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डोनाल्ड ट्रंप के प्लेन में आई टेक्निकल खराबी! प्लेन उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही वाशिंगटन लौटा

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का स्पेशल प्लेन 'एयर फोर्स वन' मंगलवार को स्विट्जरलैंड के दावोस के लिए निकला, जहां उन्हें वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में शामिल होना था। लेकिन टेकऑफ के कुछ देर बाद ही प्लेन को मैरीलैंड के जॉइंट बेस एंड्रयूज वापस लाना पड़ा। प्लेन के वापस लौटने की वजह फ्लाइट के दौरान टेक्निकल खराबी बताई गई।इलेक्ट्रिकल में थोड़ी खराबी आईक्रू मेंबर्स के मुताबिक, एयर फोर्स वन लोकल टाइम के हिसाब से रात करीब 11:00 बजे बेस पर सेफ तरीके से लैंड कर लिया। फ्लाइट के दौरान प्लेन में थोड़ी इलेक्ट्रिकल खराबी देखी गई, जिसकी वजह से एहतियात के तौर पर प्लेन को वापस लौटाने का फैसला किया गया। प्लेन में मौजूद रिपोर्टर्स के मुताबिक, फ्लाइट के दौरान प्रेस केबिन की लाइट भी कुछ देर के लिए चली गई थी।2020 के बाद ट्रंप का यह पहला इन-पर्सन दावोस दौरा थाव्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि यह फैसला टेकऑफ के तुरंत बाद लिया गया ताकि कोई रिस्क न हो। ट्रंप का ट्रिप कैंसिल नहीं हुआ है, वे बस प्लेन बदलकर फिर से स्विट्जरलैंड के लिए निकल जायेंगे। ट्रंप 2020 के बाद पहली बार इस मीटिंग में खुद शामिल होने जा रहे हैं और उनके साथ अब तक का सबसे बड़ा US डेलीगेशन भी शामिल होगा।दुनिया भर के लीडर्स और बिजनेस टाइकून्स का जमावड़ादावोस में होने वाली इस सालाना मीटिंग में इस साल दुनिया भर के करीब 3,000 लीडर्स और बिजनेसमैन के शामिल होने की उम्मीद है। ऑर्गनाइजर्स के मुताबिक, इस बार रिकॉर्ड तोड़ 400 पॉलिटिकल लीडर्स और बड़ी कंपनियों के 850 CEO मौजूद रहेंगे। ट्रंप की मौजूदगी को इस इवेंट का मेन अट्रैक्शन माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने पहले भी वर्चुअल एड्रेस के जरिए दुनिया भर में बड़ी बहस छेड़ी थी।बड़े देशों की गैरमौजूदगी के बीच बदलती पॉलिटिक्सहालांकि, इस बड़े इवेंट के बीच कुछ बड़े विवाद और गैरमौजूदगी भी हैं। ग्रीनलैंड मुद्दे पर चल रहे विवाद और ट्रंप के यूरोपियन देशों पर नए टैरिफ लगाने के ऐलान की वजह से डेनमार्क सरकार ने इस मीटिंग से खुद को दूर कर लिया है। इसके अलावा यूक्रेन के प्रेसिडेंट वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की और चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग भी इस लिस्ट में शामिल नहीं हैं। भारत और ब्राज़ील के टॉप लीडर भी इस बार दावोस में नहीं दिखेंगे, जिससे सभी की नज़रें ग्लोबल पॉलिटिक्स के इक्वेशन पर हैं।

2026-01-21 15:55:10
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स्पेन में बड़ा ट्रेन हादसा, 21 लोगों की मौत, कई घायल

दक्षिणी स्पेन में एक भयानक ट्रेन हादसा हुआ, जिसमें दो हाई-स्पीड ट्रेनों की आमने-सामने की टक्कर में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, यह भयानक हादसा तब हुआ जब एक ट्रेन गलत ट्रैक पर आ गई।हादसा कैसे और कहाँ हुआ?यह भयानक हादसा रविवार को शाम 5:40 बजे GMT (भारतीय समयानुसार रात 11:10 बजे) स्पेन के कॉर्डोबा में एडमुज स्टेशन के पास हुआ। स्पेनिश रेल संगठन ADIF ने कहा कि मलागा से मैड्रिड जा रही ट्रेन (एरियो 6189) पटरी से उतर गई और साइड ट्रैक पर चली गई। उसी समय, यह मैड्रिड से हुएल्वा जा रही एक दूसरी ट्रेन से आमने-सामने टकरा गई।रेल सर्विस पर असर और बचाव अभियानइस हादसे ने मैड्रिड और अंडालूसिया के बीच हाई-स्पीड रेल सर्विस को पूरी तरह से रोक दिया है। अंडालूसी इमरजेंसी सर्विस ने सोशल मीडिया पर कहा कि सारा रेल ट्रैफिक रोक दिया गया है और इमरजेंसी सर्विस मौके पर पहुंच गई हैं और बचाव का काम कर रही हैं। हालांकि, मैड्रिड, टोलेडो, स्यूदाद रियल और प्यूर्टोलानो के बीच दूसरी कमर्शियल सर्विस नॉर्मल चल रही हैं।थाईलैंड में भी ऐसी ही घटना हुई थीगौरतलब है कि इस हफ्ते की शुरुआत में थाईलैंड में भी ऐसी ही एक गंभीर ट्रेन डिरेलमेंट की घटना हुई थी, जिसमें क्रेन गिरने से एक ट्रेन डिरेल हो गई थी। उस हादसे में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हो गए थे।

2026-01-19 16:29:34
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चिली के जंगलों में भीषण आग, 18 की मौत, 20 हज़ार से ज़्यादा लोग बेघर, इमरजेंसी घोषित

दक्षिण अमेरिकी देश चिली में एक कुदरती आफ़त ने कहर बरपाया है। कॉन्सेप्सियन के पास पैंको के जंगलों में लगी भीषण आग से अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार बढ़ती आग को देखते हुए सरकार ने प्रभावित इलाकों में इमरजेंसी घोषित कर दी है।8500 हेक्टेयर जंगल की प्रॉपर्टी जली, हज़ारों जानवर मरेआग की स्थिति बायोबियो और नुबल इलाकों में सबसे ज़्यादा गंभीर है। अब तक लगभग 8500 हेक्टेयर ज़मीन पर फैली जंगल की प्रॉपर्टी जलकर राख हो गई है। तेज़ गर्मी और तेज़ हवाओं की वजह से आग और भी भयानक होती जा रही है, जिससे जंगली जानवरों को भी काफ़ी नुकसान हुआ है। आस-पास के गांवों के लगभग 50,000 लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगह पर जाने को मजबूर हो गए हैं, जबकि 20,000 लोगों को अधिकारियों ने सुरक्षित बचा लिया है।38 डिग्री टेम्परेचर और पिघलती कारेंलोकल अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में टेम्परेचर 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। गर्मी इतनी ज़्यादा है कि सड़क पर खड़ी कारें भी पिघल रही हैं। आग में कई चर्च और घर जलकर खाक हो गए हैं। आसमान नारंगी हो गया है और चारों ओर धुएं का गुबार दिख रहा है।इंडुरा गैस प्लांट में धमाके का खतरासरकार की सबसे बड़ी चिंता अभी जंगल के पास मौजूद 'इंडुरा गैस प्लांट' है। अगर आग इस प्लांट तक पहुंच गई, तो गैस लीकेज या बड़े धमाके का खतरा ज़्यादा है, जिससे बड़ी मौतें हो सकती हैं। फायरफाइटर्स अभी प्लांट को बचाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।राष्ट्रपति ने इमरजेंसी घोषित कीचिली के राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक ने प्रभावित इलाकों में आपदा से लड़ने के लिए सेना और प्रशासन को तैनात किया है। अस्पतालों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों ने लोगों को धुएं से दूर रहने की सलाह दी है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत का ध्यान रखने को कहा है।

2026-01-19 16:01:59
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भारत ने दालों पर 30% 'टैरिफ' लगाया, US ट्रेडर्स ने ट्रंप को लिखा पत्र

IND VS US : भारत और US के बीच जिस पहले फेज की ट्रेड डील का बेसब्री से इंतज़ार था, वह अपने आखिरी स्टेज में है और जल्द ही इसकी घोषणा होने की उम्मीद है। इस अहम समय के बीच, US सीनेटर्स के एक ग्रुप ने प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप को पत्र लिखा है, जिसमें इंपोर्टेड दालों पर भारत द्वारा लगाए गए 30% टैरिफ को हटाने के लिए दबाव बनाने की मांग की गई है।ट्रंप को लिखे लेटर में मुख्य मांग क्या है?US सीनेटर्स ने प्रेसिडेंट ट्रंप को लिखे अपने लेटर में साफ तौर पर मांग की है कि इंडिया-US ट्रेड एग्रीमेंट में 'दालों के लिए फायदेमंद प्रोविजन' शामिल हों। उनकी मुख्य मांग यह पक्का करना है कि भारत अमेरिकी किसानों द्वारा बेची जाने वाली पीली मटर (दलहन) पर 30% टैक्स पूरी तरह से हटा दे।भारत सबसे बड़ा कंज्यूमर है, अमेरिका मुख्य प्रोड्यूसर हैयह मुद्दा अमेरिका के लिए बहुत अहम है क्योंकि नॉर्थ डकोटा और मोंटाना जैसे राज्य मटर समेत दालों की फसलों के टॉप दो प्रोड्यूसर हैं। दूसरी तरफ, भारत इस फसल का दुनिया का सबसे बड़ा कंज्यूमर है, जो दुनिया की कुल खपत का लगभग 27% है। सीनेटरों का मानना ​​है कि अगर ट्रेड के मौके मिलें, तो अमेरिकी किसान भारत से इस मांग को पूरा कर सकते हैं और दुनिया को अनाज दे सकते हैं।टैरिफ से अमेरिका को नुकसानलेटर में बताया गया है कि भारत ने 30 अक्टूबर, 2025 को पीली मटर पर 30% टैरिफ लगाया था, जो 1 नवंबर, 2025 से लागू हुआ। ज़्यादा टैरिफ की वजह से, अमेरिकी दाल उगाने वालों को भारत को अपने हाई-क्वालिटी प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करते समय कॉम्पिटिटिव नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।यह मांग पहले भी की जा चुकी हैसीनेटरों ने ट्रंप को याद दिलाया कि उन्होंने अपने पहले टर्म में इस मुद्दे पर एक लेटर लिखा था। फिर, ट्रंप ने 2020 में भारत के साथ ट्रेड बातचीत के दौरान खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वह लेटर सौंपा, जिससे अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स को बातचीत की टेबल पर जगह मिली। सीनेटरों ने एक बार फिर ट्रंप से इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी से मज़बूती से बात करने की अपील की है, क्योंकि इससे अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स और भारतीय कंज्यूमर्स दोनों को फायदा होगा और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ेगा।

2026-01-17 14:06:32
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आखिरकार ट्रंप की ख्वाहिश पूरी हुई....मिला नोबेल शांति पुरस्कार

Nobel Prize:  वेनेजुएला में चल रहे गंभीर राजनीतिक संकट के बीच, विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई मुलाकात ने राजनीतिक गर्मी बढ़ा दी है। इस मुलाकात के बाद मचाडो ने दावा किया कि उन्होंने ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार दिया है। इस गिफ्ट डिप्लोमेसी ने वाशिंगटन से लेकर काराकस तक नई राजनीतिक अटकलों को जन्म दिया है।यह बहुचर्चित मुलाकात गुरुवार को व्हाइट हाउस में लंच पर हुई, जो इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी नेतृत्व वाले ऑपरेशन में पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद हुई है। एक घंटे से ज़्यादा चर्चा के बाद जब मचाडो व्हाइट हाउस से निकले, तो उनके समर्थकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने समर्थकों से कहा, "हम राष्ट्रपति ट्रंप पर भरोसा कर सकते हैं।"नोबेल पुरस्कार और नियम को लेकर जब मचाडो से पूछा गया कि क्या ट्रंप को दिया हुआ मेडल स्वीकार कर लिया है, तो उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया। हालांकि, नोबेल शांति पुरस्कार संगठन ने पहले ही यह साफ़ कर दिया है कि नियमों के अनुसार पुरस्कार को ट्रांसफर या शेयर नहीं किया जा सकता है।दूसरी ओर, मारिया कोरिना मचाडो व्हाइट हाउस से एक गिफ़्ट बैग लेकर निकलीं, जिस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिखा था। यह साफ़ नहीं है कि लाल बैग में क्या था।मचाडो पर US का रुख व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने मचाडो को वेनेज़ुएला के लोगों की "एक अहम और हिम्मत वाली आवाज़" कहा, लेकिन दोहराया कि ट्रंप का उनकी लीडरशिप क्षमता का अंदाज़ा नहीं बदला है। ट्रंप ने पहले कहा था कि उनके पास नेतृत्व करने के लिए घरेलू समर्थन नहीं है।नोबेल पुरस्कार विजेता होने के बावजूद, मचाडो को US अधिकारियों से मिली-जुली राय मिली है। एक ओर, ट्रंप ने तेल और दूसरे मुद्दों पर सहयोग के लिए अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की सार्वजनिक रूप से तारीफ़ की है, जबकि कुछ US सांसदों ने मचाडो पर भरोसा जताया है। 

2026-01-16 14:05:42
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ट्रंप की कब्जे की धमकी के बीच 6 देश के सैनिक पहुंचे ग्रीनलैं, NATO देश सक्रिय

ग्रीनलैंड : दुनिया के सबसे बड़े द्वीप ग्रीनलैंड पर कब्जे की डोनाल्ड ट्रंप की चाहत ने ग्लोबल स्ट्रैटेजी ने एक नया मोड़ ले लिया है। ट्रंप की धमकी और रूस और चीन के बढ़ते असर के डर के बीच, डेनमार्क की अपील पर छह NATO देशों ने ग्रीनलैंड में अपनी मिलिट्री मौजूदगी बढ़ानी शुरू कर दी है।किस देश ने भेजी सेना?रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक 6 बड़े देशों ने डेनमार्क के अंडर आने वाले ऑटोनॉमस इलाके ग्रीनलैंड की सुरक्षा के लिए अपने सैनिकों और मिलिट्री के जवानों को तैनात करने का ऐलान कर दिया है, जिसमें स्वीडिश प्राइम मिनिस्टर उल्फ क्रिस्टरसन ने सैनिक भेजने की पुष्टि की है। नॉर्वे ने दो मिलिट्री टीमें भेजी हैं। जर्मनी ने समुद्री निगरानी और टोही मिशन के लिए सैनिकों की एक टुकड़ी भेज दी है। फ्रांस की बात करे तो फ़्रांस ने सहयोगी देशों की जॉइंट एक्सरसाइज में शामिल होने के लिए एक मिलिट्री टीम भेजी है। नीदरलैंड और कनाडा भी इस मिलिट्री एक्सरसाइज का हिस्सा बन गए हैं।‘ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस’यह पूरी मिलिट्री तैनाती डेनमार्क के शुरू किए गए “ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस” के हिस्से के तौर पर की जा रही है। इस मिशन का मुख्य मकसद आर्कटिक इलाके में समुद्री निगरानी बढ़ाना और संभावित सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए एक मिलिट्री ढांचा तैयार करना है।ट्रंप की धमकी और रूस-चीन का डरUS प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि चूंकि ग्रीनलैंड की सुरक्षा कमजोर है, इसलिए रूस और चीन इसका फायदा उठा सकते हैं। इसी बहाने उन्होंने ग्रीनलैंड को US में मिलाने की बात कही है। हालांकि, डेनमार्क ने इस प्रस्ताव को साफ तौर पर खारिज कर दिया है और अपने NATO सहयोगियों से मदद मांगी है।इस एक्सरसाइज के पीछे दो मुख्य संकेतडिफेंस एक्सपर्ट इस मिलिट्री मूवमेंट को दो तरह से देख रहे हैं। यूरोपियन देश और कनाडा ट्रंप को यह मैसेज दे रहे हैं कि पूरा NATO ग्रीनलैंड की सुरक्षा के लिए ऑर्गनाइज्ड है। अगर ट्रंप ने कब्जा करने की कोशिश की, तो उन्हें न सिर्फ डेनमार्क बल्कि अपने पुराने सहयोगियों का भी विरोध झेलना पड़ेगा।दूसरी तरफ, ये देश यह भी दिखा रहे हैं कि अगर ट्रंप रूस या चीन से डरते हैं, तो इसका हल ग्रीनलैंड पर कब्जा करना नहीं, बल्कि NATO के जरिए मिलिट्री प्रेजेंस बढ़ाना है।यह ध्यान देने वाली बात है कि ग्रीनलैंड अब सिर्फ़ बर्फ़ का एक द्वीप नहीं रहा, बल्कि अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों के बीच झगड़े का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में आर्कटिक इलाके में मिलिट्री गतिविधियां तेज़ होने की संभावना है

2026-01-15 13:43:42
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तेहरान से मशहद तक, लाशों के लगे ढेर: ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों में 646 लोगों की मौत

ईरान में बिगड़ती आर्थिक हालत और राजनीतिक नाराज़गी को लेकर शुरू हुआ जन विद्रोह अब भयानक मोड़ ले रहा है। ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी (HRANA) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, देश भर में चल रहे प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 646 लोगों की जान जा चुकी है। ईरानी सरकार की कड़ी कार्रवाई के बावजूद, लोग सड़कों पर उतर रहे हैं।दमन और इंटरनेट ब्लैकआउटईरानी सरकार ने विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए पूरे देश में कम्युनिकेशन बैन लगा दिया है। इंटरनेट शटडाउन की वजह से हिंसा के सही आंकड़े मिलना मुश्किल है, लेकिन ह्यूमन राइट्स ग्रुप चेतावनी दे रहे हैं कि मरने वालों की संख्या इससे कहीं ज़्यादा हो सकती है। सरकार ने अभी तक कोई ऑफिशियल आंकड़ा जारी नहीं किया है।क्राउन प्रिंस रेज़ा पहलवी का मैसेजईरान के देश से निकाले गए क्राउन प्रिंस रेज़ा पहलवी ने सोशल मीडिया के ज़रिए ईरानी लोगों का हौसला बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि सरकार हत्या और दमन के ज़रिए डर फैलाने की कोशिश कर रही है। हज़ारों मिलिट्री और सिक्योरिटी फ़ोर्स ने लोगों पर ज़ुल्म करने में हिस्सा लेने से मना कर दिया है। उन्होंने IT एक्सपर्ट्स से अपील की कि वे सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट करें ताकि देश दुनिया से फिर से जुड़ सके।डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और 25% टैरिफUS प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने इस सिचुएशन में बहुत अग्रेसिव रुख अपनाया है। ट्रंप ने इशारा किया है कि उनकी नेशनल सिक्योरिटी टीम ईरान पर साइबर अटैक या सीधे मिलिट्री स्ट्राइक जैसे ऑप्शन पर सोच रही है। ट्रंप ने ऐलान किया है कि जो भी देश ईरान के साथ ट्रेड करना जारी रखेंगे, उन्हें US में 25% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। यह फ़ैसला तुरंत लागू हो गया है। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अब धमकियों के बीच वॉशिंगटन से बात करने में हिचकिचा रहा है।वॉर थंडरट्रंप ने एयर फ़ोर्स वन में रिपोर्टर्स से कहा, "अगर ईरान जवाबी कार्रवाई करता है, तो हम उन पर ऐसे लेवल पर हमला करेंगे जैसा हमने पहले कभी नहीं देखा।" इस सिचुएशन ने मिडिल ईस्ट में टेंशन बढ़ा दी है और दुनिया भर में जंग का डर पैदा कर दिया है। 

2026-01-13 14:01:13
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अमेरिका ने एक वर्ष में 1 लाख से अधिक वीज़ा रद्द किए, जाने ये कारण?

यूएस जाकर पढ़ाई करने, काम करने या बसने का सपना देखने वाले लाखों लोगों के लिए यह बड़ा झटका है। डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन अमेरिकी इमिग्रेशन नीति को लगातार कड़ा बना रहा है। वर्ष 2025 में अमेरिका ने 1,00,000 से अधिक वीज़ा रद्द किए हैं, जिनमें लगभग 8,000 स्टूडेंट वीज़ा शामिल हैं। इन वीज़ा को अपराध के आरोप में रद्द किया गया है ताकि इमिग्रेशन पर रोक लगाई जा सके।एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में बाइडेन प्रशासन के दौरान 40,000 वीज़ा रद्द किए गए थे। वर्ष 2025 में यह संख्या वर्ष 2024 से दोगुनी हो गई।देशनिकाल की कार्रवाई जारी रहेगी:स्टेट डिपार्टमेंट ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा, “हम अमेरिका को सुरक्षित रखने के लिए अपराधियों के देशनिकाल की कार्रवाई जारी रखेंगे।” बयान में यह भी बताया गया कि “स्टेट डिपार्टमेंट ने 100,000 से अधिक वीज़ा रद्द किए हैं, जिनमें अपराध में संलिप्त यूएस लॉ एन्फोर्समेंट अधिकारियों के अधीन लगभग 8,000 स्टूडेंट वीज़ाधारक और 2,500 स्पेशल वीज़ाधारक शामिल हैं।”अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई:स्टेट डिपार्टमेंट के मुख्य डिप्टी स्पोक्सपर्सन टोमी पिगोट ने बताया कि एक साल से भी कम समय में ट्रम्प प्रशासन ने 100,000 से अधिक वीज़ा रद्द किए हैं। इनमें हमला, चोरी और नशे में वाहन चलाने जैसे अपराधों के तहत आरोपित या दोषी हजारों विदेशी नागरिकों के वीज़ा रद्द किए गए हैं।रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2025 में रद्द किए गए अधिकांश वीज़ा व्यवसाय और टूरिस्ट वीज़ा थे। कुछ वीज़ाधारक अपनी वीज़ा अवधि समाप्त होने के बाद भी अमेरिका में रुके हुए थे। लॉ एन्फोर्समेंट अधिकारियों की जांच का सामना कर रहे 8,000 स्टूडेंट और 2,500 स्पेशल वीज़ाधारकों के वीज़ा रद्द किए गए हैं।स्टेट डिपार्टमेंट के अनुसार, जिन स्पेशल वीज़ाधारकों के वीज़ा रद्द किए गए हैं, उनमें से आधे को शराब पीकर वाहन चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, 30% पर हमला, मारपीट या अपहरण जैसे आरोप थे, और बाकी 20% पर चोरी, बच्चों के साथ दुर्व्यवहार, ड्रग्स का सेवन और वितरण, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार जैसे आरोप थे।

2026-01-13 13:38:38
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बांग्लादेश: फेनी जिले में ऑटो चालक हिंदू युवक की हत्या, अब तक 13 हिंदुओं की मौत

ढाका: बांग्लादेश में जारी अशांति के बीच एक और हिंदू युवक की हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान 28 वर्षीय समीर कुमार दास के रूप में हुई है। रविवार रात भीड़ ने पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। इसके साथ ही बांग्लादेश में अब तक 13 हिंदुओं की हत्या हो चुकी है। भारत विरोधी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद शुरू हुए हिंसक प्रदर्शनों के कारण देश में हिंसा फैल गई है।पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, समीर कुमार दास को दागनभुइयां के एक स्वास्थ्य परिसर के पास पीटा गया और उस पर चाकू से वार किए गए। पीड़ित के परिवार वालों ने बताया कि समीर कई वर्षों से ऑटो रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था और घर न लौटने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। दागनभुइयां पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद फैजुल अजीम ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि हत्या सुनियोजित थी। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और दोषियों की पहचान तथा गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।पुलिस को लूट और हत्या का संदेह है।पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि यह घटना लूट और हत्या का मामला है। जांच जारी है और अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पिछले 25 दिनों में बांग्लादेश में कई हिंदू युवकों की हत्या हुई है। 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास की हत्या कर दी गई थी।बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार बढ़ रहे हैंयह उल्लेखनीय है कि लगभग 17 करोड़ की आबादी वाले मुस्लिम बहुल बांग्लादेश में स्थिति 2024 से लगातार बिगड़ती जा रही है। इस दौरान, इस्लामी चरमपंथ के बढ़ते प्रभाव के कारण हिंदुओं सहित अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हमले तेज हो गए हैं।बांग्लादेश हिंदू, बौद्ध, ईसाई एकता परिषद, जो धार्मिक भेदभाव के खिलाफ काम करने वाला एक मानवाधिकार संगठन है, ने भी देश के विभिन्न हिस्सों में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के बारे में गंभीर चिंता व्यक्त की है।भारत हिंदुओं पर हमलों को लेकर चिंतित हैभारत ने पिछले सप्ताह मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान हिंदुओं के खिलाफ हुए अत्याचारों की कड़ी निंदा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हम अल्पसंख्यकों, उनके घरों और व्यवसायों पर चरमपंथियों द्वारा बार-बार किए जा रहे हमलों की चिंताजनक श्रृंखला देख रहे हैं। ऐसे सांप्रदायिक कृत्यों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई करना अनिवार्य है।"

2026-01-13 12:57:49
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ईरान में अंधाधुंध फायरिंग में 217 प्रदर्शनकारियों की मौत, डॉक्टर का चौंकाने वाला दावा

ईरान में इस्लामिक शासन के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन अब उग्र रूप ले चुके हैं। ईरानी सरकार के निर्देश पर सुरक्षा बलों द्वारा कई स्थानों पर गोलीबारी किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। टाइम मैगज़ीन से बातचीत में अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर एक ईरानी डॉक्टर ने दावा किया है कि केवल राजधानी तेहरान के छह अस्पतालों में ही कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें से अधिकांश की मौत गोलीबारी में हुई है। हालांकि, टाइम मैगज़ीन ने इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।भयानक दमन और सरकारी क्रूरतायदि यह आंकड़ा सही है, तो यह ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के भयावह दमन की ओर इशारा करता है। ये प्रदर्शन 28 दिसंबर से आर्थिक संकट के विरोध में शुरू हुए थे, लेकिन अब ईरान के सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं और इस्लामिक शासन को उखाड़ फेंकने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी “आज़ादी” और “तानाशाह मुर्दाबाद” जैसे नारे लगा रहे हैं।ईरानी डॉक्टर ने दावा किया कि जैसे-जैसे प्रदर्शन तेज हुए, कई इलाकों में सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर सीधे गोलियां चलाईं। शुक्रवार को अस्पतालों से शव हटाए गए। मरने वालों में अधिकांश युवा थे। उत्तरी तेहरान के एक पुलिस स्टेशन के बाहर मशीनगन से हुई फायरिंग में कई प्रदर्शनकारी मौके पर ही मारे गए। इस बीच, खबरें यह भी हैं कि प्रदर्शनकारियों ने तेहरान की अल-रसूल मस्जिद में आग लगा दी।सरकार का सख्त रुख और धमकियांविरोध प्रदर्शनों के बीच ईरानी नेतृत्व ने सख्त संदेश दिए हैं। सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने कहा है कि “इस्लामिक रिपब्लिक उपद्रवियों के सामने नहीं झुकेगा।” तेहरान के सरकारी वकील ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों को मौत की सज़ा तक दी जा सकती है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक अधिकारी ने तो माता-पिता को अपने बच्चों को प्रदर्शनों से दूर रखने की चेतावनी देते हुए कहा कि गोली लगने पर शिकायत न करें।मृतकों की संख्या पर असमंजसमानवाधिकार संगठनों ने मृतकों की संख्या डॉक्टर के दावे से कम बताई है। वॉशिंगटन स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, अब तक कम से कम 63 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 49 नागरिक शामिल हैं। हालांकि, ईरान में मीडिया पर सरकारी नियंत्रण और विदेशी समाचार एजेंसियों पर कड़े प्रतिबंधों के कारण मौत के आंकड़ों में अंतर देखा जा रहा है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई के नेतृत्व वाले इस्लामिक शासन को चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों की हत्या हुई तो इसके परिणाम बेहद गंभीर होंगे।

2026-01-10 12:05:56
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ट्रंप के ईगो को पहुंची चोट : PM मोदी के कॉल न करने से रुकी ट्रेड डील, US मिनिस्टर ने किया बड़ा दावा

अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है. अब यह बात सामने आई है कि भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से रुकी हुई 'ट्रेड डील' के लिए कोई पॉलिसी कारण नहीं, बल्कि पर्सनल ईगो जिम्मेदार है। US कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लैटनिक ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप को सीधे कॉल नहीं किया, जिसकी वजह से यह अहम डील फाइनल नहीं हो पाई।ट्रंप के ईगो को चोट पहुंचने की वजह से ट्रेड डील रुकीUS कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लैटनिक ने भारत-US ट्रेड डील को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच यह ट्रेड एग्रीमेंट लंबे समय से इसलिए रुका हुआ है क्योंकि PM मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप से बात नहीं की। लैटनिक के मुताबिक, इस डील के रुकने की कोई पॉलिसी संबंधी मतभेद जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि मुख्य कारण यह है कि PM मोदी ने ट्रंप को सीधे कॉल नहीं किया। डील तैयार थी, लेकिन 'कॉल' नहीं आयालैटनिक ने एक इंटरव्यू में कहा, 'ट्रेड डील का पूरा आउटलाइन तैयार था। ट्रंप चाहते थे कि PM मोदी उन्हें कॉल करें और इस बारे में बात करें, क्योंकि यह 'ट्रंप की डील' थी। हालांकि, भारत सरकार शायद इससे कम्फर्टेबल नहीं थी और आखिर में PM मोदी ने ट्रंप को कॉल नहीं किया।' लैटनिक के मुताबिक, इस कॉल के न होने से ट्रंप के ईगो को चोट पहुंची और नतीजतन डील रुक गई।ईगो की कीमत चुकाएगा भारत: 50% तक टैरिफट्रंप के ईगो को चोट पहुंची, जिसका सीधा असर भारत के बिजनेस पर पड़ा है। जिस डील से भारत को राहत मिलनी थी, उसके बजाय ट्रंप ने भारत पर 25% से 50% तक के भारी टैरिफ लगा दिए हैं। लैटनिक ने साफ कर दिया है कि अमेरिका अब उन पुरानी शर्तों पर सहमत होने को तैयार नहीं है, जिन पर वह पहले सहमत हुआ था। अमेरिका अब उस डील से पीछे हट गया है। ट्रेड वॉर जैसे हालातभारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के लिए पिछले साल नवंबर की डेडलाइन तय की गई थी, लेकिन छह राउंड की लंबी बातचीत के बाद भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है और दोनों देशों ने यह अहम मौका गंवा दिया है। रूस से तेल खरीदने के भारत के फैसले से डोनाल्ड ट्रंप खास तौर पर परेशान हैं, जिसका सीधा नतीजा यह हुआ है कि उन्होंने भारतीय सामानों पर लगातार टैरिफ बढ़ाए हैं। जिससे साल 2030 तक दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार को $500 बिलियन तक ले जाने का बड़ा लक्ष्य अब खतरे में पड़ गया है, अभी यह व्यापार सिर्फ $191 बिलियन का है और ट्रेड डील रुकने से आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी हो सकती है।

2026-01-09 14:48:53
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तनाव के बावजूद तेल का व्यापार बरकरार: बांग्लादेश भारत से 14 बिलियन टन डीज़ल इंपोर्ट करेगा

भारत और बांग्लादेश के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव के बावजूद, बांग्लादेश अपनी एनर्जी ज़रूरतों के लिए भारत पर निर्भर है। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) ने भारत की सरकारी तेल कंपनी नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) से 1,80,000 मीट्रिक टन डीज़ल इंपोर्ट करने का फ़ैसला किया है।डील की मुख्य जानकारी:कुल कीमत : कुल कीमत की बात करे तो लगभग 14.62 बिलियन टन (लगभग $119.13 मिलियन)।समय: यह डील साल 2026 के लिए है।कीमत: इंपोर्ट की बेस कीमत $83.22 प्रति बैरल तय की गई है, जिसमें $5.50 का प्रीमियम है (इंटरनेशनल कीमतों के अनुसार बदलाव हो सकता है)।फ़ैसला: यह मंज़ूरी ढाका में फ़ाइनेंशियल एडवाइज़र सालेहुद्दीन अहमद की अध्यक्षता में हुई सरकारी प्रोक्योरमेंट एडवाइज़री कमेटी की मीटिंग में दी गई।इंडिया-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन का इस्तेमाल'इंडिया-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन' के ज़रिए तेल की सप्लाई असम में NRL रिफाइनरी से सिलीगुड़ी और वहाँ से बांग्लादेश लाई जाएगी।इस पाइपलाइन से ट्रांसपोर्टेशन का खर्च और समय बहुत बचता है। पहले, डीज़ल रेलवे वैगन से भेजा जाता था।लंबे समय का एग्रीमेंट : पिछली सरकार द्वारा साइन किए गए 15 साल के लंबे समय के एग्रीमेंट के तहत ये इम्पोर्ट जारी रखे गए हैं।बॉर्डर विवाद और माइनॉरिटी पर हमले जैसे गंभीर मुद्दों पर दोनों देशों के बीच तनाव के बावजूद, आर्थिक और एनर्जी ज़रूरतों की वजह से यह सहयोग जारी रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि आर्थिक ज़रूरतें अक्सर राजनीतिक तनाव से ज़्यादा बड़ी होती हैं, जो इस एग्रीमेंट से साफ़ है।

2026-01-08 14:14:24
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भारत के लिए ट्रंप का खतरनाक प्लान: अमेरिका 500% टैरिफ लगाने के लिए नया कानून लाएगा

us : आने वाले दिनों में भारत और अमेरिका के रिश्तों में खटास आ सकती है। अमेरिका अपनी पार्लियामेंट में एक बिल लाने जा रहा है, जो अगर पास हो गया तो भारत के लिए रूस से तेल खरीदना बहुत महंगा पड़ सकता है। इस बिल के तहत भारत पर 500% तक का भारी टैरिफ लगाया जा सकता है। अमेरिका का यह कदम रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने के दबाव के तहत उठाया जा रहा है।क्या है अमेरिका का नया कानून?अमेरिका में रूस के खिलाफ "स्टॉपिंग रशियाज़ एग्रेशन एक्ट ऑफ़ 2025" नाम का एक नया और सख्त बैन कानून तैयार किया जा रहा है। इस बायपार्टिसन बिल को रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के साथ मीटिंग के बाद मिलकर तैयार किया है और इसे व्हाइट हाउस से मंज़ूरी भी मिल गई है।इस कानून के तहत, अगर रूस शांति वार्ता में सहयोग नहीं करता है या किसी समझौते का उल्लंघन करता है, तो US के पास उन देशों पर भारी टैरिफ लगाने का अधिकार होगा जो रूस से एनर्जी प्रोडक्ट खरीदते हैं।भारत को क्यों टारगेट किया गया है?इस बिल के सबसे कड़े नियम के मुताबिक, US उन देशों से होने वाले इंपोर्ट पर 500% तक टैरिफ लगा सकता है जो रूस से तेल, गैस, यूरेनियम या दूसरे एनर्जी प्रोडक्ट खरीदते हैं। इस स्थिति में भारत को खास तौर पर टारगेट किया गया है, क्योंकि यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने अपनी एनर्जी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए रूस से बड़ी मात्रा में सस्ता कच्चा तेल खरीदा है।अगर यह नया बिल लागू होता है, तो भारत को US टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है, जिसका भारत-US ट्रेड रिलेशन पर बुरा असर पड़ने की संभावना है। प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भी इशारा किया था कि अगर भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखता है, तो US टैरिफ बढ़ा सकता है।आगे क्या होगा?एनालिस्ट का मानना ​​है कि इस कदम से रूस आर्थिक रूप से कमज़ोर होगा, लेकिन इससे ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अस्थिरता और दोस्त देशों के बीच तनाव भी बढ़ सकता है। अब US सीनेट अगले हफ़्ते इस बिल पर वोटिंग करने वाली है, जिससे इंटरनेशनल रिलेशन के लिए एक नई दिशा तय होगी।

2026-01-08 13:43:08
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'ट्रंप मोदी जितने पॉपुलर नहीं हैं, उनके फैसले भी बदलेंगे': इयान ब्रेमर

US एक्शन में वेनेजुएला के प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ग्लोबल पॉलिटिक्स गरमा गई है। हालांकि, जाने-माने जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट इयान ब्रेमर इस घटना से अमेरिका को मिलने वाले लॉन्ग-टर्म फायदों पर शक जता रहे हैं। ब्रेमर ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता छोड़ने के बाद यह स्थिति पूरी तरह बदल सकती है।लीडरशिप की तुलना: मोदी बनाम ट्रंपइयान ब्रेमर ने US पॉलिटिकल सिस्टम की तुलना भारत, चीन और रूस से करते हुए एक बात कही। उन्होंने कहा कि अमेरिका में हर चार साल में सत्ता बदलती है, जिससे पॉलिसी में कंटिन्यूटी नहीं रहती। ब्रेमर के मुताबिक, ट्रंप भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जितने पॉपुलर नहीं हैं। PM मोदी ने डेमोक्रेसी में 10 साल से ज़्यादा समय तक देश पर मज़बूत पॉपुलैरिटी के साथ राज किया है।ट्रंप अभी 80 साल के हैं और तीन साल में सत्ता से बाहर हो जाएंगे। जैसे ट्रंप ने पिछले प्रेसिडेंट की पॉलिसी को पलट दिया था, वैसे ही उनके बाद आने वाले ट्रंप के फैसलों को पलट सकते हैं।वेनेज़ुएला के तेल भंडार और आर्थिक चुनौतियाँमाना जाता है कि मादुरो की गिरफ्तारी के पीछे US का मुख्य मकसद वेनेज़ुएला के तेल संसाधनों पर कंट्रोल करना है, लेकिन ब्रेमर को यहाँ भी कई चुनौतियाँ दिख रही हैं।वेनेज़ुएला, जो पहले हर दिन 3 मिलियन बैरल तेल का प्रोडक्शन करता था, अब घटकर सिर्फ़ 8 मिलियन बैरल रह गया है। तेल कंपनियाँ तभी इन्वेस्ट करेंगी जब उन्हें वेनेज़ुएला में राजनीतिक स्थिरता और फ़ायदेमंद माहौल दिखेगा। ग्लोबल एनर्जी की कीमतें अभी कम हैं, जिससे US के लिए आर्थिक फ़ायदे कम हो सकते हैं।इयान ब्रेमर के अनुसार, मादुरो की गिरफ्तारी को US के लिए एक परमानेंट स्ट्रेटेजिक जीत मानना ​​जल्दबाज़ी होगी। सिर्फ़ वेनेज़ुएला की राजनीतिक स्थिरता और ट्रंप के बाद US की पॉलिसी ही यह तय करेगी कि इन बड़े तेल भंडारों से असल में कोई लंबे समय का फ़ायदा होगा या नहीं।

2026-01-07 13:14:48
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नेपाल में धार्मिक जगह पर तोड़फोड़ के बाद भारी तनाव, कर्फ्यू का आदेश: भारत से लगे बॉर्डर सील

नेपाल : नेपाल में धार्मिक विवाद के कारण भारतीय सीमा के पास भीषण आग जैसे हालात बन गए हैं। बीरगंज शहर में एक धार्मिक जगह पर तोड़फोड़ और पवित्र ग्रंथों को जलाने की घटना के बाद उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। वीडियो वायरल होने के बाद हिंसा और तनाव बढ़ गया है।भारत-नेपाल सीमा सीलहालात को काबू में करने के लिए नेपाल सरकार ने बीरगंज में पूरी तरह कर्फ्यू लगाने का आदेश दिया है। हाई अलर्ट के कारण भारत-नेपाल सीमा (रकसौल सीमा) को भी पूरी तरह सील कर दिया गया है। मैत्रा पूल समेत सीमा के सभी इलाकों में ट्रैफिक रोक दिया गया है। बीरगंज में सिर्फ जरूरी सेवाओं को ही आने-जाने की इजाजत दी गई है। सीमा पर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के जवानों को तैनात किया गया है। भारत-नेपाल सीमा पर डॉग स्क्वायड टीमों को भी तैनात किया गया है।सीमा के पास के इलाकों में तनाव बहुत ज्यादानेपाल के परसा और धनुषा जिलों में हिंसक विरोध प्रदर्शनों को शांत करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। शुरुआती खबरें मिल रही हैं कि कुछ पुलिसवाले भी घायल हुए हैं।अधिकारियों ने शांति बनाए रखने की अपील कीनेपाल के धनुषा जिले के कमला म्युनिसिपैलिटी इलाके में भी हालात बहुत तनावपूर्ण हैं। एक धार्मिक जगह पर तोड़फोड़ की जानकारी मिलने के बाद यहां भी जमकर विरोध प्रदर्शन हुए। अधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और शांति बनाए रखने की अपील की है।बीरगंज और उसके आस-पास के इलाकों में काम करने वाले भारतीय कामगार घर लौटने लगे हैं। उनका कहना है कि यहां सभी दुकानें और बाजार बंद हैं, इसलिए रुकने का कोई मतलब नहीं है। हालात सामान्य होने पर वे लौट आएंगे।कम्यूनिकल टेंशन क्यों शुरू हुआ?गौरतलब है कि कुछ दिन पहले एक धार्मिक जगह पर तोड़फोड़ और धार्मिक ग्रंथ जलाने का आरोप लगा था। जिसके बाद आस-पास के इलाकों में भी टेंशन बढ़ गया था। एक ग्रुप के विरोध प्रदर्शन के बीच दूसरे ग्रुप ने भी उन पर धार्मिक कमेंट करने का आरोप लगाया। जिससे हालात और बिगड़ गए। फिलहाल, एडमिनिस्ट्रेशन कर्फ्यू लगाकर हालात को कंट्रोल करने की कोशिश कर रहा है।

2026-01-06 15:07:47
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US : डोनाल्ड ट्रंप ने दी भारत को एक और धमकी, हम रूसी तेल खरीदने पर और टैरिफ लगाएंगे : ट्रंप

अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अगर नई दिल्ली रूसी तेल के मुद्दे पर हमारी मदद नहीं करता है, तो भारत से इंपोर्ट पर मौजूदा टैरिफ रेट बढ़ाए जा सकते हैं। ट्रंप ने यह धमकी एक पब्लिक भाषण में दी।भारत को साफ धमकीप्राप्त जानकरी के अनुसार भारत के रूसी तेल इंपोर्ट के बारे में बोलते हुए, अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप ने कहा कि वह असल में मुझे खुश करना चाहते थे। PM मोदी एक अच्छे इंसान हैं। वह एक अच्छे आदमी हैं। वह जानते थे कि मैं गुस्से में हूं। मुझे खुश करने की ज़रूरत थी। अब हम जल्द ही उन पर टैरिफ लगाएंगे।अगस्त 2025 में भारत पर 50% टैरिफ लगाया गया थाआपको बता दे की ट्रंप भारत और रूस के बीच तेल व्यापार के बारे में बात कर रहे थे, जिसका अमेरिका लंबे समय से विरोध कर रहा है। अगस्त 2025 में भारत पर टैरिफ को दोगुना करके 50% करने के पीछे रूस के साथ तेल व्यापार को एक बड़ा कारण माना गया था।

2026-01-05 15:58:43
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चीन में सरकार द्वारा 'कंडोम टैक्स' लागु करने पर लोग कर रहे है विरोध,जाने क्या है पूरा मामला

बीजिंग: नए साल की शुरुआत के साथ ही चीन सरकार ने अपनी तीन दशक पुरानी टैक्स पॉलिसी में बदलाव किया है। चीन ने कॉन्ट्रासेप्टिव और कंडोम पर 13 परसेंट टैक्स लागू किया है। चीन सरकार ने यह फैसला 'वन चाइल्ड पॉलिसी' को रद्द करने के 10 साल बाद लिया है। गौरतलब है कि साल 1994 में चीन ने वन-चाइल्ड पॉलिसी को सख्ती से लागू किया था।चीन ने 1979 से 2015 के बीच वन-चाइल्ड पॉलिसी लागू की थी। उसके बाद 2016 से 2021 के बीच टू-चाइल्ड पॉलिसी लागू की गई। जबकि, 2021 में तीन बच्चे पैदा करने की इजाज़त थी। लेकिन, आबादी में भारी गिरावट के बाद जून 2021 में चीन सरकार ने सभी पाबंदियां खत्म कर दीं। इन सभी पॉलिसी के बुरे नतीजों के बाद अब सरकार तीन साल से कम उम्र के बच्चों के लिए 45,000 रुपये की चाइल्डकेयर सब्सिडी दे रही है।आपको बता दे की चीन में 2019 में 14.7 मिलियन बच्चे पैदा हुए थे, जो 2024 में घटकर 9.5 मिलियन रह गए। अभी चीन में 20 परसेंट से ज़्यादा आबादी 60 साल या उससे ज़्यादा उम्र की है। अनुमान के मुताबिक, 2100 तक 50 परसेंट आबादी 60 साल से ज़्यादा उम्र की होगी। इससे वर्कफोर्स और पेंशन सिस्टम पर बोझ बढ़ेगा। 2022 में चीन का फर्टिलिटी रेट 1.18 बच्चे था। जो नॉर्मल से काफी कम था। चीन में घटती आबादी के पीछे बच्चे को पालने के खर्च को वजह माना जा रहा है।यूथ पॉपुलेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट की एक स्टडी से पता चला है कि चीन में 18 साल तक के बच्चे को पालने का खर्च लगभग 67.35 लाख रुपये है। जो इसे बच्चों को पालने के मामले में दुनिया के सबसे महंगे देशों में से एक बनाता है। चीनी सोशल मीडिया साइट्स पर सरकार के कंडोम टैक्स का विरोध हो रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कंडोम टैक्स की वजह से HIV और दूसरी सेक्शुअली ट्रांसमिटेड बीमारियों का खतरा बढ़ जाएगा।

