डोनाल्ड ट्रंप के प्लेन में आई टेक्निकल खराबी! प्लेन उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही वाशिंगटन लौटा
US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का स्पेशल प्लेन 'एयर फोर्स वन' मंगलवार को स्विट्जरलैंड के दावोस के लिए निकला, जहां उन्हें वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में शामिल होना था। लेकिन टेकऑफ के कुछ देर बाद ही प्लेन को मैरीलैंड के जॉइंट बेस एंड्रयूज वापस लाना पड़ा। प्लेन के वापस लौटने की वजह फ्लाइट के दौरान टेक्निकल खराबी बताई गई।
इलेक्ट्रिकल में थोड़ी खराबी आई
क्रू मेंबर्स के मुताबिक, एयर फोर्स वन लोकल टाइम के हिसाब से रात करीब 11:00 बजे बेस पर सेफ तरीके से लैंड कर लिया। फ्लाइट के दौरान प्लेन में थोड़ी इलेक्ट्रिकल खराबी देखी गई, जिसकी वजह से एहतियात के तौर पर प्लेन को वापस लौटाने का फैसला किया गया। प्लेन में मौजूद रिपोर्टर्स के मुताबिक, फ्लाइट के दौरान प्रेस केबिन की लाइट भी कुछ देर के लिए चली गई थी।
2020 के बाद ट्रंप का यह पहला इन-पर्सन दावोस दौरा था
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि यह फैसला टेकऑफ के तुरंत बाद लिया गया ताकि कोई रिस्क न हो। ट्रंप का ट्रिप कैंसिल नहीं हुआ है, वे बस प्लेन बदलकर फिर से स्विट्जरलैंड के लिए निकल जायेंगे। ट्रंप 2020 के बाद पहली बार इस मीटिंग में खुद शामिल होने जा रहे हैं और उनके साथ अब तक का सबसे बड़ा US डेलीगेशन भी शामिल होगा।
दुनिया भर के लीडर्स और बिजनेस टाइकून्स का जमावड़ा
दावोस में होने वाली इस सालाना मीटिंग में इस साल दुनिया भर के करीब 3,000 लीडर्स और बिजनेसमैन के शामिल होने की उम्मीद है। ऑर्गनाइजर्स के मुताबिक, इस बार रिकॉर्ड तोड़ 400 पॉलिटिकल लीडर्स और बड़ी कंपनियों के 850 CEO मौजूद रहेंगे। ट्रंप की मौजूदगी को इस इवेंट का मेन अट्रैक्शन माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने पहले भी वर्चुअल एड्रेस के जरिए दुनिया भर में बड़ी बहस छेड़ी थी।
बड़े देशों की गैरमौजूदगी के बीच बदलती पॉलिटिक्स
हालांकि, इस बड़े इवेंट के बीच कुछ बड़े विवाद और गैरमौजूदगी भी हैं। ग्रीनलैंड मुद्दे पर चल रहे विवाद और ट्रंप के यूरोपियन देशों पर नए टैरिफ लगाने के ऐलान की वजह से डेनमार्क सरकार ने इस मीटिंग से खुद को दूर कर लिया है। इसके अलावा यूक्रेन के प्रेसिडेंट वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की और चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग भी इस लिस्ट में शामिल नहीं हैं। भारत और ब्राज़ील के टॉप लीडर भी इस बार दावोस में नहीं दिखेंगे, जिससे सभी की नज़रें ग्लोबल पॉलिटिक्स के इक्वेशन पर हैं।