shubham Pandey JHBNEWS टीम,सूरत 2026-01-22 13:30:13

बुधवार शाम सूरत शहर में प्रोड्यूसर डिम्पल लूमास की फिल्म अधूरी तलाश की विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया। यह स्क्रीनिंग सूरत के प्रतिष्ठित क्रेटोस क्लब में रखी गई, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं। इस खास मौके पर फिल्म के निर्देशक राजीव कुमार की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।

अधूरी तलाश एक संवेदनशील और सामाजिक सच्चाई को दर्शाने वाली फिल्म है। फिल्म की कहानी रिया नाम की युवती के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक अस्पताल में काम करती है और अपने कर्तव्यों को पूरी मेहनत और ईमानदारी से निभाती है। परिस्थितियों के चलते एक दिन उसे अस्पताल से नौकरी से निकाल दिया जाता है। नौकरी जाने के बाद रिया आर्थिक संकट में आ जाती है और घर का किराया न भर पाने के कारण मकान मालकिन उसे घर से निकाल देती है। मजबूर होकर रिया पूरा दिन सड़क पर भटकती रहती है। उसी रात करीब 10 बजे उसकी मुलाकात आरव नाम के एक युवक से होती है, जो उसकी हालत देखकर उससे बात करता है। रिया उसे अपनी पूरी आपबीती सुनाती है। इंसानियत के नाते आरव उसे अपने पास के घर में ठहरने की पेशकश करता है, यहीं से फिल्म की कहानी एक नया मोड़ लेती है।


इस फिल्म के प्रोड्यूसर डिम्पल लूमास, जो पिछले 15 वर्षों से अलग और नायाब कॉन्सेप्ट पर काम करते आ रही हैं, इस फिल्म में प्रोड्यूसर के साथ-साथ कास्टिंग डायरेक्टर की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई है।

फिल्म के “कैप्टन ऑफ द शिप” यानी निर्देशक राजीव कुमार को फिल्म इंडस्ट्री में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। राजीव कुमार ने अपने करियर में महाभारत, टीपू सुल्तान, नई दिशा, त्रिकाल और सत्ता अपने बाप की जैसी चर्चित फिल्मों और टीवी शोज़ में बतौर निर्देशक और कलाकार काम किया है। उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।


इस फिल्म की सिनेमैटोग्राफी डीओपी क्रुणाल पारेख ने की है। मुख्य भूमिका में रुजुता दलाल, जो पेशे से डॉक्टर हैं, रिया का किरदार निभाया है, फिल्म के मुख्य अभिनेता नैमेंष नवीन ने आरव की भूमिका अदा की है, जो पिछले 10 वर्षों से कई फिल्मों और टीवी शोज़ का हिस्सा रहे हैं 

फिल्म देखने के बाद हिरेन टेलर ने कहा, “अधूरी तलाश सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि आज के समाज की सच्चाई है। कहानी दिल को छू जाती है और किरदारों का अभिनय बेहद प्रभावशाली है। यह फिल्म हर किसी को एक बार जरूर देखनी चाहिए।”