2026-01-03 13:45:37
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NASA को बड़ा झटका: डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर 67 साल पुरानी रिसर्च लाइब्रेरी हमेशा के लिए बंद

 नए साल 2026 के आने के साथ ही अमेरिका की स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) के लिए बहुत चिंता की खबर है। चिंता की खबर यह है कि NASA के गोडार्ड स्पेस फ़्लाइट सेंटर (ग्रीनबेल्ट-मैरीलैंड) की सबसे बड़ी, सबसे अमीर, 67 साल पुरानी लाइब्रेरी 2 जनवरी को हमेशा के लिए बंद कर दी गई है।US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने NASA की स्थापना के साथ ही, यानी 1959 में शुरू हुई इस बड़ी लाइब्रेरी को हमेशा के लिए बंद करने का आदेश दिया है। यह आदेश डोनाल्ड ट्रंप के भविष्य के लिए बेहतर और ज़्यादा सिस्टमैटिक प्लान के तहत दिया गया है।हालांकि, प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के इस आदेश से NASA की लाइब्रेरी में सालों से काम कर रहे टेक्निकल स्टाफ़, साइंटिस्ट और लोकल पॉलिटिकल लीडर्स में बहुत गुस्सा है। NASA की यह लाइब्रेरी इसके गोडार्ड स्पेस फ़्लाइट सेंटर के 1270 एकड़ के बड़े एरिया में फैली हुई है। लाइब्रेरी में कुल 1,00,000 वॉल्यूम हैं। इसके अलावा, इस लाइब्रेरी में NASA के पहले और मॉडर्न हबल स्पेस टेलीस्कोप, दुनिया के सबसे मॉडर्न जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप समेत कई ज़रूरी मिशन, ऐतिहासिक रिसर्च डिटेल्स, साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स वगैरह की टेक्निकल जानकारी का कलेक्शन है। इसके अलावा, मार्च 2026 के आखिर तक इस लाइब्रेरी की कुल 13 बिल्डिंग्स और साइंस और इंजीनियरिंग की 100 लैब्स भी हमेशा के लिए बंद हो जाएंगी।इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बाहर निकालकर सही तरीके से डिस्पोज़ किए जाएंगेडोनाल्ड ट्रंप के इस चौंकाने वाले ऑर्डर पर गोडार्ड स्पेस फ़्लाइट सेंटर के साइंटिस्ट्स, इंजीनियर्स और टेक्नीशियंस के एसोसिएशन ने एक बयान में बहुत गुस्सा जताया है और कहा है कि स्पेसक्राफ्ट डिज़ाइन को टेस्ट करने के लिए इस्तेमाल होने वाले मॉडर्न साइंटिफिक इक्विपमेंट और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस हमारी लाइब्रेरी से बाहर निकालकर सही तरीके से डिस्पोज़ किए गए हैं।NASA के स्पोक्सपर्सन जैकब रेमंड ने साफ किया है कि गोडार्ड स्पेस फ़्लाइट सेंटर लाइब्रेरी का कुछ सामान सरकारी वेयरहाउस में ले जाया जाएगा। जबकि बाकी सामान को खत्म कर दिया जाएगा। फिर भी, 2022 से 2025 तक NASA की सात और लाइब्रेरी बंद कर दी गई हैं।मैरीलैंड के सीनेटर क्रिस वैन होलेन ने बहुत गुस्सा जताया है और कहा है कि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप NASA के बहुत ज़रूरी स्पेस एक्सप्लोरेशन प्रोग्राम को बहुत नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रेसिडेंट पिछले एक साल से NASA को टारगेट कर रहे हैं। हम ट्रंप के ऐसे ऑर्डर का कड़ा विरोध करेंगे।

2026-01-03 13:34:54
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2025 में दुनिया में 128 पत्रकारों की मौत: गाजा लिस्ट में सबसे ऊपर, भारत के आंकड़े चौंकाने वाले

पत्रकारों की सुरक्षा के लिए काम करने वाली ग्लोबल संस्था IFJ की फाइनल रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में कुल 128 पत्रकारों और मीडिया कर्मचारियों की जान चली गई। इस आंकड़े में 10 महिला पत्रकार भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुल मौतों में से 58 प्रतिशत मौतें अकेले मिडिल ईस्ट और अरब देशों में दर्ज की गईं, जिससे यह इलाका पत्रकारों के लिए दुनिया का सबसे खतरनाक इलाका बन गया है।गाजा में भयानक हालात: इज़राइल-हमास लड़ाई का असररिपोर्ट के मुताबिक, अकेले फ़िलिस्तीन (गाजा) में 56 पत्रकारों की मौत हो गई है। ये पत्रकार इज़राइल और हमास के बीच चल रही लड़ाई को कवर कर रहे थे। सबसे क्रूर घटना10 अगस्त, 2025 को गाजा शहर में अल शिफा हॉस्पिटल के बाहर पत्रकारों के टेंट में अल जज़ीरा के पत्रकार अनस अल-शरीफ और पांच अन्य मीडिया कर्मचारियों पर हुआ टारगेटेड हमला, साल की सबसे दुखद घटनाओं में से एक थी।भारत समेत दूसरे देशों में हालातIFJ डेटा के मुताबिक, पत्रकारों की हत्या को लेकर दूसरे देशों में भी हालात चिंताजनक हैं:यमन: 13 पत्रकार मारे गए।यूक्रेन: 8 पत्रकार मारे गए।सूडान: 6 पत्रकार मारे गए।भारत और पेरू: दोनों देशों में 4-4 पत्रकार मारे गए।पाकिस्तान, मेक्सिको और फिलीपींस: हर एक में 3-3 मौतें।दुनिया की सबसे बड़ी 'पत्रकार जेल': चीन सबसे आगेसिर्फ हत्याएं ही नहीं, बल्कि पत्रकारों को कैद करने की एक्टिविटी भी बढ़ी है। अभी, दुनिया भर में 533 पत्रकार कैद हैं।एशिया-पैसिफिक: इस इलाके में सबसे ज़्यादा 277 पत्रकार जेल में हैं।चीन: चीन दुनिया का सबसे बड़ा 'जर्नलिस्ट जेलर' बन गया है, जहाँ हांगकांग समेत 143 पत्रकार जेल में हैं। इसके बाद म्यांमार (49) और वियतनाम (37) का नंबर आता है।IFJ सेक्रेटरी जनरल की अपीलIFJ सेक्रेटरी जनरल एंथनी बेलांगर ने इस स्थिति को 'ग्लोबल संकट' बताया है। उन्होंने सरकारों से पत्रकारों की सुरक्षा के लिए तुरंत कार्रवाई करने और हत्यारों को कड़ी सज़ा देने की अपील की है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "दुनिया अब और इंतज़ार नहीं कर सकती, प्रेस की आज़ादी को बचाना आज के समय की ज़रूरत है।"गौर करने वाली बात यह है कि 1990 से, IFJ ने कुल 3,173 पत्रकारों की मौत का रिकॉर्ड बनाया है।

2026-01-02 15:23:40
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ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के ग्रीन कार्ड के लिए सख्त नियम, जानें किसे होगी परेशानी?

ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने ग्रीन कार्ड (परमानेंट रेजिडेंसी) के नियम और सख्त कर दिए हैं। ग्रीन कार्ड होल्डर पूरी तरह से अमेरिकन सिटिज़न नहीं हैं, लेकिन फिर भी उन्हें कई अधिकार मिलते हैं। ग्रीन कार्ड पाने का एक आम तरीका अमेरिकन सिटिज़न से शादी करना है। इस बीच, US इमिग्रेशन के वकीलों ने चेतावनी दी है कि सिर्फ़ US सिटिज़न से शादी करने से अब ग्रीन कार्ड की गारंटी नहीं होगी।ग्रीन कार्ड पर ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के सख्त नियमडोनाल्ड ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन शादी पर आधारित ग्रीन कार्ड एप्लीकेशन की ज़्यादा बारीकी से जांच कर रहा है, जिसमें अधिकारी इस बात पर ज़्यादा ज़ोर दे रहे हैं कि शादी सिर्फ़ कागज़ पर लीगल होने के बजाय असली है या नहीं। नतीजतन, ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने डायवर्सिटी वीज़ा (DV) लॉटरी को सस्पेंड कर दिया है। इमिग्रेशन अटॉर्नी ब्रैड बर्नस्टीन ने कहा कि सिर्फ़ रिलेशनशिप में होना ग्रीन कार्ड के लिए क्वालिफ़ाई नहीं करता, लेकिन साथ रहने से होता है। उन्होंने साफ़ किया कि अगर कोई कपल एक ही घर में नहीं रहता है, तो उनका केस रिजेक्ट होने की संभावना है।पति-पत्नी को साथ रहना होगाफेसबुक पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा कि शादी से जुड़े मामलों में, इमिग्रेशन अधिकारियों को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप अलग क्यों रहते हैं, चाहे वह काम, पढ़ाई, पैसे या सुविधा के लिए हो। US अधिकारियों को सिर्फ़ इस बात से मतलब होता है कि आप सच में पति-पत्नी के तौर पर साथ रहते हैं या नहीं।इमिग्रेशन अटॉर्नी ने समझाया, "अगर पति-पत्नी रोज़ एक ही घर में नहीं रहते हैं, तो इमिग्रेशन डिपार्टमेंट शादी की जांच शुरू कर देगा। एक बार जांच शुरू होने के बाद, अधिकारी ग्रीन कार्ड देने से मना कर सकते हैं, इसलिए अगर आपको ग्रीन कार्ड चाहिए, तो आपको साथ रहना होगा।" ब्रैड बर्नस्टीन के मुताबिक, US सिटिज़नशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज़ (USCIS) सिर्फ़ पते नहीं देखती, बल्कि रिश्ते की पूरी सच्चाई को जांचती है।

2026-01-02 14:22:08
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यूक्रेन के भयानक हमले से रूस के कब्जे वाले इलाकों को नुकसान, 24 लोगों की मौत का दावा

यूक्रेन और रूस के बीच हालात बहुत नाजुक हो गए हैं. इस बीच रूस का यह दावा कि रूस के कब्जे वाले इलाके में 24 लोग मारे गए, इसका सबूत है। इसे देखते हुए, डर है कि यह युद्ध चार साल पूरे करने के बाद अपने पांचवें साल में प्रवेश करेगा। रूस और यूक्रेन दोनों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ ड्रोन हमले जारी हैं।यूक्रेन ने अब खुद ड्रोन बनाना शुरू कर दिया है, इसलिए उसके ड्रोन हमले बढ़ गए हैं। इसके जवाब में रूस ने भी अपने ड्रोन को तैयार करना शुरू कर दिया है। यूक्रेन में रूस के कब्जे वाले खेरसॉन प्रांत में मॉस्को द्वारा नियुक्त नेता व्लादिमीर साल्डो ने कहा कि ब्लैक सी तट पर खार्किव के रिसॉर्ट शहर के कैफे और होटलों में कुल तीन ड्रोन हमले हुए। इससे नए साल के जश्न में मारे गए लोगों की मौत हो गई।रूस के आरोपों पर यूक्रेन चुपयूक्रेन ने अभी तक इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया है। हमले की स्वतंत्र रूप से पुष्टि भी नहीं हुई है। रूसी अधिकारियों ने इस हमले की आलोचना की है। रूस की संसद के ऊपरी सदन, फेडरेशन काउंसिल की चेयरवुमन वैलेंटिना मतविएन्को ने कहा कि इस हमले ने रूस के उस फैसले को सही ठहराया है जिसमें उसने चार साल पहले यूक्रेन के खिलाफ अपना मिलिट्री ऑपरेशन खत्म करने का फैसला किया था। इससे पता चलता है कि हमारे शब्द कितने भरोसेमंद हैं।रूस ने यूक्रेन के शहर ओडेसा पर भी हमला किया, जिससे उसके एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा। हमले में दो रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचा। एयर डिफेंस सिस्टम ने 205 ड्रोन में से 176 को मार गिराया।रूस पहले भी लगा चुका है गंभीर आरोपरूस पहले भी यूक्रेन पर पुतिन के घर पर ड्रोन हमले करने का आरोप लगा चुका है, जिसे यूक्रेन ने नकार दिया है। रूस ने अपने आरोप को साबित करने के लिए सबूत भी दिए हैं। अपने नए साल के भाषण में, यूक्रेन के प्रेसिडेंट वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने एक पब्लिक भाषण में कहा कि शांति समझौता 90 परसेंट पूरा हो गया है, लेकिन चेतावनी दी कि 10 परसेंट अभी भी पूरा होना बाकी है।ट्रंप के स्पेशल दूत स्टीव विटकॉफ ने कहा कि उन्होंने, सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट मार्क रुबियो, ट्रंप के दामाद और सलाहकार जेरेड कुशनर ने UK, जर्मनी, फ्रांस और यूक्रेन के नेशनल सिक्योरिटी सलाहकारों के साथ यूक्रेन शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के बारे में अच्छी बातचीत की। हम ट्रंप की शांति कोशिशों के तहत बातचीत को आगे बढ़ा रहे हैं। इसमें यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी और सीज़फ़ायर शामिल है।

2026-01-02 14:16:10
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न्यू ईयर के जश्न के बिच स्विट्जरलैंड के बार में हुआ जोरदार धमाका, 10 की मौत

स्विट्जरलैंड  : नए साल की शुरुआत में स्विट्जरलैंड में एक बड़े धमाके की खबर है। खबर है कि इस धमाके में 10 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 10 से ज़्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। यह धमाका स्विट्जरलैंड के शहर क्रैन्स-मोंटाना के एक बार में हुआ। पुलिस मौके पर पहुंच गई है और घायलों को अस्पताल ले जा रही है। धमाके के बाद बार में आग लग गई, जिसमें कई लोग फंस गए। स्विस पुलिस की रेस्क्यू टीम उन्हें बार से निकालकर अस्पताल भेज रही है।पुलिस के मुताबिक, इस बार में नए साल के मौके पर पार्टियां चल रही थीं और जब धमाका हुआ तो वहां लोगों की भारी भीड़ थी। जिससे कई लोगों के मारे जाने की आशंका है।स्विट्जरलैंड  पुलिस ने गुरुवार सुबह एक रिपोर्ट में कहा कि क्रैन्स-मोंटाना के लग्ज़री अल्पाइन स्की रिसॉर्ट में धमाका हुआ है। स्विस मीडिया के मुताबिक, पुलिस के स्पोक्सपर्सन गेटानो लेथियन ने एजेंसियों को बताया कि धमाका साउथ-वेस्ट स्विट्जरलैंड के वैलेस कैंटन में अनजान वजहों से हुआ। कई लोग घायल हुए और कई की मौत हो गई।उन्होंने कहा कि धमाका सुबह करीब 1:30 बजे ले कॉन्स्टेलेशन नाम के एक बार में हुआ, जो एक पॉपुलर टूरिस्ट स्पॉट है, जब लोग नए साल का जश्न मना रहे थे। स्विट्जरलैंड मीडिया में छपी तस्वीरों के मुताबिक, धमाके के बाद बार वाली बिल्डिंग में आग लग गई।

2026-01-01 15:04:55
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ट्रम्प के बाद अब चीन ने भारत - पाक का युद्ध रुकवाने का किया दावा, तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं : भारत

डोनाल्ड ट्रंप के बाद अब चीन ने भी भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए सीज़फ़ायर को लेकर विवादित दावा किया है। भारत के कड़े विरोध और किसी तीसरे पक्ष के दखल से इनकार के बावजूद, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को कहा कि चीन ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव में मध्यस्थता की थी।चीनी विदेश मंत्री का बयानबीजिंग में इंटरनेशनल हालात और विदेशी संबंधों पर आयोजित एक इवेंट में बोलते हुए वांग यी ने कहा, 'दुनिया में झगड़ों और अस्थिरता में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है। इस साल, पहले से कहीं ज़्यादा लोकल युद्ध और बॉर्डर पर झगड़े हुए हैं।' वांग यी ने आगे कहा, 'चीन ने इंटरनेशनल झगड़ों को सुलझाने में सही रवैया अपनाया है। हमने उत्तरी म्यांमार, ईरान न्यूक्लियर मुद्दे, पाकिस्तान-भारत तनाव, फ़िलिस्तीन-इज़राइल और हाल ही में कंबोडिया-थाईलैंड झगड़े में मध्यस्थता की है।'भारत का रुख: तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहींचीन के विदेश मंत्री वांग यी का विवादित बयान 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के संदर्भ में आया। हालांकि, भारत ने लगातार साफ किया है कि चार दिन तक चले भीषण संघर्ष में किसी तीसरे देश का दखल या मध्यस्थता नहीं हुई। भारत और पाकिस्तान के बीच सीधी मिलिट्री बातचीत हुई और उस प्रक्रिया के आखिर में सीज़फ़ायर का फ़ैसला हुआ। मामले को गंभीरता से लेते हुए, भारतीय विदेश मंत्रालय ने 13 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बाहरी मध्यस्थता के सभी दावों को साफ़ तौर पर खारिज कर दिया और दोहराया कि भारत अपने द्विपक्षीय मुद्दों में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका स्वीकार नहीं करता है।चीन-पाकिस्तान मिलीभगतभारत ने यह साफ कर दिया है कि पाकिस्तान के साथ मुद्दे सिर्फ़ दोनों देशों के बीच हैं और किसी तीसरे पक्ष की ज़रूरत नहीं है। एक तरफ़, चीन पाकिस्तान का सबसे बड़ा हथियार सप्लायर बन गया है, जो उसके 81 प्रतिशत मिलिट्री इक्विपमेंट की सप्लाई करता है, जबकि दूसरी तरफ़, वह मध्यस्थ होने का दावा कर रहा है - जो कि तर्कसंगत नहीं लगता और संदिग्ध लगता है।

2025-12-31 15:18:00
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बांग्लादेश की पूर्व PM खालिदा ज़िया का निधन, 80 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

बांग्लादेश की पूर्व PM खालिदा ज़िया का निधन: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया का आज 80 साल की उम्र में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार थीं और उनका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। हाल ही में, उनके बेटे सालों बाद बांग्लादेश लौटे थे। बांग्लादेश नेशनल पार्टी ने X पर पोस्ट किया कि खालिदा ज़िया ने आज सुबह 6 बजे फज्र की नमाज़ के बाद आखिरी सांस ली।अब BNP की कमान उनके बेटे के हाथ मेंगौरतलब है कि खालिदा ज़िया लिवर, डायबिटीज़ और दिल की बीमारी से पीड़ित थीं और पिछले दिन से हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन के बाद, BNP की कमान अब उनके बेटे तारिक रहमान के हाथ में होगी। वह अब तक एक्टिंग प्रेसिडेंट के तौर पर काम कर रहे थे। वह शेख हसीना के राज में जेल की सज़ा के डर से बांग्लादेश छोड़ देते थे। हालांकि, वह हाल ही में 17 साल बाद बांग्लादेश लौटे हैं।शेख हसीना से थी पॉलिटिकल दुश्मनीबांग्लादेश की पॉलिटिक्स में तीन दशकों से दो बेगमों के बीच खूनी जंग चल रही थी। इस जंग की मुख्य किरदार दो ताकतवर महिला लीडर थीं: शेख हसीना वाजेद (अवामी लीग) और बेगम खालिदा जिया (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी-BNP)। एक समय में दोनों ने मिलकर तानाशाही के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी, लेकिन सत्ता के लालच में दोनों एक-दूसरे की दुश्मन बन गईं। हालांकि, अब शेख हसीना भारत में हैं जबकि खालिदा जिया का आज निधन हो गया है। ऐसे में अब बांग्लादेश में एक नई तरह की पॉलिटिक्स देखने को मिलेगी।पति की मौत के बाद खालिदा जिया पॉलिटिक्स में आईं30 मई, 1981 को पूर्व प्रेसिडेंट और खालिदा जिया के पति जनरल जियाउर रहमान को भी चटगांव में मिलिट्री बागियों ने मार डाला था। उस समय खालिदा जिया हाउसवाइफ थीं। पति की मौत के बाद उन्होंने अपने पति की बनाई पार्टी BNP की कमान संभाली और पॉलिटिक्स में आईं।जब शेख हसीना और खालिदा ज़िया एक हो गए!हुसैन मुहम्मद इरशाद, जिन्हें 1978 में जनरल ज़ियाउर रहमान ने बांग्लादेश आर्मी का चीफ़ बनाया था, ज़ियाउर रहमान की हत्या के बाद सत्ता के दीवाने हो गए। उन्होंने 1982 में मिलिट्री तख्तापलट करके उस समय के प्रेसिडेंट अब्दुल सत्तार की सरकार गिरा दी और प्रेसिडेंट बनकर पूरी ताकत अपने हाथ में ले ली। मार्शल लॉ लगाकर, उन्होंने पॉलिटिकल एक्टिविटी पर बैन लगा दिया, पॉलिटिकल पार्टियों को खत्म कर दिया और अपोज़िशन लीडर्स को जेल में डाल दिया। अपनी तानाशाही को छिपाने के लिए, उन्होंने 1983 में 'जातीय पक्ष' नाम की पार्टी बनाई। इरशाद को सत्ता से हटाने के लिए शेख हसीना, वाजेद और खालिदा ज़िया एक हो गए। 1987 में शुरू हुए इस मूवमेंट को लोगों का बहुत सपोर्ट मिला। इरशाद को आखिरकार 4 दिसंबर 1990 को प्रेसिडेंट पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा। उन्हें 1991 में करप्शन के आरोप में अरेस्ट कर लिया गया। शेख हसीना और खालिदा ज़िया के बीच सत्ता की लड़ाईइरशाद के गिरने के बाद, दोनों बेगमों के बीच सत्ता के लिए सीधा मुकाबला शुरू हो गया, जिसमें दोनों ने बारी-बारी से सत्ता संभाली।1991 में, खालिदा ज़िया (BNP) बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं।1996 में, शेख हसीना (अवामी लीग) बांग्लादेश की पहली प्रधानमंत्री बनीं।खालिदा ज़िया 2001 से 2006 तक फिर से सत्ता में रहीं।शेख हसीना 2009 से 2024 तक लगातार 15 साल सत्ता में रहीं। उन्होंने 2009, 2014 और 2018 में लगातार तीन चुनाव जीते।खालिदा ज़िया को जेल हो गई थी1991 से 2024 के बीच, दोनों बेगमों के बीच दुश्मनी और बढ़ गई। दोनों ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार, तानाशाही और हिंसा फैलाने का आरोप लगाया। 2004 में शेख हसीना पर ग्रेनेड से हमला हुआ था, जिसमें 24 लोग मारे गए थे। हसीना ने इस हमले के लिए खालिदा ज़िया के बेटे तारिक रहमान को ज़िम्मेदार ठहराया था। तारिक 2008 में लंदन भाग गया था, उसे डर था कि हसीना सरकार उसे जेल में डाल देगी। 2018 में, हसीना सरकार ने खालिदा ज़िया को भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में डाल दिया।2024 के स्टूडेंट आंदोलन ने हसीना का शासन गिरा दिया2024 की गर्मियों में, सरकारी नौकरियों में पुराने 'कोटा सिस्टम' को खत्म करने के लिए एक शांतिपूर्ण स्टूडेंट आंदोलन शुरू हुआ, जो बाद में शेख हसीना सरकार के खिलाफ एक बड़ा विरोध बन गया। प्रदर्शनकारियों और इंटरनेशनल कम्युनिटी ने सरकार पर डेमोक्रेसी को दबाने, मीडिया को दबाने और चुनावों में धांधली करने का आरोप लगाया। जुलाई-अगस्त में हिंसक घटनाओं में सैकड़ों लोग मारे गए। दबाव बढ़ने पर, शेख हसीना ने 5 अगस्त 2024 को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। अपनी जान को खतरा होने के डर से, उन्होंने प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद भारत में शरण ली। बांग्लादेश में गिरावट के बाद राजनीतिक बदलाव- खालिदा ज़िया को जेल से रिहा कर दिया गया।- नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. मुहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया गया।- अवामी लीग पर बैन लगा दिया गया। हसीना पर मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए मुकदमा चलाया गया।- नवंबर 2025 में, एक ट्रिब्यूनल ने शेख हसीना को उनकी गैरमौजूदगी में मौत की सज़ा सुनाई।- शेख हसीना अभी भी भारत में हैं। भारत ने अभी तक बांग्लादेश सरकार की उनके प्रत्यर्पण की मांग पर कोई साफ जवाब नहीं दिया है।

2025-12-30 14:45:51
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Mexico Train Accident: मेक्सिको में भीषण हादसा, ट्रेन पटरी से उतरकर खाई में गिरी, 13 की मौत, 98 घायल

Mexico Train Accident: मेक्सिको के दक्षिणी राज्य ओआक्साका में एक गंभीर ट्रेन हादसा हुआ है। रविवार को अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ट्रेन के पटरी से उतर जाने की इस घटना में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 98 लोग घायल हो गए। यह दर्दनाक हादसा निजांडा शहर के पास हुआ।ट्रेन में सवार थे 250 लोगमेक्सिकन नेवी के अनुसार, हादसे का शिकार हुई ट्रेन में कुल 250 लोग सवार थे, जिनमें 9 क्रू मेंबर और 241 यात्री शामिल थे। राहत की बात यह रही कि ट्रेन में सवार 193 लोग पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं। हालांकि घायलों में से 98 लोगों को चोटें आई हैं, जिनमें 36 को तत्काल चिकित्सीय सहायता दी जा रही है।जांच के आदेशमेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनखाम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बताया कि घायलों में से पांच की हालत बेहद गंभीर है। उन्होंने यह भी कहा कि मृतकों के परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल पर भेजा गया है। इस मामले में मेक्सिको के अटॉर्नी जनरल कार्यालय ने जांच के आदेश जारी किए हैं।महत्वाकांक्षी इंटरओशैनिक परियोजना का हिस्सा थी ट्रेनहादसे का शिकार हुई इंटरओशैनिक ट्रेन मेक्सिको की महत्वाकांक्षी इंटरओशैनिक कॉरिडोर परियोजना का हिस्सा है, जिसका उद्घाटन वर्ष 2023 में पूर्व राष्ट्रपति आंद्रेस मैनुअल लोपेज ओब्राडोर ने किया था। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य तेहुआनतेपेक के इस्तमुस में रेल लिंक का आधुनिकीकरण करना है, जो प्रशांत बंदरगाह सलीना क्रूज़ को खाड़ी तट के कोएत्ज़ाकोआल्कोस से जोड़ता है।पनामा नहर के विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा मार्गमेक्सिको सरकार इस मार्ग को पनामा नहर के विकल्प के रूप में एक रणनीतिक व्यापारिक कॉरिडोर के तौर पर विकसित कर रही है। बंदरगाहों, रेलवे और औद्योगिक ढांचे के विस्तार के जरिए इस ट्रेन सेवा का उद्देश्य दक्षिणी मेक्सिको में यात्री और माल परिवहन को बढ़ावा देना तथा क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देना है।

2025-12-29 11:52:19
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भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते से उत्साहित प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया है। लक्सन ने कहा, 'हमने अपने पहले कार्यकाल में भारत के साथ एफटीए करने का वादा किया था और हमने इसे पूरा किया है।' हालांकि, इस घोषणा से ठीक पहले, न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने समझौते का कड़ा विरोध करके सरकार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।पीएम लक्सन का दावा: आर्थिक विकास के नए द्वार खुलेंगेपीएम लक्सन ने इस समझौते को आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, 'यह समझौता न्यूजीलैंड के लिए 1.4 अरब भारतीय उपभोक्ताओं का विशाल बाजार खोलेगा। इससे देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, आय बढ़ेगी और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।'सत्ताधारी गठबंधन में दरार: विदेश मंत्री ने समझौते को 'अन्यायपूर्ण' बतायान्यूजीलैंड के विदेश मंत्री और 'न्यूजीलैंड फर्स्ट' पार्टी के नेता विंस्टन पीटर्स ने समझौते पर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके आरोप लगाया कि सरकार ने गुणवत्ता की बजाय गति को प्राथमिकता दी है। पीटर्स के अनुसार, यह समझौता न तो स्वतंत्र है और न ही निष्पक्ष। उन्होंने कहा, 'मैंने गठबंधन सहयोगियों को भारत के साथ कमजोर समझौता करने में जल्दबाजी न करने की चेतावनी दी थी।'डेयरी क्षेत्र और आव्रजन पर बड़ा विवादविदेश मंत्री पीटर्स के विरोध के दो मुख्य कारण हैं:1. डेयरी उद्योग: पीटर्स का आरोप है कि न्यूजीलैंड ने भारत के लिए अपना बाजार खोल दिया है, लेकिन बदले में भारत ने न्यूजीलैंड के उत्पादों जैसे दूध, पनीर और मक्खन पर कोई बड़ी टैरिफ छूट नहीं दी है। यह समझौता किसानों के हित में नहीं है।2. भारतीय श्रमिक: उन्होंने यह भी दावा किया कि इस समझौते में व्यापार करने वाले भारतीय श्रमिकों की आवाजाही पर अधिक ध्यान दिया गया है। भारतीयों के लिए एक विशेष रोजगार वीजा श्रेणी बनाई गई है, जो ऑस्ट्रेलिया या ब्रिटेन जैसे देशों को नहीं दी जाती है।व्यापार के आंकड़े और भविष्य की संभावनाएंप्रधानमंत्री मोदी और लक्सन के बीच हुई बातचीत के बाद घोषित इस मुक्त व्यापार समझौते के अनुसार, अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश आ सकता है। वर्ष 2024 में दोनों देशों के बीच कुल 2.07 अरब डॉलर का व्यापार हुआ, जिसमें भारत औषधियों के निर्यात में अग्रणी रहा, जबकि न्यूजीलैंड कृषि उत्पादों का निर्यात करता है।ओशिनिया क्षेत्र में न्यूजीलैंड भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, लेकिन यह आंतरिक राजनीतिक विवाद समझौते के कार्यान्वयन में बाधा उत्पन्न कर सकता है।

2025-12-27 16:14:35
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टोरंटो में यूनिवर्सिटी के पास दिनदहाड़े हुई गोलीबारी में 20 साल के भारतीय स्टूडेंट की मौत

कनाडा के टोरंटो शहर में एक और भारतीय नागरिक हिंसा का शिकार हो गया है। यूनिवर्सिटी ऑफ़ टोरंटो स्कारबोरो (UTSC) कैंपस के पास हुई गोलीबारी में 20 साल के भारतीय PhD स्टूडेंट शिवांक अवस्थी की दुखद मौत हो गई है। इस घटना के बाद कनाडा में रहने वाले भारतीय समुदाय और स्टूडेंट्स में भारी गुस्सा है।दोपहर में कैंपस के पास हमलापुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, शिवांक अवस्थी पर मंगलवार को हाइलैंड क्रीक ट्रेल और ओल्ड किंग्स्टन रोड इलाके में हमला हुआ। हमलावरों ने शिवांक को गोली मार दी और पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही भाग गए। गंभीर रूप से घायल शिवांक को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया। गौरतलब है कि इस साल टोरंटो में यह 41वीं हत्या है। घटना के बाद सुरक्षा कारणों से यूनिवर्सिटी कैंपस को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था।भारतीय दूतावास ने संवेदना जताईटोरंटो में भारतीय कॉन्सुलेट ने इस घटना पर गहरी संवेदना जताई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक बयान जारी करते हुए एम्बेसी ने कहा, "युवा भारतीय डॉक्टरेट स्टूडेंट शिवांक अवस्थी की अचानक मौत से हम बहुत सदमे में हैं। एम्बेसी परिवार के संपर्क में है और हर मुमकिन मदद देने के लिए लोकल अधिकारियों से बातचीत कर रही है।"स्टूडेंट्स में गुस्सा और इनसिक्योरिटी की भावनाइस घटना के बाद यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स में एडमिनिस्ट्रेशन के खिलाफ गुस्सा देखा जा रहा है। स्टूडेंट्स के मुताबिक, जिस जगह शूटिंग हुई, वह कैंपस के अंदर है और स्टूडेंट्स अक्सर इसका इस्तेमाल करते हैं। सिक्योरिटी इंतज़ाम पर गंभीर सवाल उठाते हुए स्टूडेंट्स ने कहा कि यह बहुत चिंता की बात है कि ऐसी घटना दिनदहाड़े हो। कई स्टूडेंट्स ने अब देर शाम की क्लास और एग्जाम में जाने को लेकर डर जताया है।

2025-12-26 14:33:04
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भारतीयों को बड़ा झटका, कोर्ट ने H-1B वीज़ा के लिए $1,00,000 फीस पर ट्रंप के फैसले को मंजूरी दी

अमेरिका में काम करने का सपना देख रहे भारतीय युवाओं और टेक कंपनियों के लिए बुरी खबर है। एक US फेडरल जज ने प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के उस फैसले को हरी झंडी दे दी है, जिसमें H-1B वीज़ा फीस बढ़ाकर $1,00,000 (लगभग ₹89 लाख से ज़्यादा) करने का प्रस्ताव है। इस फैसले से US टेक फर्मों में खलबली मच गई है।जज का फैसला: ट्रंप के अधिकार क्षेत्र में बढ़ोतरीUS डिस्ट्रिक्ट जज बेरिल हॉवेल ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रंप के पास वीज़ा प्रोग्राम की लागत बढ़ाने का कानूनी अधिकार है। US चैंबर ऑफ कॉमर्स की दलीलों को खारिज करते हुए जज ने कहा कि ट्रंप को कांग्रेस ने आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर बड़े अधिकार दिए हैं।H-1B वीज़ा क्या है?H-1B वीज़ा एक नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा है जो अमेरिकी कंपनियों को टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और हेल्थकेयर जैसे खास फील्ड में विदेशी स्किल्ड वर्कर को हायर करने की इजाज़त देता है।भारतीय IT प्रोफेशनल्स को सबसे बड़ा झटका: 70% हिस्सेदारी खतरे मेंट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा H-1B वीज़ा नियमों में किए गए बदलाव भारतीय टेक प्रोफेशनल्स के लिए बहुत मुश्किल साबित हो सकते हैं। सबसे बड़ा झटका वीज़ा फीस में अचानक बढ़ोतरी है, जहाँ फीस, जो पहले $2,000 से $5,000 के बीच होती थी, अब $100,000 तक जा सकती है। इसके साथ ही, सालों से चले आ रहे पारंपरिक लॉटरी सिस्टम को भी खत्म कर दिया गया है, जिसकी जगह अब एक नया मॉडल लेगा जो सिर्फ़ ज़्यादा सैलरी वाले स्किल्ड वर्कर को प्राथमिकता देगा। ये सभी सख्त नियम 27 फरवरी, 2026 से लागू होने की संभावना है, जिसका सीधा असर US में काम करने वाले लाखों भारतीयों और उन्हें हायर करने वाली IT कंपनियों पर पड़ेगा।भारत पर सबसे ज़्यादा असर क्यों पड़ेगा?इस फैसले का सबसे बुरा असर भारतीयों पर पड़ेगा। डेटा के मुताबिक, US में H-1B वीज़ा पाने वाले कुल वर्कर्स में से लगभग 70% भारतीय हैं। अगर वीज़ा फ़ीस इतनी बढ़ जाती है, तो US कंपनियाँ भारतीय इंजीनियरों को काम पर रखने से बच सकती हैं या उन्हें रखने का खर्च कंपनियों के लिए बर्दाश्त से बाहर हो जाएगा।टेक कंपनियों के लिए संकटगूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न जैसी बड़ी कंपनियाँ विदेशी टैलेंट पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं। $100,000 की फ़ीस लागू होने से इन कंपनियों पर बहुत बड़ा फ़ाइनेंशियल बोझ पड़ेगा, जिसका सीधा असर IT सेक्टर में हायरिंग और सैलरी पर पड़ सकता है।

2025-12-25 14:14:03
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बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने हिंदुओं के घर जलाए, कई परिवारो को छोड़ना पड़ा घर

नई दिल्ली: बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार लगातार जारी हैं। बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने चटगांव में कई हिंदू घरों को जलाए जाने का वीडियो जारी किया है।परिवार ने बाड़ काटकर घर से भागने का रास्ता बनायायह घटना मंगलवार को घटी, जिससे संपत्ति को भारी नुकसान हुआ और परिवार के पालतू जानवरों की मौत हो गई। खबरों के अनुसार, मृतकों की पहचान जयंती संघ और बाबू शुकुशील के रूप में हुई है। घटना के समय परिवार घर में ही मौजूद था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घर के सभी दरवाजे बंद होने के कारण परिवार को आग से बचने के लिए बाड़ काटनी पड़ी।पीड़ितों को मदद का आश्वासन दिया गयापुलिस आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, लेकिन अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उपज़िला कार्यकारी अधिकारी (यूएनओ) एस.एम. राहतुल इस्लाम और सहायक आयुक्त (भूमि) ओंगचिंग मार्मा ने नुकसान का जायजा लिया और मदद का आश्वासन दिया। प्रभावित परिवारों को 25 किलो चावल, 5000 टका नकद और कंबल दिए गए हैं।सात साल की बच्ची जिंदा जल गई19 दिसंबर की देर रात, कुछ बदमाशों ने लक्ष्मीपुर सदर इलाके में एक घर को बाहर से बंद कर दिया और पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस आग में सात साल की एक बच्ची जलकर मर गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए।दीपू की हत्या कर दी गई और उसके शव को जला दिया गया18 दिसंबर को ढाका के पास भालुका में एक हिंदू युवक, दीपू चंद्र की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उस पर ईशनिंदा का आरोप लगाया था। दीपू एक कपड़ा कारखाने में काम करता था। यह दावा किया गया था कि दीपू ने फेसबुक पर ऐसी टिप्पणियां की थीं जिनसे धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं, लेकिन जांच में ऐसी टिप्पणियों का कोई सबूत नहीं मिला। दरअसल, यह हत्या कारखाने में काम को लेकर हुए विवाद का नतीजा थी।

2025-12-24 13:49:47
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भारत के साथ तनाव के बीच बांग्लादेश के सुर बदले! यूनुस के फाइनेंशियल एडवाइजर ने दिया बड़ा बयान

बांग्लादेश में चल रही हिंसा, हिंदुओं की हत्या और भारत विरोधी भावना के बीच बांग्लादेश के सुर अब बदलते दिख रहे हैं। अंतरिम सरकार के फाइनेंशियल एडवाइजर सलाहुद्दीन अहमद ने बड़ा बयान देते हुए कहा है, 'चीफ एडवाइजर प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस भारत के साथ तनाव भरे रिश्तों को सुधारने के लिए एक्टिव कोशिशें कर रहे हैं।' उन्होंने साफ किया कि उनकी सरकार आर्थिक हितों को राजनीतिक बयानबाजी से अलग रखकर भारत के साथ मजबूत आर्थिक रिश्ते बनाने पर फोकस कर रही है।यूनुस काम कर रहे हैंसरकारी खरीद पर एडवाइजरी काउंसिल की मीटिंग के बाद रिपोर्टर्स से बात करते हुए सलाहुद्दीन अहमद ने कहा, 'चीफ एडवाइजर भारत के साथ डिप्लोमैटिक रिश्ते सुधारने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने इस बारे में कई संबंधित पार्टियों से भी बात की है।' हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या यूनुस ने सीधे भारतीय अधिकारियों से बात की है, तो उन्होंने साफ किया कि उन्होंने नहीं की है, लेकिन इस मामले से जुड़े लोगों से कॉन्टैक्ट किया है। ट्रेड पॉलिसी पर पॉलिटिकल बातों का असर नहींअहमद ने ज़ोर देकर कहा, “हमारी ट्रेड पॉलिसी पर पॉलिटिकल बातों का असर नहीं है। अगर भारत से चावल इंपोर्ट करना वियतनाम या दूसरी जगहों से सस्ता है, तो भारत से खरीदना आर्थिक रूप से सही होगा।” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि बांग्लादेश ने मंगलवार को भारत से 50,000 टन चावल खरीदने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी थी, जिसे उन्होंने “अच्छे रिश्ते बनाने की दिशा में एक कदम” बताया।हालात उतने बुरे नहीं हैं : सलाहुद्दीन अहमद बांग्लादेश के फाइनेंशियल एडवाइजर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पॉलिटिकल एनालिस्ट का मानना ​​है कि ढाका और नई दिल्ली के बीच रिश्ते 1971 में पाकिस्तान से आज़ादी के बाद अपने सबसे निचले लेवल पर पहुँच गए हैं। हालाँकि, सलाहुद्दीन अहमद ने हालात को इतना गंभीर नहीं बताया, और कहा, ‘बाहर से देखने पर लग सकता है कि बहुत कुछ हो रहा है, लेकिन हालात उतने बुरे नहीं हैं।’दोनों देशों के बीच कड़वाहट नहीं चाहतेअहमद ने माना कि कुछ बयानों को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है, लेकिन वे देश की भावना को नहीं दिखाते। बाहरी ताकतों द्वारा भारत विरोधी भावनाओं को भड़काने की आशंका पर उन्होंने कहा, 'हम दोनों देशों के बीच किसी भी तरह की कड़वाहट नहीं चाहते हैं। अगर कोई बाहरी ताकत समस्याएँ पैदा करने की कोशिश कर रही है, तो यह किसी भी देश के हित में नहीं है।' उन्होंने दोहराया कि अंतरिम सरकार का इरादा दोनों पड़ोसियों के बीच अच्छे रिश्ते बनाए रखना है और आर्थिक फैसले पूरी तरह से देश के हित पर आधारित होंगे।

2025-12-24 13:37:03
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अमेरिका और बांग्लादेश में तनाव का क्या संबंध है? ट्रंप की शरण में यूनुस, भारत पर हमला

बांग्लादेश इस समय हिंसा, अफरा-तफरी और अस्थिरता की आग में जल रहा है। नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के कंट्रोल से हालात निकलते दिख रहे हैं। कभी भीड़ द्वारा हिंदुओं की हत्या, कभी पत्रकारों और भारतीय हाई कमिश्नर के घर पर हमले, बांग्लादेश में शांति कब आएगी, इसकी कोई झलक नहीं दिख रही। इस गंभीर संकट के बीच मुहम्मद यूनुस ने अमेरिका में शरण ले ली है और फरवरी में चुनाव कराने का भरोसा दिया है।अमेरिका के आगे यूनुस का सरेंडर: 12 फरवरी को चुनावसोमवार को मुहम्मद यूनुस ने दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के लिए US के विशेष दूत सर्जियो गोर से आधे घंटे तक फोन पर बातचीत की। यूनुस ने भरोसा दिलाया है कि, 'बांग्लादेश में 12 फरवरी को ही आम चुनाव होंगे। साथ ही, अंतरिम सरकार स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। तानाशाही शासन ने लोगों से जो वोटिंग के अधिकार छीन लिए थे, उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया से वापस किया जाएगा।'भारत और शेख हसीना पर गंभीर आरोपबांग्लादेश की अंतरिम सरकार के हेड मोहम्मद यूनुस ने US के स्पेशल दूत से बातचीत के दौरान भारत और शेख हसीना पर तीखा हमला किया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाए कि भारत में शरण लिए हुए शेख हसीना, बांग्लादेश में हिंसा और अस्थिरता भड़काने की सिस्टमैटिक साज़िश रच रही हैं। यूनुस के मुताबिक, पिछली सरकार के सपोर्टर आने वाले चुनाव प्रोसेस में रुकावट डालने के लिए भारी मात्रा में पैसे का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने आगे दावा किया कि अंतरिम सरकार इस चुनाव को एक 'आइडियल' और 'एग्जांपल' के तौर पर बनाना चाहती है, लेकिन भारत में बैठे पॉलिटिकल लीडर जानबूझकर दखल देकर इस डेमोक्रेटिक प्रोसेस को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।यूनुस अमेरिका की 'मौजूदगी' क्यों बना रहे हैं?एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि शेख हसीना को हटाने के पीछे US का इनडायरेक्ट रोल था और मौजूदा यूनुस सरकार पूरी तरह से US सपोर्ट पर निर्भर है। इन पॉलिटिकल इक्वेशन की वजह से बांग्लादेश को भी बड़ा इकोनॉमिक फायदा हो रहा है, क्योंकि US ने बांग्लादेशी प्रोडक्ट्स पर टैरिफ घटाकर 20 परसेंट कर दिया है, जो भारत जैसे देशों के मुकाबले काफी कम है। ऐसा लगता है कि मुहम्मद यूनुस आजकल अपनी पावर बनाए रखने के लिए अमेरिका में बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं। उन्हें अच्छी तरह पता है कि ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन की मेहरबानी के बिना बांग्लादेश में उनका राज ज़्यादा दिन नहीं चलेगा, इसीलिए वे देश की हर छोटी-बड़ी हरकत और भविष्य की योजनाओं के बारे में अमेरिका को रेगुलर जानकारी दे रहे हैं।बांग्लादेश में अमेरिका का 'इंटरेस्ट' क्या है?अमेरिका साउथ एशिया में भारत और चीन के बढ़ते असर को रोकने के लिए बांग्लादेश को अपना 'मोहरा' बनाना चाहता है।जियोग्राफिकल इंपॉर्टेंस: बंगाल की खाड़ी में चीन की नेवी की मौजूदगी का मुकाबला करने के लिए अमेरिका को बांग्लादेश में एक स्टेबल लेकिन कठपुतली सरकार की ज़रूरत है।पाकिस्तान जैसी पॉलिसी: जैसे अमेरिका ने लंबे समय तक पाकिस्तान का इस्तेमाल किया, वैसे ही अब वह डेमोक्रेसी के बहाने बांग्लादेश में अपने फायदे साधना चाहता है।बांग्लादेश की अस्थिरता से बड़े रिस्कएक्सट्रीमिज़्म का बढ़ना: जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठनों का बढ़ता दबदबा रीजनल सिक्योरिटी के लिए खतरा है।चीनी आक्रामकता: अगर अमेरिका मदद कम करता है, तो बांग्लादेश चीन के BRI प्रोजेक्ट्स की तरफ ज़्यादा झुक सकता है।भारत की सुरक्षा: बांग्लादेश में अस्थिरता और भारत विरोधी भावना सीधे तौर पर भारत की सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक रणनीति को कमजोर करती है।

2025-12-23 14:21:42
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विश्व ध्यान दिवस पर आर्ट ऑफ लिविंग के साथ सूरत बना ध्यानमय: श्री रवि शंकर

आर्ट ऑफ लिविंग के विश्व ध्यान दिवस समारोह के तहत, 21 दिसंबर को, आध्यात्मिक गुरु और वैश्विक मानवतावादी नेता गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने न्यूयॉर्क से अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से एक वैश्विक ध्यान सत्र का सीधा प्रसारण किया, जिसमें भारत सहित दुनिया भर के करोड़ों लोगों ने गुरुदेव के मार्गदर्शन में ध्यान में भाग लिया।आर्ट ऑफ लिविंग सूरत चैप्टर के विश्व ध्यान दिवस का मुख्य कार्यक्रम महाराजा अग्रसेन भवन सिटी लाइट सूरत में आयोजित किया गया, जिसमें 200 से अधिक लोगों ने ध्यान का अनुभव किया। विश्व ध्यान दिवस सप्ताह के दौरान, आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षित शिक्षकों और युवा नेताओं द्वारा विभिन्न स्थानों जैसे शैक्षणिक संस्थानों, स्कूलों, कॉलेजों, केंद्रीय जेल, सोसाइटी, कार्यालयों आदि में ध्यान सत्रों का आयोजन किया गया। विश्व ध्यान दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए, इन कार्यक्रमों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य, आंतरिक शांति और मानवीय मूल्यों के बारे में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया। इस अवसर पर, सूरत, नवसारी, वलसाड, वापी और दमन से 70,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया और ध्यान के माध्यम से शांति और सकारात्मकता का अनुभव किया।विश्व ध्यान दिवस के वैश्विक उत्सव के हिस्से के रूप में, गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने 17 दिसंबर को संयुक्त राष्ट्र जिनेवा केंद्र और 19 दिसंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में मुख्य भाषण दिए और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों को ध्यान का अनुभव भी कराया। सत्रों में संयुक्त राष्ट्र (UN) और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने सभा को यह भी याद दिलाया कि प्राचीन परंपराओं से उत्पन्न ऐसी प्रक्रियाएं वैश्विक स्तर पर आज भी प्रासंगिक हैं।न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित टाइम्स स्क्वायर को "गुरुदेव के साथ विश्व ध्यान" लिखे बिलबोर्ड से जगमगा उठा। इस ऐतिहासिक क्षण ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। यह आयोजन एक भारतीय आध्यात्मिक गुरु द्वारा वैश्विक स्तर पर किए गए एक दुर्लभ और प्रेरणादायक प्रयास का प्रतीक बन रहा है।

2025-12-23 12:50:55
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डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीज़ा की फीस बढ़ा के $100,000 की। IT इंडस्ट्री में बढ़ी चिंता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वर्क वीज़ा के लिए अंदाजित 90 लाख की नई फ़ीस की घोषणा की है, जिससे भारत की IT और IT इनेबल्ड सर्विसेज़ इंडस्ट्री में चिंता का माहौल है । यह निर्णय से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़, इंफ़ोसिस, विप्रो और कॉग्निजेंट जैसी कंपनियों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। जो H-1B वीज़ा पर बड़ी संख्या में स्किल्ड भारतीय कर्मचारियों को US भेजती हैं। जाने क्या है H-1B वीज़ा ?आपको बता दे कि सामान्य तौर पर H-1B वीज़ा एक नॉन-परमानेंट एम्प्लॉयमेंट वीज़ा है। जो अमेरिकी कंपनियों को किसी खास फ़ील्ड में बैचलर डिग्री या उससे ज़्यादा डिग्री वाले विदेशी कर्मचारियों को काम पर रखने की अनुमति देता है। US हर साल सिर्फ़ 85,000 H-1B वीज़ा जारी करता है, जिसके लिए लाखों एप्लीकेशन आते हैं और इन्हें लॉटरी सिस्टम से चुना भी जाता है।क्या फीस बढ़ाने का मकसद 'सिस्टम स्पैम' को रोकना है?कई IT स्टाफिंग कंपनियाँ लॉटरी जीतने के अपने चांस बढ़ाने के लिए एक ही कैंडिडेट के लिए कई एप्लीकेशन जमा करके सिस्टम का गलत इस्तेमाल करती हैं। इस तरह, "सिस्टम स्पैम" से कम क्वालिफिकेशन वाले लोगों को US में नौकरी मिलने के चांस बढ़ जाते हैं। ये लोग अमेरिकी वर्कर्स से कम सैलरी पर नौकरी करने को तैयार हो जाते हैं, जिससे इंडियंस को वो नौकरियां मिल जाती हैं जो अमेरिकियों को मिलती हैं । जिसे रोकने के लिए यह निर्णय अमेरिकन सरकार ने लिया है ।फीस में $100,000 की बढ़ोतरी करके US यह पक्का करना चाहता है कि सिर्फ़ क्वालिफाइड इंडियंस ही US में आ सकें। जिसे अमेरिकन लोकल लोगों को भी नौकरी मिलेगी ।

2025-12-22 15:48:34
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अमेरिका का ISIS के ठिकानो पर बमबारी, अपने 3 सैनिकों की मोत का लिया बदला

सीरिया में हुए आतंकी हमले में अमेरिका ने अपने 3 सैनिकों को खो दिया है. जिसका कड़ा जवाब देते हुए अमेरिकी सेनाने आतंकी संगठन 'इस्लामिक स्टेट ऑफ सीरिया एंड इराक' के दर्जनों ठिकानों पर बमबारी करके उन्हें तबाह कर दिया है ।3 अन्य अमेरिकी सैनिक गंभीर रूप से घायल13 दिसंबर को सेंट्रल सीरिया के पल्मायरा शहर में अमेरिकी और सीरियाई सेना पर हुए हमले में 2 अमेरिकी सैनिक और 1सिविलियन मारे गए थे।और 3 अन्य अमेरिकी सैनिक भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। हालांकि ISIS ने आधिकारिक तौर पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.लड़ाकों, इंफ्रास्ट्रक्चर और हथियारों को खत्म किया : रक्षा सचिव अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ इस मिलिट्री ऑपरेशन की पुष्टि की है। कहा कि , हमले के जवाब में ISIS के लड़ाकों, इंफ्रास्ट्रक्चर और हथियारों को खत्म करने  और 'ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक' शुरू किया है। हमने दुश्मनों में से कई को मार गिराया है।"अमेरिका की कड़ी चेतावनीडिफेंस सेक्रेटरी हेगसेथने सख्त शब्दों में कहा कि , "अगर आप दुनिया में कहीं भी अमेरिकियों को टारगेट करते हैं, तो आपकी ज़िंदगी इस डर में बिताएंगे कि अमेरिका आपका पीछा करेगा, आपको ढूंढेगा और बेरहमी से मार डालेगा।"

2025-12-20 14:56:28
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H3N1 वायरस का बढ़ता प्रकोप, पहले ली गई वैक्सीन इस पर बेअसर

छुट्टियों की मौसम से पहले अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में हॉस्पिटल में भीड़ बढ़ रही है। H3N1 इन्फ्लूएंजा तेज़ी से फैलने वाला वैरिएंट है। इसे सबक्लेड K के नाम से भी जाना जाता है। बढ़ते संक्रमण को लेकर डॉक्टरों ने चिंता जताई कि यह इम्यूनिटी को बायपास करता है। इसके साथ ही, पहले ली गई वैक्सीन भी इस पर बेअसर हैं।H3N1 इन्फ्लूएंजा के मुख्य लक्षणोंवर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन के मुताबिक, यह एक सीज़नल रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन है। इसके मुख्य लक्षणों में तेज़ बुखार और कमज़ोरी, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द, सूखी खांसी और गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, भूख न लगना और पेट दर्द और नींद न आना शामिल हैं। न्यूयॉर्क में फ्लू के 14,000 मामले सामने आएमेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह इन्फेक्शन भीड़-भाड़ वाले इलाकों में ज़्यादा फैल रहा है। न्यूयॉर्क में फ्लू के 14,000 मामले सामने आए हैं, जो पिछले साल से 460 परसेंट ज़्यादा हैं। इन्फ्लूएंजा वायरस लगातार बदल रहा है। जिससे यह इम्यून सिस्टम पर हावी हो जाता है। सर्दियों में इम्यून सिस्टम के कमज़ोर होने से यह तेज़ी से फैल रहा है। पाँच साल से कम उम्र के बच्चे, बुज़ुर्ग, प्रेग्नेंट औरतें और अस्थमा, डायबिटीज़, दिल की बीमारी या न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर वाले लोगों को इसका ज़्यादा खतरा है।इस फ़्लू सीज़न में ज़्यादा मामले देखने को मिल सकते हैं। यह एक सबक्लेड या स्ट्रेन पिछले टाइप के मुकाबले तेज़ी से फैल रहा है। इस साल, एक सबक्लेड या स्ट्रेन के कारण मामलों की संख्या में उछाल आ सकता है।

2025-12-20 13:42:18
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जल रहा है बांग्लादेश, अखबारों और राजनीतिक दफ्तरों में तोड़फोड़, जानें कितने रहते हैं हिंदू?

बांग्लादेश में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। गुरुवार रात प्रदर्शनकारियों ने जबरन देश के सबसे बड़े अखबारों 'डेली स्टार' और 'प्रोथोम आलो' के दफ्तरों में घुसकर तोड़फोड़ की और आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान के आवास में भी तोड़फोड़ की। उन्होंने शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के दफ्तरों में भी लूटपाट की। यह हिंसा शेख हसीना के विपक्षी नेता उस्मान हादी की सिंगापुर में हुई मौत के बाद भड़की है।बांग्लादेश में हिंसा भड़कने से यहां की हिंदू आबादी एक बार फिर चिंतित हो गई है। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने धर्म का अपमान करने के आरोप में एक हिंदू युवक को पीट-पीटकर मार डाला। ऐसे में हिंदू आबादी की चिंता स्वाभाविक है। हालांकि, बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से हिंदुओं पर हमले बढ़ गए हैं। बांग्लादेश में शुरू हुई हिंसा के बाद यह सवाल फिर से उठ खड़ा हुआ है कि यहां हिंदुओं की क्या स्थिति है और कितने हिंदू बचे हैं?बांग्लादेश में हिंदू आबादी कितनी है?एक रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश में 2022 की जनगणना से पता चला है कि वहां हिंदू आबादी 13.1 मिलियन से थोड़ी अधिक है। यह हिंदू आबादी बांग्लादेश की कुल आबादी का 7.96 प्रतिशत है। बांग्लादेश के आठों डिवीजनों में हिंदुओं की आबादी का हिस्सा काफी भिन्न है। मयमनसिंह में हिंदुओं की आबादी 3.94 प्रतिशत है, जबकि सिलहट में यह 13.51 प्रतिशत है।आंकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश के 64 जिलों में से चार जिलों में प्रत्येक पांचवां व्यक्ति हिंदू है। 2022 की जनगणना के अनुसार, 13 जिलों में हिंदू आबादी 15 प्रतिशत से अधिक थी, जबकि 21 जिलों में यह 10 प्रतिशत से अधिक थी। ढाका मंडल के गोपालगंज, सिलहट मंडल के मौलवीबाजार, रंगपुर मंडल के ठाकुरगांव और खुलना मंडल के खुलना में हिंदुओं की संख्या अधिक है।बांग्लादेश की 91.08 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है।ढाका के गोपालगंज जिले में 26.94 प्रतिशत, सिलहट मंडल के मौलवी बाजार में 24.44 प्रतिशत, रंगपुर मंडल के ठाकुरगांव में 22.11 प्रतिशत और खुलना मंडल के खुलना में 20.75 प्रतिशत हिंदू हैं। बांग्लादेश में अन्य अल्पसंख्यक (बौद्ध, ईसाई आदि) मिलाकर एक प्रतिशत से भी कम हैं। बांग्लादेश की 165.16 मिलियन जनसंख्या में से 91.08 प्रतिशत मुस्लिम हैं।क्रेडिट: टीवी9 से वरुण कुमार की रिपोर्ट 

2025-12-19 14:44:26
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आख़िर क्यों कनाडा पुलिस ने 5 गुजरातियों को गिरफ्तार किया? जानिए पूरा मामला

कनाडा के डरहम क्षेत्रीय पुलिस की वित्तीय अपराध इकाई (FCU) ने लंबी जांच के बाद अमेज़न के गोदाम से इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य कीमती वस्तुएं चुराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पता चला है कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए सभी पांच आरोपी भारतीय हैं और विशेष रूप से गुजरात से जुड़े हुए हैं। पूरी घटना क्या थी?नवंबर 2025 में, एजेक्स में सेलम रोड पर स्थित अमेज़न फुलफिलमेंट सेंटर ने पुलिस से संपर्क किया। जांच में पता चला कि कंपनी के दो कर्मचारी पिछले दो वर्षों से सुनियोजित रूप से सामान चुरा रहे थे, जिसकी कुल कीमत लगभग 20 लाख कनाडाई डॉलर आंकी गई थी।पुलिस कार्रवाई और ज़ब्तीसोमवार, 15 दिसंबर, 2025 को पुलिस ने अमेज़न के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया। स्कारबोरो में एक आवासीय भवन में तलाशी वारंट जारी होने के बाद तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने निम्नलिखित वस्तुएं जब्त कीं:250,000 डॉलर से अधिक कीमत के उच्च श्रेणी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण50,000 डॉलर कनाडाई मुद्रा (नकद)किन लोगों को गिरफ्तार किया गया?मेहुल बलदेव पटेल (36 वर्ष, न्यूमार्केट): उन पर 5,000 डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी और 5,000 डॉलर से अधिक की चोरी का आरोप है।आशीषकुमार सवानी (31 वर्ष, स्कारबोरो): उन पर 5000 डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी और 5000 डॉलर से अधिक की चोरी का भी आरोप है। उन पर अपराध से प्राप्त संपत्ति की तस्करी का भी आरोप है।बंसारी सवानी (28 वर्ष, स्कारबोरो): उन पर तस्करी के उद्देश्य से आपराधिक संपत्ति रखने और अपराध के माध्यम से प्राप्त नकदी रखने का आरोप है।यश धमेलिया (29 वर्ष, स्कारबोरो): उन पर तस्करी के उद्देश्य से अपराध से प्राप्त संपत्ति रखने का आरोप है।जनवि धमेलिया (28 वर्ष, स्कारबोरो): उन पर तस्करी के उद्देश्य से अपराध से प्राप्त संपत्ति रखने का भी आरोप लगाया गया है।अब क्या कार्रवाई की जाएगी? फिलहाल, सभी पांचों आरोपियों को कुछ शर्तों (शपथपत्र) पर रिहा कर दिया गया है और निकट भविष्य में उनके खिलाफ अदालत में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने कनाडा में रहने वाले भारतीय समुदाय के बीच एक बहस छेड़ दी है, क्योंकि इतने बड़े घोटाले में स्थानीय रूप से बसे गुजराती युवकों के नाम सामने आए हैं।

2025-12-18 18:42:39
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ट्रंप परिवार में नई एंट्री, जानें कौन हैं बेटिना एंडरसन, जो बनेंगी डोनाल्ड ट्रंप की बहू

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परिवार में खुशी का माहौल है। 15 दिसंबर, 2025 को व्हाइट हाउस में हुई क्रिसमस पार्टी के दौरान, राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि उनके बड़े बेटे, डोनाल्ड ट्रंप जूनियर, पाम बीच की सोशलाइट बेटिना एंडरसन से सगाई कर रहे हैं। इस मौके पर ट्रंप जूनियर ने भी अपनी खुशी जाहिर की और कहा कि बेटिना ने 'हां' कहकर उनके प्रपोजल को स्वीकार कर लिया है।ट्रंप परिवार के साथ नजदीकियांद न्यूयॉर्क टाइम्स समेत कई बड़ी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कपल एक साल से ज़्यादा समय से साथ है। ट्रंप परिवार के साथ बेटिना की नजदीकियां पहले से ही खबरों में हैं। ट्रंप जूनियर दिसंबर 2024 में पाम बीच में एंडरसन की बर्थडे पार्टी में शामिल हुए थे। ट्रंप जूनियर बेटिना को मार-ए-लागो में अपनी न्यू ईयर ईव पार्टी में गेस्ट के तौर पर लाए थे। बाद में एंडरसन इस साल जनवरी में ट्रंप के इनॉगरेशन में भी उनके साथ गईं। अब, दोनों ने सगाई कर ली है।यह ट्रंप जूनियर की तीसरी सगाई है। उन्होंने सबसे पहले 2004 में एक्स-वाइफ वैनेसा ट्रंप को प्रपोज़ किया था और 2005 में मार-ए-लागो में शादी की थी। यह रिश्ता लगभग 13 साल तक चला। लेकिन वैनेसा ने 2018 में तलाक के लिए अर्जी दी। इसके बाद ट्रंप जूनियर ने किम्बर्ली गिलफॉयल से सगाई कर ली, जो उस समय रिपब्लिकन पार्टी की एक बड़ी सपोर्टर थीं। यह रिश्ता 2024 के आखिर में खत्म हो गया।बेटिना एंडरसन कौन हैं?बेटिना एंडरसन का जन्म दिसंबर 1986 में हुआ था। वह फ्लोरिडा के पाम बीच में पली-बढ़ीं। वह एक जाने-माने परिवार से हैं। उनके पिता, हैरी लॉय एंडरसन जूनियर, एक सफल बिजनेसमैन और बैंकर थे, जबकि उनकी मां, इंगर एंडरसन, एक जानी-मानी समाजसेवी थीं।प्रेसिडेंट ट्रंप की होने वाली बहू, बेटिना एंडरसन ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और 2009 में आर्ट हिस्ट्री, क्रिटिसिज्म और कंजर्वेशन में डिग्री हासिल की। वह अक्सर अपने इंस्टाग्राम पर मॉडलिंग करते हुए अपनी तस्वीरें भी शेयर करती हैं।2020 में क्वेस्ट मैगज़ीन के कवर पर उनके फोटोशूट और उसी साल हैमिल्टन ज्वेलर्स के साथ एक फोटोशूट में भी वह शामिल थीं। इसके अलावा, 2021 में पाम बीच इलस्ट्रेटेड मैगज़ीन में उनके बारे में एक स्टोरी छपी थी, जिसमें उन्हें एक लोकल इन्फ्लुएंसर बताया गया था।बेटिना एंडरसन, हैरी लॉय एंडरसन जूनियर और इंगर एंडरसन की बेटी हैं। एंडरसन एक समाजसेवी, मॉडल और इन्फ्लुएंसर हैं। बेटिना सोशल वर्क में शामिल रही हैं और ओडू ग्रेस द्वारा शुरू किए गए होप फॉर डिप्रेशन रिसर्च फाउंडेशन की सपोर्टर हैं। बेटिना फ्लोरिडा में स्थित एक कंजर्वेशन इनिशिएटिव, प्रोजेक्ट पैराडाइज में एक अहम भूमिका निभाती हैं। वह पाम बीच काउंटी के लिटरेसी कोएलिशन के साथ रेगुलर कम्युनिटी सर्विस का काम भी करती हैं।

2025-12-17 15:39:25
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'गुजरात जैसी शेरों की धरती', PM मोदी ने इथियोपिया की संसद में 'वंदे मातरम' का किया ज़िक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज विदेश दौरे पर इथियोपिया जा रहे हैं। मंगलवार को इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने उन्हें देश का सबसे बड़ा सम्मान, "द ग्रेट ऑनर निशान ऑफ़ इथियोपिया" दिया। बुधवार को इथियोपिया की संसद को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "यह सिर्फ़ मेरा सम्मान नहीं है, यह देश का सम्मान है।" लोकतंत्र के इस मंदिर में आना मेरे लिए सम्मान की बात है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अदीस अबाबा में इथियोपियाई संसद के जॉइंट सेशन को संबोधित किया। सेशन को संबोधित करते हुए, PM मोदी ने कहा, आज आपके सामने खड़ा होना मेरे लिए बहुत सम्मान और सौभाग्य की बात है। मैं इथियोपिया में आकर बहुत खुश हूँ, जिसे शेरों की धरती के नाम से जाना जाता है। मुझे यहाँ घर जैसा महसूस हो रहा है। क्योंकि भारत में मेरा होम स्टेट, गुजरात, भी शेरों की धरती के नाम से जाना जाता है।"हमारा वंदे मातरम और इथियोपिया का राष्ट्रगान एक हैं"PM मोदी ने कहा कि भारत का राष्ट्रगान 'वंदे मातरम' और इथियोपिया का राष्ट्रगान दोनों ही अपनी ज़मीन को माँ का रूप बताते हैं। यह हमें अपनी विरासत, संस्कृति और सुंदरता पर गर्व करना सिखाता है और हमें अपनी मातृभूमि की रक्षा करने के लिए प्रेरित करता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इथियोपियाई संसद को संबोधित करेंगे, यहाँ के लोगों और देश की लोकतांत्रिक यात्रा ने बहुत सम्मान दिया है। और दोस्ती, सद्भावना और भाईचारे का संदेश देता है। भारत के 1.4 बिलियन लोगों की तरफ से।"मैं भारत के लोगों की तरफ से यह सम्मान स्वीकार करता हूं।"उन्होंने आगे कहा कि इस बिल्डिंग में कानून बनते हैं, जहां लोगों की इच्छा ही राज्य की इच्छा बनती है, और जब राज्य की इच्छा लोगों की इच्छा से मिलती है, तभी विकास की गाड़ी आगे बढ़ती है। PM मोदी ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म के ज़रिए वे खेतों में काम करने वाले किसानों, नए आ

2025-12-17 14:43:19
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ट्रंप का फिर से बना 'मज़ाक'! थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीज़फ़ायर के दावों के बीच भयानक बमबारी

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीज़फ़ायर के दावे के बावजूद, दोनों देशों के बीच बॉर्डर पर लड़ाई थमती नहीं दिख रही है। कंबोडिया ने दावा किया है कि थाई मिलिट्री शनिवार सुबह भी विवादित बॉर्डर पर हमला कर रही है, जबकि थाईलैंड ने कंबोडिया पर इंटरनेशनल नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।बॉर्डर पर मिलिट्री झड़पें जारीथाईलैंड और कंबोडिया के बीच विवादित बॉर्डर पर मिलिट्री झड़पें फिलहाल थम नहीं रही हैं। यह स्थिति तब सामने आई है जब US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि दोनों देशों के बीच सीज़फ़ायर कराने में उनकी अहम भूमिका थी।कंबोडिया का आरोप: थाई आर्मी के हमले जारीकंबोडिया के सूचना मंत्रालय ने शनिवार को कहा, 'थाई मिलिट्री फोर्स ने बॉर्डर पार हमले बंद नहीं किए हैं। मंत्रालय के मुताबिक, थाई फोर्स अभी भी बमबारी कर रही है और इन हमलों में फाइटर जेट का भी इस्तेमाल किया गया है।थाईलैंड का पलटवार: आम इलाकों को निशाना बनाने का आरोपदूसरी ओर, थाई आर्मी ने कंबोडिया के आरोपों को खारिज कर दिया है और जवाबी कार्रवाई की है। थाई आर्मी का कहना है कि कंबोडिया बार-बार इंटरनेशनल नियमों का उल्लंघन कर रहा है। थाईलैंड के मुताबिक, कंबोडियाई सेनाओं ने आम लोगों के इलाकों को निशाना बनाया है और बॉर्डर इलाकों में लैंडमाइन बिछाई हैं। इसके अलावा, बॉर्डर पर बमबारी के बीच, थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नविराकुल ने साफ किया है कि, 'कोई सीज़फ़ायर नहीं है, कार्रवाई जारी रहेगी। यह कोई सड़क हादसा नहीं है। थाईलैंड तब तक मिलिट्री ऑपरेशन करता रहेगा जब तक हमारी ज़मीन और हमारे लोगों को कोई और नुकसान या खतरा न हो। मैं यह बात बहुत साफ करना चाहता हूं। आज सुबह की हमारी कार्रवाई ने सब कुछ कह दिया है।'ट्रंप के दावे ने भी दोनों देशों को चुप करा दियाडोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार रात थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नविराकुल और कंबोडियाई प्रधानमंत्री हुन सेन से फोन पर बात करने के बाद दावा किया कि दोनों देश शुक्रवार से सभी तरह की फायरिंग रोकने पर सहमत हो गए हैं।हालांकि, ट्रंप के दावे के बाद दोनों देशों के नेताओं के बयानों में किसी फॉर्मल सीज़फ़ायर समझौते का ज़िक्र नहीं किया गया। थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नविराकुल ने साफ किया कि कोई सीज़फ़ायर नहीं हुआ है। ट्रंप के दावे के बारे में पूछे जाने पर, थाई विदेश मंत्रालय ने रिपोर्टरों को दिए प्रधानमंत्री के बयान का हवाला दिया।कंबोडिया शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैकंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन सेन ने शनिवार को फेसबुक पर एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने ट्रंप के साथ अपनी बातचीत और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ अपनी पिछली चर्चा का ज़िक्र किया। मानेट ने कहा कि कंबोडिया अभी भी विवादों का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है। कंबोडिया अक्टूबर में मलेशियाई राजधानी कुआलालंपुर में हुए पिछले समझौते के तहत विवाद को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है।

2025-12-13 14:24:13
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बुरे फंसे पूर्व ISI चीफ, इमरान खान के करीबी जनरल फैज़ हमीद को 14 साल की सजा, जानें पूरा मामला

पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार, देश की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के पूर्व प्रमुख को कारावास की सजा सुनाई गई है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी माने जाने वाले लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) फैज़ हमीद को गुप्तचर अधिनियम के उल्लंघन सहित गंभीर आरोपों में 14 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। वर्तमान सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर इस फैसले को अपने विपक्षी समूह पर कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं।पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग, आईएसपीआर द्वारा गुरुवार को जारी एक बयान के अनुसार, अगस्त 2024 में पाकिस्तान सेना अधिनियम के तहत एक फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल द्वारा फैज़ हामिद के खिलाफ कार्यवाही शुरू की गई थी। लगभग 15 महीने तक चली इस प्रक्रिया के अंत में, फैज़ हामिद को गुरुवार को दोषी ठहराया गया और 14 साल जेल की सजा सुनाई गई। फैज़ हामिद वही अधिकारी हैं जिन्हें 2021 में तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद काबुल के एक होटल में चाय पीते हुए देखा गया था और जिनकी तस्वीरें वायरल हो गई थीं।आईएसपीआर के अनुसार, फैज हमीद पर मुख्य रूप से चार आरोप लगाए गए थे, जिनमें राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होना, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम का उल्लंघन करना, शक्ति और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करना और संबंधित व्यक्तियों को गैरकानूनी नुकसान पहुंचाना शामिल है। सेना का दावा है कि फ़ैज़ हमीद को मुक़दमे के दौरान सभी कानूनी अधिकार दिए गए, जिनमें उनकी पसंद की बचाव टीम का चयन भी शामिल है, जबकि उनके खिलाफ सभी आरोप साबित हो चुके हैं। हालांकि, फ़ैज़ को इस फैसले के खिलाफ संबंधित अदालत में अपील करने का अधिकार होगा। पाकिस्तानी सेना ने यह भी कहा है कि फ़ैज़ हमीद के राजनीतिक तत्वों से संबंध और देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के मामलों की अलग से जांच की जा रही है। मौजूदा सरकार और सेना के रुख को देखते हुए, संभावना है कि फ़ैज़ को इन मामलों में भी सज़ा सुनाई जा सकती है।

2025-12-11 15:44:15
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थाईलैंड और कंबोडिया के बीच बॉर्डर पर छिड़ा युद्ध, ट्रंप ने कहा मै युद्ध रोकूंगा !

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच बॉर्डर पर लड़ाई का आज चौथा दिन है, जिसकी वजह से बॉर्डर के पास रहने वाले लाखों लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेज दिया गया है। बुधवार को थाई F-16 प्लेन ने कंबोडिया के गांवों पर बमबारी की, जबकि कंबोडिया ने जवाबी कार्रवाई में थाई हॉस्पिटल पर रॉकेट दागे।ऐतिहासिक जगहों पर भी हमलेथाई आर्मी के F-16 प्लेन ने UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट प्रीह विहियर मंदिर समेत कई जगहों पर हमला किया और एक प्राइमरी स्कूल पर भी गोले दागे। थाई आर्मी ने सुरक्षा कारणों से चार ज़िलों में कर्फ्यू लगा दिया है।हॉस्पिटल को निशाना बनाया गया दूसरी तरफ, बुधवार सुबह कंबोडिया से दागे गए रॉकेट ने सुरिन प्रांत के नोम डोंग राक हॉस्पिटल को निशाना बनाया। लोकल टाइम सुबह 8:40 बजे, नोम डोंग राक ज़िले के एक हॉस्पिटल और आस-पास के इलाके में छह रॉकेट दागे गए, जिससे मेडिकल स्टाफ और मरीज़ों को सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा। इसके साथ ही बुधवार सुबह 12 अलग-अलग जगहों पर झड़पें भी हुईं।5000 रॉकेट से हमलारिपोर्ट्स के अनुसार, थाई आर्मी ने कहा कि कंबोडियाई सेना ने 5,000 रॉकेट दागे और कई बॉर्डर इलाकों पर सुसाइड ड्रोन से हमला किया। इस लड़ाई में चार थाई सैनिक मारे गए और 68 घायल हुए, जबकि 61 कंबोडियाई सैनिक और नौ आम लोगों के मारे जाने की खबर है।थाईलैंड और कंबोडिया के बीच युद्ध रोकूंगा : ट्रंप इस लड़ाई पर कमेंट करते हुए, US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "कंबोडिया और थाईलैंड ने लड़ाई शुरू कर दी है। मुझे फैसला करना है। मैं दो बहुत ताकतवर देशों, थाईलैंड और कंबोडिया के बीच युद्ध रोकूंगा।" ट्रंप के कमेंट्स पर रिएक्शन देते हुए, थाईलैंड के प्राइम मिनिस्टर ने कहा कि यह लड़ाई दोनों देशों के बीच का मामला है। दूसरे देशों के नेताओं में शांति चाहने की अच्छी इच्छा हो सकती है, लेकिन यह सिर्फ फोन उठाकर बात करने जितना आसान नहीं है। बातचीत के लिए खास मुद्दे होने चाहिए।साथ ही, कंबोडियाई सरकार के एक स्पोक्सपर्सन ने कहा कि नोम पेन्ह का स्टैंड यह था कि वह सिर्फ शांति चाहता था और कंबोडिया ने सिर्फ सेल्फ-डिफेंस में काम किया था। प्रधानमंत्री के टॉप सलाहकार ने संकेत दिया है कि देश बातचीत के लिए तैयार है।

2025-12-11 13:38:59
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'कितने हिडमा मारोगे?'इंडिया गेट पर नक्सलियों के समर्थन में नारे, 15 लोग गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने इंडिया गेट पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर मिर्च स्प्रे फेंकने के आरोप में शिकायत दर्ज कर 15 से ज़्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शिकायत में पुलिस पर हमला करने, सरकारी काम में बाधा डालने और सड़क जाम करने की धाराएँ भी जोड़ी हैं।नक्सली कमांडर के समर्थन में नारे दिल्ली पुलिस ने बताया कि रविवार शाम को इंडिया गेट के पास सी हेक्सागन में दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए नक्सली कमांडर मादवी हिडमा के पोस्टर थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'कितने हिडमा मारोगे, हर घर से हिडमा निकलेगा' के नारे लगाए।प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़पजब प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम करना शुरू किया, तो पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की। इसी दौरान उन्होंने मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल कर पुलिस पर हमला करने की कोशिश की। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, इस घटना में तीन-चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और उन्हें इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।नई दिल्ली के डीसीपी देवेश कुमार महला ने कहा, "यह बेहद असामान्य है। यह पहली बार है जब प्रदर्शनकारियों ने यातायात पुलिस पर इस तरह हमला किया है।"

2025-11-24 12:17:10
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इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की मुलाकात, एक-दूसरे ने पूछा हालचाल

दक्षिण अफ्रीका में चल रहे जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे की प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने भारत-इटली के मज़बूत संबंधों पर भी संतोष व्यक्त किया। इस मुलाकात के दौरान, दोनों ने रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर दिया। हाल ही में रियो डी जेनेरियो में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में अपनी चर्चाओं का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने वर्ष 2025-29 के लिए संयुक्त रणनीतिक रोडमैप को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।दोनों नेताओं ने यूक्रेन संकट, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक व्यापार जैसे मुद्दों पर भी विचार साझा किए। यह मुलाकात भारत-इटली संबंधों की मज़बूती का प्रतीक है। 2024 में जी-7 और जी-20 शिखर सम्मेलन की बैठकों के बाद यह तीसरी आमने-सामने की बातचीत थी। प्रधानमंत्री मोदी और मेलोनी की सकारात्मक छवि ने इस सम्मेलन में वैश्विक मंच को नई ऊर्जा प्रदान की, जिसका अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बहिष्कार किया था। यह सम्मेलन 23 नवंबर तक जारी रहेगा, जहां वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत किया जाएगा।

2025-11-22 18:35:46
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बांग्लादेश भूकंप: 5.7 तीव्रता के भूकंप से ढहीं इमारतें, 10 की मौत, 100 से ज़्यादा घायल

बांग्लादेश की राजधानी ढाका और आसपास के इलाकों में शुक्रवार सुबह 5.7 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया। इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है, जबकि 100 से ज़्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। भूकंप का केंद्र नरसिंडी ज़िले में था, जहाँ सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है। इन शक्तिशाली झटकों से कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, कुछ जगहों पर आग लग गई और घबराए लोग सड़कों पर भाग खड़े हुए। इस घटना से बांग्लादेश में व्यापक भय और अफरा-तफरी मच गई है।अधिकारियों ने पुष्टि की है कि भूकंप से ढाका और आसपास के ज़िलों में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं। भूकंप का केंद्र ढाका से लगभग 13 किलोमीटर दूर नरसिंडी में दर्ज किया गया, जहाँ 5 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा, ढाका में 4 और नारायणगंज में 1 व्यक्ति की मौत हुई। सबसे ज़्यादा दहशत ढाका के बाहरी इलाके गाजीपुर के औद्योगिक इलाके में देखी गई, जहाँ 100 से ज़्यादा मज़दूर घायल हो गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप के दौरान इमारतों से भागते समय मची भगदड़ में फ़ैक्टरियों में काम करने वाले मज़दूर घायल हो गए।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप के झटकों के कारण बोंगशाल में एक पाँच मंजिला इमारत की रेलिंग गिर गई। हादसे के वक़्त इमारत के सामने सड़क पर चल रहे तीन लोगों की रेलिंग गिरने से मौत हो गई। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि तेज़ भूकंप के कारण लोगों में इतनी दहशत फैल गई कि लोग सीढ़ियों में फँस गए, क्योंकि सभी एक साथ नीचे भागने की कोशिश कर रहे थे।भूकंप सुबह 10:38 बजे आया, जिसकी गहराई लगभग 10 किलोमीटर थी। भूकंप इतने तेज़ थे कि ढाका में चल रहा बांग्लादेश-आयरलैंड टेस्ट मैच कुछ मिनटों के लिए रोकना पड़ा। हालाँकि, स्टेडियम को कोई नुकसान नहीं होने के कारण मैच फिर से शुरू कर दिया गया। बांग्लादेश के साथ-साथ पड़ोसी देश भारत में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। पश्चिम बंगाल के कोलकाता, कूचबिहार और असम, त्रिपुरा तथा मेघालय जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भी लोग दहशत में अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। हालाँकि, भारत में किसी बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है।बांग्लादेश के अंतरिम प्रशासन के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने देश के नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और ज़रूरत पड़ने पर आधिकारिक चैनलों और हेल्पलाइन के ज़रिए मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

2025-11-22 14:34:55
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इंडोनेशिया के माउंट सुमेरु ज्वालामुखी में विस्फोट, 13 किलोमीटर तक ऊंचाई दी राख

इंडोनेशियाई द्वीप जावा पर स्थित माउंट सुमेरु 19 नवंबर, 2025 को दोपहर 2:13 बजे एक शक्तिशाली विस्फोट के साथ फट गया। परिणामस्वरूप, इंडोनेशिया की ज्वालामुखी निगरानी एजेंसी, PVMBG ने अलर्ट को उच्चतम स्तर IV तक बढ़ा दिया है। खतरे का क्षेत्र अब सभी दिशाओं में 8 किलोमीटर तक बढ़ा दिया गया है।दक्षिण-पूर्व दिशा को 20 किलोमीटर तक बढ़ा दिया गया है। विस्फोट से गर्म लावा और धुआं (पाइरोक्लास्टिक प्रवाह) की एक शक्तिशाली धारा निकली, जिसने निगरानी उपकरणों को नष्ट कर दिया और सुपित उरंग जैसे गाँवों तक पहुँच गई। धुआं से पूरा इलाका काला काला दिखाई दे रहा है। जिससे 900 से ज़्यादा लोगों को घर खाली करने पड़े। 170 फंसे हुए पर्वतारोहियों को बचा लिया गया। अभी तक किसी के मारे जाने की खबर नहीं है, लेकिन अधिकारी आगे के खतरों की चेतावनी दे रहे हैं, जिनमें लावा का प्रवाह और बड़े विस्फोट शामिल हैं। राख आस-पास के विमानों की उड़ानों को भी बाधित कर रही है।विस्फोट के दौरान क्या हुआ?माउंट सुमेरु इंडोनेशिया का एक सक्रिय ज्वालामुखी है, जो पूर्वी जावा के लुमाजांग ज़िले में स्थित है। यह ज्वालामुखी पहले भी कई बार फट चुका है, लेकिन आज का विस्फोट विशेष रूप से शक्तिशाली था। ज्वालामुखी से धुआँ, राख और गर्म चट्टानें निकलीं। उच्च जोखिम को देखते हुए पीवीएमबीजी ने तत्काल चेतावनी जारी की। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खतरे के क्षेत्र का विस्तार किया गया। अधिकारियों ने कहा कि दक्षिण-पूर्वी दिशा में नदियों के किनारे ज़्यादा खतरे में हैं, क्योंकि वहाँ गर्म लावा बह सकता है।पाइरोक्लास्टिक प्रवाह क्या है और यह कितना खतरनाक है?पाइरोक्लास्टिक प्रवाह गर्म गैस, राख और चट्टानों की एक शक्तिशाली धारा है जो ज्वालामुखी से निकलती है। यह बहुत तेज़ी से (कभी-कभी 700 किमी प्रति घंटे तक की गति से) बहती है और सब कुछ जला देती है। इस विस्फोट में, यह प्रवाह सुपित उरांग गाँव तक पहुँच गया और निगरानी कैमरे और उपकरण नष्ट हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि आसमान में काला धुआँ छा गया, जिससे साँस लेना मुश्किल हो गया। सड़कों और घरों पर राख की एक मोटी परत जम गई, जिससे लोग डर गए।लोगों पर इसका क्या प्रभाव पड़ा?विस्फोट के कारण 900 से ज़्यादा लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पैदल चल पड़े। स्थानीय अधिकारियों और बचाव दलों ने तुरंत कार्रवाई की। ज्वालामुखी के पास फंसे 170 पर्वतारोहियों को हेलीकॉप्टरों और बचाव दलों की मदद से बचाया गया। अभी तक किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है, लेकिन चिकित्सा दल तैयार हैं। आस-पास के गाँवों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है। राख के कारण हवाई अड्डे पर उड़ानें रद्द हो सकती हैं, जो इंजनों में घुसकर विमानों को नुकसान पहुँचा सकती है। इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान एजेंसी ने कहा कि राख का बादल 13 किलोमीटर तक पहुँच गया है।अधिकारियों ने चेतावनी जारी कीपीवीएमबीजी के प्रमुख ने कहा कि ज्वालामुखी अभी भी सक्रिय है। लावा के और अधिक प्रवाह और संभावित बड़े विस्फोट का खतरा है। लोगों को खतरे वाले क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसानों और मछुआरों को नदियों के पास न जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि गर्म लावा पानी में मिलकर बाढ़ का कारण बन सकता है। सरकार ने राहत शिविर स्थापित किए हैं जहाँ भोजन, पानी और दवाइयाँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इंडोनेशिया में ऐसे कई ज्वालामुखी हैं, इसलिए लोग तैयार हैं, लेकिन इस बार विस्फोट कहीं ज़्यादा बड़ा था।सुमेरु पर्वत पहले भी फट चुका हैसुमेरु पर्वत हाल के वर्षों में कई बार फट चुका है। 2022 में, एक बड़े विस्फोट में कई लोगों की मौत हो गई थी। सौभाग्य से, इस बार पहले से चेतावनी दी गई थी, इसलिए नुकसान कम हुआ। वैज्ञानिकों का कहना है कि ज्वालामुखी पर नज़र रखी जा रही है और ज़रूरत पड़ने पर सतर्कता बढ़ाई जाएगी।

2025-11-20 17:06:51
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ऑस्ट्रेलिया में 8 महीने की गर्भवती भारतीय महिला की मौत, तेज़ रफ़्तार BMW ने मारी टक्कर

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में एक भीषण कार दुर्घटना में 33 वर्षीय गर्भवती भारतीय महिला की मौत हो गई, जो अपने दूसरे बच्चे को जन्म देने वाली थी। पुलिस के अनुसार, आठ महीने की गर्भवती समन्वय धरेश्वर पिछले हफ़्ते अपने पति और तीन साल के बेटे के साथ टहल रही थीं, जब यह हादसा हुआ।सिडनी पुलिस ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 8 बजे एक किआ कार्निवल कार धारेश्वर और उनके परिवार को हॉर्न्सबी में जॉर्ज स्ट्रीट के किनारे फुटपाथ पार करने के लिए धीमी हुई थी, तभी एक तेज़ रफ़्तार BMW ने उसे पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के कारण किआ कार आगे की ओर बढ़ गई और धारेश्वर को टक्कर मार दी, जब वह कार पार्क के प्रवेश द्वार को पार कर रही थीं।सिडनी पुलिस ने आगे बताया कि दुर्घटना में धारेश्वर को गंभीर चोटें आईं और उन्हें तुरंत वेस्टमीड अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दुर्भाग्य से न तो उन्हें और न ही उनके अजन्मे बच्चे को बचाया जा सका।जानकारी के अनुसार लग्ज़री बीएमडब्ल्यू को कथित तौर पर 19 वर्षीय पी-प्लेटर (प्रोबेशनल या प्रोबेशनरी लाइसेंस वाला ड्राइवर) आरोन पापाज़ोग्लू चला रहा था। हालाँकि, बीएमडब्ल्यू और किआ कारों के ड्राइवर बिना किसी चोट के बच गए।यह ज्ञात नहीं है कि धारेश्वर के पति और उनके तीन वर्षीय बच्चे को दुर्घटना में कोई चोट लगी है या नहीं।लिंक्डइन के अनुसार, धारेश्वर एक योग्य आईटी सिस्टम विश्लेषक थीं, जिनकी विशेषज्ञता व्यावसायिक अनुप्रयोग प्रशासन और सहायता में थी। वह एल्स्को यूनिफॉर्म्स में एक परीक्षण विश्लेषक के रूप में कार्यरत थीं। BMW कार के ड्राइवर को बाद में उसके वाहरोंगा स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने, लापरवाही से गाड़ी चलाने और भ्रूण की हत्या का आरोप लगाया गया है। उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया।संभवतः उन पर 2022 में न्यू साउथ वेल्स (NSW) में लागू किए गए ज़ो कानून के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। यह कानून उन अपराधों के लिए कठोर दंड का प्रावधान करता है, जिनसे अजन्मे बच्चे की मृत्यु हो जाती है, और दोषी पाए जाने पर अपराधियों को खतरनाक या लापरवाही से वाहन चलाने के लिए दी गई सजा के अलावा तीन साल अतिरिक्त जेल की सजा भी हो सकती है।

2025-11-19 14:37:17
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पाकिस्तान आज भी करा रहा नूर खान एयरबेस की मरम्मत, ऑपरेश सिंदूर के तहत भारत ने किया था धुआं-धुआं

भारत और पाकिस्तान के बीच मई में जंग हुई थी जिसमें भारत द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान को जो जख्म दिया है वो आज भी भरा नहीं है। आज भी उसका दर्द पाकिस्तान झेल रहा है। ऑपरेश सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। 6 महीने बीत चुके है फिर भी पाकिस्तान अभी भी नुकसान की भरपाई करने के लिए संघर्ष कर रहा है।OSINT विशेषज्ञ ने डेमियन साइमन ने 16 नवंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया जिसमें उन्होंने लिखा कि "ऐसा प्रतीत होता है कि पाकिस्तान नूर खान एयरबेस पर एक नई सुविधा का निर्माण कर रहा है, यह वही स्थान है जिसे भारत ने मई 2025 के संघर्ष के दौरान निशाना बनाया था।"आपको बता दे कि डेमियन सिमोन ने ही सबसे पहले रिपोर्ट दी थी कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किराना हिल्स पर हमला किया था।

2025-11-18 18:08:52
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कौन हैं शेख हसीना, दुनिया की सबसे लंबे समय तक पीएम रहने वालीं महिला के बारे में जानें सबकुछ

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद, जिनका जन्म 28 सितंबर 1947 को तुंगीपारा (तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान) में हुआ, दशकों तक देश की सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिनी जाती रही हैं। अवामी लीग की प्रमुख नेता और बांग्लादेशी कम्युनिस्ट पार्टी (BCP) से भी जुड़ी हसीना ने 1996–2001 तक पहला कार्यकाल और 2009 से 2024 तक लगातार चार कार्यकाल प्रधानमंत्री के रूप में पूरे किए। जनवरी 2024 के विवादित चुनावों के बाद उनका पाँचवाँ कार्यकाल शुरू तो हुआ, लेकिन कुछ ही महीनों में तेज़ विरोध प्रदर्शनों के चलते उन्हें इस्तीफा देना पड़ा और देश छोड़ने की नौबत आ गई।देश में राजनीतिक संकट की शुरुआत छात्रों के उस व्यापक आंदोलन से हुई, जिसमें सिविल सेवा नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलाव और पूर्ण रूप से मेरिट-आधारित प्रणाली लागू करने की मांग की गई थी। सरकार द्वारा कई मांगें मानने के बावजूद आंदोलन एक बड़े सरकारी विरोध में बदल गया, जिसने अगस्त की शुरुआत में हसीना के इस्तीफे की मांग को तेज कर दिया। 5 अगस्त को सेना प्रमुख ने हसीना के इस्तीफे की पुष्टि की और अंतरिम सरकार गठन की घोषणा की। इसके बाद हसीना भारत चली गईं, जहां वे फिलहाल अस्थायी रूप से रह रही हैं। ढाका से आई रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास में घुसकर तोड़फोड़ और लूटपाट की।शेख हसीना बांग्लादेश के संस्थापक नेता शेख मुजीबुर रहमान की बेटी हैं, जिनके नेतृत्व में 1971 में देश पाकिस्तान से अलग होकर स्वतंत्र हुआ। 1968 में उन्होंने वैज्ञानिक एम.ए. वाजेद मिया से विवाह किया। ढाका विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान वे राजनीति में सक्रिय रहीं और 1971 के मुक्ति संग्राम के समय जिस तरह उनके पिता जेल में थे, उस दौरान वे उनके राजनीतिक संपर्क के रूप में काम करती थीं। युद्ध के दौरान उन्हें और उनके परिवार के कई सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया था। लेकिन 1975 की वह रात उनके जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी बन गई, जब सेना अधिकारियों ने उनके पिता, माता और तीन भाइयों की निर्मम हत्या कर दी। उस समय हसीना देश से बाहर थीं और इसके बाद उन्होंने छह वर्ष निर्वासन में बिताए। इसी दौरान उन्हें अवामी लीग का नेतृत्व सौंपा गया।1981 में स्वदेश लौटने के बाद हसीना लोकतंत्र और मानवाधिकारों की प्रमुख आवाज़ बनकर उभरीं। इस कारण उन्हें कई बार नज़रबंद भी किया गया। 1990 में उनके नेतृत्व में हुए व्यापक जनआंदोलन के दबाव में सैन्य शासक हुसैन मोहम्मद इरशाद को इस्तीफा देना पड़ा। लेकिन 1991 के आम चुनावों में हसीना बहुमत हासिल नहीं कर सकीं और सत्ता प्रतिद्वंद्वी खालिदा जिया (BNP) के हाथ में चली गई। चुनाव में धांधली के आरोपों के चलते अवामी लीग और अन्य दलों ने संसद का बहिष्कार किया, जिससे देश में हिंसक प्रदर्शन और अस्थिरता बढ़ गई। अंततः खालिदा को पद छोड़कर एक कार्यवाहक सरकार को चुनाव की कमान सौंपनी पड़ी, और इसी के बाद हसीना 1996 में प्रधानमंत्री बनीं।पहला कार्यकाल आर्थिक विकास के लिहाज से सफल रहा, लेकिन राजनीतिक तनाव लगातार बना रहा। विपक्षी BNP की हड़तालों और संसद बहिष्कार के कारण शासन पर असर पड़ा। 2001 के चुनाव में हसीना को हार का सामना करना पड़ा और एक बार फिर चुनाव में धांधली का आरोप लगाया गया। इसके बाद के वर्षों में भी हसीना विपक्ष की एक मजबूत नेता बनी रहीं। 2004 में उन्हें एक रैली में ग्रेनेड हमले का सामना करना पड़ा। 2007 में सेना समर्थित अंतरिम सरकार ने आपातकाल लगाकर उन्हें जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया। खालिदा जिया भी इसी दौरान भ्रष्टाचार के मामले में जेल भेजी गईं। दोनों बाद में रिहा हुईं और 2008 के चुनावों में हसीना भारी बहुमत के साथ सत्ता में लौटीं।इसके बाद 2009 से 2024 तक हसीना ने लगातार चार कार्यकाल पूरे किए, लेकिन आरोप, विवाद और विपक्ष पर दमन जैसे मामलों ने उनकी सरकार को लगातार निशाने पर रखा। अंततः 2024 के व्यापक विरोध प्रदर्शनों ने उनकी राजनीतिक यात्रा को अचानक समाप्त कर दिया।

2025-11-17 15:47:47
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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के विरुद्ध अपराध के लिए मौत की सज़ा

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को बांग्लादेश के लिए अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायाधिकरण (ICT-BD) ने दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। शेख हसीना को मौत की सजा सुनाए जाने पर अदालत में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी।शेख हसीना को मौत की सज़ा सुनाई गई है। बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के विरुद्ध अपराध के 5 आरोपों का दोषी पाया है।इनमें सबसे गंभीर आरोप हत्या, अपराध रोकने में नाकामी और मानवता के ख़िलाफ़ अपराध हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शेख़ हसीना को मौत की सज़ा हो सकती है। अदालत के फ़ैसले का सीधा प्रसारण किया जा रहा है। इन तीनों आरोपियों पर पांच मुख्य आरोपअपमानजनक भाषण और आक्रमणकारी पंक्तियाँ:शेख हसीना ने कथित तौर पर 14 जुलाई, 2024 को भड़काऊ भाषण दिए, जिसके कारण कानून प्रवर्तन एजेंसियों और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा छात्रों और नागरिकों पर हमले किए गए। नागरिकों के विरुद्ध हेलीकॉप्टर, ड्रोन और सेना का उपयोग करने का आदेश:तीनों पर गोला-बारूद, हेलीकॉप्टर और ड्रोन का उपयोग करके प्रदर्शनों को हिंसक रूप से दबाने का आदेश देने का आरोप है।शेख हसीना को सुनाई गई मौत की सज़ाशेख हसीना को मौत की सज़ा सुनाई गई है। शिकायतकर्ताओं ने आरोपियों के लिए मौत की सज़ा की मांग की थी। 78 वर्षीय हसीना पर अगस्त 2024 में भड़के व्यापक विद्रोह से जुड़े कई गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते उन्हें पद छोड़ना पड़ा था।संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, हसीना सरकार द्वारा निर्देशित सख्त कार्रवाई के बाद 15 जुलाई से 15 अगस्त के बीच हुए “विद्रोह” में लगभग 1,400 लोगों की मौत हुई थी।शेख हसीना ने जारी किया बयानकोर्ट के फैसले से पहले शेख हसीना का बयान भी सामने आ गया था। अपने बयान में उन्होंने सभी आरोपों को पूरी तरह से झूठा बताया था। हसीना ने एक ऑडियो संदेश में कहा- "हमने इस तरह के हमलों और मामलों को बहुत देखा है। मुझे परवाह नहीं है, अल्लाह ने मुझे जीवन दिया है और एक दिन मेरी मौत आएगी, लेकिन मैं देश के लोगों के लिए काम कर रही हूं और ऐसा करना जारी रखूंगी। हमारे संविधान के अनुच्छेद 7 (बी) में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अगर कोई निर्वाचित प्रतिनिधियों को बलपूर्वक सत्ता से हटाता है, तो उसे दंडित किया जाएगा। यूनुस ने यही (मुझे बलपूर्वक सत्ता से हटाया) किया। अगर कोई अदालत में झूठी शिकायत करता है, तो उस पर कानून के तहत मुकदमा चलता है और एक दिन ऐसा होगा ही।" उन्होंने पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से सजा के बारे में चिंता ना करने को कहा है।रंगपुर में अबू सईद की हत्या:तीनों पर 16 जुलाई 2024 को बेगम रोकैया विश्वविद्यालय के सामने एक छात्र को गोली मारने का आदेश देने का आरोप है।चंखरपुल में छह छात्रों की हत्या:5 अगस्त 2024 को ढाका में छह छात्रों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इन तीनों पर इस ऑपरेशन का आदेश देने का भी आरोप है। अशुलिया में छह लोगों की हत्या कर जिंदा जलाने की घटना:5 अगस्त, 2024 को अशुलिया में छह लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पाँच शवों को जला दिया गया, जबकि एक को कथित तौर पर ज़िंदा जला दिया गया। तीनों पर इस घटना की साजिश रचने का आरोप है।शेख हसीना ने बम हमले का आदेश दिया: आईसीटीआईसीटी ने अपने फैसले में पुष्टि की है कि निर्दोष प्रदर्शनकारी मारे गए थे। बांग्लादेश की पूर्व गृह मंत्री भी आरोपी हैं। शेख हसीना ने खुद बम हमले का आदेश दिया था। 400 पृष्ठ का फैसला अंतर्राष्ट्रीय न्यायाधिकरण ने कार्यवाही शुरू कर दी है। शेख हसीना मामले में फैसला छह भागों में सुनाया जाएगा। यह 400 पृष्ठों का है। न्यायमूर्ति गुलाम मुर्तुज़ा की अध्यक्षता वाला तीन न्यायाधीशों का न्यायाधिकरण यह फैसला सुनाएगा। सुनवाई शुरू, फैसले में लग सकता है समय! बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मानवता के विरुद्ध गंभीर आरोपों के मामले में फैसले का समय आ गया है। अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) में कार्यवाही शुरू हो गई है और जल्द ही फैसला आने की उम्मीद है। न्यायमूर्ति गुलाम मुर्तजा की अध्यक्षता वाला तीन न्यायाधीशों का न्यायाधिकरण फैसला सुनाएगा। फैसला सुनाए जाने से पहले, पूरे मामले को पढ़ा और रिकॉर्ड किया जाएगा। इसलिए, यह प्रक्रिया लंबी हो सकती है और फैसला आने में समय लग सकता है।ढाका में हिंसा और तनाव फ़ैसले से पहले ढाका में राजनीतिक हिंसा चरम पर पहुँच गई है। रविवार को कई देसी बम फटे। अकेले 12 नवंबर को 32 विस्फोट हुए और दर्जनों बसों में आग लगा दी गई। पुलिस ने शेख हसीना की पार्टी 'अवामी लीग' के कार्यकर्ताओं को तोड़फोड़ के आरोप में हिरासत में लिया है। सुरक्षा के लिए 400 से ज़्यादा सीमा रक्षक तैनात किए गए हैं और सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।शेख हसीना के बेटे की सरकार को खुली चेतावनी इस बीच, शेख हसीना के बेटे और उनके सलाहकार साजिब वाजेद ने एक इंटरव्यू में मौजूदा यूनुस सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी (अवामी लीग) पर से प्रतिबंध नहीं हटाया गया, तो उनके समर्थकों का फरवरी में होने वाले आम चुनावों पर गंभीर असर पड़ेगा और विरोध प्रदर्शन भीषण हिंसा में भी बदल सकते हैं।हम फैसले के बारे में जानते हैं... फैसले के बारे में उन्होंने कहा, "हमें ठीक-ठीक पता है कि फैसला क्या होने वाला है। वह (शेख हसीना) दोषी पाई जाएंगी और शायद उन्हें मौत की सज़ा भी दी जाए। वह मेरी माँ का क्या कर सकती हैं? मेरी माँ भारत में सुरक्षित हैं। भारत उन्हें पूरी सुरक्षा दे रहा है और उनके साथ एक राष्ट्राध्यक्ष जैसा व्यवहार कर रहा है।"मामला क्या है और पिछले साल की हिंसा क्या थी? शेख हसीना पर 2024 में छात्र आंदोलन के खिलाफ घातक कार्रवाई करने का आरोप है। हालाँकि, हसीना ने इस मामले को राजनीति से प्रेरित बताया है। अगस्त 2024 में बांग्लादेश से भागने के बाद से वह दिल्ली में निर्वासन में रह रही हैं। गौरतलब है कि, संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल 15 जुलाई से 5 अगस्त के बीच हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान 1,400 लोग मारे गए थे। इस हिंसा को 1971 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद से सबसे भीषण राजनीतिक हिंसा माना जाता है, जिसने बांग्लादेश के कपड़ा उद्योग को भारी नुकसान पहुँचाया था।Bangladesh's special tribunal sentences deposed prime minister Sheikh Hasina to death for crimes against humanity— Press Trust of India (@PTI_News) November 17, 2025

2025-11-17 14:46:31
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सऊदी अरब में भयानक सड़क हादसा, 42 भारतीय यात्रियों की मौत; विदेश मंत्री ने जताया शोक

सऊदी अरब में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। हादसे में 42 भारतीय की मौत हुई है। मृत व्यक्तियों में ज्यादातर श्रद्धालु हैदराबाद के हैं। यह हादसा तब हुआ है जब मक्का से मदीना जा रही एक बस और डीजल टैंकर की आपस में टक्कर हो गए। मिली जानकारी के मुताबिक दुर्घटना मुफरिहत इलाके में हुई है। इस हादसे के बाद बचाव कार्य में टीम में जुड़ी हुई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसे का शिकार सभी 42 लोग भारत के हैदराबाद के शहर के रहने वाले थे। रिपोर्ट के अनुसार बस में 43 लोग थे। जिसमें से 42 लोगों की मौत हो चुकी है। सिर्फ एक व्यक्ति ही जिंदा बचा है, इससे पता चलता है कि दुर्घटना कितना भयानक था। एकमात्र बच्चे व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना भारतीय समय के अनुसार रात 1:30 बजे हुआ है।इस घटना के बाद कम रेवंथ रेड्डी ने गहरा दुख व्यक्त किया है और मक्का से मदीना जाते समय हुई दुर्घटना और इसमें हैदराबाद की निवासियों की भी शामिल होने की प्रारंभिक जानकारी के बाद तुरंत प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को पूरी जानकारी प्राप्त करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि रियाद स्थित दूतावास और जेद्दा स्थित वाणिज्य तू तावास इस दुर्घटना से प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं उन्होंने आगे कहा कि सऊदी अरब के मदीना में भारतीय नागरिकों के साथ हुई इस भयानक दुर्घटना से गहरा दुख पहुंचा हुआ है। रियाद स्थित हमारा दूतावास और जेद्दा स्थित वाणिज्य स्थित आवास की दुर्घटना से प्रभावित भारतीय नागरिक और उसके परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। शोक संतृप्त परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है घायलों को शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।

2025-11-17 11:30:33
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नेपाल में ट्रैकिंग के दौरान लापता हुए बारडोली के पिता-पुत्री के शव मिले, परिवार वालों का हुआ बुरा हाल

सूरत जिले के बारडोली तालुका के कडोद गाँव के एक पिता और उनकी पुत्री नेपाल के मनांग जिले में अन्नपूर्णा पर्वत-3 की ट्रैकिंग के दौरान लापता हो गए। दो सप्ताह से अधिक समय तक पिता-पुत्री से संपर्क न होने पर, परिवार ने पुलिस से संपर्क किया और गहन खोजबीन के बाद पिता-पुत्री दोनों के शव मिले, जिससे परिवार में कोहराम मच गया।ट्रैकिंग यात्रा और संपर्क टूटाप्राप्त जानकारी के अनुसार, कडोद निवासी जिग्नेश पटेल और उनकी पुत्री प्रियदर्शिनी ने 14 अक्टूबर को कडोद से अपनी यात्रा शुरू की थी। वे 16 अक्टूबर को ट्रेन से सूरत से गोरखपुर पहुँचे, 17 अक्टूबर को सुनोली सीमा पार कर काठमांडू पहुँचे। 18 अक्टूबर को वे बुशेशर होते हुए मनांग पहुँचे। दो दिन एक होटल में रुकने के बाद, उन्होंने 21 अक्टूबर की सुबह 6 बजे अन्नपूर्णा-3 की अपनी यात्रा शुरू की। यात्रा के दौरान, दोनों एक गहरी खाई में गिर गए और उनकी दुखद मृत्यु हो गई।भारी बर्फबारी के कारण फँस गए26 अक्टूबर से 2 नवंबर तक मनांग और उसके आसपास के इलाकों में हुई भारी बर्फबारी पिता-पुत्री की जोड़ी के लिए एक बड़ी बाधा बन गई। बर्फबारी के कारण सड़कें अवरुद्ध हो गईं, जिससे उनका वापस लौटना असंभव हो गया और उनका अपने परिवार से संपर्क टूट गया। जब पति और बेटी से संपर्क नहीं हो पाया, तो परिवार ने प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय से मदद मांगी और सेना ने तुरंत तलाशी अभियान शुरू किया और दोनों के शव बरामद किए।

2025-11-10 12:46:42
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साइबर क्राइम सेल की बड़ी कार्रवाई, 10 करोड़ के USDT पाकिस्तान भेजने वाला युवक गिरफ्तार

गुजरात राज्य साइबर क्राइम सेल ने एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले का भंडाफोड़ किया है। सूरत के कामरेज निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, जिसने पिछले चार महीनों में क्रिप्टोकरेंसी USDT के ज़रिए ₹10 करोड़ से ज़्यादा की धोखाधड़ी की रकम पाकिस्तान भेजी थी।घोटाले का पाकिस्तान और चीन कनेक्शनसाइबर क्राइम सेल को सूचना मिली थी कि राज्य के कुछ लोग कंबोडिया और म्यांमार में सक्रिय चीनी गिरोहों के साथ मिलकर इस घोटाले को अंजाम दे रहे हैं। ये एजेंट गुजरात के विभिन्न शहरों के बैंकों में धोखाधड़ी से जमा की गई रकम को नकद में निकाल लेते थे या ऑनलाइन ट्रांसफर के ज़रिए पाकिस्तान और दुबई स्थित एजेंटों को भेज देते थे।राज्य साइबर क्राइम एसपी डॉ. राजदीप सिंह झाला से मिली जानकारी के आधार पर सूरत के कामरेज निवासी आरोपी चेतन गंगानी पर निगरानी रखते हुए उसे गिरफ्तार किया गया।क्रिप्टो वॉलेट के ज़रिए करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंगप्रारंभिक जाँच में चेतन गंगानी की भूमिका स्पष्ट हो गई है। चेतन गंगानी ने अपने क्रिप्टो वॉलेट का इस्तेमाल करके महज चार महीनों में पाकिस्तान स्थित एजेंटों को USDT (क्रिप्टोकरेंसी) के रूप में 10 करोड़ रुपये से ज़्यादा की रकम ट्रांसफर की। इस मनी लॉन्ड्रिंग के बदले में, चीनी गिरोह आरोपियों को एक निश्चित कमीशन देता था।फर्जी खातों का इस्तेमालजांच में पता चला है कि इस घोटाले के आरोपियों ने गुजरात के विभिन्न शहरों में कई आम लोगों के बैंक खाते किराए पर खुलवाकर उनमें करोड़ों रुपये जमा किए थे। इन खातों का इस्तेमाल धोखाधड़ी से पैसे हासिल करने के लिए किया गया। फिलहाल, विल्सन गार्डन पुलिस ने इस संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज कर ली है और इस अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के घोटाले में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए आगे की जाँच शुरू कर दी है।

2025-11-10 12:44:57
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पश्चिम अफ्रीकी देश माली में आतंकवादियों ने पांच भारतीयों का किया अपहरण, जाने पूरी घटना

पश्चिम अफ्रीकी देश माली में पाँच भारतीय नागरिकों का अपहरण कर लिया गया है, अधिकारियों ने शनिवार, 8 नवंबर को इसकी पुष्टि की है। यह पश्चिम अफ्रीकी देश अल-कायदा और आईएसआईएस से जुड़े समूहों द्वारा हिंसा में वृद्धि के कारण लगातार जूझ रहा है। अपहरण गुरुवार, 6 नवंबर को पश्चिमी माली के कोबरी शहर के पास हुआ, जहाँ भारतीय एक विद्युतीकरण परियोजना पर काम कर रहे थे। हथियारबंद लोगों ने उनके काफिले को रोक लिया और उनमें से पाँच को बंदी बना लिया।घटना के बाद कंपनी ने अपने सभी शेष भारतीय कर्मचारियों को माली की राजधानी बमाको पहुँचा दिया है । अभी तक किसी भी समूह ने अपहरण की ज़िम्मेदारी नहीं ली है। माली में इस तरह के अपहरण अक्सर होते रहते हैं। सैन्य शासन के अधीन यह देश बार-बार तख्तापलट और इस्लामी आतंकवादी समूहों के लगातार हमलों के बाद वर्षों से अशांति से गुज़र रहा है। सबसे ज़्यादा सक्रिय अल-क़ायदा से जुड़ा जमात नुसरत अल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन (जेएनआईएम) है, जिसने हाल के महीनों में कड़ी ईंधन नाकेबंदी की है जिससे माली का आर्थिक संकट और गहरा गया है।माली में भारतीय नागरिकों का अपहरण पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले जुलाई में भी तीन भारतीयों को बंदूकधारियों ने अगवा कर लिया था और बाद में जेएनआईएम ने इसकी ज़िम्मेदारी ली थी। सितंबर में भी इसी तरह की एक घटना में, जेएनआईएम ने बमाको के पास दो अमीराती नागरिकों और एक ईरानी नागरिक का अपहरण कर लिया था। पिछले हफ़्ते लगभग 5 करोड़ अमेरिकी डॉलर की फिरौती देने के बाद उन्हें रिहा किया गया था।जेएनआईएम मूलतः 2012 में तुआरेग विद्रोह से उभरा था और धीरे-धीरे उत्तरी माली से फैलकर मध्य के कुछ हिस्सों पर नियंत्रण कर लिया तथा पड़ोसी बुर्किना फासो और नाइजर तक फैल गया। माली के वर्तमान नेता, असिमी गोइता ने विद्रोहियों को हराने का वादा करके सत्ता संभाली थी , लेकिन फ्रांस और अमेरिका के साथ रक्षा साझेदारी खत्म करने और रूस पर ज़्यादा निर्भर रहने का उनका फ़ैसला अब तक कारगर साबित नहीं हुआ है। हालाँकि बमाको अभी भी सरकार के कब्ज़े में है, स्थानीय लोगों को चिंता है कि जिहादी समूह राजधानी के और क़रीब पहुँच सकते हैं। जेएनआईएम के नियंत्रण वाले इलाकों में, सख़्त नियमों के तहत आवाजाही पर पाबंदी है और महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में हिजाब पहनना अनिवार्य है।

2025-11-08 16:56:10
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Mahadev app scam: मुख्य आरोपी रवि उप्पल दुबई से लापता, भारत की प्रत्यर्पण उम्मीदों को बड़ा झटका!

Mahadev app scam: 6000 करोड़ रुपए के महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप घोटाले (Mahadev App Scam) के मुख्य आरोपी और ऐप के प्रमोटर रवि उप्पल के यूएई से कथित रूप से लापता होने की चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। यूएई अधिकारियों ने भारतीय एजेंसियों को इसकी सूचना दी है, जिससे सीबीआई, ईडी और छत्तीसगढ़ पुलिस की जांच को बड़ा झटका लगा है। उप्पल और उसके पार्टनर सौरभ चंद्राकर पर अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और हवाला के जरिए हजारों करोड़ की कमाई का आरोप है।उप्पल के फरार होने की शंका गहराईसूत्रों के अनुसार, इस घोटाले के दूसरे मुख्य आरोपी और सह-प्रमोٹر सौरभ चंद्राकर को अक्टूबर 2024 में इंटरपोल की रेड नोटिस के आधार पर यूएई में गिरफ्तार किया गया था, हालांकि बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। वहीं, रवि उप्पल को दिसंबर 2023 में यूएई अधिकारियों ने कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था, लेकिन उसे भी छोड़ दिया गया था। अब उप्पल के गायब होने से उसके फरार होने की आशंका और गहरी हो गई है।CBI और ED ने इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।यूएई प्रत्यर्पण प्रक्रिया रोकने की तैयारी मेंरिपोर्ट्स के हवाले से जानकारी मिली है कि यूएई अब प्रत्यर्पण प्रक्रिया रोकने की दिशा में बढ़ रहा है। 50 वर्ष से कम उम्र का रवि उप्पल, अपने साथी सौरभ चंद्राकर के साथ मिलकर 6000 करोड़ रुपए के विशाल घोटाले का मुख्य आरोपी है।दोनों ने वर्ष 2018 में इस ऐप की शुरुआत की थी।ईडी की चार्जशीट के मुताबिक:यह सट्टेबाजी नेटवर्क देशभर के 3200 से अधिक पैनलों के माध्यम से संचालित थारोजाना लगभग 240 करोड़ रुपए की कमाई होती थीदुबई में इनके लगभग 3500 स्टाफ के लिए 20 आलीशान बंगले किराए पर लिए गए थे

2025-11-05 17:12:25
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अमेरिका में भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवरों को बड़ा झटका, लगा 7000 ट्रक ड्राइवरों पर प्रतिबंध

भारतीयों के लिए सपने का देश माना जाना वाला अमेरिका ने अब सख्त कदम उठाया है। अमेरिका में 7000 से ज्यादा ट्रक ड्राइवरों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। और इसमें भी सबसे ज्यादा खतरा भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवरों पर पड़ा है। अमेरिकी सरकार ने साफ कर दिया है कि अब हर ट्रक ड्राइवर को अंग्रेजी बोलना, समझना और पढ़ना आना चाहिए।अगर कोई भी ड्राइवर ट्रैफिक सिग्नल पर अंग्रेजी बोल, पढ़ नहीं पाता या फिर पुलिस से इंग्लिश में बातचीत नहीं कर पाता तो उसका लाइसेंस रद्द या सस्पेंड किया जा सकता है। अमेरिका की ट्रांसपोर्ट सचिव डफी ने इस मामले पर बताया कि 7000 से ज्यादा कॉमर्शियल ट्रक ड्राइवर्स को अक्‍टूबर से ‘आउट ऑफ सर्विस’ कर दिया गया है।आपको बता दे कि इस तरह का छंटनी ट्रंप प्रशासन यानी अमेरिकी की ओर से लागू किया गाय है। ये निर्णय अंग्रेजी भाषा दक्षता के नए मानकों में फेल होने के बाद की गई है.अब अमेरिका ट्रांसपोर्ट विभाग में वहीं ट्रक ड्राइवर जॉब कर सकते है जिनको अंग्रेजी अच्छे से समझ आती हो या अच्छे से बोल पाते हो। अगर वो सही से नहीं बोल पाते तो उनको नौकरी से हटा दिया जाएगा।

2025-11-04 12:40:35
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गुजराती युवती पर अमेरिकी स्टोर से कपड़े चुराने का आरोप, महिला ने कहा पैसे देना भूल गई

अमेरिका में एक भारतीय महिला पर कपड़े चुराने का आरोप है। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में युवती रोती हुई दिखाई दे रही है। महिला वीडियो में दोनों हाथ जोड़ कर पुलिस से माफी मांगती दिखाई दे रही है, वह कहती है कि वह कपड़े अपने भाई के लिए लिए थे जो भारत में रहता है और मेड इन यूएस चीज पसंद करता है, पर वह कभी खरीद नहीं पता है।वायरल वीडियो में महिला पुलिस से कहते हुए नजर आती है कि वह लिए हुए सामान का पैसे देना वो भूल गई। महिला पुलिस से कहती है कि उसे हथकड़ी न लगाया जाए। मिली जानकारी के अनुसार आखिर में पुलिस उसे हथकड़ी लगा देती है। महिला ने जब यूएस पुलिस से पूछा कि अब क्या होगा तब अधिकारियों ने कहा कि पुलिस स्टेशन लेकर जाया जाएगा। उसके बाद कुछ घंटों में पूछताछ करके छोड़ दिया जाएगा। अब विडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई है।

2025-11-03 17:15:40
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केन्या में विमान हादसा : विमान हादसे में 12 लोगों के मारे जाने की आशंका

केन्या के तटीय क्षेत्र क्वाले में एक छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है, विमान में सवार सभी 12 लोगों की मौत हो गई। केन्याई अधिकारियों ने दुर्घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान लोकप्रिय पर्यटन स्थल मसाई मारा राष्ट्रीय अभ्यारण्य की ओर जा रहा था। यह दुर्घटना दियारबाकिर हवाई पट्टी से लगभग 40 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी और जंगली इलाके में हुई। दुर्घटना के सही कारण का पता लगाने के लिए जाँच जारी है।बचाव अभियान जारी, दुर्घटना का कारण अज्ञातकेन्या के तटीय क्वेले क्षेत्र में हुए एक विमान दुर्घटना के बाद खोज और बचाव अभियान ज़ोरों पर है। क्वेले काउंटी के आयुक्त स्टीफन ओरिंडे ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि घटनास्थल पर अभियान जारी है और जल्द ही और जानकारी दी जाएगी। इस बीच, केन्या नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (KCAA) ने पुष्टि की है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान में कुल 12 लोग सवार थे। अधिकारियों की एक टीम दुर्घटना के सटीक कारणों की जाँच कर रही है।आवासीय क्षेत्र में विमान दुर्घटनाग्रस्तयह दुर्घटना स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 8:30 बजे क्वेले काउंटी के सिम्बा गोलिनी क्षेत्र में हुई। केन्या नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (KCAA) ने कहा कि पंजीकरण संख्या 5Y-CCA वाला विमान पर्यटकों को डायनी हवाई पट्टी से मसाई मारा अभ्यारण्य के किचवा टेम्बो ले जा रहा था। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दुर्घटना में कम से कम 12 लोगों के मारे जाने की आशंका है, और केन्या न्यूज़ सेंटर ने क्वाले काउंटी कमांडर के हवाले से बताया कि विमान पूरी तरह से नष्ट हो जाने के कारण कोई भी जीवित नहीं बचा है।केन्या नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने क्या कहा?अधिकारियों के अनुसार, विमान डायनी हवाई पट्टी से लगभग 40 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी और जंगली इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। इसके अलावा, केएनएसीएए ने कहा कि विमान एक रिहायशी इलाके में स्थित एक स्कूल की इमारत से टकराया, जिससे आस-पास के कई घरों को नुकसान पहुँचा और कई लोग घायल हो गए। दुर्घटना में 12 पर्यटकों की संदिग्ध मौत के बाद, अधिकारी वर्तमान में घटना के सटीक कारणों की गहन जाँच कर रहे हैं।

2025-10-28 16:32:40
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बांग्लादेश के ढाका एयरपोर्ट के कार्गो विलेज में लगी भयंकर आग, सभी उड़ानें रद्द

बांग्लादेश के ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भयंकर आग लग गई है. आग कार्गो विलेज के एक हिस्से में लगी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी उड़ाने रद्द कर दी गई हैं. सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि एयरपोर्ट पर काले धुंए का गुबार उठ रहा है और रह-रह कर आग भड़क रही है.फायर सर्विस मुख्यालय के मीडिया सेल अधिकारी तल्हा बिन जसीम ने बताया क आग की तिव्रता काफी गंभीर है। उन्होंने कहा कि 16 दमकल यूनिट मौके पर पहुंच चुकी हैं, जबकि अन्य 16 यूनिट रास्ते में हैं।आग बुझाने में जुटे कर्मीहवाई अड्डे के कार्यकारी निदेशक के प्रवक्ता मसूदुल हसन मसूद ने बताया कि आग कार्गो विलेज के पास वाले हिस्से में लगी। उन्होंने कहा कि फायर सर्विस, बांग्लादेश एयरफोर्स और एयरपोर्ट कर्मी मिलकर आग बुझाने में लगे हैं। फिलहालस आग लगने के कारण और नुकसान की सहा जनकारी अब तक सामने नहीं आई है।आग लगने के बाद चार उड़ानों को चटगांव के शाह अमानत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया। चटगांव एयरपोर्ट के प्रवक्ता इब्राहिम खलील ने बताया कि इनमें दो घरेलू उड़ानें और दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल हैं।रोकी गई सभी उड़ानेंएहतियात के तौर पर कई विमानों को हैंगर से हटाकर सुरक्षित जगह पर ले जाया गया है ताकि कोई नुकसान न हो। कुल 28 फायर यूनिट आग पर काबू पाने में जुटी हैं, जबकि ढाका एयरपोर्ट पर सभी उड़ानें फिलाहल रोक दी गई है।

2025-10-18 17:43:11
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भारत ने पहली बार हवाई मार्ग से अंटार्कटिका तक सामान पहुँचाकर रचा इतिहास

भारत ने अपनी पोलर मिशन (Polar Mission) में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पहली बार हवाई मार्ग से अंटार्कटिका तक आवश्यक सामग्री पहुँचाई है। 2 अक्टूबर को रूसी कार्गो विमान IL-76 गोवा के मनोहर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरकर भारतीय अनुसंधान स्टेशनों मैत्री और भारती के लिए वैज्ञानिक उपकरण, दवाइयाँ और अन्य ज़रूरी वस्तुएँ अंटार्कटिका पहुँचा गया।भारत 1981 से अंटार्कटिका में अनुसंधान कर रहा है, लेकिन अब तक सभी सामग्री समुद्री मार्ग से भेजी जाती थी, जिससे कई महीने लग जाते थे और मौसम या परमिट की वजह से अनुसंधान प्रभावित होता था। अब National Centre for Polar and Ocean Research (NCPOR) की इस पहल से शोध सामग्री तेज़ और सुरक्षित तरीके से पहुँचेगी।IL-76 विमान ड्रोनिंग मौड लैंड एयर नेटवर्क (DROMLAN) के तहत संचालित किया गया है और इसका ब्लू आइस रनवे पर उतरने की विशेष क्षमता है। यह विमान केवल अक्टूबर से मार्च के बीच उड़ान भर सकता है।भारत की यह उपलब्धि दिखाती है कि देश न केवल अंतरिक्ष में, बल्कि बर्फीले महाद्वीप तक भी विज्ञान और आत्मनिर्भरता की नई ऊँचाइयों को छू रहा है।

2025-10-15 17:06:18
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संयुक्त राष्ट्र में भारत का कड़ा प्रहार: पाकिस्तान को बाल अधिकारों और आतंकवाद पर करारा जवाब

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में भारत ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई। बाल अधिकारों के गंभीर उल्लंघन और सीमा पार आतंकवाद पर भारत ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ा। भारतीय जनता पार्टी ((BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने सभा में “ऑपरेशन सिंदूर” का भी उल्लेख करते हुए पाकिस्तान की दोहरी नीति और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों को बेनकाब किया।पाकिस्तान है बाल अधिकार उल्लंघन का सबसे बड़ा दोषीनिशिकांत दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि पाकिस्तान “बाल और सशस्त्र संघर्ष (CAC)” एजेंडे के सबसे गंभीर उल्लंघनकर्ताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से की गई सीमा पार गोलाबारी और हवाई हमलों के कारण अफगान बच्चों की मौत और विकलांगता जैसी घटनाएं सामने आई हैं। दुबे ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव की 2025 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान बच्चों के खिलाफ हो रहे अपराधों से दुनिया का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।ऑपरेशन सिंदूर का भी हुआ उल्लेखदुबे ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तानी आतंकियों के उन क्रूर हमलों को नहीं भूला है, जिनमें निर्दोष नागरिकों की जान गई। उन्होंने बताया कि मई 2025 में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी।भाजपा सांसद ने कहा कि भारत ने अपने नागरिकों, खासकर बच्चों की सुरक्षा के लिए आतंकवाद के खिलाफ यह वैध और आवश्यक कदम उठाया। पाकिस्तान ने जानबूझकर भारतीय सीमावर्ती गांवों को निशाना बनाया, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान गई। उन्होंने कहा “ऐसे अमानवीय कृत्य करने के बाद भी पाकिस्तान का अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बोलना एक पाखंड है।”खुद को आईने में देखे पाकिस्तानबीजेपी सांसद ने कहा कि पाकिस्तान को खुद को आईने में देखने की जरूरत है और इस मंच पर उपदेश देना बंद करे। उसे अपनी सीमाओं के भीतर बच्चों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने चाहिए और महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाना बंद करना चाहिए। 

2025-10-14 13:34:01
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दक्षिण अमेरिका में केप हॉर्न और अंटार्कटिका के बीच 7.8 तीव्रता का भूकंप, सुनामी की चेतावनी

देश-विदेश में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। दक्षिण अमेरिका में केप हॉर्न और अंटार्कटिका के बीच समुद्र में ड्रेक पैसेज में आज सुबह 7.8 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र स्थल से केवल 10 किलोमीटर दूर था। इसके बाद समुद्र में सुनामी की चेतावनी भी जारी कर दी गई है।चिली में सुनामी का खतरा संभावितभूकंप के बाद, प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने सुनामी की चेतावनी जारी की है। चिली में सुनामी का ख़तरा है। लोगों को तट से दूर रहने की सलाह दी गई है। मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।फिलीपींस में शुक्रवार को आए भूकंप में सात लोगों की मौत हो गई।गौरतलब है कि शुक्रवार को दक्षिणी फिलीपींस के पास इसी इलाके में कुछ ही घंटों के अंतराल पर दो शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए। पहला भूकंप सुबह 7.4 तीव्रता का महसूस किया गया। इसमें सात लोगों की मौत हो गई। इससे भूस्खलन हुआ, अस्पतालों और स्कूलों को नुकसान पहुँचा और सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई। हालाँकि, बाद में चेतावनी वापस ले ली गई।भूकंप क्यों आते हैं?पृथ्वी के अंदर 7 प्लेटें हैं। जो लगातार गतिमान रहती हैं। जहाँ ये प्लेटें टकराती हैं, उसे ज़ोन फॉल्ट लाइन कहते हैं। बार-बार टकराने से इन प्लेटों के कोने मुड़ जाते हैं और दबाव के कारण टूटने लगते हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोज लेती है, जिससे भूकंप आते हैं। भूकंप की तरंगों को रिक्टर पैमाने का उपयोग करके मापा जाता है।भूकंप की तरंगों को रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल का उपयोग करके मापा जाता है। रिक्टर स्केल भूकंप की तीव्रता को 1 से 9 तक मापता है। इस स्केल का आविष्कार 1935 में कैलिफ़ोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिक चार्ल्स रिक्टर ने बेनो गुटेनबर्ग की मदद से किया था।

2025-10-11 13:05:17
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कौन हैं वेनेजुएला की आयरन लेडी मचाडो? जिन्होंने जीता नोबेल शांति पुरस्कार

नोबेल शांति पुरस्कार का ऐलान हो चुका है. वेनेजुएला की प्रमुख राजनीतिज्ञ मारिया कोरिना मचाडो को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने शुक्रवार,10 अक्टूबर 2025 को इस पुरस्कार की घोषणा की. आपको बता दे की इस साल इससे पहले 4 नोबल पुरस्कारों की घोषणा हो चुकी थी लेकिन पूरी दुनिया की नजर इसपर ही थी कि शांति के लिए नोबेल पुरस्कार किसको मिलता है. प्राप्त जानकरी के अनुसार इस पुरस्कार के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मोर्चा खोल रखा था, कोई ऐसा तरीका या मंच नहीं बचा था जिसके जरिए डोनाल्ड ट्रंप ने यह दिखाने और बताने की कोशिश नहीं की कि वो इस साल इस पुरस्कार के सबसे बड़े हकदार हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार ये बात कही है की वो कई युद्ध रुकवा चुके है और उनको ये पुरस्कार मिलना चाहिए आपको बता दे की इस साल इस पुरस्कार के लिए कुल 338 व्यक्तियों और संगठनों को शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया गया था. लेकिन इसमें किस -किस व्यक्ति का नाम है इसको अगले आने वाले 50 सालो तक गुप्त रखा जाएगा।मारिया कोरिना मचाडो कौन हैं ?वेनेजुएला की प्रमुख राजनीतिज्ञ मारिया कोरिना मचाडो को नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजा गया है. वर्तमान में वे वेनेजुएला में विपक्ष की नेता हैं और लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं. मारिया कोरिना मचाडो वेनेजुएला में ‘आयरन लेडी’ के नाम से मशहूर हैं. वेनेजुएला में लोकतंत्र आंदोलन की नेता के रूप में मारिया कोरिना मचाडो हालिया समय में लैटिन अमेरिका में नागरिक साहस के असाधारण उदाहरणों में से हैं। मारिया कोरिना मचाडो उस राजनीतिक विपक्ष में एक प्रमुख और एकजुट करने वाली हस्ती रही हैं, जो कभी गहराई से विभाजित था। उसी विभाजित को एकजुट करने के लिए मचाडो जानी जाती है.

2025-10-10 17:01:27
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लाहौर में विरोध प्रदर्शन, गोलीबारी के बाद शहर में इंटरनेट बैन

पाकिस्तान में शुक्रवार को कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुआ है. पुलिस और इस्लामिक कटरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान  ने कई शहरो में प्रदर्शन किये। लाहौर में टीएलपी और पुलिस के बिच में झड़प हुई. स्थित बेकाबू होते देख कई जगहों पर  इंटरनेट बंद कर दिया।पाकिस्तान सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा प्लान का समर्थन किया, इस बात को लेकर प्रदर्शनकारी विरोध कर रहे है. प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया है. टीएलपी गाजा में हुई हत्याओं का विरोध कर रहा है. आपको बता दे की बुधवार को भी उन्होंने बहुत विरोध किया था. इसके साथ ही उन्होंने मार्च निकलने की भी घोषणा की थी. तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने तैयारियां की थी. और लोग सड़क पर उतरे तो पुलिस के साथ झड़प हो गई. इतना ही नहीं पाकिस्तान सरकार ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए राजधानी इस्लामाबाद की ओर जाने वाली प्रमुख सड़कों को बंद कर दिया गया था।आपको बता दे की इस विरोध प्रदर्शन में कई लोग घायल भी हुए है.  पाकिस्तानी सरकार ने हालात बेकाबू होता देख इस्लामाबाद और रावलपिंडी में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है.इसके साथ ही,  इस्लामाबाद, रावलपिंडी, पेशावर और लाहौर के प्रमुख एंट्री और एग्जिट प्वॉइंट्स को सुरक्षा बलों ने सील कर दिया है.

2025-10-10 15:01:49
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फिलीपींस में 7.6 तीव्रता का भूकंप, सुनामी की चेतावनी से लोगों में दहशत

फिलीपींस में शुक्रवार सुबह भीषण भूकंप आया, जिससे धरती जोर से कांप उठी। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.2 से 7.6 के बीच दर्ज की गई है। इस शक्तिशाली भूकंप के बाद समुद्र में एक मीटर तक ऊंची लहरें उठने की संभावना जताई गई है और सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। हालांकि, अब तक किसी तरह की जनहानि या बड़े नुकसान की खबर नहीं मिली है, लेकिन भूकंप वैज्ञानिकों ने लोगों को आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद आने वाले झटकों) के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाहमिंडानाओ और आसपास के तटीय इलाकों में समुद्र की लहरों से खतरा बताया जा रहा है। इसलिए प्रशासन ने समुद्र किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है। भूकंप के तेज झटकों से लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए। पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल की टीमें तुरंत फील्ड में उतर गई हैं। कुछ जगहों पर इमारतों और घरों में दरारें आने की भी खबरें हैं।भूकंप का केंद्र मिंडानाओ क्षेत्र मेंनेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, फिलीपींस के दक्षिणी द्वीप मिंडानाओ क्षेत्र में आज शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025 को सुबह करीब 9 बजकर 43 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए।यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंपीय केंद्र (EMSC) ने इसकी तीव्रता 7.4 बताई है, जबकि फिलीपींस की भू-भौतिकीय एजेंसी फिलवोल्क्स ने तीव्रता 7.6 रिकॉर्ड की है। फिलीपींस के दावाओ ओरिएंटल प्रांत के मनाय शहर के पास समुद्र में 10 से 58 किलोमीटर की गहराई में भूकंप का केंद्र पाया गया है।

2025-10-10 09:09:02
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पाकिस्तानी आर्मी पर अटैक, कर्नल और मेजर समेत 11 सैनिकों की हुई मौत

इस्लामाबाद : पाकिस्तानी आर्मी पर बड़ा हमला हुआ है. इस हमले में लेफ्टिनेंट कर्नल, मेजर समेत 11 सैनिक मारे जा चुके हैं. खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में ये हमला हुआ है. इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान तालिबान ने ली है. सेना ने इसकी जानकारी दी.सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान आर्मी का कहना है की ओरकजई प्रांत में खुफिया सूचना के आधार पर चल रहे ऑपरेशन के दौरान ये हमला किया गया. जिसमे पाकिस्तानी फ़ौज के अफसर और सैनिक मारे गए है. मारे गए जवानो के नाम सामने आये है. जिसमे सिपाही अकीब अली (23), सिपाही मुहम्मद ज़ाहिद (24), सिपाही तुफैल खान (28), लांस नायक शेर खान (31), लांस नायक इर्शाद हुसैन (32), लांस नायक तलिश फ़राज़ (32), नायक गुल आमिर (34), और नायक आदिल हुसैन (35) है.   आईएसपीआर ने बताया कि इलाके में अब “सैनीटाइजेशन ऑपरेशन” चलाया जा रहा है ताकि किसी अन्य आतंकी तत्व को समाप्त किया जा सके। बयान में आगे कहा गया की जब तक पूरी तरह आतंकवाद खत्म न हो जाए तक तक कार्रवाई जारी रहेगी। पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़ ने हमले को लेकर दुःख जताया और कहा की “हमारे बहादुर जवानों की कुर्बानियां बेकार नहीं जाएंगी।”

2025-10-08 17:09:32
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कौन सा है दुनिया का सबसे ज्यादा दुखी देश? रहने लायक हालात नहीं

दुनिया भर में ऐसे कई देश हैं जहाँ आम नागरिकों को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में भारी संघर्ष और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। चाहे स्वास्थ्य सेवा हो, शिक्षा हो या रोज़गार, ये चुनौतियाँ उनके जीवन स्तर पर गहरा असर डालती हैं। आज हम ऐसे ही कुछ देशों के बारे में बात करने जा रहे हैं जहाँ जीवन स्तर सबसे ख़राब माना जाता है। आइए जानें।नाइजीरियानाइजीरिया में जीवन स्तर दुनिया में सबसे खराब है। बेरोज़गारी, राजनीतिक अस्थिरता और स्वास्थ्य सेवा व शिक्षा तक सीमित पहुँच सर्वव्यापी है। यहाँ दैनिक जीवन बेहद कठिन है। औसत नाइजीरियाई अपनी बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करता है।वियतनामशहरी क्षेत्रों में आर्थिक विकास के बावजूद, वियतनाम के ग्रामीण और वंचित इलाकों में लोग अभी भी गरीबी से जूझ रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक सुरक्षा तक उनकी पहुँच बहुत सीमित है। विकास का लाभ सभी तक नहीं पहुँच पाया है, जिससे आबादी का एक बड़ा हिस्सा संघर्ष कर रहा है।केन्याकेन्या में नागरिकों को राजनीतिक अस्थिरता और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद, आर्थिक विकास का लाभ समान रूप से साझा नहीं किया जाता है।पेरूपेरू की आबादी के लिए सामाजिक और आर्थिक असमानता एक बड़ी चुनौती है। लोगों के पास बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीण और हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लिए अपने जीवन स्तर में सुधार लाना एक बड़ा संघर्ष बन गया है।ईरानईरान में आर्थिक और सामाजिक दबावों ने नागरिकों का जीवन लगातार कठिन बना दिया है। अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों, मुद्रास्फीति और उच्च बेरोजगारी ने आवश्यक सेवाओं तक पहुँच को सीमित कर दिया है। स्वास्थ्य सेवा का भारी अभाव है और बुनियादी वस्तुओं की कीमतें भी ऊँची हैं।मिस्रमिस्र में, आर्थिक असमानता और सीमित सामाजिक सहायता प्रणाली ने कई नागरिकों की जीवन स्थितियों को बदतर बना दिया है। भोजन और आवश्यक सेवाओं की लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, और स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा तक पहुँच बहुत सीमित है।बांग्लादेश और वेनेजुएलाबांग्लादेश अपने उच्च जनसंख्या घनत्व और सीमित संसाधनों के कारण गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। यहाँ शिक्षा और रोज़गार की पहुँच बहुत सीमित है। वहीं, वेनेजुएला एक गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना कर रहा है। उच्च मुद्रास्फीति, खाद्य और दवाओं की कमी, और लगातार राजनीतिक अस्थिरता लोगों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रही है, जिससे जीवनयापन करना और भी मुश्किल होता जा रहा है।

2025-10-03 18:11:21
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पाकिस्तानी पत्रकार मनाएंगे ‘काला दिवस’, पीओके में पत्रकारों पर हुआ हमला

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सेना के खिलाफ लोगो का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है. हाल ही में हुई फायरिंग में कई लोगो मारे गए थे और सैकड़ो लोग घायल भी हुए थे. इस घटना के बाद अब पत्रकारों को भी निशाना बनाया जा रहा है. इस्लामाबाद में हुए हमले के बाद पत्रकारों में आक्रोश देखने को मिल रहा है. ये हमला गुरुवार को हुआ था.  पाकिस्तान के इस्लामाबाद प्रेस क्लब में हालत भयावह था. दरअसल,PoKj का वकील समुदाय के लोग क्लब में शांतिपूर्ण रूप विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बिच पुलिस ने उन पर हला बोल दिया। आपको बता दे की शुक्रवार को पाकिस्तान पत्रकार संघ ने "काला दिवस" मनाने की घोषणा की है। पत्रकारों का कहना है की ये सीधा मीडिया के स्वतंत्रता पर हमला किया गया है,डॉन के रिपोर्ट के अनुसार पत्रकारों के हमले के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कल ही जाँच के आदेश दे दिए थे. नकवी ने अपने बयान में कहा की पत्रकारो पर हिंसा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिम्मेदार लोगो के खिलाफ कार्रवाई करने की भी बात कही है. पाकिस्तान में पत्रकारों पर हुए हमले को लेकर पीएफयूजे के अध्यक्ष अफजल बट ने कहा पत्रकार अभी गुस्से में है इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा की कि यह केवल इस्लामाबाद प्रेस क्लब का मामला नहीं है। बल्कि पुरे पाकिस्तान भर के प्रेस क्लबों का मानना है कि अगर वे इस सबसे बुरी घटना को नजरअंदाज करते हैं, तो कल लाहौर, कराची, पेशावर या क्वेटा में भी ऐसी घटना हो सकती है.

2025-10-03 17:04:59
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अर्जेंटीना में आया 5.7 तीव्रता का भूकंप, 571 KM गहराई, जानमाल की कोई हानि नहीं

अर्जेंटीना के सैंटियागो डेल एस्टेरो प्रांत में गुरुवार को 5.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार यह भूकंप रात 21:37 बजे (UTC) आया, जिसका केंद्र एल होयो शहर से 29 किलोमीटर पश्चिम में था।भूकंप धरती की सतह से 571 किलोमीटर (354 मील) की गहराई पर दर्ज हुआ। इसका स्थान 27.064S और 63.523W अक्षांश-देशांतर पर नोट किया गया। अब तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।विशेषज्ञों के मुताबिक, इतनी गहराई में आने वाले भूकंप आमतौर पर सतह पर बड़े पैमाने पर विनाशकारी नहीं होते, लेकिन इन्हें बहुत बड़े क्षेत्र में महसूस किया जा सकता है।USGS ने बताया कि यह भूकंप नाज़्का प्लेट के दक्षिण अमेरिकी प्लेट के नीचे धंसने (Subduction) की प्रक्रिया से जुड़ा है। यह इलाका गहरे और शक्तिशाली भूकंपीय घटनाओं के लिए प्रसिद्ध है।इंडोनेशिया के वेस्ट पापुआ में 5.5 तीव्रता का भूकंपइंडोनेशिया के वेस्ट पापुआ क्षेत्र में भी 5.5 तीव्रता का भूकंप आया। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार इसका केंद्र दक्षिणी तट के पास और गहराई करीब 20 किलोमीटर थी। सौभाग्य से, यहां से भी जान-माल के नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं आई।यह इलाका रिंग ऑफ फायर पर स्थित है, जहां इंडो-ऑस्ट्रेलियन प्लेट की टेक्टोनिक गतिविधियां बेहद सक्रिय रहती हैं, जिसके चलते भूकंप सामान्य हैं।फिलीपींस के सेबू तट पर 6.9 तीव्रता का भूकंप, 72 की मौतहाल ही में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में कई भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की गईं। 30 सितंबर को फिलीपींस के सेबू तट पर 6.9 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र बोगो सिटी के पास था और यह केवल 5 किलोमीटर की गहराई पर था। कम गहराई में आने के कारण सतह पर इसका असर बेहद विनाशकारी साबित हुआ।इस भूकंप में 72 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई सौ लोग घायल हुए। भूकंप से घर, अस्पताल, पुल और सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा। बिजली और अन्य बुनियादी ढांचे पर भी गंभीर असर पड़ा।

2025-10-03 14:23:17
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PoK में हिंसक प्रदर्शन: 3 पुलिसकर्मियों की मौत, 150 से ज्यादा घायल

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे है. पाक में बीते तीन दिनों से जारी बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो उठे है. पीओके में चल रहे विरोध प्रदर्शन ने कल यानी बुधवार को हिंसक रूप ले लिया। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के चम्याती इलाके में हुई  झड़प में 3 पुलिसकर्मी मारे गए है इसके साथ ही 150 से ज्यादा घायल बताये जा रहे है. उसमे से भी 8 कर्मियों की हालत नाजुक बताई जा रही है पीओके के पीएम अनवारुल हक़ चौधरी और संघीय नेता ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में घटना की जानकारी दी. पीएम अनवारुल हक़ ने कहा, हिंसा करने से कोई भी लक्ष्य हासिल नहीं कर सकते है, संघर्ष और समाधान दोनों बातचीत के ज़रिए ही होता है. संघीय मंत्री तारिक फज़ल चौधरी ने कहा कि पाक के पीएम ने उन्हें कमेटी नेताओं से बातचीत करके समाधान निकालने की ज़िम्मेदारी दी है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हुई हिंसा के लिए चिंता व्यक्त की है इसके साथ ही नागरिको से शांति बनाने की अपील की है.

2025-10-02 18:51:38
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अमेरिका में कामकाज ठप, 6 साल बाद अमेरिका में लगा शटडाउन

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी वाले देश अमेरिका में शटडाउन हुआ है।साल 2018 के बाद ये पहली बार अमेरिका में शटडाउन लगा है. अमेरिकी समय के मुताबिक आधी रात से शटडाउन लागु हुआ है. अगर अमेरिका के इतिहास में बात करे तो ये शटडाउन 22वां शटडाउन है.आपको बता दे की अमेरिका में जब लास्ट टाइम शटडाउन लगा था तब 35 दिनों तक चला था. 22 दिसंबर 2018 से शुरू होकर  25 जनवरी, 2019 तक शटडाउन चला था. दरसल अमेरिकी सरकार को अपने खर्च चलाने के लिए पूंजी की आवश्यकता होती है. सरकार अपना खर्च चलाने को लिए फंड लेती है उसे वो कर्ज लेकर पूरा करती है. और इसके लिए अमेरिकी संसद में एक बिल लाया जाता है. अब हुआ ये की इस बार फंडिंग बिल को संसद की मंजूरी नहीं मिली है जिससे अमेरिका में शटडाउन लग गया है. शटडाउन क्या होता है? आसान शब्दों में शटडाउन का मतलब समझे तो सरकार के पास पैसे खत्म हो जाना,या तो संघीय सरकार को चलाने के लिए जरूरी फंडिंग खत्म हो जाना ट्रंप सरकार के पास अब जरूरी फंडिंग नहीं होगी जिसका मतलब है कि कई संघीय कामकाज रुक जायेंगे। अमेरिकी कानून के तहत जब तक बजट या अस्थायी फंडिंग बिल पास नहीं होगा तब तक 'गैर-जरूरी' सरकारी विभागों और सेवाओं को बंद करना पड़ता है।

2025-10-01 13:06:49
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PoK में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन, दो लोगों की मौत, 22 से अधिक घायल

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) के मुज़फ़्फ़राबाद इलाके में सोमवार को पाकिस्तान सरकार के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। यह प्रदर्शन हिंसक रूप धारण कर गया। इस संघर्ष में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 से अधिक लोग घायल हो गए हैं।PoK में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शनगौरतलब है कि पिछले 24 घंटों में ‘मूलभूत अधिकार छीन लिए जाने’ (Violations of basic rights) के मुद्दे पर अवामी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में पूरे PoK में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। विरोध के चलते बाजार और दुकानें पूरी तरह से बंद रही थीं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में पाकिस्तान में रह रहे कश्मीरी शरणार्थियों के लिए PoK विधानसभा की आरक्षित 12 सीटों को समाप्त करना भी शामिल है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि इससे प्रतिनिधित्व और शासन कमजोर हो जाता है।PoK की जनता के मूलभूत अधिकार छीनने पर भारी बवालउल्लेखनीय है कि यहां लगातार दूसरे दिन इंटरनेट और मोबाइल फोन सेवाएं बंद रहीं। पब्लिक एक्शन कमेटी ने पाकिस्तान सरकार को चेतावनी दी है कि वे जल्द ही एक बड़ी रैली का आयोजन करेंगे। यहां की स्थिति का हाल ही में जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) की 60वीं बैठक में भी उल्लेख किया गया था, जिसमें बताया गया कि PoK की जनता पाकिस्तान सरकार के आतंकवादी एजेंडे के कारण बेहद पीड़ित है।

2025-09-29 21:43:34
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देखते ही देखते धरती में समा गई सड़क, बैंकॉक से आया हैरान करने वाला वीडियो

थाईलैंड की राजधनी बैंकॉक से एक वीडियो सामने आया है और ये वीडियो सोशल मीडिया मे तेज़ी से वायरल हो रहा है, दरसल देखते ही देखते एक सड़क धरती में समा जाती है इसके बाद लगभग 50 मीटर गहरा गढ़ा हो जाता है, सड़क धसते ही आस पास मौजूद कारे और बिजली के खम्भे भी धसने लगते है, सड़क पर आने जाने वाले लोग ये दृश्य देखकर चौक जाते है. प्राप्त जानकारी के अनुसार ये घटना बैंकॉक के वजीरा अस्पताल के पास घटी है, वजीरा अस्पताल के आसपास के इलाके को इस बड़े से सिंकहोल की वजह से खाली कराना पड़ा और ट्रैफिक को पूरी तरह से बंद करना पड़ा. हादसे के दौरान कुछ गाड़ियाँ इसकी चपेट में आ गई, हालाँकि इतना बड़ा गड्डा क्यों हुआ इसका स्पष्ट कारण अभी तक सामने नहीं आया है लेकिन पास में ही एक अंडरग्राउंड रेलवे स्टेशन बन रहा है, अंडरग्राउंड रेलवे स्टेशन को इस हादसे की वजह बताया जा रहा है. हालाँकि घटना का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है

2025-09-24 17:37:50
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लेह में पुलिस और छात्रों के बीच हिंसक झड़प, CRPF की गाड़ी में लगाई आग

केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख को राज्य का दर्जा दिलाने को लेकर लेह में विरोध प्रदर्शन हो रहा है, इस दौरान  लद्दाख में छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हो गई है। दरसल लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची शामिल करने के लिए सोनम वांगचुक पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। सोनम वांगचुक के समर्थन में आज छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे है, CRPF की गाड़ी भी उन्होंने फुक दी है  आपको बता दे की छात्र भारी संख्या में सड़कों पर उतर कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। लद्दाख को पूर्ण राज्य की मांग को लेकर लेह में छात्र प्रदर्शन कर रहे है, छात्रों ने पुलिस की गाड़ियों को आग लगा दी है इसके साथ ही बीजेपी ऑफिस के बाहर भी आगजनी की है. छात्र लगातार विरोध प्रदर्शन को तेज कर रहे हैं।  वह अपनी मांग को लेकर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि किसी भी परिस्थिति में लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना ही चाहिए।केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे छात्रछात्र बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे हुए हैं और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि लद्दाख को हर हालत में पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प भी हो गई है लेकिन छात्रों के गुस्से को देखकर लगता है कि वह पूरी तैयारी के साथ आए हैं।सड़कों पर जिधर भी देखो तो वहां छात्रों का हुजूम नजर आ रहा है। सुरक्षाबल भी पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं और मौके पर डटे हुए हैं लेकिन छात्रों का आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है। वह लगातार विरोध प्रदर्शन को तेज कर रहे हैं। 

2025-09-24 14:42:44
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ट्रंप का बड़ा दावा: भारत-पाकिस्तान समेत 7 युद्धों को मैंने रुकवाए

एक बार फिर से डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत और पाकिस्तान का युद्ध उन्होंने ने रुकवाई है, भारत पाकिस्तान समेत साथ युद्ध रुकवाने का दावा डोनाल्ड ट्रंप ने किया है दरअसल संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80 वे सत्र में बोलते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध रुकवाने का क्रेडिट अपने नाम कर लिया है, उन्होंने सत्र में दवा किया कि भारत पाकिस्तान सहित उन्होंने 7 युद्ध को खत्म करवाया है डोनाल्ड ट्रंप ने कहा 'सिर्फ सात महीनों की अवधि में मैंने 7 अकल्पनीय युद्धों को समाप्त कर दिया है। इसमें कंबोडिया और थाईलैंड, कोसोवो और सर्बिया, कांगो और रवांडा, पाकिस्तान और भारत, इजरायल और ईरान, मिस्र और इथियोपिया, आर्मेनिया और अजरबैजान भी शामिल हैं।'डोनाल्ड ट्रंप ने कहा मैंने 7 युद्ध को समाप्त करवाए है,हर हर कोई कहता है कि मुझे इन कामयाबियों के लिए नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए, लेकिन मेरी असली पुरस्कार यह है कि जंग में मारे जाने वाले लोगों की जान बच गई

2025-09-24 11:12:59
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पाकिस्तान अपने ही लोगो को मार रहा है, बच्चे-महिलाओ समेत 30 की मौत

पाकिस्तान ने अपने ही लोगो पर हमला करके 30 लोगो को मौत के घाट उतार दिया है. मरने वालो में महिलाओ और बच्चे शामिल है. आतंकवाद और आतंकवादियों को जन्म देने वाला पाकिस्तान अपने लोगो को मार रहा है. पाकिस्तान ने खैबर पख्तूनख्वा में हवाई हमला करके 30 नागरिको को मार दिया है. सूत्रों के मुताबिक इस हवाई हमले में 20 से ज्यादा लोग घायल है प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात 2 बजे ये हमला हुआ, पाकिस्तान के वायु सेना ने तिराह घाटी स्थित गांव पर कम से कम 8 एलएस-6 बम गिराने के लिए JF -17 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया. इस हवाई हमले में 30 निर्दोष नागरिको की जान चली गई और 20 से ज्यादा घायल हुए है स्थानीय लोगो ने बताया की गाँव के सभी लोग सो रहे थे, अचानक तेज धमाकों की आवाज सुनाई दी, ये एयरस्ट्राइक इतना भयंकर था की गावँ तबाह हो गए। कई घर ध्वस्त हो चुके है, सोशल मीडिया में तस्वीरें सामने आई है. जिसमे लोगो की चीखे और तबाही का मंजर साफ नजर आ रहा है. पाकिस्तानी अधिकारी और सेना ने इस हमले को लेकर चुपी साधे हुए है।

2025-09-22 15:50:49
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इस्लाम में फिल्में देखना हराम है', मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का बयान बना चर्चा का विषय

ऑल इंडिया जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने शरीयत के हवाले से कहा है की फिल्म देखना नाजायज और हराम है। आगे उन्होंने कहा की जो लोग फिल्म देखते है वो लोग नाजायज काम करते है. ये बातें मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर रिलीज हुई फिल्म ‘अजय’ के बारे में पत्रकारों की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में दिया ।  मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने मुसलमानों से कहा कि वे किसी भी फिल्म को देखने से बचें। मौलाना ने शरीयत का हवाला देते हुए बताया कि इस्लाम में फिल्म देखना हराम है, चाहे वह फिल्म मोदी या योगी के जीवन पर बनी हो। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई मुसलमान फिल्म देखता है तो वह इस्लाम का अपराधी माना जाएगा। जो लोग फिल्म देखते है वो लोग नाजायज काम करते है.उन्होंने आगे कहा कि कौन सी फिल्म है? किसकी फिल्म है? इससे उनका लेना देना नहीं है। वह फिल्म अजय हो या विजय, योगी जी पर बनी हो या मोदी जी पर। उन्होंने मुस्लिम युवाओं से अपील की है कि न तो फिल्म देखें, न ही दूसरों को दिखाएं। उन्होंने केवल फिल्म ही नहीं बल्कि खेल-कूद, नाच-गाना, ढोल-नगाड़ा इन सब को नाजायज और हराम बताया है। जो इन बातों पर अमल करेगा, उसे सवाब मिलेगा। जो अमल नहीं करेगा, वह गुनहगार होगा।

2025-09-20 17:14:03
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अमेरिका में गुजराती महिला की गोली मारकर हत्या, 23 साल से वहाँ चला रही थीं स्टोर

अमेरिका के साउथ कैरोलिना से गुजरातियों के लिए एक दुखद खबर सामने आई है। पिछले 23 सालों से यहाँ बसी बोरसाद की किरणबेन पटेल की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। किरणबेन साउथ कैरोलिना में एक स्टोर चलाती थीं। यह घटना कैसे हुई?प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक नकाबपोश युवक उनकी दुकान में घुसा और लूटपाट के इरादे से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। जिसमें किरणबेन पटेल को आठ से ज़्यादा गोलियां लगने की वजह से उनकी मौत हो गई. किरणबेन के दो बच्चे हैं, एक बेटा जो यूके में रहता है और एक बेटी जो कनाडा में रहती है। यह घटना तीन दिन पहले हुई थी।जानकारी के अनुसार, यह घटना तीन दिन पहले रात के समय हुई जब किरणबेन दुकान बंद करके घर जाने की तैयारी कर रही थीं। उस समय वह नकदी गिन रही थीं। अचानक नकाबपोश आया और दुकान में घुसकर गोलीबारी शुरू कर दी। गोलीबारी में उन्हें 8 से ज्यादा गोलिया लगी जिसमे उनकी मौत हो गई

2025-09-19 17:33:11
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गाजा में तबाही: मृतकों का आंकड़ा 65,000 के पार, इजरायल पर बढ़ा वैश्विक दबाव

इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में कम से कम 83 फिलिस्तीनियों को मार डाला, जिनमें गाजा शहर में 61 लोग शामिल हैं, जहां इजरायल के खिलाफ प्रतिबंधों की धमकियों के बावजूद एक बड़ा हमला जारी है ।अल जजीरा के हानी महमूद ने बताया कि इजरायली सेना उत्तर में लाखों फिलिस्तीनियों को भीड़भाड़ वाले मध्य और दक्षिणी गाजा में जाने के लिए "अत्यधिक दबाव" डालना जारी रखे हुए है।कतर पर इजरायल के हमले में बचे हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि किस तरह उसके नेता मिसाइल हमलों की श्रृंखला से बाल-बाल बच गए।इजरायल के दक्षिणपंथी वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच ने गाजा को संभावित रियल एस्टेट "बोनान्ज़ा" बताया है , तथा कहा है कि वह इसे विभाजित करने के लिए अमेरिका के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं।अक्टूबर 2023 से अब तक गाजा पर इज़राइल के युद्ध में कम से कम 65,062 लोग मारे गए हैं और 165,697 घायल हुए हैं। माना जा रहा है कि हज़ारों लोग मलबे में दबे हुए हैं। 7 अक्टूबर के हमलों में इज़राइल में कुल 1,139 लोग मारे गए थे और लगभग 200 लोगों को बंदी बना लिया गया था।लोगों के निकलने के लिए खोला गया रास्ताइजरायली सेना ने गाजा सिटी से दक्षिण की ओर जाने की खातिर 2 दिन के लिए एक नया रास्ता खोला है, ताकि लोग सुरक्षित निकल सकें। लेकिन उत्तरी गाजा में मुख्य नेटवर्क लाइनों पर हमलों के कारण बुधवार सुबह से इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं पूरी तरह ठप हैं। इससे लोग न तो मदद के लिए फोन कर पा रहे हैं, न ही निकासी की योजना बना पा रहे हैं। फिलिस्तीनी टेलीकम्युनिकेशन नियामक प्राधिकरण ने बताया कि इस वजह से गाजा सिटी के लोगों का बाहरी दुनिया से संपर्क टूट गया है। इजरायली सेना ने कहा कि वह इस घटना की जांच कर रही है और उसका निशाना संचार नेटवर्क नहीं है।Credit: AlJazeera

2025-09-18 14:23:33
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अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में फायरिंग, 3 पुलिस अधिकारियों की मौत, दो घायल

अमेरिका के दक्षिणी पेंसिल्वेनिया में ताबड़तोड़ गोलीबारी की घटना सामने आई है, फायरिंग की घटना में 3 पुलिस अधिकारियो की मौत से अमेरिका में खलबली मच गई है इसके साथ ही 2 लोग इस घटना में गम्भीररूप से घायल भी बताए जा रहे है जिनका इलाज चल रहा है। घायल अधिकारियों की हालत गंभीर बनी हुई है. हमलावरों को पुलिस ने मार गिराया है।  क्यों हुई गोलीबारीप्राप्त जानकारी के अनुसार एक घरेलु विवाद की जाँच पड़ताल के लिए पुलिस पहुंची हुई थी जिसके बाद उनके ऊपर यह गोलीबारी की गई। इस भयावह फायरिंग की घटना में 3 पुलिस अधिकारियो की मौत हो गई है जबकि इस घटना में दो पुलिस कर्मी गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हमलावर को मौके पर ही ढेर कर दिया। स्थानीय अधिकारियों और राज्य प्रशासन ने इस दुखद घटना की पुष्टि की है। जाँच जारी होने के कारण अब तक हमलावर और मृत पुलिसकर्मियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। पेंसिल्वेनिया के गवर्नर जोश शापिरो ने घटना पर शोक जताया और कहा की, “हम तीन बहादुर आत्माओं को खो चुके हैं जिन्होंने इस काउंटी, इस राज्य और इस देश की सेवा की। समाज में इस तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जा सकती, हमें बेहतर करना होगा।”घायल अधिकारियों की हालत गंभीरघायल हुए दो पुलिस अधिकारियों को हेलीकॉप्टर से अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत गंभीर है। अधिकारियों ने हमलावर की पहचान उजागर नहीं की है, न ही यह बताया है कि मारे गए पुलिस अधिकारी किस एजेंसी से जुड़े थे। अटॉर्नी जनरल पामेला बॉन्डी ने इस घटना की निंदा की और इसे "समाज के लिए अभिशाप" बताया। उन्होंने कहा कि अधिकारी मामले की जाँच कर रहे हैं। पहले भी पुलिस पर हमले होते रहे हैं।

2025-09-18 12:44:42
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इटली पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने पीएम मोदी को यूं दी बधाई

प्रधानमंत्री मोदी को उनके 75वें जन्मदिन पर दुनियाभर से बधाई मिलने का सिलसिला जारी है। इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने भी पीएम मोदी को जन्मदिन की सुभकामनाएँ दी है। इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी अपने एक्स हैंडल पर पीएम मोदी के साथ एक तस्वीर भी शेयर की है, जिसके कैप्शन में उन्होंने लिखा, "भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 75वें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उनकी शक्ति, उनका दृढ़ संकल्प और लाखों लोगों का नेतृत्व करने की उनकी क्षमता प्रेरणा का स्रोत है। मित्रता और सम्मान के साथ, मैं उनके स्वास्थ्य और ऊर्जा की कामना करती हूं ताकि वे भारत को एक उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जा सकें और हमारे राष्ट्रों के बीच संबंधों को और मज़बूत कर सकें।"भारत के पीएम पीएम नरेंद्र मोदी की छवि एक वैश्विक नेता के तौर पर स्थापित हो चुकी है। उनकी विदेश नीति की वजह से भारत के तमाम देशों से रिश्ते मजबूत हुए हैं। और आगे फिर चाहें वो रूस, चीन, अमेरिका जैसी महाशक्तियां ही क्यों ना हों, पीएम मोदी की नीति का सभी लोग लोहा मानते हैं।आपको बता दें कि पीएम मोदी ने 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से कई देशों का दौरा किया है और भारत को इंटरनेशनल स्तर पर काफी पहचान दिलाई है। उनकी विदेश नीति की वजह से वह दुनियाभर में चर्चा में रहते हैं।

2025-09-17 17:21:41
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अफ्रीका के सेशेल्स देश में दो गुना तेजी से बढ़ी हिन्दुओ की संख्या !

अफ्रीका महाद्वीप में पड़ने वाला देश सेशेल्स अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। यह अपने खूबसूरत समुद्र तटों, उष्णकटिबंधीय वनस्पतियों और समुद्री जीवन के लिए प्रसिद्ध है. यह एक द्वीपीय देश है जहां अलग -अलग समुदायों के लोग मिलजुलकर रहा करते हैं। आप सब को हैरानी होगी ये बात जानकर की जहाँ भारत में हिन्दू की सँख्या कम हो रही है, वही अफ्रीका महाद्वीप में पड़ने वाला देश सेशेल्स में हिन्दुओ की सँख्या बढ़ी है खूबसूरत देश सेशेल्स में हिंदू आबादी पिछले कुछ सालों में इतनी तेजी से बढ़ी है कि हर कोई चौंक गया है। जी हाँ 2022 की जनगणना के मुताबिक, सेशेल्स में हिंदुओं की कुल आबादी का 5.4% हो गई है, अगर हम साल 2010 की जनगणना के बारे बात करे तो तब हिन्दुओ की सँख्या 2.4% थी। यानी सिर्फ 12 सालों में हिंदू आबादी दोगुनी से भी ज्यादा हो गई! तो चलिए जानते है की खूबसूरत और छोटे देश में हिंदुओं की आबादी इतनी तेजी से कैसे बढ़ी।कैसे बढ़ता गया हिंदू आबादी का ग्राफ?सेशेल्स हिंद महासागर में स्थित 115 द्वीपों का एक द्वीपसमूह राष्ट्र है, जो अफ्रीकी महाद्वीप के पूर्व में और मेडागास्कर के उत्तर-पूर्व में स्थित है. यह अपने खूबसूरत समुद्र तटों, उष्णकटिबंधीय वनस्पतियों और समुद्री जीवन के लिए प्रसिद्ध है। इस धर्म में हिंदू धर्म दूसरा सबसे बड़ा धर्म बन चुका है।साल 1901 में यहां सिर्फ 332 हिंदू परिवार रहते थे और कुल आबादी में तमिल भाषा के लोग करीब 3,500 थे। 1987 में सेशेल्स में जहां हिंदुओं की तादाद महज 506 थी, वहीं 1994 में संख्या में उछाल देखने को मिली यहाँ संख्या / तादाद ये बढ़कर 953 हो गई। अब साल 2002 की बात करे तो इस देश में 1,700 हिंदू थे, और 2010 में ये तादाद 2,174 तक पहुंच गया। लेकिन सबसे बड़ा उछाल 2010 से 2022 के बीच देखने को मिला, जब हिंदुओं की संख्या 5,508 हो गई, यानी कुल आबादी का 5.4%!

2025-09-16 22:26:49
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चीन ने बनाया हड्डियों को जोड़ने वाला ग्लू !

अगर मै आप से कहु की अब टूटी हुई हाड़ियों को 3 मिनट में जोड़ा जा सकता है, तो आप आश्चर्यचकित हो जायेंगे की ऐसा कैसे संभव है। क्योकि टूटी हुई हड्डियों को जुड़ने में कम से कम 2 या 3 महीने लग जाते है, ऐसी कौन सी चीज़ है जिसे हड्डियां जुड़ जाएँगी वो भी मात्र 2 या 3 मिनटों में यानि अब 2 -3 महीनो का काम 2 -3 मिनटों में होने वाला है.जी हाँ तो चलिए जानते है की ऐसा कैसे संभव है जैसा की आप सभी जानते है की विज्ञानं का काम है नई नई चीज़े खोजना या विकसित करना है, विज्ञानी की दुनिया में तरह तरह के खोज होते रहते है और हर बार विज्ञान हमको आश्चर्यचकित कर ही देता है इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है। इस बार बैज्ञानिकों ने एक ऐसी खोज की है जो आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगी। चीन के वैज्ञानिको ने ऐसा पदार्थ (ग्लू )विकसित किया है जो मात्र 2 या 3 मिनट में टूटी हुई हड्डियों को जोड़ सकता है.इसे बोन ग्लू नाम दिया गया है. यह दुनिया का पहला ऐसा बोन ग्लू है जो हड्डियों को जोड़ने के लिए मेटल इम्प्लांट की जरूरत को खत्म कर सकता है.इस खोज की सबसे खास बात यह है कि यह सीपों (mussels) से प्रेरित है. समुद्र में रहने वाली सीपें चट्टानों से चिपकने के लिए एक खास तरह का चिपचिपा पदार्थ बनाती हैं. वैज्ञानिकों ने इसी प्राकृतिक गुण को ध्यान में रखते हुए बोन ग्लू तैयार किया है. यह पूरी तरह बायोडिग्रेडेबल है, यानी यह शरीर में 6 महीने के अंदर घुल जाता है और किसी तरह का नुकसान भी नहीं करता है काम कैसे करता है बोन ग्लू ?बोन ग्लू एक जैविक चिपकने वाला पदार्थ है जिसे हड्डी के टूटे हिस्सों पर लगाया जाता है. यह 2–3 मिनट में सूखकर हड्डियों को मजबूती से जोड़ देता है. इसके बाद शरीर खुद इसे धीरे-धीरे एब्जॉर्ब कर लेता है. यह पारंपरिक मेटल इम्प्लांट की तरह शरीर में स्थायी नहीं रहता. ऑपरेशन के समय इसे आसानी से लगाया जा सकता है. यह शरीर के अंदर किसी प्रकार की एलर्जी या रिएक्शन नहीं करता.बोन ग्लू के फायदे:सर्जरी आसान और तेज होगी अब डॉक्टरों को मेटल रॉड या स्क्रू लगाने की जरूरत नहीं पड़ने वाली है . बोन ग्लू से हड्डी जोड़ना आसान और कम समय में संभव हो पाएगा .शरीर में कोई बाहरी पदार्थ नहीं रहेगा जैसे स्क्रू या मेटल चूंकि यह 6 महीने में ही शरीर में घुल जाता है, इसलिए भविष्य में किसी तरह की परेशानी नहीं होने वाली है.कम खर्च और कम दर्द मेटल इम्प्लांट की तुलना में यह तकनीक सस्ती हो सकती है और मरीज को कम दर्द होगा.बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित जिनके शरीर में मेटल इम्प्लांट रिस्क भरा होता है, उनके लिए यह तकनीक आने वाले समय में वरदान साबित हो सकती है.प्राकृतिक प्रेरणा से बना यह पूरी तरह नेचुरल इंस्पायर्ड है, जिससे शरीर इसे आसानी से स्वीकार कर लेता है.

2025-09-15 23:25:29
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थाईलैंड की संवैधानिक अदालत ने प्रधानमंत्री पेटोंगटार्न को किया निलंबित, जानिए क्या है पूरा मामला ?

थाईलैंड की संवैधानिक अदालत ने मंगलवार को सर्वसम्मति से प्रधानमंत्री पेटोंगटार्न पर नैतिक आचरण के उल्लंघन का आरोप लगाने वाली याचिका को स्वीकार कर लिया और 7-2 के मतों से उन्हें प्रधानमंत्री पद से निलंबित करने का फैसला सुनाया। अदालत ने पेटोंगटार्न को अपना पक्ष रखने और सबूत पेश करने के लिए 15 दिनों का समय दिया है।पेटोंगटार्न को हाल ही में कंबोडिया के साथ सीमा विवाद को लेकर असंतोष का सामना करना पड़ा है। 28 मई को हुई सशस्त्र झड़प में एक कंबोडियाई सैनिक की मौत हो गई थी। कंबोडियाई सीनेट के अध्यक्ष हुन सेन के साथ राजनयिक बातचीत के दौरान हुई एक फोन कॉल के लीक हो जाने से भारी विवाद और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।अदालत के आदेश के बाद पेटोंगटार्न ने कहा कि वह इस प्रक्रिया को स्वीकार करते हैं और खुद का बचाव करने की पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका मकसद केवल देश की रक्षा करना और शांति बनाए रखना था।उन्होंने कहा, "मैं सिर्फ यही सोच रहा था कि कैसे संघर्ष से बचा जाए, कैसे सशस्त्र टकराव को टाला जाए, कैसे सैनिकों को किसी भी नुकसान से बचाया जाए। अगर मैंने किसी अन्य नेता से ऐसी कोई बात की होती जिससे नकारात्मक परिणाम होते, तो मैं खुद को कभी माफ नहीं कर पाता।"उम्मीद है कि उपप्रधानमंत्री सूरिया जुंगरुंगरुंगकिट कार्यवाहक प्रधानमंत्री की भूमिका संभालेंगे, हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।मंगलवार सुबह थाई राजा महा वजिरालोंगकोर्न ने एक कैबिनेट फेरबदल को मंजूरी दी, जो लीक कॉल के कारण पेटोंगटार्न के गठबंधन में शामिल एक प्रमुख दल के बाहर हो जाने की वजह से जरूरी हो गया था। इस फेरबदल में भूमजाथाई पार्टी के नेता अनुतिन चार्विराकुल को उपप्रधानमंत्री पद से हटाया गया।पेटोंगटार्न ने नई कैबिनेट में प्रधानमंत्री के अलावा संस्कृति मंत्री का पद भी संभाला है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि निलंबन के बाद वे इस भूमिका की शपथ ले पाएंगे या नहीं।लीक कॉल के कारण उपजे आक्रोश का केंद्र पेटोंगटार्न की एक क्षेत्रीय सैन्य कमांडर पर की गई कथित टिप्पणी और कंबोडियाई नेता हुन सेन को खुश करने के प्रयास हैं, जो सीमा पर तनाव कम करने के उद्देश्य से किए गए थे।हजारों परंपरावादी और राष्ट्रवादी प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को बैंकॉक के मध्य क्षेत्र में प्रदर्शन किया और पेटोंगटार्न के इस्तीफे की मांग की। पेटोंगटार्न नेशनल एंटी-करप्शन कमीशन द्वारा नैतिकता के उल्लंघन की एक अलग जांच का भी सामना कर रहे हैं, जिसका फैसला उन्हें पद से हटाने का एक और आधार बन सकता है।

2025-07-01 17:57:31
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भारत का 'ऑपरेशन सिंदूर' : पाकिस्तान पर किया एयर स्ट्राइक, 9 आतंकी ठिकनों को किया तबाह

भारत ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (POK) में आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया है, जिसे 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम दिया गया है. यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई है.हमले में कुल नौ जगहों को निशाना बनाया गया, जहां से आतंकवादी हमलों की योजना बनाई जा रही थी और उन्हें निर्देशित किया जा रहा था.भारत ने कहा, "हमारी कार्रवाई केन्द्रित, नपी-तुली और गैर-बढ़ावा देने वाली रही है. किसी भी पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया है. भारत ने लक्ष्यों के चयन और निष्पादन के तरीके में काफी संयम दिखाया है."यह हमला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए बर्बर आतंकवादी हमले के लगभग दो सप्ताह बाद हुआ है, जिसमें पाकिस्तानी आतंकवादियों ने एक पर्यटक स्थल पर 26 नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी.भारत द्वारा हमले की घोषणा के कुछ ही मिनटों बाद भारतीय सेना ने एक्स पर पोस्ट किया और कहा, "न्याय हुआ. जय हिंद."एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की सेना ने बुधवार को पुष्टि की कि भारतीय मिसाइल हमलों ने पाकिस्तानी क्षेत्र के अंदर तीन स्थानों - मुजफ्फराबाद, कोटली और बहावलपुर के अहमद ईस्ट क्षेत्र को निशाना बनाया.इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (डीजी आईएसपीआर) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी के अनुसार, इस हमले में एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि एक पुरुष और एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गए. देर रात प्रेस वार्ता के दौरान, डीजी IRPR ने कहा, "अब से कुछ समय पहले भारत ने बहवलपुर के अहमद ईस्ट इलाके में सुभानउल्लाह मस्जिद, कोटली और मुजफ्फराबाद में तीन जगहों पर हवाई हमले किए."

2025-05-07 04:33:24
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नेपाल में दंगों के साजिशकर्ता पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह, विपक्ष ने लगाए आरोज, कहा-अब बर्दश नहीं करेंगे...

नई दिल्ली : नेपाल के पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र शाह इस सप्ताह देश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के पीछे मुख्य सूत्रधार हैं . गणतंत्र समर्थक राजनीतिक दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक में शाह पर यह आरोप लगाया गया . बैठक प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की ओर से बुलाई गई थी .पूर्व राजा ने की साजिश स्थानीया मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दलों ने पूर्व राजा पर संविधान को कमजोर करने और संघीय लोकतंत्रिक गणतंत्र प्राणली को उखाड़ फेंकने की साजिश रचने का आरोप लगाया . गृहमंत्री रमेश लेखक ने कहा कि संविधान की रक्षा, राष्ट्रीय विकास और सार्वजानिक सुरक्षा सुनिश्चत करने के लिए राजनीतिक दलों के बीच एकजुट होने पर आम सहमति है .विरोधियों का करेंगे मुकाबला बैठक के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए लेखक ने कहा, किसी भी संविधान विरोधी को बर्दश नहीं किया जाएगा. अलग-अलग दलों के बीच विभिन्न मुद्दों पर असहमति के बावजूद, पूर्व पीएम बाबूराम भट्टराइ जो नेपाल समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष भी हैं. उन्हेंने सुझाव दिया कि शाह के समर्थन में हाल ही में की गई गणतंत्र विरोधियों का मुकाबला करने के लिए उन्हें एकजूट होना चाहिए .  राजशाही की बहाली की मांगराजधानी काठमांडू के कुछ इलाकों में शुक्रवार ( 29 मार्च, 2025) को तनाव बढ़ गया, क्योंकि सुरक्षाकर्मियों और राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पों में दो लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए। ये लोग नेपाल में समाप्त हो चुकी राजशाही की बहाली की मांग कर रहे थे।

2025-03-31 15:08:26
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अमेरिका में गुजराती युवक-युवती अपराध करते रंगेहाथ पकड़े गए, जाने पूरा मामला ?

अमेरिका के केंटकी में कथित अपराध में रंगेहाथ पकड़े गए गुजराती युवक-युवती को गिरफ्तार कर लिया गया है। मोंटिसेलो पुलिस विभाग के अनुसार, 19 मार्च को गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी जॉर्जिया के डाल्टन शहर के निवासी हैं, जो केंटकी में नकदी से भरा पार्सल लेने आए थे। फिलहाल, ये दोनों युवक-युवती जेल में हैं। उनकी पहचान अमित पटेल और दिशा पटेल के रूप में हुई है, हालांकि पुलिस ने उनके आपसी संबंधों को स्पष्ट नहीं किया है।मोंटिसेलो पुलिस के मुताबिक, 37 वर्षीय अमित पटेल और 28 वर्षीय दिशा पटेल को बुधवार शाम करीब 5:30 बजे गिरफ्तार किया गया। वे दोनों एक कार में सवार थे, जिसे कैसल और इल्क स्ट्रीट्स के चौराहे पर रोका गया। अमित और दिशा पर एक बुजुर्ग महिला से 80,000 डॉलर की ठगी करने का आरोप है। मामला 12 मार्च का है, जब पीड़िता के कंप्यूटर पर एक संदेश पॉप-अप हुआ, जिसमें एक नंबर दिया गया था और उस पर तुरंत कॉल करने के लिए कहा गया था।जब पीड़िता ने उस नंबर पर फोन किया, तो उसकी बात एक युवक और युवती से हुई, जिन्होंने खुद को फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) के अधिकारी बताया। उन्होंने दावा किया कि पीड़िता का कंप्यूटर हैक हो गया है और उसका निजी डेटा चोरी कर लिया गया है। इसे वापस पाने के लिए उसे एक निश्चित रकम चुकानी होगी।ठगों के निर्देशानुसार, पीड़िता ने 14 मार्च को बैंक से 52,000 डॉलर निकाले और उनकी रसीद ठगों के साथ साझा की। इसके बाद, उसे नकदी को जूते के डिब्बे में भरकर अपने घर के बाहर रखने के लिए कहा गया। अदालत में पेश दस्तावेजों के अनुसार, निर्धारित दिन और समय पर पीड़िता के घर के पास एक कार आई, जिसमें पीछे की सीट पर रखे नकदी से भरे बॉक्स को ले जाया गया।पीड़िता से पहली बार 17 मार्च को 32,000 डॉलर की ठगी की गई, और फिर 19 मार्च को इसी तरह से 50,000 डॉलर की ठगी हुई। दोनों बार, अमित पटेल और दिशा पटेल ही पीड़िता के घर गए थे, और उनकी कार भी वही थी। हालांकि, इस बार पुलिस को उनकी हरकतों की खबर मिल चुकी थी। जब वे नकदी से भरा बॉक्स लेकर निकले, तो पुलिस ने उनका पीछा किया और एक जगह पर उन्हें रोककर तलाशी ली। कार से नकदी से भरा बॉक्स बरामद किया गया।अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों आरोपी वर्तमान में वेन काउंटी जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ संगठित अपराध में संलिप्तता और 10,000 डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी सहित कई आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच अभी भी जारी है।यह ठगी का तरीका अमेरिका में नया नहीं है। कई गुजराती नागरिक पहले भी इस तरह के अपराध में शामिल पाए गए हैं और जेल की सजा काट रहे हैं। हाल ही में, इसी प्रकार के अपराध में जॉर्जिया में भार्गव पटेल नामक एक युवक को दक्षिण कैरोलिना से गिरफ्तार किया गया था।अमेरिकी नागरिकों को यह विश्वास दिलाकर कि उनके बैंक खाते हैक हो गए हैं, उनसे ठगी करने का यह तरीका वर्षों से चला आ रहा है। हाल ही में, अप्रैल 2024 में, फ्लोरिडा में रहने वाली एक वृद्ध महिला से 1.5 मिलियन डॉलर ठगने के आरोप में श्वेता पटेल नाम की एक गुजराती महिला को गिरफ्तार किया गया था।जो आरोपी एक से अधिक राज्यों में अपराध करते हैं, उनके लिए जमानत पर छूटना मुश्किल हो जाता है। यही कारण है कि कई गुजराती नागरिक वर्षों से जेल में हैं। कुछ दिन पहले, 2023 में इसी तरह की ठगी करने वाले सागर पटेल नामक गुजराती को अदालत ने छह साल की जेल की सजा सुनाई थी।सागर पटेल ने अदालत से दलील दी थी कि उसने अमेरिका में कोई अन्य अपराध नहीं किया है और उसे केवल दो साल की सजा दी जाए। हालांकि, न्यायाधीश ने उसकी दलील को खारिज कर दिया और उसे छह साल की जेल की सजा सुनाई। इसके साथ ही, उसे पीड़िता से ठगे गए 1.44 लाख डॉलर भी लौटाने का आदेश दिया गया। सागर पटेल, जो अवैध रूप से अमेरिका में रह रहा था, को सजा सुनाए जाने के बाद आईसीई (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) द्वारा हिरासत में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इससे पहले, एक अन्य गुजराती नागरिक को छह साल की सजा पूरी होने से पहले ही अमेरिका से डिपोर्ट कर दिया गया था।

2025-03-24 15:38:49
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जमात-उद-दावा का मुखिया और 'मुंबई हमले का मास्टरमाइंड' हाफिज सईद मारा गया

क्या भारत का नंबर वन दुश्मन ध्वस्त हो गया है? जी हां, आतंकी हाफिज सईद को लेकर बड़ा दावा किया जा रहा है. लश्कर-ए-तैयबा चीफ हाफिज सईद के मारे जाने का दावा है. पाकिस्तान में गुपचुप चर्चा है कि आतंकी हाफिज सईद का भी गेमओवर हो गया है.सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और पाकिस्तानी हैंडल पर हाफिज सईद पर हमले का दावा किया जा रहा है. एक्स पर तो हाफिज सईद ट्रेंड कर रहा है. कई अकाउंट से दावा किया गया कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में झेलम इलाके में जमात-उद-दावा मुखिया और मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद मारा गया है. हालांकि, इसकी कोई पुष्टि नहीं हो पाई है.NIA ने उसे वांटेड घोषित किया था. आर्मी समेत तमाम सुरक्षा एजेंसियों के लिए ये आतंकी बड़ा सिरदर्द बन गया था.आतंकी अबु कताल, हाफिज सईद का भी बेहद करीबी था. हाफिज मुंबई हमले का मास्टरमाइंड है. 26/11 मुंबई आतंकी हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी. लश्कर-ए-तैयबा के 10 पाकिस्तानी आतंकियों ने मुंबई के कई स्थानों पर हमला किया था. इस घटना को लेकर पाकिस्तान और भारत के बीच रिश्ते बिगड़ गए. दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए.हाफिज सईद ने ही जम्मू कश्मीर पर बड़े हमले करने की जिम्मेदारी अबु को दी थी. हाफिज ने ही अबु को लश्कर का चीफ ऑपरेशनल कमांडर बनाया था. हाफिज सईद ही अबु को ऑर्डर देता था, जिसके बाद वो कश्मीर में बड़े हमलों को अंजाम देता था.बताते चलें कि 9 जून को जम्मू कश्मीर रियासी के शिव-खोड़ी मंदिर से लौट रहे तीर्थयात्रियों की बस पर आतंकियों ने हमला किया था, उस हमले का एक मास्टरमाइंड भी अबु कताल सिंघी ही था. इसके अलावा, कश्मीर में कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड भी अबु कताल को माना गया. एनआईए ने 2023 के राजौरी हमले में अबु कताल को जिम्मेदार ठहराया था.कौन है आतंकी हाफिज सईद?हाफिज सईद भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी है. भारत सरकार उसके प्रत्यर्पण में जुटी हुई है. हाफिज सईद भारत की मोस्ट वांटिड आतंकवादियों की लिस्ट में शामिल है. इतना ही नहीं, वह 26-11 के मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड है. साथ ही हाफिज सईद पुलवामा अटैक का भी मास्टरमाइंड है. भारत के अलावा भी कई अन्य देशों ने हाफिज सईद को आतंकवादी घोषित किया है. हाफिज सईद और उसके संगठन पर अमेरिका ने इनाम भी घोषित किया है. हाफिज सईद का आंतकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा है. इस आतंकी संगठन पर लगभग 1 करोड़ डॉलर का इनाम है. आतंकी फंडिंग मामले में हाफिज सईद जेल में बंद किया जा चुका है.

2025-03-16 09:33:25
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लंदन में विदेश मंत्री एस. जयशंकर पर खालिस्तानी समर्थकों का हमला, जानिए पूरा मामला ?

भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ब्रिटेन की यात्रा पर गए हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर पर ब्रिटेन यात्रा के दौरान हमले की कोशिश की गई। हालाँकि, इस बारे में भारत या ब्रिटेन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब वे लंदन में एक समारोह से लौट रहे थे। खालिस्तानियों ने जयशंकर सहित कई भारतीय अधिकारियों को बार-बार धमकाया है।जानकारी के अनुसार, खालिस्तानी चरमपंथियों ने गुरुवार को लंदन में जयशंकर पर हमला करने का प्रयास किया। यह घटना उस समय घटी जब वह चैथम हाउस थिंक टैंक में एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद अपनी कार की ओर लौट रहे थे।रिपोर्ट के अनुसार, एक वीडियो में एक व्यक्ति तेजी से जयशंकर की कार के पास आता हुआ दिखाई दे रहा है, उसके हाथ में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज, तिरंगा है, जिसे वह फाड़ देता है। हालाँकि, लंदन पुलिस तुरंत उस व्यक्ति को पकड़ लेती है और उसे सड़क के किनारे ले जाती है।ब्रिटेन और आयरलैंड की अपनी 6 दिवसीय यात्रा के दौरान विदेश मंत्री उच्च स्तरीय वार्ता, विदेश नीति संबंधी बैठकें और भारतीय समुदाय के साथ विचार-विमर्श करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों को नई गति प्रदान करेगी।उन्होंने कहा कि उन्होंने बुधवार को अपने ब्रिटिश समकक्ष डेविड लैमी के साथ द्विपक्षीय संबंधों सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। लेम्मी ने जयशंकर की मेजबानी की। केंट स्थित चेवनिंग हाउस में दो दिनों तक नेताओं के बीच विचार-विमर्श हुआ। इसमें मुक्त व्यापार समझौते से लेकर रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध तक कई मुद्दे शामिल हैं।

2025-03-06 12:52:01
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जैक द रिपर दुनिया का पहला सीरियल किलर, जिसने पांच महिलाओं की बेरहमी से हत्या की थी!

Credit: Indian Express Gujaratiदुनिया के पहले सीरियल किलर जैक द रिपर ने पांच महिलाओं की बेरहमी से हत्या कर दी थी, लेकिन वह कभी पकड़ा नहीं गया। हालाँकि, इस दावे के बावजूद कि डीएनए परीक्षण से मामला सुलझ गया है, कई रहस्य अभी भी अनसुलझे हैं। आइये इन हत्याओं के बारे में चौंकाने वाले तथ्यों पर नजर डालें, जिनमें इतिहास के सबसे डरावने पात्रों में से एक जैक द रिपर की कहानी भी शामिल है।लंदन स्थित विश्व प्रसिद्ध मोम संग्रहालय मैडम तुसाद के चैंबर ऑफ हॉरर्स में चौंकाने वाले वास्तविक जीवन के अपराधों को प्रदर्शित किया गया है। इसके सबसे कुख्यात व्यक्तियों में जैक द रिपर शामिल है, जिसके बारे में माना जाता है कि उसने 1888 में लंदन के ईस्ट एंड में व्हाइटचैपल और उसके आसपास कम से कम पांच महिलाओं की हत्या की थी, फिर भी वह कभी पकड़ा नहीं जा सका।लेखक रसेल एडवर्ड्स ने अपनी पुस्तक नेमिंग जैक द रिपर: द बिगेस्ट फोरेंसिक ब्रेकथ्रू सिंस 1888 (2014) में इसे दुनिया का सबसे बड़ा, सबसे प्रसिद्ध अनसुलझा अपराध बताया है, जो दुनिया भर से पर्यटकों को लंदन के ईस्ट एंड की सड़कों पर खींच लाता है।रिपर हत्याकांड की वीभत्स प्रकृति और पीड़ितों की दयनीय स्थिति ने ईस्ट एंड की भयावह जीवनशैली को उजागर किया है, जिससे वहां की भीड़भाड़ वाली और अस्वास्थ्यकर मलिन बस्तियों के खिलाफ जनता में आक्रोश फैल गया है। लेकिन जैक द रिपर कौन था? उसके शिकार कौन थे? और क्या इस भयावह किंवदंती के पीछे कोई आदमी था, जैसा कि हालिया रिपोर्टों में दावा किया गया है?ईस्ट एंड, लंदन, 19वीं सदी का अंत1800 के दशक में ईस्ट एण्ड एक विशाल, गंदी, भीड़भाड़ वाली झुग्गी बस्ती थी, जो वहां रहने वाले लोगों की संख्या को संभालने के लिए संघर्ष कर रही थी। एडवर्ड्स के अनुसार, इसका मुख्य कारण वहां स्थित 'बदबूदार उद्योग' थे, जिनमें शराब बनाने के कारखाने, बूचड़खाने और चीनी रिफाइनरियां शामिल थीं, जिन्होंने औद्योगिक क्रांति के दौरान कई प्रवासी श्रमिकों को इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया था।यहां शरण लेने वालों में 1800 के दशक के मध्य में आयरिश आलू अकाल के पीड़ित और बाद में पूर्व से आए यहूदी शरणार्थी भी शामिल थे। बाद वाला मामला दिलचस्प है।मार्च 1881 में, रूस के ज़ार अलेक्जेंडर द्वितीय की हत्या से निराधार अफ़वाहें फैलीं कि इसके लिए यहूदी जिम्मेदार हैं, जिसके परिणामस्वरूप पूर्वी यूरोप में व्यापक उत्पीड़न और हिंसक हमले हुए, जिन्हें 'पोग्रोम्स' (विनाश) के रूप में जाना जाता है। उत्पीड़न से बचने के लिए हजारों रूसी, जर्मन, हंगरी और पोलिश यहूदियों ने लंदन में शरण ली और 1887 तक 28,000 यहूदी आप्रवासी व्हाइटचैपल के पूर्वी क्षेत्र में आवासों में रहने लगे।एडवर्ड्स ने उनके आगमन को स्थानीय आबादी और अन्य आप्रवासी समूहों में असंतोष का कारण बताया है, उन्होंने आगे लिखा है कि टाइफाइड, हैजा और यौन रोग व्यापक थे, और इस क्षेत्र में पूरे लंदन में सबसे अधिक जन्म दर, सबसे अधिक मृत्यु दर और सबसे कम विवाह दर थी।पुरुषों ने छोटे-मोटे काम करने शुरू कर दिए, कुछ लोग छोटे-मोटे और हिंसक अपराध करने लगे, जिससे व्हाइटचैपल रात के समय असुरक्षित हो गया। महिलाएं फूल बेचकर, कढ़ाई करके, दिवाली मनाकर जीवित रहने के लिए संघर्ष करती थीं, या फिर जब उन्हें अपने व्यवसाय के लिए कोई आश्रय नहीं मिलता था, तो वे धुंधली रोशनी वाली सड़कों पर भटकती थीं, जिसके लिए सिर्फ चार पैसे खर्च करने पड़ते थे - एक रात रुकने का।एडवर्ड्स ने लिखा, "वेश्यावृत्ति गैरकानूनी थी, लेकिन पुलिस ने इस पर आंखें मूंद लीं, क्योंकि उन्हें लगता था कि अगर वे इसे ईस्ट एंड से बाहर निकाल देंगे तो यह अधिक सम्मानजनक क्षेत्रों में फैल जाएगी।" ये महिलाएं सड़क लुटेरों का आसान शिकार बन गईं और अक्सर उन पर क्रूर हमले किए गए।पांच महिलाओं की नृशंस हत्यापांच क्रूर हत्याएं, जिन्हें कैनोनिकल फाइव के नाम से जाना जाता है, का श्रेय मुख्य रूप से जैक द रिपर को दिया जाता है। जैसा कि एडवर्ड्स बताते हैं, इन हमलों की मुख्य विशेषता उनकी “क्रूर क्रूरता” थी। पीड़ितों - मैरी एन निकोल्स, ऐनी चैपमैन, एलिजाबेथ स्ट्राइड, कैथरीन एडवोस और मैरी जेन केली - की हत्याओं में उल्लेखनीय समानताएं थीं। अधिकांश महिलाएं अपने पतियों से अलग हो चुकी थीं, जीवनयापन के लिए संघर्ष कर रही थीं तथा शराब की गंभीर लत से जूझ रही थीं।पहली ज्ञात पीड़िता मैरी एन निकोल्स ने 1864 में मुद्रक विलियम निकोल्स से विवाह किया था। उनके अशांत रिश्ते के कारण कई बार तलाक हुआ और 1880 तक वे हमेशा के लिए अलग हो गए, विलियम ने अपनी शराब पीने की आदत के लिए उसे दोषी ठहराया। शुरू में उन्होंने उसे प्रति सप्ताह पांच शिलिंग भेजे, लेकिन जब उन्हें पता चला कि 1882 तक वह वेश्यावृत्ति में लग गयी थी, तो उन्होंने भुगतान करना बंद कर दिया।वह भयानक रात 30 अगस्त 1888 की थी। मैरी एन को आखिरी बार 2.30 बजे जीवित देखा गया था, जैसा कि उनकी मित्र एमिली ने एक संक्षिप्त बातचीत के बाद बताया। इसके बाद वह व्हाइटचैपल रोड के साथ पूर्व की ओर चली गईं और फिर कभी जीवित नहीं देखी गईं।कुछ घंटों बाद दो लोगों की नजर उसके निर्जीव शरीर पर पड़ी। घटनास्थल पर पहुंचे पीसी नील ने अपनी टॉर्च से भयावह दृश्य को रोशन किया। एडवर्ड्स बताते हैं, "उसके खुले हाथ हथेलियाँ ऊपर की ओर थीं, और उसके पैर बाहर और थोड़े अलग थे। "गले के घाव से खून बह रहा था।" भयावह घटना के बावजूद कोई संदिग्ध नहीं मिला।दहशत तब और बढ़ गई जब एक अन्य महिला, 47 वर्षीय एनी चैपमैन की निर्मम हत्या के मात्र नौ दिन बाद ही लाश बरामद हुई। उसकी हत्या का तरीका भी मैरी एन निकोल्स जैसा ही था।“लंदन आज एक बड़े आतंक के साये में है। एक अनाम बदमाश - आधा जानवर, आधा इंसान - खुला घूम रहा है, जो समुदाय के सबसे दुखी और असहाय वर्गों पर रोजाना अपनी जानलेवा प्रवृत्ति को संतुष्ट कर रहा है..." ऐसे शब्दों के साथ अखबारों ने बढ़ती दहशत को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया।अगली हत्याएं 30 सितम्बर 1888 की सुबह में हुईं, जो एनी चैपमैन की मृत्यु के तीन सप्ताह से भी कम समय बाद हुई। एडवर्ड्स लिखते हैं कि, "दो वेश्याएं, एलिजाबेथ स्ट्राइड और कैथरीन एडवोस, एक घंटे के अंतराल पर और दो अलग-अलग स्थानों पर मार दी गईं।"पांच क्रूर हत्याओं में से अंतिम हत्या मैरी जेन केली की थी, जिसका शव शुक्रवार, 9 नवंबर 1888 की सुबह पाया गया था। अपनी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में वेस्टमिंस्टर ए डिवीजन पुलिस सर्जन डॉ. थॉमस बॉन्ड ने कहा कि केली की चोटों की गंभीरता से यह स्पष्ट हो गया कि हत्यारे को बुनियादी शारीरिक ज्ञान का भी अभाव था: "मेरे विचार से, उसके पास कसाई, घोड़ा काटने वाले या मृत जानवरों को काटने वाले किसी भी व्यक्ति के तकनीकी ज्ञान का भी अभाव है।संदिग्धजैक द रिपर 19वीं सदी के मीडिया का ध्यान आकर्षित करने वाले पहले सीरियल किलर में से एक बन गया। जैसे ही संदिग्ध व्यक्तियों की खबरें सामने आईं, ईस्ट एंड में नागरिक अशांति भड़क उठी। अंतिम शिकार की मृत्यु के बाद, व्हाइटचैपल किलर को एक यहूदी कसाई, एक भागे हुए पागल, एक पागल मेडिकल छात्र, एक हत्यारी चुड़ैल और शाही परिवार के सदस्य के रूप में भी संदर्भित किया गया।समय के साथ, कई नाम सामने आए, जिनमें चार्ल्स लुडविग भी शामिल था, जो एक अस्थिर जर्मन हेयर ड्रेसर था, जिसने एक बार एक अंधेरी गली में एक महिला को चाकू मार दिया था। एलिजाबेथ स्ट्राइड की हत्या के बाद, स्वीडिश मूल के यात्री निकानोर बेनेलियस से पूछताछ की गई, भले ही उसका विवरण हत्यारे से मेल नहीं खाता था। बाद में उन्हें माइल एण्ड में पुनः गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन उन्हें संदेह से मुक्त कर दिया गया।एक सिद्धांत पर भी व्यापक चर्चा हुई। उन्होंने सुझाव दिया कि हत्यारा एक महिला हो सकती है - जिल द रिपर, संभवतः एक दाई जो अवैध गर्भपात करती थी और जिसकी ईस्ट एंड की महिलाओं तक पहुंच थी।एक और दिलचस्प सिद्धांत 1970 के दशक में सामने आया, जब डॉ. थॉमस स्टोवेल ने प्रस्ताव दिया कि प्रिंस अल्बर्ट विक्टर क्रिश्चियन एडवर्ड - जिन्हें प्रिंस एडी के नाम से जाना जाता था - सिफलिस से प्रेरित पागलपन से पीड़ित थे, और उन्होंने ईस्ट एंड में वेश्याओं की हत्या करने का दुस्साहस किया था।जबकि अनेक अन्य संदिग्धों के नाम उनकी पृष्ठभूमि का विवरण देने वाली पुस्तकों में दिए गए हैं, एक नाम अपरिवर्तित रहा है: आरोन मोर्दकै कोस्मिंस्की। एक दर्जी के बेटे, कोस्मिंस्की का जन्म 1865 में मध्य पोलैंड के कालीज़ प्रांत में हुआ था। मात्र 10 वर्ष की आयु में ही उन्होंने अपने पिता को खो दिया। बाद में उनका परिवार नए अंग्रेजी नामों के साथ इंग्लैंड भाग गया।1888 तक, यहूदी आप्रवासियों का केन्द्र बिन्दु, ईस्ट एण्ड, यहूदी-विरोधी आक्रोश का केन्द्र बन चुका था। यहूदी आप्रवासियों पर बेरोजगार ब्रिटिश-जन्मे श्रमिकों से नौकरियां छीनने तथा वेतन कम करने का आरोप लगाया गया था।तीव्र कठिनाई के इस दौर ने कोस्मिंस्की परिवार सहित कई आप्रवासियों को प्रभावित किया। इन कठिनाइयों के बावजूद, एडवर्ड्स सहित कई विशेषज्ञों का तर्क है कि आरोन कोस्मिंस्की रिपर हत्याओं में शामिल हो सकता है।क्या मामला सुलझ गया?जिज्ञासा और दृढ़ संकल्प से प्रेरित, लेखक रसेल एडवर्ड्स और ब्रिटेन स्थित शिक्षाविद डॉ. जारी लुहेलेनन ने इतिहास के सबसे वीभत्स अपराध रहस्यों में से एक को उजागर करने के लिए 2011 में अथक खोज शुरू की।उनकी यात्रा 2007 में एक नीलामी से शुरू हुई, जब एडवर्ड्स ने एक शॉल खरीदा, जिसके बारे में माना जाता है कि वह कैथरीन एडडोवेस की थी, जो रिपर की पीड़ितों में से एक थी। कैथरीन एडडोवेस की तीन बार परपोती रही कैरेन मिलर के डीएनए विश्लेषण सहित एक सावधानीपूर्वक प्रक्रिया के माध्यम से, उन्होंने शॉल के उसके साथ संबंध की पुष्टि की। इस सफलता के साथ, उन्होंने कोस्मिंस्की परिवार के वंशज की खोज की, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या आरोन कोस्मिंस्की वास्तव में जैक द रिपर था, जिसका डीएनए पदार्थ भी शॉल पर पाया गया था।अनेक बाधाओं के बाद और मामले की गहन जांच करने वाले पूर्व लेखकों के कार्यों का संदर्भ लेने के बाद, अंततः उन्हें आरोन कोस्मिंस्की की बहन मटिल्डा लुब्नोव्स्की के वंशज का पता चला, जो परीक्षण कराने के लिए सहमत हो गई। परिणाम आश्चर्यजनक थे। जब जारी ने एक दिशा में संरेखण चलाया तो 99.2 प्रतिशत समानता पाई गई, तथा जब दूसरी दिशा में चलाया तो 100 प्रतिशत पूर्ण मिलान पाया गया।2013 के आसपास, उनके पास आरोन कोस्मिंस्की को जैक द रिपर बताने के लिए महत्वपूर्ण सबूत थे। उनके डीएनए और उनकी बहन के वंशज के डीएनए के बीच पूर्ण मिलान के साथ, मामला बंद हो गया।अपनी कड़ी मेहनत और जांच पर विचार करते हुए, एडवर्ड्स ने निष्कर्ष निकाला, "वह नाम कभी नहीं मिटेगा।" लेकिन अब, जारी लुहेलेनन की वैज्ञानिक प्रतिभा और मेरे दृढ़ संकल्प, दृढ़ता और विचलित न होने की वजह से, हमें इसका असली नाम मिल गया है।”फिर भी, कुछ लोग अब भी तर्क देते हैं कि यह साबित करने के लिए सबूत अपर्याप्त हैं कि कोस्मिंस्की वास्तव में जैक द रिपर था। क्या वह अकेले काम कर रहा था? क्या केवल पांच महिलाओं की हत्या हुई थी? क्या केवल एक शॉल से यह पुष्टि हो सकती है कि सभी पांच हत्याएं उसी ने की थीं? इनके उत्तर अभी भी कई अनसुलझे रहस्यों में छिपे हुए हैं।आप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

2025-02-19 14:45:28
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तिब्बत से दिल्ली-बिहार तक 31 घंटे में भूकंप के 10 झटके: जानें वजह ?

तिब्बत से दिल्ली तक 10 भूकंप: दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में आज सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इसका केन्द्र दिल्ली बताया जा रहा है। भूकंप की तीव्रता 4 मापी गई है। भूकंप सुबह 5:37 बजे आया। भूकंप इतना तेज था कि लोग अपने घरों से बाहर भाग निकले। तिब्बत से दिल्ली तक 31 घंटे में 10 बार महसूस किए गए भूकंप के झटकेतिब्बत से लेकर दिल्ली और बिहार तक पिछले 31 घंटों में भूकंप के 10 झटके महसूस किए गए हैं। 16 फरवरी को अपराह्न 3:52 बजे तिब्बत में 3.5 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। इसके बाद दूसरा झटका सुबह 8:59 बजे, तीसरा 9:58 बजे और चौथा झटका 11:59 बजे महसूस किया गया। इस भूकंप की तीव्रता 3.5 से 4.5 मापी गई। पिछले कुछ घंटों में चार भूकंप के झटके महसूस किए जाने के बाद तिब्बत के लोग दहशत में हैं। इसके अलावा पिछले कुछ घंटों में अरुणाचल, तिब्बत, इंडोनेशिया और भारत में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।दिल्ली में भूकंप क्यों आया?भूगर्भशास्त्रियों का कहना है कि दिल्ली हिमालय के निकट स्थित है। हिमालय से निकटता के कारण दिल्ली को 'भूकंपीय क्षेत्र' माना जाता है। हिमालय पर्वत का निर्माण भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव के कारण हुआ था, जिसके कारण इस क्षेत्र में अक्सर भूकंप आते रहते हैं।इसके अलावा, दिल्ली की मिट्टी रेतीली और गादयुक्त है, जो भूकंप के दौरान अस्थिर हो सकती है और इमारतों को नुकसान पहुंचा सकती है। इसीलिए कहा जा रहा है कि अगर दिल्ली में तेज भूकंप आया तो भारी नुकसान हो सकता है।आप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।EQ of M: 4.0, On: 17/02/2025 08:02:08 IST, Lat: 25.93 N, Long: 84.42 E, Depth: 10 Km, Location: Siwan, Bihar. For more information Download the BhooKamp App https://t.co/5gCOtjdtw0 @DrJitendraSingh @OfficeOfDrJS @Ravi_MoES @Dr_Mishra1966 @ndmaindia pic.twitter.com/nw8POEed0M— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) February 17, 2025

2025-02-17 14:56:56
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US Indians Deportation: 104 अवैध भारतीय को लेकर अमेरिकी सैन्य विमान अमृतसर उतरा

अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे भारतीयों को वापस उनके वतन भेजा जा रहा है। इसके तहत आज एक अमेरिकी सैन्य विमान ने 104 भारतीयों को अमृतसर के श्री गुरु रामदासजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारा। इनमें 33 गुजराती शामिल हैं। इसमें पंजाब के 30 लोग शामिल हैं। इन 104 भारतीयों में 25 महिलाएं, 13 नाबालिग और 72 पुरुष शामिल हैं। 33 गुजरातियों को अमृतसर हवाई अड्डे पर रखा जाएगा, जहां से उन्हें गुजरात भेजा जाएगा।अमेरिका ने अवैध रूप से रह रहे हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के निवासियों को वापस भेजने का आदेश दिया था। आज वापस लाए गए 104 भारतीयों में से 33 गुजरात के हैं। इनमें से मेहसाणा और गांधीनगर से 12-12 लोग वापस आ चुके हैं। जबकि सूरत से 4 और अहमदाबाद से 2 लोग इसमें शामिल पाए गए हैं। इस विमान में वडोदरा, खेड़ा और पाटन से एक-एक व्यक्ति भी सवार था। सूत्रों के अनुसार, वापस लौटे 104 भारतीयों में से 30 पंजाब से, 33-33 हरियाणा और गुजरात से, 3-3 महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से तथा 2 चंडीगढ़ से हैं। इन भारतीयों को लेकर अमेरिकी सेना का सी-17 विमान टेक्सास के सैन एंटोनियो से भारतीय समयानुसार सुबह 3 बजे रवाना हुआ और इसके लगभग 24 घंटे में भारत पहुंचने की उम्मीद थी। राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने आदेश दिया कि पुलिस और संघीय एजेंसियों की मदद से खोजे गए अवैध आप्रवासियों को ग्वाटेमाला, पेरू और होंडुरास निर्वासित किया जाए। इस ऑपरेशन में अब तक यह पहली बार है कि भारत जैसे दूर देशों से घुसपैठियों को वापस घर भेजने की कवायद की गई है।पंजाब पुलिस ने हवाई अड्डे पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कल कहा कि हमने मुख्यमंत्री के साथ बैठक की और इस मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिया है कि अमेरिका से निर्वासित लोगों को प्रेम से स्वीकार किया जाए।अमेरिका से लौटे गुजरात के लोगअमेरिका में 18,000 अवैध भारतीय अप्रवासीप्रधानमंत्री मोदी ने 27 जनवरी 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। जिसमें पता चला कि भारत ने अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे भारतीयों को वापस बुलाने का फैसला किया है। अनुमान के अनुसार, लगभग 18,000 भारतीय अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे हैं। जिन्हें भारत भेजा जा रहा है। अमेरिका में विभिन्न देशों के 7.25 लाख से अधिक लोग अवैध रूप से रह रहे हैं।आप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

2025-02-05 15:20:38
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डोनाल्ड ट्रंप का मिशन डिपोर्टेशन शुरू! 200 से अधिक अप्रवासी भारतीयों को सैन्य विमान से वापस भेजा

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिका ने प्रवासियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया और सामूहिक देशनिकास शुरू किया। इस अभियान के तहत, सोमवार को अमेरिका से प्रवासियों को लेकर एक अमेरिकी सैन्य विमान भारत के लिए रवाना हुआ। एक अमेरिकी C-17 सैन्य विमान प्रवासियों को लेकर उड़ान भर चुका है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि विमान कम से कम 24 घंटे में भारत पहुंच जाएगा।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस लौटने के बाद भारत के लिए यह पहला देशनिकास होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत के दौरान अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे भारतीयों का मुद्दा उठाया था। इससे पहले, भारत अवैध प्रवासियों को वापस लेने पर सहमत हो चुका था। रिपोर्ट के अनुसार, भारत 18,000 अवैध प्रवासियों को वापस लेगा।सैन्य सहायता से देशनिकास अभियान:ट्रंप प्रशासन ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ अभियान में सहायता के लिए अमेरिकी सेना की मदद मांगी है। इसके लिए अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की गई है। प्रवासियों को वापस भेजने के लिए सैन्य विमानों का उपयोग किया जा रहा है और उन्हें रखने के लिए सैन्य ठिकाने स्थापित किए गए हैं। अब तक, देशनिकास उड़ानें अवैध प्रवासियों को ग्वाटेमाला, पेरू और होंडुरास भेज चुकी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत सबसे दूरस्थ देश होगा जहां यह देशनिकास उड़ान पहुंचेगी।ट्रंप और मोदी के बीच प्रवास मुद्दे पर चर्चा:पिछले महीने शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ पहली टेलीफोन वार्ता में, ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने प्रवासन मुद्दे पर चर्चा की थी और भारत अवैध प्रवासियों को वापस लेने के लिए उचित कदम उठाएगा। व्हाइट हाउस ने कहा था कि दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक बातचीत हुई और उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत और अमेरिका ने लगभग 18,000 भारतीय प्रवासियों की पहचान की है जो अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे हैं। अमेरिका द्वारा जारी किए गए अधिकांश H-1B वीजा भारतीयों को मिले हैं। ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि यदि वे चुने जाते हैं, तो अमेरिका के इतिहास में सबसे बड़ा देशनिकास अभियान शुरू किया जाएगा।आप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

2025-02-04 14:31:05
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भारतीय मछुआरों पर श्रीलंकाई नौसेना की फायरिंग, पांच मछुआरे घायल, एक्शन में विदेश मंत्रालय

भारतीय मछुआरों पर श्रीलंकाई नौसेना की फायरिंग की घटना सामने आई है जो मंगलवार ( 28 जनवरी ) सुबह डेल्फ्ट द्वीप के पास श्रीलंकाई नौसेना की गोलीबारी में पांच भारतीय मछुआरे घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है. जबकि तीन अन्य मछुआरों को हल्की चोटें लगी हैं.जानकारी के अनुसार, मछुआरों का दल परुथी थुराई के पास मछली पकड़ रहा था, तभी उन्हें श्रीलंकाई नौसेना की गश्ती नाव ने घेर लिया. श्रीलंकाई नौसेना ने समुद्री सीमा पार करने के आरोप में एक मछली पकड़ने वाली नाव और 13 मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया. मछुआरों द्वारा नाव को तमिलनाडु की ओर ले जाने का प्रयास करने पर श्रीलंकाई नौसेना ने कथित तौर पर गोलीबारी की थी, जिसमें एक श्रीलंकाई नौसेना अधिकारी भी सवार था. एक मछुआरे के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरा किसी वस्तु के प्रहार से घायल हो गया. गिरफ्तार मछुआरों को कांगेसंतुरई पुलिस को सौंप दिया गया.इस घटना पर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की और मामले की जांच के लिए नई दिल्ली में श्रीलंका के कार्यवाहक उच्चायुक्त को बुलाया। विदेश मंत्रालय ने कहा, 'हम इस मामले की कड़ी आलोचना करते हैं. इन मामलों पर कार्रवाई नहीं की जायेगी. हमने कार्रवाई की मांग की है. साथ ही, भारतीय वाणिज्य दूतावास ने उन घायल मछुआरों से मुलाकात की जिनका जाफना अस्पताल में इलाज चल रहा था। उन्होंने जरूरी इलाज और मुआवजे की भी मांग की है.विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा गया है, "13 में से घायल दो मछुआरों का वर्तमान में जाफना टीचिंग अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है."विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसी जहाज पर सवार तीन और मछुआरों को मामूली चोटें आईं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस बीच जाफना में भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने घायल मछुआरों से मुलाकात की है और उन्हें हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया.

2025-01-28 17:46:55
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चीन के इस AI मॉडल ने दुनिया भर में मचाया हलचल, जानिए "DeepSeek V3" की ख़ासियत

चीन के AI मॉडल ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है। जनवरी 2025 में चीन की डीपसीक एआई लैब ने अपना नया AI मॉडल DeepSeek-V3 लॉन्च किया। नए डीपसीक-वी3 ने अपने लॉन्च के साथ वैश्विक तकनीकी जगत को हिलाकर रख दिया। चीन के ''ChatGPT'' मॉडल ने अमेरिकी आईटी दिग्गजों को मुश्किल में डाल दिया है क्योंकि इसने कृत्रिम बुद्धिमत्ता में अमेरिका को नंबर 1 का ताज पहनाया है।पिछले कुछ वर्षों में, OpenAI, Meta और Google जैसी कंपनियां अमेरिका में AI विकास में सबसे आगे रही हैं। लेकिन अब चीन ने DEPSIK-V3 को लेकर बड़ा दांव खेला है. DeepSec-V3 एक ऐसा मॉडल है जो दुनिया के कुछ बेहतरीन AI सिस्टम को चुनौती दे रहा है, जबकि इसकी निर्माण लागत बहुत कम है।दिलचस्प बात यह है कि चीन के डीपसीक-वी3 मॉडल का लॉन्च भी एक आश्चर्य है क्योंकि अमेरिका ने चीन की प्रगति को धीमा करने के लिए एनवीआईडीआईए के शक्तिशाली चिपसेट जैसे प्रमुख एआई हार्डवेयर का उपयोग करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन चुनौतियों के बावजूद, डिप्सिक ने साबित कर दिया है कि नवाचार सभी परिस्थितियों में हो सकता है।DeepSeek V3 बढ़िया है क्योंकि यह अन्य AI मॉडल के समान ही प्रदर्शन करता है, लेकिन इसे बनाने में बहुत कम पैसे खर्च होते हैं। यह चीन के उन्नत हार्डवेयर प्रतिबंधों के कारण भी महत्वपूर्ण है। आमतौर पर, प्रतिस्पर्धी एआई सिस्टम के निर्माण के लिए अरबों डॉलर की आवश्यकता होती है, और डीपसीक की सफलता से पता चलता है कि रचनात्मक दृष्टिकोण के साथ सीमित बजट पर भी शक्तिशाली एआई मॉडल विकसित करना संभव है। हालाँकि, सबसे बड़ा तथ्य यह है कि डीपसीक-वी3 ओपन-सोर्स है, जिसका अर्थ है कि दुनिया भर के डेवलपर्स इसे एक्सेस कर सकते हैं, यहां तक कि उन जगहों पर भी जिनके पास महंगे एआई टूल में निवेश करने के लिए बहुत कम पैसा है।DeepSeek-V3 की लॉन्चिंग बेहद अहम है. अमेरिका ने बड़े एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए आवश्यक प्रमुख एआई चिप्स तक पहुंच को अवरुद्ध करने के लिए चीन पर लंबे समय से प्रतिबंध लगाए हैं। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य चीन को एआई में तेजी से आगे बढ़ने से रोकना था, लेकिन डीपसीक-वी3 की सफलता से पता चलता है कि ये प्रतिबंध उस तरह काम नहीं कर पाए जैसी अमेरिका को उम्मीद थी। महंगे हार्डवेयर पर भरोसा करने के बजाय, डिप्सिक के इंजीनियरों ने मौजूदा तकनीक को और अधिक कुशल बनाने के नए तरीके ढूंढे और चीनी तकनीकी उद्योग को यह सोचने के लिए मजबूर किया कि एआई सिस्टम कैसे काम करते हैं।यह भी पढ़ें:मध्य प्रदेश के 17 धार्मिक क्षेत्रों में शराबबंदी : मोहन यादव का बड़ा फैसलाउत्तराखंड में कल से लागू होगा समान नागरिक संहिता, जानिए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने क्या कहा ?DeepSeq-V3 दुनिया में चल रही AI रेस में बदलाव का संकेत है। जैसा कि अमेरिकी कंपनियां एआई विकसित करने के लिए काम करना जारी रखती हैं, दीपसिक की सफलता से पता चलता है कि नवाचार अक्सर कड़े नियमों के बावजूद सबसे अप्रत्याशित स्थानों में भी हो सकता है। डीपसेक के नए मॉडल के साथ, अमेरिका पर अब एआई में लगातार निवेश करने का दबाव है और नई रचनात्मकता के साथ काम करने की चुनौती है, खासकर समय की कमी के तहत। डीपसीक के उभरने से पता चलता है कि चीन अब एआई सेगमेंट में एक मजबूत प्रतिस्पर्धी है।DeepSeek-V3 खुला स्रोत है, जिसका अर्थ है कि इसका उपयोग विकासशील देशों की छोटी कंपनियों और शोधकर्ताओं सहित दुनिया भर के डेवलपर्स द्वारा किया जा सकता है। यह दुनिया भर में एआई तकनीक का विस्तार करने और प्रमुख वित्तीय सहायता के बिना देशों के लिए नवाचार को सुलभ बनाने में मदद कर सकता है। अब जब चीन एआई की दुनिया में एक मजबूत और बड़ा खिलाड़ी बन गया है, तो वैश्विक एआई नेतृत्व के लिए प्रतिस्पर्धा अधिक संतुलित होगी और एआई का भविष्य न केवल अमेरिका बल्कि दुनिया भर के कई देशों द्वारा तय किया जाएगा।आप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

2025-01-28 16:59:40
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Pakistan Blast: क्वेटा रेलवे स्टेशन पर जोरदार बम धमाका, 21 लोगों की मौत और 30 घायल

पाकिस्तान के क्वेटा रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह हुए बम विस्फोट में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई है और 30 लोग घायल हो गए हैं। यह विस्फोट ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचने से पहले रेलवे स्टेशन के बुकिंग कार्यालय में हुआ था।विस्फोट की सूचना मिलते ही पुलिस और बचावकर्मी विस्फोट स्थल पर पहुंच गए. क्वेटा के सिविल अस्पताल में आपात स्थिति लागू कर दी गई और घायलों के इलाज के लिए अतिरिक्त डॉक्टरों और पैरामेडिक्स को बुलाया गया। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, जफर एक्सप्रेस सुबह 9 बजे पेशावर के लिए रवाना होने वाली थी। अधिकारियों ने बताया कि जब विस्फोट हुआ तब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर नहीं पहुंची थी. घायलों को मृतकों को सिविल अस्पताल क्वेटा पहुंचाया गया। घायलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल में आपातकाल घोषित करना पड़ा। संकट से निपटने के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिक्स समेत बाहर से अतिरिक्त चिकिस्ता कर्मियों को बुलाया गया।मीडिया सहयोगी को सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने बताया है कि पीड़ितों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। एसएसपी ऑपरेशन मोहम्मद बलूच ने कहा कि विस्फोट के समय जब प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में यात्री मौजूद थे। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने हमले की निंदा की और कहा कि इसके जिम्मेदार आतंकियों को छोड़ा नहीं जाएगा।

2024-11-09 13:16:51
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US Election Result: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी जीत, बनेंगे 47वें राष्ट्रपति

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है. हालांकि वोटों की गिनती अभी भी जारी है. इस बीच अमेरिकी मीडिया आउटलेट फॉक्स न्यूज ने ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की जीत की घोषणा की है. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने भी ट्रंप को जीत की बधाई दी है. इस तरह ट्रंप अब अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति बनेंगे.इस चुनाव अभियान के दौरान, दोनों प्रतिद्वंद्वियों ने सात स्विंग राज्यों पर ध्यान केंद्रित किया, जिनमें से सभी में ट्रम्प अग्रणी थे। ट्रम्प ने उनमें से दो में जीत हासिल की है, इस चुनावी प्रक्रिया में राष्ट्रपति बनने के लिए आवश्यक वोटों की संख्या 270 है, क्योंकि 538 इलेक्टोरल कॉलेज हैं और जीत के लिए 270 या अधिक की आवश्यकता है। ट्रंप 277 वोटों के साथ बहुमत का आंकड़ा पार कर चुके हैं, जबकि कमला हैरिस 226 वोटों के साथ पीछे चल रही हैं.Elon मस्क ने एक पोस्ट साझा की. जिसमें एलन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी फोटो शेयर की है. यह फोटो हाल ही की लग रही है, जिसमें वे मतगणना के दिन डाइनिंग टेबल पर बैठे एक-दूसरे से बात करते नजर आ रहे हैं. मस्क लगातार डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में प्रचार और पोस्ट कर रहे हैं. इतना ही नहीं, मस्क ने एक पोस्ट किया जिसमें एक एआई इमेज में उन्हें मंत्री पद की शपथ लेते हुए दिखाया गया। हालांकि, सरकार बनने के बाद वह कोई मंत्रालय संभालेंगे या नहीं, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।

2024-11-06 13:09:56
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US Election 2024: कमला हैरिस या डोनाल्ड ट्रम्प? कौन संभालेगा अमेरिका की कमान

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग शुरू हो गई है। अमेरिका-कनाडा बॉर्डर से सटे न्यू हैम्पशायर में सोमवार आधी रात को पहला वोट डाला गया है। 7.8 करोड़ से अधिक अमेरिकी पहले ही अपने वोट डाल चुके हैं।अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मंगलवार (आज) यानी 5 नवंबर को मतदान शुरू हो गया। रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप (78) और डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रत्याशी कमला हैरिस (60) के बीच मुख्य मुकाबला है। 16 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर इनके भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान खत्म होने के बाद ही मतगणना शुरू हो जाएगी और कल नतीजे आने की भी उम्मीद है।हैरिस वाशिंगटन डीसी में डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी मुख्यालय पहुंचींकमला हैरिस वाशिंगटन डीसी में डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी के मुख्यालय में कर्मचारियों और उनके अभियान के लिए फोन बैंकिंग करने वाले लोगों से मिलने पहुंची हैं। हैरिस ने कई मतदाताओं से फोन पर बात की, जहां उन्हें यह कहते हुए सुना गया कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हर कोई भाग ले।ट्रंप शासनकाल के दौरान कैसे थे भारत-अमेरिका के रिश्तेट्रंप ने अपने पिछले शासनकाल में भारत से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस लिया था और भारतीय वस्तुओं शुल्क बढ़ाने की सिफारिश की थी। हालांकि ट्रंप के शासनकाल के आखिरी समय में अमेरिका के साथ मिनी व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर कमोबेश पूरी सहमति बन गई थी,लेकिन सत्ता परिवर्तन से उसे अंजाम नहीं दिया जा सका।

2024-11-06 02:25:20
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Canada में खालिस्तानीयो ने हिन्दू मंदिर पर किया हमला, श्रद्धालुओं को लाठी से मारा

कनाडा के ब्रैम्पटन में रविवार को हिंदू सभा मंदिर में आए लोगों पर खालिस्तानी समर्थकों ने हमला कर दिया। हमलावरों के हाथों में खालिस्तानी झंडे थे। उन्होंने मंदिर में मौजूद लोगों पर लाठी-डंडे बरसाए। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने भी श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।क्या बोले पीएम मोदी ?भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा में हिंदू मंदिर पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि हमें कनाडा सरकार से कार्यवाही की उम्मीद है। ऐसी घटनाएं हमें कमजोर नहीं कर सकतीं।कनाडाई पीएम क्या कहा?इस बारे में कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का कहना है कि ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में हुई हिंसा को स्वीकार नहीं किया जा सकता। हर कनाडाई को अपने धर्म का स्वतंत्र और सुरक्षित तरीके से पालन करने का अधिकार है।घटना के बाद से इलाके में तनाव है। भारी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई है। पील रीजनल पुलिस चीफ निशान दुरईप्पा ने लोगों से संयम बरतने की अपील की।मंदिरों पर हमला और हाथापाई क्यों हुई?मुद्दा अब यह है कि ब्रम्पट और सर्दी के मंदिरों के बाहर ऐसी हरकत क्यों हुई? यह हमला मंदिर पर है या वहां दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं पर? या फिर हिंदुओं पर हमले के बहाने भारत सरकार के खिलाफ यह एक और साजिश है? 

2024-11-04 23:25:55
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World War 3? बाढ़, बारिश और तबाही है पैगाम...ईरान और इस्राइल के बीच छिड़ी भारी जंग

इजरायल के ईरान पर हमले के बाद एक बार फिर दोनों देशों में तकरार बढ़ गई है। इजरायल ने 25 अक्टूबर को ईरान के कई सैन्य ठिकानों और मिसाइल निर्माण इकाइयों को निशाना बनाया। इसमें कई ईरानी सैन्य अधिकारियों की मौत की भी खबर है। इस बीच ईरान मिलिट्री ने फिर एक खतरनाक ट्वीट किया है, जिसके जरिये उन्होंने ईरान में "मौत की बाढ़, बारिश और तबाही मचाने वाला पैगाम" भेजा है। मिडिल ईस्ट में छिड़ सकता है बड़ा युद्धहमले के बाद अमेरिका ने ईरान  को चेतावनी दी है कि वो इजरायल से बदला लेने की न सोचे, लेकिन ईरान बदला लेने पर अड़ा हुआ है। ईरान ने कहा है कि वो अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाता रहेगा। ईरान के बयान के बाद मिडिल ईस्ट में फिस से बड़ा युद्ध छिड़ने के आसार हो गए हैं। 

2024-10-27 13:37:35
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Israel-Iran War: इस्राइल का ईरान पर बड़ा हमला, सैन्य ठिकानों पर दागी मिसाइलें

इजरायल ने 25 दिन बाद जबावी कार्रवाई करते हुए ईरान पर बड़ा हमला किया है। ईरान के कई शहरों में धमाके हुए हैं। हालांकि, ईरानी मीडिया में कहा गया है कि ये हमले तेय संयंत्रों या परमाणु ठिकानों पर नहीं हुए हैं। सिर्फ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इन हमले से ईरान में नुकसान की तत्काल कोई जानकारी नहीं है। इजरायल की सेना ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि हमने ईरान में सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं।ईरान ने एक अक्टूबर को इजरायल पर लगभग 180 मिसाइलें दागी थीं। इसके बाद इजरायल की तरफ से कहा गया था कि ईरान को इस हमले की कीमत चुकानी होगी और अब इजरायल की तरफ से जवाबी कार्रवाई की गई है। ईरानी अधिकारियों ने बार-बार इजरायल को हमला करने के खिलाफ चेतावनी दी है और कहा है कि ईरान पर किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा। 

2024-10-26 07:41:44
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Turkey Attack: तुर्किये की राजधानी में बड़ा आतंकी हमला, कई लोगों की मौत

अलजजीरा के अनुसार, तुर्किये के आंतरिक मंत्री ने कहा कि तुर्किये एयरोस्पेस और रक्षा कंपनी TUSAS के परिसर पर हुए हमले में कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं। अली येरलिकाया ने राजधानी अंकारा के बाहरी इलाके में मौजूद तुर्किये एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज पर हुए हमले के बारे में और जानकारी नहीं दी।बुधवार को तुर्किए एयरोस्पेस और रक्षा कंपनी TUSAS के परिसर पर आतंकी हमला और गोलीबारी हुई। इस हादसे में 10 से अधिक लोगों की मौत और कई लोग घायल हो गए हैं। तुर्किए के आंतरिक मंत्री ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि बुधवार को तुर्किए की एयरोस्पेस और रक्षा कंपनी TUSAS के परिसर पर हुए हमले में कई लोग मारे गए या घायल हो गए हैं।

2024-10-23 19:56:56
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भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए खुशखबरी: भारत-पाकिस्तान ने करतारपुर साहिब समझौते को 5 साल के लिए बढ़ाया

भारत और पाकिस्तान ने श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर पर अगले पांच साल के लिए समझौते को रिन्यू किया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ये जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार हमारे सिख समुदाय को उनके पवित्र स्थलों तक पहुंच की सुविधा प्रदान करना जारी रखेगी।ये जगह पाकिस्तान के पंजाब के नारोवाल जिले में आती है। यहीं पर करतारपुर बसा हुआ है। ये जगह लाहौर से 120 किलोमीटर दूर है और भारत-पाकिस्तान सीमा से सिर्फ तीन किलोमीटर दूर है।विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस समझौते की समय सीमा बढ़ाने से भारतीय श्रद्धालु बिना किसी रुकावट के गुरुद्वारे के दर्शन कर सकेंगे। भारत ने पाकिस्तान से यह भी अपील की है कि वह हर तीर्थयात्री से ली जाने वाली 20 अमेरिकी डॉलर की सेवा शुल्क को हटाए। भारत पहले भी पाकिस्तान से इस शुल्क को हटाने का अनुरोध कर चुका है। क्या है करतारपुर साहिब?करतारपुर साहिब गुरुद्वारे को गुरुद्वारा दरबार साहिब के नाम से जाना जाता है। ये सिखों का प्रमुख धार्मिक स्थल है, क्योंकि यहां गुरु नानक देव ने अपने जीवन के आखिरी वर्ष बिताए थे। यहां नानक जी ने 16 सालों तक अपना जीवन बिताया था। बाद में इसी जगह पर गुरु नानक देव ने अपनी देह त्यागी। जिसके बाद यहां गुरुद्वारा दरबार साहिब बनाया गया।

2024-10-23 02:35:48
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BRICS Summit 2024: चीन के राष्ट्रपति से मिलेंगे पीएम मोदी, दुनिया की नज़रे इस मुलाकात पर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने रूस के कजान पहुंच चुके हैं। इस बीच बड़ी खबर आ रही है कि बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी। इसकी पुष्टि विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने की है। पिछले चार साल से पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा पर गतिरोध जारी है।रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार की रात BRICS नेताओं के लिए आयोजित डिनर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। दोनों नेताओं को इस मौके पर गर्मजोशी से हाथ मिलाते हुए देखा गया।मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए एशिया के दोनों बड़े नेताओं के बीच होने वाली मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें हैं।पीएम मोदी ने इस मौके पर यह भी कहा कि पिछले 3 महीनों में रूस की उनकी दूसरी यात्रा दोनों देशों के बीच ‘घनिष्ठ’ तालमेल और गहरे विश्वास को दर्शाती है। 

2024-10-23 02:31:21
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BRICS Summit के लिए रशिया रवाना हुए पीएम मोदी, कहा- कई मुद्दों पर व्यापक चर्चा के लिए उत्साहित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार 22 अक्टूबर को 16वें ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने रूस के दो दिवसीय यात्रा पर रवाना हो गए हैं. साउथ एशिया में भारत के बढ़ते कद को देखते हुए पीएम मोदी का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण होने वाला है.रूस के कजान शहर पहुंचने के दो घंटे बाद ही उनकी पुतिन से द्विपक्षीय वार्ता होगी। यह पांच महीनों के भीतर दोनों नेताओं की दूसरी मुलाकात होगी।विभिन्न नेताओं से मिलने के लिए उत्सुक हूंरूस के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी सूचना दी. उन्होंने लिखा, "ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए रूस के कजान जा रहा हूं. भारत ब्रिक्स के लिए बहुत महत्व देता है, और मैं वहां विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला पर व्यापक चर्चा के लिए उत्साहित हूं. मैं वहां विभिन्न नेताओं से मिलने के लिए भी उत्सुक हूं."ब्रिक्स का ये है प्रमुख विषय16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का प्रमुख विषय 'न्यायसंगत वैश्विक विकास और सुरक्षा के लिए बहुपक्षवाद को मजबूत करना' है। इस विषय पर आयोजित होने वाला यह शिखर सम्मेलन नेताओं को प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।

2024-10-22 08:56:37
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McDonald में फ्रेंच फ्राइज़ बनाते दिखे ट्रम्प, कमला हैरिस को कहा, मेने तुमसे....

अमेरिका में जैसे-जैसे चुनाव की तारीख  पास आ रही है, वैसै-वैसे चुनावी तरकीबे भी अपनाई जा रही है। इस कड़ी में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने फिलाडेल्फिया में अलग तरीके से चुनाव प्रचार किया।अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प इस वक्त अपने इलेक्शन कैंपेन में बहुत व्यस्त हैं। अपने वयस्त कार्यक्रमों में से उन्होंने कुछ समय निकालकर वह पेन्सिलवेनिया के मैकडॉनल्ड्स में रुके। इस दौरान उन्होंने फ्रेंच फ्राइज़ बनाने की कोशिश की। साथ ही उन्होंने उपराष्ट्रपति कमला हैरिस पर तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि, "मुझे फ्रेंच फ्राइज बहुत पसंद है। मुझे यहां पर काम करना भी बहुत अच्छा लगता है।" आगे ट्रम्प ने कहा कि, "मैंने कमला से 15 मिनट अधिक काम किया।"

2024-10-21 09:58:20
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निज्जर हत्याकांड में भारत के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है- कनडाई Trudeau का कबूलनामा

कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने बुधवार को स्वीकार किया कि पिछले साल खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय सरकारी एजेंटों की संलिप्तता का आरोप लगाते समय उनके पास केवल खुफिया जानकारी थी और कोई ठोस सुबूत नहीं था। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिस ट्रूडो ने स्वीकार किया है कि उन्होंने बिना किसी ठोस सबूत के खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार के एजेंटों के शामिल होने का आरोप लगाया था। कनाडाई पीएम ने कहा कि पिछले साल आरोप लगाते समय उनके पास सिर्फ खुफिया जानकारी ही थी।इससे पहले पहले भारत कई बार यह स्पष्ट कर चुका है कि कनाडा ने निज्जर हत्यांकाड मामले में भारत को कोई सबूत नहीं दिए हैं। कनाडा हो या न्यूजीलैंड या कोई और भारत बिना ठोस सबूत के अपना रुख नहीं बदलेगा।आप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

2024-10-17 03:47:18
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India-Canada: ट्रूडो सरकार को भारत ने दिखाई आंख, कनाडा से उच्चायुक्त वापस बुलाएगा भारत

भारत और कनाडा के बीच संबंधों में तनातनी दिखाई दे रही है। दोनों के बीच राजनयिक संबंध बिगड़ सकते हैं। दरअसल भारत सरकार ने कनाडा से उच्चायुक्त और अन्य लक्षित राजनयिकों और अधिकारियों को वापस बुलाने का फैसला किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कनाडा के राजदूत को नई दिल्ली तलब कर इस फैसले की जानकारी दे दी है। भारत ने कहा है कि उग्रवाद और हिंसा के माहौल में ट्रूडो सरकार की कार्रवाइयों ने अधिकारियों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है, इसलिए हमें उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा कनाडाई सरकार की प्रतिबद्धता पर कोई भरोसा नहीं है।यह पहली बार नहीं है जब कनाडाई प्रधानमंत्री ट्रूडो चर्चा में आए हों, इससे पहले भी कई कारणों से वो सुर्खियों में आए हैं। आप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

2024-10-14 21:00:27
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SCO Summit से पहले पाकिस्तान मे हुआ बड़ा हमला, 20 लोगों की मौत

पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित एक कोयला खदान में बड़ा हमला हुआ है। हथियारबंद लोगों ने कोयला खदान में हमला बोला। अभी तक 20 लोगों की मौत की खबर है। घटना शुक्रवार तड़के बलूचिस्तान के डुकी इलाके की है। यहां स्थित जुनैद कोयला कंपनी की खदानों पर हथियारबंद लोगों ने हमला किया।पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिम इलाके में बंदूकधारियों ने 20 लोगों की हत्या कर दी और सात को घायल कर दिया। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अशांत बलूचिस्तान प्रांत का यह ताजा हमला देश की राजधानी में आयोजित होने वाले एक प्रमुख सुरक्षा शिखर सम्मेलन से कुछ दिन पहले किया गया है। डुकी जिले के राजनीतिक प्रमुख हाजी खैरुल्लाह नासिर ने घटना के बारे में मीडिया को बताया कि अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी करते हुए कई लोगों की हत्या कर दी है। उन्होंने यह भी कहा कि हथियारों से लैस हमलावरों ने घटनास्थल से भागने से पहले खदानों और मशीनों में आग लगा दी। 

2024-10-11 10:20:30
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ASEAN Summit: पीएम मोदी ने जापान, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री से की मुलाकात, इन बातों पर हुई चर्चा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को लाओस में ऑस्ट्रेलिया, जापान और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री से विशेष मुलाकात की। इस दौरान वह कई अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों से भी मिले और भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने पर चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के बाद ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज और क्वाड समूह के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर प्रधानमंत्री ने लिखा, मेरे मित्र पीएम अल्बनीज से मिलकर खुशी हुई।प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा लाओस के उनके समकक्ष सोनसाई सिपंडोन के निमंत्रण पर हो रहा है। भारत-आसियान शिखर सम्मेलन के बाद वह 19वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे। यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस साल भारत की एक्ट ईस्ट नीति के दस वर्ष पूरे हो रहे हैं। 

2024-10-11 03:29:18
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पाकिस्तानी लड़की के सवाल पर भड़क उठे जाकिर नाइक... देखे विडियो

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की रहने वाली एक मुस्लिम लड़की पलोशा ने पिछले दिनों खुद को इस्लामिक स्कॉलर कहने वाले जाकिर नाइक से एक सवाल पूछ लिया। इस पर जाकिर नाइक भड़क गया और लड़की से ही सवाल पूछने के लिए माफी मांगने को कहने लगा।दरअसल, लड़की ने जाकिर नाइक से कहा, 'मैं ऐसे इलाके से आती हूं, जहां पश्तो बोली जाती है. मैं जहां से आती हूं, वहां पूरी तरह से इस्लामिक सोसायटी है. वहां महिलाएं बिना वजह घर से बाहर नहीं जातीं. हर जुमा (शुक्रवार) को तब्लीगी जमात के लोगों का बयान होता है. कुछ समय पहले वहां बड़ा तब्लीगी इज्तिमा भी हुआ. हमारे इलाके के लोग बहुत धार्मिक हैं. लेकिन क्या वजह हो सकती है कि वहां ड्रग एडिक्शन और बच्चों का यौन उत्पीड़न (Peadophile), सूदखोरी जैसी बुराइयां व्याप्त हैं. वहां सोसायटी क्यों बिखर रही है. बच्चों का उत्पीड़न करने वालों को उलेमा क्यों नहीं समझाते?.'यही नहीं जब लड़की ने अपने सवाल को फिर से दोहराया और माफी मांगने से इनकार कर दिया तो उसने कहा कि कितनी गलत बात है कि पहले तो इस्लाम पर तोहमत लगा दी और अब कहा कि माफी मांग लो तो उसके लिए भी तैयार नहीं है। पलोशा का कहना था कि मैं जहां की रहने वाली हूं, वहां लोग पूरी तरह से इस्लाम का पालन करती हैं। महिलाएं बिना किसी काम के बाहर नहीं जाती हैं। पुरुष नमाज नहीं पढ़ते, लेकिन जुमे पर तबलीगी जमात के कार्यक्रमों में जाते हैं। उन लोगों का सामाजिक व्यवहार भी मजहब के आधार पर है। इसके बाद भी वहां ड्रग एडिक्शन, सूदखोरी, व्यभिचार और बच्चों से यौन उत्पीड़न बढ़ रहा है। इन बुराइयों ने वहां जड़ें जमा ली हैं। पलोशा ने कहा कि आखिर इस पर उलेमा कुछ क्यों नहीं बोलते हैं, जबकि समाज का पतन हो रहा है। इस सवाल के जवाब में पहले तो जाकिर नाइक ने महिला पर हजारों की भीड़ में तंज कसा। जाकिर नाइक बोला, 'आप कहती हैं कि महिलाएं बिना काम के बाहर नहीं जाती हैं। मैं कहता हूं कि बिना काम के किसी को भी बाहर नहीं जाना चाहिए। पुरुषों को भी नहीं जाना चाहिए। मैं भी बिना काम के बाहर नहीं निकलता।' यही नहीं जाकिर नाइक ने कहा कि महिला का सवाल ही गलत है कि बच्चों से यौन उत्पीड़न होता है और ऐसा करने वाले लोग मुसलमान हैं। जाकिर नाइक बोला कि इस्लाम पेडोफिलिया (बच्चों से यौन संबंध) को गलत माना गया है। इसलिए यदि कोई मुसलमान है तो फिर वह पेडोफिलिया नहीं कर सकता है और यदि ऐसा करता है तो वह मुसलमान नहीं हो सकता।आप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

2024-10-08 01:39:59
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Bangladesh ने क्यों भारत समेत 5 देशों से अपने राजदूतों को वापस बुलाया?

शेख हसीना के पद से हटने और देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार ने गुरुवार को बड़ा फैसला लिया है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने अपने पांच राजदूतों को वापस ढाका बुला लिया है। यह राजदूत भारत, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, पुर्तगाल और संयुक्त राष्ट्र में तैनात थे।बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भारत सहित पांच देशों से अपने राजदूत वापस बुला लिए हैं। भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, पुर्तगाल और संयुक्त राष्ट्र से बांग्लादेश के राजदूत वापस बुलाए गए हैं। शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद बांग्लादेश और भारत के संबंध कुछ खास नहीं रहे हैं।भारत में उच्चायुक्त मुस्तफिजुर रहमान के अलावा जिन अन्य लोगों को वापस बुलाया गया है, उनमें न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के स्थायी प्रतिनिधि और ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम और पुर्तगाल में बांग्लादेश के राजदूत शामिल हैं। जिन राजदूतों को वापस बुलाया गया है, वह आने वाले महीनों में रिटायर होने वाले थे। भारत में उच्चायुक्त रहमान भी इनमें शामिल हैं।

2024-10-03 10:37:03
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ईरान ने इजराइल पर किया ताबड़तोड़ मिसाइल हमला, भड़का अमेरिका, हमास में जश्न

ईरान ने इजरायल पर मिसाइलें दागी हैं। ईरान का कहना है कि उसने हिज्बुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह और हमास चीफ इस्माइल हानिया की हत्या के विरोध में मिसाइलें दागीं हैं। ईरान ने यह भी कहा है कि अगर इजरायल ने हमला किया तो उसे करारा जवाब मिलेगा। ईरान द्वारा इस्राइल पर लगभग 200 मिसाइलें दागे जाने के कुछ घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि, ऐसा प्रतीत होता है कि इस्राइल पर किया गया ईरानी मिसाइल हमला विफल और अप्रभावी रहा है। अमेरिका इस्राइल का पूरी तरह से समर्थन करता है। वहीं दूसरी ओर इस्राइली सेना ने कथित तौर पर कहा कि हमले में किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है।ईरानी लोगों ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उधर, हमास ने भी ईरानी हमले की प्रशंसा की। ईरान में लोगों ने हिजबुल्लाह के झंडे और हसन नसरल्लाह की तस्वीरे के साथ रैली निकाली। राजधानी तेहरान में जमकर आतिशबाजी की गई। गाजा पट्टी में भी लोगों ने ईरानी हमले का जश्न मनाया।आप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

2024-10-02 08:48:32
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कोरोना और मंकीपॉक्स के बाद अब नए वायरस का 'आतंक'!

साल 2020 से पूरी दुनिया कोविड-19 महामारी का सामना कर रही है। यह वायरस अब तक 70 करोड़ से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बना चुका है। कोरोना वायरस के बाद वैश्विक स्तर पर मंकीपॉक्स के मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। मंकीपॉक्स इन दिनों एक बड़ा स्वास्थ्य खतरा है। ताजा जानकारी के मुताबिक भारत में अब तक इसके तीन मरीज सामने आ चुके हैं। कोरोना और मंकीपॉक्स के जारी खतरों के बीच एक नई संक्रामक बीमारी स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता बढ़ा रही है।पूर्वी अफ्रीकी देश रवांडा में मारबर्ग वायरस का प्रकोप देखा जा रहा है। यहां अब तक 26 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और छह लोगों की इससे मौत हो चुकी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 30 में से सात जिलों में इस वायरस के मामले सामने आ चुके हैं। 26 में से 20 मामले गंभीर हैं और अलग-थलग हैं। संक्रमित लोगों के संपर्क में आए करीब 160 लोगों पर नजर रखी जा रही है.मारबर्ग वायरस चेतावनीकहा जाता है कि मारबर्ग वायरस कई मामलों में चुनौतीपूर्ण है, इसकी मृत्यु दर 88% तक है जो विशेषज्ञों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय है। माना जाता है कि यह वायरस इबोला परिवार का है, जिसके मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। कोरोना वायरस की तरह यह भी चमगादड़ से इंसानों में फैल सकता है। संक्रमित व्यक्तियों के शरीर के तरल पदार्थ के संपर्क में आने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने का खतरा होता है।डब्ल्यूएचओ ने वायरस को रोकने और संक्रमित लोगों में इसकी जटिलताओं को कम करने के प्रयासों में सभी से सतर्क रहने की अपील की है। विशेषज्ञों ने कहा कि क्लिनिकल देखभाल और संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।आप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

2024-10-01 13:11:28
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अमेरिका में BAPS मंदिर पर फिर हमला और तोड़फोड़, 'हिंदू वापस जाओ' के नारे लिखे

कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो स्थित BAPS श्री स्वामीनारायण मंदिर में 25 सितंबर की रात को हिंदू विरोधी संदेशों के साथ तोड़फोड़ की गई। अपवित्रता की यह घटना न्यूयॉर्क के मेलविले स्थित BAPS मंदिर में इसी तरह की घटना के दस दिन से भी कम समय बाद हुई है।दीवारों पर पाए गए परेशान करने वाले संदेशों में "हिंदुओं वापस जाओ" जैसे धमकी भरे शब्द शामिल थे, जिससे स्थानीय हिंदू समुदाय में गंभीर चिंता पैदा हो गई है। इस असहिष्णुता के जवाब में, समुदाय के नेताओं ने नफरत के खिलाफ एकजुट होने का संकल्प लिया है, और शांति और एकता को बढ़ावा देने के लिए अपने समर्पण पर जोर दिया है।"न्यूयॉर्क में BAPS मंदिर के अपमान के 10 दिन से भी कम समय बाद , कल रात कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो क्षेत्र में हमारे मंदिर का अपमान किया गया: "हिंदुओं वापस जाओ!" हम शांति के लिए प्रार्थना करते हुए घृणा के खिलाफ एकजुट हैं," BAPS की आधिकारिक एक्स पोस्ट में लिखा गया है।इस घटना पर हिंदू समुदाय की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है, जिसमें घृणित भित्तिचित्र और पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई है । अधिकारियों के अनुसार, 'घृणा अपराध' की जांच वर्तमान में प्रगति पर है, BAPS बर्बरता को संबोधित करने और जिम्मेदार व्यक्तियों को परिणाम भुगतने के लिए कानून प्रवर्तन के साथ मिलकर काम कर रहा है।इस परेशान करने वाली घटना के बाद, समुदाय के सदस्य प्रार्थना समारोह के लिए एकत्र हुए और परम पावन महंत स्वामी महाराज से शांति और एकजुटता की शिक्षाओं से सांत्वना प्राप्त की।कैलिफोर्निया राज्य विधानसभा सदस्य स्टेफनी गुयेन, एल्क ग्रोव के मेयर बॉबी सिंह-एलन, रैंचो कॉर्डोवा के उप मेयर सिरी पुलिपती और पुलिस प्रमुख मैथ्यू तामायो जैसे स्थानीय नेता भी प्रार्थना में शामिल हुए तथा समुदाय और उनकी मान्यताओं के प्रति समर्थन और सम्मान प्रदर्शित किया।सीबीएस के अनुसार, सैक्रामेंटो काउंटी शेरिफ कार्यालय ने माथेर में बीएपीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर में तोड़फोड़ की रिपोर्ट पर कार्रवाई की। तोड़फोड़ करने वालों ने इमारत पर स्प्रे-पेंटिंग की थी और पानी के पाइप को नुकसान पहुंचाया था। शेरिफ कार्यालय फिलहाल घटना की जांच कर रहा है और संदिग्ध की तलाश कर रहा है।न्यूयॉर्क के मेलविले में BAPS स्वामीनारायण मंदिर के बाहरी हिस्से को आपत्तिजनक भित्तिचित्रों से भर दिया गया। कांग्रेसी ब्रैड शेरमैन ने इस कृत्य की निंदा करते हुए इसे हिंदू समुदाय के खिलाफ़ "घृणा का घिनौना कृत्य" और "धार्मिक बहुलवाद के हमारे साझा मूल्यों पर अन्यायपूर्ण हमला" बताया।

2024-09-26 17:02:44
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सुनीता विलियम्स ने रचा इतिहास, दूसरी बार बनी अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की कप्तान

अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स को धरती पर वापस लाने की कोशिशें जारी हैं । साथ ही उन्हें अंतरिक्ष में भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. जानकारी के मुताबिक, सुनीता विलियम्स को आईएसएस यानी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की कमान सौंपी गई है। उन्हें आईएसएस का कैप्टन बनाया गया है. खास बात यह है कि वह यह जिम्मेदारी पहले भी निभा चुके हैं. वह साथी अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर के साथ 5 जून, 2024 से अंतरिक्ष स्टेशन पर हैं।अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने की घोषणाबोइंग स्टारलाइनर में तकनीकी खराबी के कारण सुनीता विलियम्स की अंतरिक्ष यात्रा लंबी हो गई। कहा जा रहा है कि उनकी वापसी फरवरी 2025 तक के लिए टाल दी गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने घोषणा की है कि रूसी अंतरिक्ष यात्री ओलेक कोनेनेंको ने अंतरिक्ष स्टेशन की कमान सुनीता विलियम्स को सौंप दी है। इस संबंध में अंतरिक्ष स्टेशन पर एक छोटा सा कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। अंतरिक्ष में 374 दिन बिताने के बाद रूस के कोनेनेंको, निकोलाई चुब और अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री ट्रेसी सी. डायसन पृथ्वी पर लौट आए हैं। डायसन 6 महीने तक अंतरिक्ष में रहे।दो रूसियों और एक अमेरिकी को लेकर एक सोयुज कैप्सूल सोमवार को कजाकिस्तान में उतरा। इससे दो रूसी अंतरिक्ष यात्रियों का लंबा प्रवास समाप्त हो गया। आईएसएस से अलग होने के करीब साढ़े तीन घंटे बाद कैप्सूल कजाकिस्तान में उतरा. पृथ्वी पर वापसी के अंतिम चरण के दौरान, कैप्सूल लाल और सफेद पैराशूट के खुलने के साथ लगभग 7.2 मीटर प्रति सेकंड की गति से नीचे उतरा।सुनीता विलियम्स ने दूसरी बार कमान संभालीइससे पहले सुनीता विलियम्स ने करीब 12 साल पहले 2012 में अभियान 33 के दौरान अंतरिक्ष स्टेशन की कमान संभाली थी. अंतरिक्ष स्टेशन के कप्तान होने के नाते, भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री कई महत्वपूर्ण संचालन और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए जिम्मेदार होंगे। प्रदर्शन के दौरान, विलियम्स ने कहा, “एक्सपीडिशन 71 के बाद से हमने बहुत कुछ सीखा है...आपने मुझे और बुच को स्वीकार किया। भले ही यह योजना का हिस्सा न हो. आपने हमारा परिवार की तरह स्वागत किया.Indian-origin NASA astronaut #SunitaWilliams takes command of the International Space Station, #ISS, marking her second time leading the orbiting laboratory. #NASA announces Russian cosmonaut Oleg Kononenko handed over the command of the space station to Sunita Williams at a… pic.twitter.com/1SU47tU4QI— All India Radio News (@airnewsalerts) September 24, 2024

2024-09-24 20:50:52
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भूकंप के तेज झटके से हिला जापान, रिक्टर स्केल 5.9 की तीव्रता, सुनामी की चेतावनी

जापान आज फिर तेज भूकंप से हिल गया. आज सुबह 5 बजे टोक्यो के दक्षिणी हिस्से में इज़ू द्वीप के तट पर भूकंप महसूस किया गया। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 थी. हालांकि, भूकंप से अभी तक किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि, मौसम विभाग ने तटीय इलाकों के लिए तत्काल चेतावनी के साथ सुनामी का अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों में डर पैदा हो गया है.5.9 तीव्रता का भूकंपलोगों को तटीय इलाकों से हटने के लिए कहा गया है, क्योंकि समुद्र में 1 से 2 मीटर ऊंची लहरें उठने की आशंका है. आज सुबह आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 दर्ज की गई. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, हाचिजो के समुद्री द्वीप के पास समुद्र में छोटी-छोटी सुनामी लहरें देखी गई हैं. अगर कोई दूसरा झटका आता है तो ये लहरें बड़ी सुनामी का रूप ले सकती हैं। भूकंप का केंद्र द्वीप से करीब 180 किमी दूर था.सुनामी की चेतावनीजापान के मौसम विभाग ने सुनामी की विशेष चेतावनी जारी की है और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत वहां से हटने का निर्देश दिया है. ऐसी आशंका है कि समुद्र में 1-2 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जो सुनामी का रूप ले सकती हैं. सूत्रों के मुताबिक, हचीजो सागर द्वीप के पास छोटी सुनामी लहरें देखी गई हैं। दूसरी ओर, यदि कोई आफ्टरशॉक या बड़ा झटका आता है, तो लहरें और भी ऊंची हो सकती हैं और अधिक विनाश का कारण बन सकती हैं। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया जा रहा है.जापान सर्वाधिक भूकंप प्रवण देशों में से एक है। क्योंकि देश की धरती के नीचे 4 टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं, जिसके कारण अक्सर भूकंप आते रहते हैं। एजेंसियों के मुताबिक, जापान में हर महीने या हर हफ्ते भूकंप महसूस किए जाते हैं। अभी पिछले महीने ही 7.1 तीव्रता का बड़ा भूकंप आया था. जिसके चलते पूरे देश में अलर्ट की स्थिति बन गई. जापान में भूकंप आना आम बात हो गई है, लेकिन मौसम विभाग की इस मेगाकंपनी की चेतावनी को गंभीरता से लिया जा रहा है।आप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।Japan's remote Izu islands hit by small tsunami after 5.9 magnitude earthquake https://t.co/HevFibMNDl pic.twitter.com/MbfdwPBhoe— CNA (@ChannelNewsAsia) September 24, 2024

2024-09-24 12:39:54
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Lebanon और Israel लगातार बमबारी जारी , 500 लोगों की हुई मौत, जानिए पूरी घटना ?

इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आईडीएफ ने लेबनान में भारी तबाही मचाई है। सोमवार को इजरायल ने हिजबुल्लाह के खिलाफ सबसे घातक हमला किया।इस्राइली सेना द्वारा लेबनान में किए गए हवाई हमलों में मरने वालों का आंकड़ा 500 के करीब पहुंच गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइली हवाई हमलों में 492 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 35 बच्चे और 58 महिलाएं शामिल हैं। जबकि, 1645 लोग घायल हुए हैं। इस हमले में 90 से अधिक महिलाओं और बच्चों सहित करीब 500 से अधिक लोग मारे गए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, हमले में 500 लोगों की मौत हो गई है। इनमें 35 बच्चे और 58 महिलाएं शामिल हैं। घायलों की संख्या 1600 से ज्यादा है।आप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

2024-09-24 10:09:47
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भारत लौटने से पहले PM Modi ने राष्ट्रपति जेलेंस्की से की मुलाकात, जानिए जलेंस्की ने ऐसा क्या कहा की पीएम मोदी...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को न्यूयॉर्क में यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के साथ द्विपक्षीय बैठक की। करीब एक महीने में दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी मुलाकात थी।मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने जेलेंस्की को बताया कि युद्ध को लेकर कई देशों के नेताओं से बातचीत हुई है और सबका मानना है कि युद्ध खत्म होना चाहिए। सोमवार को दोनों नेताओं के बीच में खास मुद्दों पर बात हुई। रूस-यूक्रेन के बीच शांति बहाली को लेकर पीएम मोदी पुतिन और बाइडन समेत सभी पक्षों को संपर्क में हैं। वहीं, पीएम मोदी की इस पहल का जेलेंस्की ने धन्यवाद दिया है।अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में क्वाड लीडर्स शिखर सम्मेलन और भविष्य के शिखर सम्मेलन (SOTF) में भाग लिया। इसके साथ ही उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान कुछ प्रमुख द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। पीएम मोदी ने न्यूयॉर्क में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की। इस दौरान जेलेंस्की ने शांति प्रयास के लिए धन्यवाद दिया। वहीं, पीएम मोदी से मुलाकात के बाद फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा कि गाजा की समस्या सुलझाने में भारत भूमिका निभा सकता है।इससे पहले 23 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से कीव में मुलाकात की थी। यह मुलाकात युद्धग्रस्त देश की ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा थी। इस मुलाकात के बाद जेलेंस्की गदगद दिखाई दिए थे। उन्होंने पीएम मोदी की यूक्रेन यात्रा की सराहना करते हुए कहा था कि यह महत्वपूर्ण है कि भारत अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति प्रतिबद्ध है और कीव की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करता है।आप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

2024-09-24 07:53:58
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IRAN: कोयला खदान में हुआ विस्फोट मीथेन गैस, 30 लोगों की मौत, 17 घायल

ईरान में कोयला खनन क्षेत्र में जोरदार विस्फोट होने की घटना सामने आयी है की मीथेन गैस लिक होने कारण कुछ समय बाद विस्फोट। तेहरान से लगभग 335 किलोमीटर दूर ताबास में कोयला खदान में विस्फोट हुआ है। इस खदान विस्फोट में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई है। पूर्वी ईरान में कोयला खदान में मिथेन गैस के रिसाव के कारण हुए विस्फोट में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं।ईरान की सरकारी मीडिया ने रविवार को अपने एक समाचार में यह जानकारी दी है। सरकारी समाचार एजेंसी 'IRNA' ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि राजधानी तेहरान से लगभग 335 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित ताबास की कोयला खदान में शनिवार देर रात यह दुर्घटना हुई, जिसमें 30 लोग मारे गए। इसमें कहा गया है कि अधिकारियों ने घटनास्थल पर आपातकालीन कर्मचारियों को भेज दिया है। दुर्घटना के समय खदान में लगभग 70 लोग काम कर रहे थे। जिसमे से 35 से अधिक लोग  घायल है ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियाने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। "मैंने मंत्रियों से बात की है और हम विस्फोट के कारण का पता लगाने के लिए अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहे हैं," पेजेश्कियाने एक टेलीविजन इंटरव्यू में कहा। "17 घायलों को अस्पताल ले जाया गया," सरकारी टीवी ने ईरान के रेड क्रेसेंट प्रमुख के हवाले से बताया है। अब तक 24 लोग अभी भी लापता हैं।सुरक्षा मानकों की अनदेखी से पहले भी हुआ हादसाईरान में खनन क्षेत्रों में इस तरह के हादसे दुर्लभ नहीं हैं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते पिछले कुछ वर्षों में कई हादसे सामने आ चुके हैं। 2013 में दो अलग-अलग खदानों में हुए हादसों में 11 मजदूरों की जान गई थी। वहीं, 2009 और 2017 में भी बड़े विस्फोटों में क्रमशः 20 और 42 लोगों की जान गई थी। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि ईरान में खनन क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर गंभीर खामियां हैं। ईरान में खनन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का पालन न करने की गंभीरता को अक्सर नजरअंदाज किया जाता है। विस्फोट के समय मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए आवश्यक आपातकालीन सेवाएं भी मौजूद नहीं थीं, जो कि इन हादसों की एक प्रमुख वजह मानी जाती हैं।आप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

2024-09-23 14:29:44
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शतरंज ओलंपियाड में भारत ने रचा इतिहास, महिला-पुरुष दोनों टीम ने जीता गोल्ड

भारत ने हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में चल रहे शतरंज ओलंपियाड में ओपन सेक्शन में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। भारत ने निर्णायक मुकाबले में स्लोवेनिया को हराकर यह महत्वपूर्ण जीत दर्ज की और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यह भारतीय शतरंज के इतिहास की एक बड़ी उपलब्धि है। इस ऐतिहासिक जीत में डी गुकेश और अर्जुन एरिगैसी की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने अपने मुकाबले जीतकर भारत को शीर्ष पर पहुंचाया।18 वर्षीय डी गुकेश ने टूर्नामेंट के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक, रूस के व्लादिमीर फेडोसेव को हराकर भारत की सफलता में सबसे अहम भूमिका निभाई। उनकी इस जीत ने टूर्नामेंट में भारतीय प्रभुत्व की नींव रखी। वहीं अर्जुन ने जॉन सुबलेज़ को मात देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और स्लोवेनिया के खिलाफ महत्वपूर्ण मुकाबले में भारत की पकड़ को मजबूत किया।शनिवार को डी गुकेश ने अमेरिका के फेबियानो कारुआना को हराकर ओपन वर्ग में भारतीय टीम को स्वर्ण पदक जीतने के करीब पहुंचा दिया था। गुकेश की यह जीत बेहद खास थी क्योंकि इससे पहले वेस्ली सो ने आर. प्रज्ञानानंद को हराकर अमेरिका को शुरुआती बढ़त दिलाई थी। हालांकि, अमेरिकी बढ़त के बावजूद भारतीय टीम कभी भी मुकाबला हारने की स्थिति में नहीं थी क्योंकि अर्जुन एरिगैसी ने लिनियर डोमिंग्वेज़ पेरेज़ पर अपनी पकड़ बनाए रखी थी। अर्जुन ने लगभग पांच घंटे के मैराथन मुकाबले में जीत दर्ज की, जबकि विदित गुजराती ने लेवोन अरोनियन को ड्रॉ पर रोकने में सफलता पाई।अर्जुन के लिए यह 2800 रेटिंग मार्क की ओर दूसरा कदम है। लाइव रेटिंग में अर्जुन अब 2793 पॉइंट्स पर हैं। अगर वह 2800 का आंकड़ा पार करते हैं, तो वह इतिहास के 16वें खिलाड़ी बन जाएंगे। विश्वनाथन आनंद के अलावा कोई अन्य भारतीय इस ऊंचाई तक नहीं पहुंच सका है। दूसरी ओर, गुकेश ने यह सुनिश्चित किया कि वह लगातार आगे बढ़ते रहें। उनकी इस जीत ने उन्हें 2785 रेटिंग पॉइंट्स तक पहुंचा दिया है। यह पहली बार है जब विश्व रैंकिंग के शीर्ष पांच में दो भारतीय शामिल हुए हैं।आप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

2024-09-23 10:12:24
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PM Modi US Visit: सेमी कंडक्टर को लेके भारत गंभीर, भारत अब रुकेगा नही- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने अमेरिका विजिट के दौरान अमेरिकी टेक कंपनियों के सीईओ के साथ एक राउंडटेबल (गोलमेज) मीटिंग में भाग लिया, जहां उन्होंने भारत की विकास संभावनाओं पर जोर दिया और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने की पहलों पर चर्चा की।प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि जैसे रीढ़ की हड्डी के बिना शरीर किसी काम का नहीं है। वैसे ही चिप के बिना तकनीक किसी मतलब की नहीं होती। इसलिए हम इस क्षेत्र में भी काम कर रहे हैं। मैं मानता हूं कि दुनिया में यह काम काफी पहले सक ही शुरू हो चुका है। हम इस मामले में थोड़ा देरी से शुरू कर रहे हैं। हालांकि, हमारी ताकत है कि हम जब भी शुरू करते हैं, पूरी रफ्तार से शुरू करते हैं। जैसे- 5जी तकनीक में हम काफी पीछे थे, लेकिन अब हम सबसे आगे हैं। इसलिए सेमीकंडक्टर को लेकर भारत गंभीर है। हम इसमें जल्द से जल्द टारगेट पूरा करेंगे। इसके लिए हमारा मंत्र रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म है।पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज भारत का 5G बाजार अमेरिका से बड़ा है. यह दो साल के अंदर हुआ है. अब भारत मेड-इन-इंडिया 6G पर काम कर रहा है."आप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

2024-09-23 09:55:27
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PM Modi US Visit: प्रधानमंत्री US में क्वाड शिखर सम्मेलन में लेंगे भाग; इन मुद्दों पर होगी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (21 सितंबर) को संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए रवाना हो गए। यहां पीएम मोदी जो बाइडन द्वारा उनके गृहनगर विलमिंगटन में आयोजित क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लेने और न्यूयॉर्क में राष्ट्र महासभा में भविष्य के शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे पर गए हैं।इस यात्रा के दौरान वे वार्षिक ‘क्वाड’ शिखर बैठक में शामिल होंगे और संयुक्त राष्ट्र महासभा में 'समिट ऑफ द फ्यूचर' को संबोधित करेंगे। विदेश मंत्रालय ने उनकी यात्रा के बारे में मंगलवार को जानकारी दी थी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पीएम मोदी 22 सितंबर को न्यूयॉर्क में भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित करेंगे। इससे पहले वे 21 सितंबर को डेलवेयर के विलमिंगटन में 'क्वाड लीडर्स समिट' में शामिल होंगे, जिसकी मेजबानी अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन करेंगे।

2024-09-21 07:57:32
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विश्व में पहली बार थाईलैंड चिड़ियाघर का मशहूर नवजात शिशु दरियाई घोडा का फोटो वायरल, देखें वीडियो

दो महीने की इस मादा दरियाई घोड़े का नाम मू डेंग है। मादा दरियाई घोड़े का वीडियो वायरल हो गया है और लोग उसकी एक झलक पाने के लिए पटाया के पास चिड़ियाघर में आ रहे हैं।आपको बता दे की इस छोटे दरियाई घोड़े को देखने के लिए  जुलाई में मादा के जन्म के बाद से चिड़ियाघर में आने वाले पर्यटकों की संख्या दोगुनी हो गई है। हालांकि, चिड़ियाघर निदेशक ने 'मू डेंग' की एक झलक देखने के लिए चिड़ियाघर आने वाले पर्यटकों से उचित व्यवहार करने का आग्रह किया। क्योंकि कुछ वीडियो सामने आए जिसमें विजिटर्स जानवर के साथ दुर्व्यवहार करते नजर आए.निर्देशक नारोंगविट ने ऑनलाइन जारी एक बयान में कहा, "यह प्रथा न केवल क्रूर है, बल्कि खतरनाक भी है। ऐसे जानवरो का बहुत ध्यान से रखना पड़ता है जो बहुत आकर्षण का केंद्र बना, आगे कहा की हमें इन जानवरों की रक्षा करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें एक सुरक्षित और आरामदायक वातावरण मिले। नारोंगविट ने कहा की चिड़ियाघर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने दरियाई घोड़े के बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की भी धमकी दी है।पिग्मी हिप्पो पश्चिम अफ्रीका का मूल निवासी है। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर ने पिग्मी हिप्पो को लुप्तप्राय प्रजाति के रूप में वर्गीकृत किया है। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि जंगल में पिग्मी दरियाई घोड़े की संख्या तीन हजार से भी कम है। ख्याव खेउ ओपन चिड़ियाघर बैंकॉक से लगभग 100 किलोमीटर दूर है। संग्रहालय इस सेलिब्रिटी हिप्पो अभियान का लाभ उठा रहा है. जैसा कि इसके नाम से पता चलता है, पिग्मी दरियाई घोड़ा आम दरियाई घोड़े से आकार में बहुत छोटा होता है - जिसका वजन लगभग पाँच गुना अधिक होता है। आम दरियाई घोड़ों से अलग, पिग्मी दरियाई घोड़े ज़मीन पर रहने वाली जीवनशैली के लिए ज़्यादा अनुकूल होते हैं, क्योंकि उनके पंजे कम जालीदार होते हैं और सिर छोटा और अधिक सुव्यवस्थित होता है। पिग्मी की नाक आम दरियाई घोड़ों से कम उभरी होती है, जिनकी नाक पानी से बाहर निकलकर सांस लेने के लिए विशेष रूप से अनुकूलित होती है। खास बात यह है कि उनकी आँखें उनके सिर के ऊपर की बजाय किनारों पर होती हैं, जिससे वे जंगलों में दौड़ते समय बेहतर तरीके से देख पाते हैं। दोनों लिंगों के लंबे दाँत होते हैं और आमतौर पर उन्हें अलग करना मुश्किल होता है। आम दरियाई घोड़े भी पिग्मी दरियाई घोड़ों से कहीं ज़्यादा आम हैं, अफ़्रीका में 130,000 आम दरियाई घोड़े हैं। पिग्मी दरियाई घोड़ा दरियाई घोड़े से केवल आधा लंबा होता है और इसका वजन एक पूर्ण आकार के दरियाई घोड़े के 1/4 से भी कम होता है। वयस्क पिग्मी दरियाई घोड़े की ऊंचाई 70-80 सेमी तक होती है और माना जाता है कि वे 10 मिलियन वर्ष पहले आम दरियाई घोड़े से अलग हो गए थे। पिग्मी दरियाई घोड़े स्वभाव से निशाचर और एकांतप्रिय होते हैं, इसलिए पिछले कुछ दशकों में उनकी संख्या में भारी गिरावट के साथ, जंगल में उनके व्यवहार के बारे में बहुत कम जानकारी है। दुनिया भर के चिड़ियाघरों में कैद में प्रजनन कार्यक्रम सफल रहे हैं, और इन पिग्मी दरियाई घोड़ों से ही अधिकांश शोध किए गए हैं। पिग्मी हिप्पो को कई तरह के कारकों से खतरा है, जो पिग्मी हिप्पो की घटती संख्या में योगदान करते रहते हैं। वनों की कटाई के कारण आवास का नुकसान मुख्य खतरा बना हुआ है। गृहयुद्ध के दौरान, लकड़ी के निर्यात के लिए बड़े पैमाने पर कटाई को राजनीतिक और वित्तीय मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया गया था, और यह केवल पिछले दशक में ही है कि राजनीतिक स्थिरता के परिणामस्वरूप उद्योग को विनियमित किया गया है। अवैध खनन, अवैध शिकार और निर्वाह खेती ने जंगल के विखंडन को जन्म दिया है, जिससे वन्यजीवों के आवास मानव शिकारियों के लिए अधिक सुलभ हो गए हैं। लाइबेरिया में अवैध होने और इसके उच्च संरक्षण लागत के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक सरकारी अभियान के बावजूद, बुशमीट व्यापार पूरे देश के प्रमुख शहरों में फल-फूल रहा है। 

2024-09-18 11:22:59
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राहुल गांधी अमेरिका के Texas पहुंचे, जानिए कांग्रेस सांसद के US दौरे का पूरा शेड्यूल

राहुल गांधी अपने अमेरिकी दौरे पर टेक्सास के डलास पहुंच गए हैं। राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल मेटा पर लिखा, मैं इस यात्रा के दौरान सार्थक चर्चा और व्यावहारिक बातचीत में शामिल होने के लिए उत्सुक हूं, जिससे हमारे दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे।राहुल गांधी ने दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए सार्थक चर्चा में शामिल होने की उम्मीद जताई है। अमेरिका पहुंचने पर उनका गुलदस्ते से स्वागत किया गया और आरती भी की गई। अपनी फेसबुक पोस्ट में, गांधी ने कहा कि मैं डलास, टेक्सास, यू. एस. ए. में भारतीय प्रवासियों और भारतीय प्रवासी कांग्रेस के सदस्यों से मिले गर्मजोशी भरे स्वागत से वास्तव में खुश हूं।राहुल गाँधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर यह जानकारी देते हुए कहा कि मैं सार्थक चर्चा और व्यावहारिक बातचीत में शामिल होने के लिए उत्सुक हूं जो इस यात्रा के दौरान हमारे दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करेगा। अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान, राहुल गांधी टेक्सास विश्वविद्यालय सहित वाशिंगटन, डीसी और डलास में बैठकें और बातचीत करेंगे। इससे पहले 31 अगस्त को सैम पित्रोदा ने कहा था कि लोकसभा में विपक्ष का नेता बनने के बाद राहुल गांधी की यह पहली अमेरिका यात्रा है।Shri @RahulGandhi receives a warm and enthusiastic welcome at Dallas Fort Worth International Airport!📍 Texas, USA pic.twitter.com/AXAd6FA9tS— Congress (@INCIndia) September 8, 2024

2024-09-08 12:51:32
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बांग्लादेश में नई सरकार द्वारा हिंदू शिक्षकों के जबरदस्ती इस्तीफे का दावा

बांग्लादेश: बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार के मामलों में लगातार बढ़ रहे है। हाल का मामला वहां बच्चों को पढ़ाने वाले हिंदू शिक्षकों का है। बांग्लादेश में नई सरकार के तहत हिंदू शिक्षकों के बल जबरी इस्तीफे का दावा किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वहां के शिक्षकों को सरकारी नौकरियों से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उनके इस्तीफे उनके पास से बल जबरी तरीके से लिए जा रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, पड़ोसी देश में अब तक कम से कम 50 हिंदू शिक्षकों को अपनी नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर किया गया है।नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के वादों के बावजूद बांग्लादेश में हिंदू विरोधी घटनाएं बढ़ रही हैं। इस कारण बांग्लादेश में हिंदू शिक्षकों के बीच भय और लाचारी की भावना स्पष्ट रूप से देखी जा रही है।काबी नजरुल विश्वविद्यालय के पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और गवर्नेंस स्टडीज विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर शांजय कुमार मुखर्जी ने बताया कि उन्हें प्रॉक्टर और विभाग के प्रमुख के पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। हम इस समय बहुत असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।बांग्लादेश हिंदू बौद्ध क्रिश्चियन एकता परिषद की छात्र शाखा बांग्लादेश छात्र एकता परिषद ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस कार्रवाई की निंदा की और हिंदू समुदाय द्वारा सामना की जा रही बढ़ती असहिष्णुता पर चर्चा की। लेखिका तस्लीमा नसरीन ने सेना समर्थित मोहम्मद यूनुस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में शिक्षकों को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। पत्रकारों, मंत्रियों और पूर्व सरकारी अधिकारियों की हत्या की जा रही है, अत्याचार किए जा रहे हैं, जेल में डाला जा रहा है। जनरल जेडए अहमदी मुस्लिम उद्योगों को आग लगाई गई है। सूफी मुसलमानों के मजार और दरगाह इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा ध्वस्त कर दिए गए हैं, लेकिन यूनुस इसके खिलाफ कुछ नहीं कह रहे हैं।

2024-09-01 14:05:14
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ज़ेलेंस्की के कंधे पर हाथ रखकर पीएम मोदी ने क्या दिया आश्वासन?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पोलैंड की दो दिवसीय यात्रा के बाद आज से यूक्रेन की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। वे स्पेशल रेल फोर्स वन से कीव पहुंचे हैं। लगभग दस घंटे की रेल यात्रा के बाद वे कीव पहुंचे हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कीव पहुंचने के बाद राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के कंधे पर हाथ रखकर उनसे बात करते नजर आए हैं. जिसकी तस्वीरें अब वायरल हो रही हैं. एक बार पहले जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश गए थे तो उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कंधे पर हाथ रखा था और बातचीत की थी, वैसा ही नजारा आज यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के साथ फिर देखने को मिला है.पीएम मोदी सात घंटे तक कीव में रहेंगे. इस दौरान वह राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से बहुप्रतीक्षित मुलाकात के लिए पहुंचे। कीव पहुंचने से पहले उन्होंने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की. रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पीएम मोदी का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले कीव में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद वह ज़ेलेंस्की से बात करने पहुंचे। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पीएम मोदी का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है . कहा जा रहा है कि पीएम मोदी का यूक्रेन दौरा सात घंटे तक चलेगा.

2024-08-23 15:52:11
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नेपाल में हुआ बड़ा सड़क हादसा, 40 भारतीयो को लेजा रही बस खाई में गिरी

काठमांडू। नेपाल के पोखरा से काठमांडू जा रही बस शुक्रवार को नदी में गिर गई। बस में 40 भारतीय सवार थे। नेपाल पुलिस ने पुष्टि की है कि 40 लोगों के साथ एक भारतीय यात्री बस तनाहुन जिले में मार्स्यांगडी नदी में गिर गई है।हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान में 14 शव बरामद किए गए हैं और 16 घायल यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है. स्थानीय पुलिस और बचाव दल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, बस के नदी में गिरने के कारणों की जांच की जा रही है. घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सभी जरूरी कदम उठाए हैं और राहत कार्य को प्राथमिकता दी है. इस दुखद घटना से स्थानीय समुदाय और यात्रियों में चिंता और शोक की लहर फैल गई है। प्रशासन और बचाव दल दुर्घटना की सभी परिस्थितियों की गहनता से जांच कर रहे हैं और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।

2024-08-23 12:49:25
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Ukraine: 10 घंटे की ट्रेन यात्रा से कीव पहुचेंगे PM Modi, करेंगे यूक्रेन का दौरा, ये बात कर सकते है

पीएम मोदी की यह यात्रा ऐतिहासिक है। भारत और यूक्रेन के बीच 1992 में राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पोलैंड की अपनी दो दिवसीय यात्रा के संपन्न होने के बाद बृहस्पतिवार को यूक्रेन की ऐतिहासिक यात्रा पर रवाना हुए हैं। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के निमंत्रण पर यूक्रेन की यात्रा पर गए पीएम मोदी ने कहा है कि वह जारी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान को लेकर यूक्रेनी नेता के साथ अपने विचार साझा करेंगे।पीएम नरेंद मोदी पौलेंड से यूक्रेन जिस ट्रेन से जाएंगे उसका नाम रेल फोर्स वन है. पीएम मोदी इस ट्रेन में तकरीबन 600 किमी का सफर पूरा करेंगे. वे इस ट्रेन में 10 घंटे का सफर कर कीव पहुंचेंगे और फिर इतने ही समय में वापसी करेंगे. यह ट्रेन पीएम मोदी की सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई एक लग्जरी टेन हैं. जिसमें सुविधाओं के साथ साथ सुरक्षा के भी तगड़े इंतजाम हैं।

2024-08-23 07:31:01
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Pakistan में पूर्व ISI चीफ को लिया गया हिरासत में, दिया कोर्ट मार्शल का आदेश

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के पूर्व चीफ फैज हमीद की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही है। फैज हमीद के खिलाफ पाकिस्तान सेना अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।पाकिस्तान आईएसआई के पूर्व प्रमुख फैज हमीद को टॉप सिटी से जुड़े एक हाउसिंग स्कीम घोटाले से संबंधित आरोपों में हिरासत में ले लिया गया है. उनके खिलाफ कोर्ट मार्शल की कार्यवाही शुरू की गई है. पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विंग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एक कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी की गई, जिसमें पाकिस्तान आर्मी एक्ट के तहत हमीद के खिलाफ शिकायतें वैध पाई गई।

2024-08-12 21:05:35
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मंकीपॉक्स वायरस ने बढ़ाई WHO की चिंता, बुलाई इमरजेंसी मीटिंग, जानिए लक्षण, कारण और इलाज

Monkeypox Virus: अफ्रीकी देशों में मंकीपॉक्स वायरस तेजी से फैल रहा है, जिससे स्वास्थ्य अधिकारियों में चिंता बढ़ गई है. इन दिनों कांगो, केन्या, रवांडा और युगांडा समेत दस अफ्रीकी देशों में मंकीपॉक्स (एमपॉक्स) वायरस कहर बरपा रहा है. एमपॉक्स के मामलों में चिंताजनक वृद्धि को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई। संगठन को डर है कि यह वायरस सभी अफ्रीकी देशों और दुनिया के अन्य देशों में फैल सकता है।आपको बता दें कि पिछले साल सितंबर से कांगो में मंकीपॉक्स के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इसके कारण, कांगो के पड़ोसी देशों में भी एक नया तनाव पाया गया है, जिससे डब्ल्यूएचओ की चिंता बढ़ गई है कि यह बीमारी वैश्विक स्वास्थ्य खतरा पैदा कर सकती है।इस मींटिंग में WHO के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने कहा कि इस वायरस के मामले इन छह महिनों में बीते साल सामने आए मामलों के बराबर हैं. जहां अफ्रीकी देशों में यह वायरस फैल रहा है, वहीं भारत में भी लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि मंकीपॉक्स वायरस क्या है। आइए जानते हैं वायरस से सावधान रहने की कुछ बातें।एमपॉक्स मंकीपॉक्स वायरस के कारण होता है। यह एक संक्रामक रोग है, जो किसी संक्रमित व्यक्ति या जानवर के संपर्क में आने से होता है। मंकीपॉक्स ऑर्थोपॉक्सवायरस परिवार से संबंधित है, जो चेचक जैसा दिखता है। इसमें वेरियोला वायरस भी शामिल है।मंकीपॉक्स के लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और सूजी हुई लिम्फ नोड्स शामिल हैं। इसके बाद दाने निकल आते हैं जो आमतौर पर चेहरे पर शुरू होते हैं और पूरे शरीर में फैल जाते हैं। दाने चकत्ते से लेकर फुंसियों तक विकसित होते हैं, जो अंततः पपड़ी बन जाते हैं। लक्षण आमतौर पर 2-4 सप्ताह तक रहते हैंमंकीपॉक्स से खुद को कैसे बचाएं1) संक्रमित जानवरों, खासकर बीमार या मृत जानवरों के संपर्क से बचें।2) किसी संक्रमित व्यक्ति द्वारा दूषित बिस्तर और अन्य सामग्रियों के संपर्क से बचें।3) मांस या जानवरों के अंगों वाले सभी खाद्य पदार्थों को अच्छी तरह से पकाएं।4) अपने हाथ बार-बार साबुन और पानी से धोएं।5) वायरस से संक्रमित लोगों के संपर्क से बचें।6) असुरक्षित यौन संबंध से बचें.7) ऐसा मास्क पहनें जो आपके मुंह और नाक को ढके।8) बार-बार छुई जाने वाली सतहों को साफ करें।9) वायरस से संक्रमित लोगों की देखभाल करते समय पीपीई का उपयोग करें।

2024-08-10 15:26:06
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बांग्लादेश के मुख्य न्यायाधीश ने दिया इस्तीफा, जानिए कारण ?

बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ओबेदुल हसन ने न्यायपालिका के प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया है. शनिवार को ढाका में प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट का घेराव किया. इसके बाद दोपहर 1 बजे तक चीफ जस्टिस समेत सभी जजों को इस्तीफा देने को कहा गया.मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने उभरती स्थिति के बीच देश भर में सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और निचली अदालत के न्यायाधीशों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस्तीफा देने का फैसला लिया है। यह पूछे जाने पर कि क्या सुप्रीम कोर्ट के अन्य जज भी इस्तीफा देंगे, मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह उनका फैसला है.चीफ जस्टिस पर क्यों भड़के छात्र?मुख्य न्यायाधीश ने नई अंतरिम सरकार से परामर्श किए बिना पूर्ण-अदालत बैठक बुलाई, जिससे छात्रों का गुस्सा भड़क गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कोर्ट के जज इस साजिश का हिस्सा हैं. स्थिति तनावपूर्ण होने पर पूर्ण-अदालत बैठक रद्द कर दी गई। लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने और सुप्रीम कोर्ट का घेराव जारी रखा. छात्रों ने मुख्य न्यायाधीश को इस्तीफा देने के लिए एक घंटे का समय दिया. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया तो वे न्यायाधीशों और मुख्य न्यायाधीश ओबेदुल हसन के आवासों पर हमला करेंगे। शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में नई सरकार बनी.

2024-08-10 14:41:28
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Brazil Plane Crash: ब्राजील में बड़ा विमान हादसा, चालक दल सहित कुल 62 लोगो की हुई मौत

ब्राजील के साओ पाओलो में एक बड़ा हादसा हो गया है यहां एक यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रॉयटर के मुताबिक इस विमान में 61 लोग सवार थे। विमान एक आवासीय इलाके में क्रैश हुआ। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।स्थानीय मीडिया आउटलेट्स ने शुक्रवार को बताया कि ब्राजील के विनहेडो में 62 लोगों को ले जा रहा एक यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. ब्राजील की क्षेत्रीय एयरलाइन VOEPASS ने साओ पाउलो राज्य के विनहेडो क्षेत्र में उड़ान 2283-PS-VPB से जुड़ी दुर्घटना की पुष्टि की, कैस्कवेल से ग्वारूलहोस हवाई अड्डे के लिए रवाना हुए इस विमान में 58 यात्री और 4 चालक दल के सदस्य सवार थे.रिहायशी इलाके में गिरा, कई घरों से टकरायाब्राजील के टेलीविजन नेटवर्क ग्लोबोन्यूज के मुताबिक नागरिक सुरक्षा विभाग ने बताया है कि विमान रिहायशी इलाके में गिरा। इस दौरान वह कई घरों से टकराया। वोएपास विमान कास्केवेल से रवाना हुआ था और साओ पाओलो के रास्ते पर था। 

2024-08-10 08:09:59
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भारतीय हॉकी टीम ने ओलंपिक इतिहास में जीता दूसरा कांस्य पदक

भारत ने पुरुष हॉकी कांस्य पदक मैच में स्पेन को 2-1 से हराकर पेरिस ओलंपिक में अपना चौथा पदक जीता। ओलंपिक में पुरुष हॉकी में यह भारत का लगातार दूसरा कांस्य पदक है। भारत ने टोक्यो ओलंपिक में जर्मनी को 5-4 से हराकर कांस्य पदक जीता था। भारत ने ओलंपिक इतिहास में पुरुष हॉकी में आठ स्वर्ण, एक रजत और चार कांस्य पदक जीते हैं।ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम का यह चौथा कांस्य पदक है। हॉकी के इतिहास में भारत ने सर्वाधिक 8 स्वर्ण पदक जीते हैं। इसके अलावा भारत ने 1 रजत भी जीता है। 1928 के एम्स्टर्डम ओलंपिक से भारतीय हॉकी टीम के सनसनीखेज प्रदर्शन की शुरुआत हुई थी। उस संस्करण में मेजर ध्यान चंद के नेतृत्व में भारत ने 29 गोल किए और एक भी गोल नहीं खाया था।

2024-08-08 19:38:24
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Earthquake: भूकंप से हिला जापान, तीव्रता रिक्टर स्केल 7.1, सुनामी की चेतावनी घोषित

जापान में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.1 मापी गई है. भूकंप के साथ सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई है. जापान के क्यूशू और शिकोकू द्वीपों पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। दक्षिणी जापान में 07:50 GMT पर सुनामी आने की आशंका है। जापान मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है.भूकंप के साथ ही मियाज़ाकी, कोच्चि, इहिमे, कागोशिमा और ऐटा समेत जापान के कई तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है. क्यूशू के मियाज़ाकी में 20 सेंटीमीटर ऊंची समुद्री लहरें देखी गईं।पृथ्वी के भीतर सात टेक्टोनिक प्लेटें हैं। ये प्लेटें लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं तो रगड़ती हैं। जब वे एक-दूसरे पर चढ़ते हैं या उनसे दूर जाते हैं तो ज़मीन हिलने लगती है। इसे भूकंप कहते हैं. रिक्टर पैमाने का उपयोग भूकंप मापने के लिए किया जाता है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल कहा जाता है. रिक्टर परिमाण पैमाना 1 से 9 तक होता है। भूकंप की तीव्रता उसके केंद्र यानी एपी सेंटर से मापी जाती है. यानी उस केंद्र से निकलने वाली ऊर्जा को इस पैमाने पर मापा जाता है। दूर जाते ही वे कमजोर हो जाते हैं। यदि रिक्टर स्केल पर तीव्रता 7 है तो उसके आसपास 40 किलोमीटर के दायरे में तेज झटका आता है।

2024-08-08 15:01:37
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Bangladesh में भारी हिंसा के बाद सैंकड़ों बांग्लादेशी पहुंचे भारतीय सीमा पर, जानिए फिर क्या हुआ?

बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच सैकड़ों बांग्लादेशी नागरिक भारत से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जमा हो गए. बीएसएफ ने कहा कि लगभग 120 से 140 बांग्लादेशी नागरिकों ने सीमा पार से भारत में प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन सैनिकों ने उन्हें रोक दिया। बुधवार को दार्जिलिंग के कदमतला में बीएसएफ मुख्यालय के अधिकार क्षेत्र में उत्तरी बंगाल सीमा पर दो स्थानों पर बांग्लादेश के लोग एकत्र हुए। उधर, मानिकगंज बॉर्डर पर भी करीब 500 से 600 बांग्लादेशी नागरिकों ने भारत में घुसने की कोशिश की. बुधवार को सैकड़ों बांग्लादेशी नागरिक पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में भारत के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एकत्र हुए और दावा किया कि उनके देश में उन पर हमला किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना ज़ापोर्टला सीमा चौकी क्षेत्र में दक्षिण बेरुबारी गांव के पास हुई। उन्होंने कहा कि अर्धसैनिक बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) बाद में उन्हें वापस ले गया। सीमा को पूरी तरह से सील कर दिया गया है: बीएसएफ उन्होंने बताया कि ये लोग जलपाईगुड़ी की सीमा से सटे बांग्लादेश के पंचगढ़ जिले के पांच गांवों के हैं. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक अधिकारी ने कहा कि बांग्लादेशी सीमा पर एकत्र हुए थे, लेकिन सीमा पूरी तरह से सील होने के कारण कोई भी भारत में प्रवेश नहीं कर सका। बाद में बीजीबी ने उसे वापस ले लिया.

2024-08-08 13:55:04
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क्या अब Bangladesh में खत्म होगा संकट? अंतरिम पीएम मोहम्मद यूनुस आज लेंगे शपथ

बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के नए प्रमुख के तौर पर नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. मोहम्मद यूनुस को चुना गया है। सेना प्रमुख जनरल वेकर-उज़-ज़मान ने बताया कि मोहम्मद यूनुस 8 अगस्त को नए अंतरिम PM के तौर पर शपथ लेंगे।मोहम्मद यूनुस ने बुधवार (7 अगस्त) को हिंसा को देखते हुए सभी से शांति की अपील भी की. शेख हसीना के पीएम पद छोड़कर जाने के बाद ही बांग्लादेश में आगजनी, हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं बढ़ गई हैं।जनरल जमां ने बताया कि अंतरिम सरकार की सलाहकार परिषद में 15 सदस्य होंगे और उसके मुखिया मुहम्मद यूनुस होंगे। राष्ट्रपति मुहम्मद शहाबुद्दीन ने मंगलवार रात यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया है। राष्ट्रपति ने यह नियुक्ति शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ने के बाद की है।शपथ ग्रहण करने से पहले कहा येमोहम्मूद यूनुस पेरिस में इलाज करवाने के बाद ढाका लौट रहे हैं. उन्होंने फ्लाइट में बैठने से पहले कहा, "मैं सभी से शांत रहने की अपील करता हूं. कृपया किसी भी तरह की हिंसा से बचें. मैं ये देखने के लिए घर वापस जाने का इंतजार कर रहा हूं कि वहां क्या हो रहा है और हम जिस तरह की परेशानी में हैं. उससे बाहर निकलने के लिए खुद को किस तरह से व्यवस्थित किया जा सकता है."

2024-08-08 09:23:03
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Bangladesh: शेख हसीना को कैदी बनके जेल में डालो...इस बीच 54 साल के ये शख्स बने बांग्लादेश के पीएम, जानिए

बांग्लादेश में हालात तेजी से बदल रहे हैं। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया है। मशहूर हिंदू गायक का घर जलायाकट्टरपंथियों की भीड़ ने ढाका के धानमंडी में प्रख्यात बांग्लादेशी गायक राहुल आनंद के 140 साल पुराने घर पर हमला किया है। उपद्रवियों ने हिंदू गायक के घर में आग लगा दी, जिसमें 3000 से ज्यादा संगीत वाद्ययंत्र जलाकर राख कर दिए गए।बांग्लादेश में हिंसा पीड़ितों ने रखी 11 मांगेंबांग्लादेश में विरोध-प्रदर्शन में मारे गए लोगों के परिवारों ने अंतरिम सरकार के समक्ष नौकरी एवं पुनर्वास समेत 11 सूत्री मांगें रखीं. इसमें फूड-कार्ड कार्यक्रम के तहत आयु के आधार पर स्नातकोत्तर तक के सभी छात्रों को 2,000-3,000 टका (बांग्लादेशी मुद्रा) प्रति माह अनुदान देना, नौकरी के इच्छुक लोगों को 3,000 टका बेरोजगारी भत्ता देना और प्रभावित परिवारों का शीघ्र पुनर्वास करना शामिल है।कौन हैं मोहम्मद यूनुसमोहम्मद यूनुस का जन्म 28 जून, 1940 में हुआ था। वह बांग्लादेश के एक सामाजिक उद्यमी, एक बैंकर, एक अर्थशास्त्री और सामाजित नेता हैं। गरीबी उन्मूलन के विशेष प्रयासों के लिए 2006 में यूनुस को नोबेल शांति पुरस्कार मिला था। यूनुस ने 1983 में ग्रामीण बैंक की स्थापना की थी जो गरीब लोगों को छोटे कर्ज मुहैया कराता है। बांग्लादेश को अपने ग्रामीण बैंक के माध्यम से माइक्रोक्रेडिट के लिए दुनियाभर में सराहना हासिल हुई थी।

2024-08-07 08:38:40
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Bangladesh पीएम शेख हसीना ने क्यों दिया इस्तीफा, क्यों देश छोड़ा? जानिए बांग्लादेश में अब तक क्या क्या हुआ

आजादी के बाद बांग्लादेश सबसे बड़े संकट से जूझ रहा है। तख्तापलट के बाद कट्टरपंथियों के वर्चस्व से अस्थिर अराजक माहौल वहां के हिंदू समुदाय के लिए बड़ी चिंता का विषय बन सकता है। बांग्लादेश में पिछले महीने, सरकारी नौकरियों में आरक्षित कोटा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्र समूहों द्वारा की गई हिंसा में कम से कम 150 लोग मारे गए और हजारों लोग घायल हो गए।जून के अंत में शुरू हुआ आंदोलन सरकारी नौकरियों में स्वतंत्रता सेनानियों के वंशजों को मिलने वाले आरक्षण के खिलाफ था। विरोध के बीच जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने देश में अधिकतर आरक्षण को खत्म कर दिया। आंदोलन कब उग्र हुआ?दरअसल, मामले ने तब और तूल पकड़ा जब प्रधानमंत्री हसीना ने अदालती कार्यवाही का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों की मांगों को पूरा करने से इनकार कर दिया। सरकार के इस कदम के चलते छात्रों ने अपना विरोध तेज कर दिया।हिंसा को रोकने के लिए देश में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई, देश में कर्फ्यू लगा दिया गया। सरकार ने तीन दिन की सार्वजनिक छुट्टी घोषित कर दी। इन सब के बाद हालात काबू में नहीं आ सके।शेख हसीना ने दिया इस्तीफापीएम हसीना ने विरोध किया और सेना के हेलीकॉप्टर के साथ देश छोड़ दिया है। सेना ने देश में अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगा दिया है और अंतरिम सरकार बनाने की भी घोषणा की है। जानकारी के मुताबिक शेख हसीना भारत पहुंची हैं।

2024-08-06 08:14:01
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बांग्लादेश में तख्तापलट, पीएम शेख हसीना दिया इस्तीफा, सेना संभाल सकती है कमान

बांग्लादेश में पिछले महीने से जारी जानलेवा हिंसा के बीच शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ हसीना ने ढाका छोड़ दिया है और किसी सुरक्षित स्थान पर चली गई हैं। वहीं, रॉयटर्स ने बताया है कि इन खबरों के बीच प्रधानमंत्री हसीना एक सैन्य हेलीकॉप्टर से भारत के लिए रवाना हो गई हैं।देश के कई इलाकों में जीत का जश्‍न मनाया जा रहा है। इस हिंसा में 300 से ज्‍यादा लोग मारे गए हैं। शेख हसीना के साथ उनकी बहन ने भी ढाका छोड़ दिया है। बांग्लादेश आर्मी चीफ ने हसीना से कहा था कि उनको सम्मानजनक तरीके से इस्तीफा देकर सत्ता से हट जाना चाहिए। इस बीच बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के बेटे ने सुरक्षा बलों से किसी भी अनिर्वाचित सरकार को सत्ता में आने से रोकने का आग्रह किया है। सेना प्रमुख देश को संबोधित करने वाले हैं।बंगलादेश के आर्मी चीफ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि, 'आप लोग शांति बनाकर रखे, हम लोग अंतरिम सरकार बनाएंगे. आप सभी धैर्य और सब्र रेखें. अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है. सीविल सोसाइटी के लोगों के साथ मीटिंग हुई थी.  सेना शांति बनाए रखने का काम करेगा. सरकार विरोधी प्रदर्शनों में रविवार से लेकर अब तक 106 से अधिक लोगों की मौत हो गयी है. वहीं, बांग्लादेश में चल रहे तनाव के बीच सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने भारत और बांग्लादेश बॉर्डर पर हाई अलर्ट जारी किया है. DG BSF इस समय पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं.

2024-08-05 15:49:45
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गोला-बारूद नहीं अब ‘डिजिटल वॉर’ की तैयारी! Google समेत ये बड़े प्लेटफॉर्म हो सकते है प्रतिबंध

रूस : दुनियाभर इस वक्त कई युद्ध देखने को मिल रहा है कुछ युद्ध बड़े पैमाने पर होने के कगार पर हैं. विश्वभर में जंग सिर्फ बंदूकों और तोपों तक सीमित नहीं है. बल्कि वैश्विक स्तर पर ‘डिजिटल वॉर’ भी शुरू होता नजर आ रहा है. इसी बीच रूस ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है. रूसी स्टेट ड्यूमा (रूसी संसद) के डिप्टी एलेक्सी डिडेन्को के अनुसार, रूस में गूगल, गूगल एंड्रॉयड और आईओएस को जल्द ही ब्लॉक कर दिया जाएगा. रूसी अधिकारी ने आगे कहा कि इन प्लेटफार्मों को प्रतिबंध उन लोगों पर विशेष तरह पर लगाया जाएगा जो गोपनीय जानकारी तक पहुंच रखते हैं. उन्होंने लोगों को हिदायत देते हुए कहा कि रूस की तरफ से यह पहला संकेत है. सभी को अन्य प्लेटफार्मों पर स्विच करने की आवश्यकता है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ये कदम रूसी अधिकारियों द्वारा उठाया गया था या फिर किसी संबंधित प्लेटफार्मों द्वारा.दुनिया में इस वक्त युद्ध अब बन्दूकों, तोपों और बम-गोलों तक सीमित नहीं रह गया है। अब वैश्विक स्तर पर 'डिजिटल युद्ध' शुरू होता दिख रहा है। इस बीच रूस ने एक बड़ा ऐलान किया है। रूसी राज्य ड्यूमा (रूसी संसद) के डिप्टी एलेक्सी डिडेंको के अनुसार, Google, Android और IOS को जल्द ही रूस में ब्लॉक कर दिया जाएगा। रूस में सरकारी अधिकारियों और नौकरशाहों पर बहुत पहले ही इस प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। अब पुतिन की योजना इसे पूरे देश में लागू करने की है। रूसी मीडिया रिपोर्टों से यह भी पता चला है कि रूस में Google सेवाओं पर पहली बार प्रतिबंध लगाए जाने के बाद रूसी वीडियो होस्टिंग सेवा प्लेटफ़ॉर्म बंद कर दिया गया है। वेबसाइट भी डाउन है और इसके पीछे की वजह तकनीकी खराबी है। हालाँकि, रूसी अधिकारी के इस बयान के बाद कुछ सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या रूस में Google का बंद होना तकनीकी खराबी है या जानबूझकर किया गया है।

2024-08-04 02:53:08
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इजरायल और ईरान के बीच शुरू हो सकता है भीषण युद्ध, भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी

नई दिल्ली: इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का खतरा बढ़ गया है। हमास प्रमुख इस्माइल हानियन को आज कतर में अंतिम संस्कार दिया गया है। ईरान ने अब इजराइल से बदला लेने की कसम खाई है। इसे ध्यान में रखते हुए तेल-अवीव में स्थित भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए विशेष दिशानिर्देश जारी किए हैं। भारतीय दूतावास ने कहा है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए, इज़राइल में रहने वाले सभी भारतीयों को अनावश्यक रूप से यात्रा न करने और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सतर्कता और सुरक्षा से संबंधित सभी प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश दिया गया है।तेल अवीव में भारतीय दूतावास ने इज़राइल में रहने वाले नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों के करीब रहने को कहा है। इसमें कहा गया है कि भारतीय दूतावास पूरी स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है और अपने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इजरायली अधिकारियों के साथ काम कर रहा है। दूतावास की ओर से नागरिकों को सतर्क रहने और स्थानीय अधिकारियों द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा आपात स्थिति में दूतावास की 24*7 हेल्पलाइन पर संपर्क करने को कहा गया है। दूतावास ने दूरसंचार के साथ-साथ ईमेल का भी खुलासा किया है। साथ ही जिन भारतीयों ने दूतावास में पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें भी एक लिंक के माध्यम से तुरंत पंजीकरण कराने के लिए कहा गया है।इस्माइल हनियेह की हत्या से तनाव बढ़ गयाहमास प्रमुख इस्माइल हनियेह उर्फ ​​इस्माइल हनियेह जो ईरान के राष्ट्रपति हैं। मसूद पेजेशकियान के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने गया था, समारोह के कुछ घंटों बाद ही उसकी हत्या कर दी गई। हनिया तेहरान में अपने घर पर हवाई हमले में मारा गया था। इसके बाद ईरान ने इजराइल से बदला लेने की धमकी दी है। 

2024-08-03 01:32:24
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Israel: जंग हुई और भी खतरनाक, फुआद शुकर की मौत से भड़का हिजबुल्ला, कर दी रोकेटो की बारिश

इस्राइल के गोलान हाइट्स में फुटबॉल मैदान पर हिजबुल्ला द्वारा किए गए हमले में 12 बच्चों की मौत हो गई थी। इजराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में मंगलवार को हमला कर हिजबुल्ला के टॉप कमांडर को ढेर कर दिया था। कमांडर फउद शुकर का खात्मा कर इजराइल ने गोलान हाइट्स में 12 बच्चों की मौत का बदला लिया था।बताया जा रहा है की शीर्ष कमांडर फुआद शुकर के  मौत के बाद से गुस्साए हिजबुल्ला ने गुरुवार को देर रात (स्थानीय समय) इस्राइल पर दर्जनों रॉकेज हमले किए। हालांकि, केवल पांच रॉकेट ही इस्राइल में प्रवेश कर पाए। इस्राइल के रक्षा बलों के अनुसार, रॉकेट हमलों में किसी तरह के नुकसान या किसी नागरिक के घायल होने की खबर नहीं है। वहीं, इस्राइल ने भी जवाबी कार्रवाई में दक्षिणी लेबनान के येटर में हिजबुल्ला के रॉकेट लॉन्चर पर हमला किया। इजराइली सेना ने क्या कहाइजराइली सेना के अनुसार जवाब में लेबनान के येटर में हिजबुल्ला के रॉकेट लॉन्चर पर हमला किया, जिसका इस्तेमाल पश्चिमी गैलिली पर बमबारी के लिए किया जा रहा था। सेना ने कहा कि हमले में दागे गए कई रॉकेटों हवा में ही नष्ट कर दिया गया, जबकि कई खुले क्षेत्र में जा गिरे। इजराइल अब तक सिर्फ शुकर ही नहीं बल्कि हिजबुल्ला के कई टॉप कमांडरों का खात्मा कर चुका है। मारे जाने वालों में विसम ताविल, मोहम्मद नामेह नासिर भी शामिल हैं। 

2024-08-02 07:59:52
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Israel : 24 घंटे में दो देशों में घुसपैठ कर के 2 दुश्मनों को मार गिराया

नई दिल्ली: इजराइल लगातार अपने दुश्मनों को तबाह कर रहा है। मंगलवार को लेबनान की राजधानी बेरूत में एक हमले में हिजबुल्लाह के एक शीर्ष सैन्य कमांडर फौद शूकर की मौत हो गई। इसके बाद बुधवार सुबह तड़के ईरान की राजधानी तेहरान में हुए हमले में हमास प्रमुख इस्माइल हानिया की मौत हो गई. 7 अक्टूबर को हमास के हमले के बाद से इजराइल ने अपने दुश्मनों को निशाना बनाना जारी रखा है और गाजा पट्टी को कब्रिस्तान में बदल दिया है.मंगलवार को इजरायली सेना ने लेबनान की राजधानी बेरुत पर हमला कर हिजबुल्लाह के नंबर-2 टॉप मिलिट्री कमांडर फौद शूकर को मार गिराया. 31 जुलाई की सुबह तड़के ईरान की राजधानी तेहरान पर हमला किया गया और हमास प्रमुख इस्माइल हनियेह और उनके अंगरक्षक मारे गए। एक दिन पहले ही वह ईरान के नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने आए थे.इजराइल की वायु सेना ने मंगलवार को बेरुत पर बमबारी की, जिसमें हिजबुल्लाह के शीर्ष सैन्य कमांडर फौद शूकर की मौत हो गई। शूकर को हज मोहसिन के नाम से भी जाना जाता था। इज़राइल ने अपने नियंत्रण वाले गोलान हाइट्स पर रॉकेट हमले के लिए फौद शूकर को दोषी ठहराया। इजराइली सेना ने एक बयान में कहा, हमारे युद्धक विमानों ने बेरूत में आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह के सबसे वरिष्ठ सैन्य कमांडर और इसकी रणनीति इकाई के प्रमुख फौद शूकर को मार गिराया है।हिजबुल्लाह कई देशों में एक आतंकवादी संगठन हैहिज़्बुल्लाह लेबनान और अधिकांश मध्य पूर्व में सबसे प्रभावशाली शिया मिलिशिया समूहों में से एक है। इसका गठन 1982 में हुआ था जब इज़राइल ने लेबनान पर आक्रमण किया था। हिजबुल्लाह का मुख्य उद्देश्य इजरायली सेना को लेबनान से बाहर निकालना और इस्लामिक राज्य स्थापित करना था।हिजबुल्लाह ने खुद को एक राजनीतिक दल के रूप में भी स्थापित किया है और लेबनान की राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हिज़्बुल्लाह लेबनान में सामाजिक सेवाएँ, अस्पताल और स्कूल भी चलाता है। हालाँकि, हिज़्बुल्लाह को कई देशों द्वारा एक आतंकवादी संगठन के रूप में नामित किया गया है। यह संगठन इज़राइल के साथ कई संघर्षों में शामिल है और इसे ईरान और सीरिया से समर्थन प्राप्त है।

2024-08-01 00:24:11
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NRI परिवार ने घर पर अमिताभ बच्चन की 60 लाख रुपये की प्रतिमा स्थापित की

अमेरिका : बॉलीवुड सुपरस्टार्स के प्रशंसक अपने आइकन 79 वर्षीय अमिताभ बच्चन के लिए अपनी दीवानगी जताई। दुनिया के सबसे पसंदीदा सितारों की सूची में सबसे अमिताभ बच्चन ऊपर हैं। अमेरिका के न्यू जर्सी के एक भारतीय जोड़े ने बॉलीवुड के शहंशाह के प्रति अपने प्यार को अगले स्तर पर पहुंचा दिया। इंटरनेट सुरक्षा इंजीनियर गोपी सेठ और उनकी पत्नी रिंकू वर्तमान में अमेरिका में सबसे चर्चित भारतीय जोड़े हैं। सेठ ने अपने घर पर मेगास्टार अमिताभ बच्चन की आदमकद प्रतिमा स्थापित करके सभी को चौंका दिया।BIG B के प्रसिद्ध ‘कौन बनेगा करोड़पति’ अवतार को एक प्रतिमा में अमर कर दिया गया है और जोड़े के घर में एक कांच के बक्से में रखा है। प्रतिमा को राजस्थान में 75,000 अमेरिकी डॉलर (यानि लगभग 60 लाख रुपये) में डिजाइन किया गया था। प्रतिमा की फोटो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद परिवार का ध्यान आकर्षित हुआ।न्यू जर्सी के एडिसन सिटी में रहने वाले इस जोड़े ने प्रतिमा का अनावरण करने के लिए समुदाय के नेता अल्बर्ट जसानी को आमंत्रित किया था। मेगास्टार की प्रतिमा को देखने के लिए शेठ निवास पर करीब 600 लोग आए थे। गोपी ने कहा कि ‘शोले’ स्टार उनके और उनकी पत्नी के लिए भगवान की तरह है।इंजीनियर ने आगे कहा कि वे न केवल रील हीरो से बल्कि फिल्मों के बाहर बिग बी के व्यक्तित्व से भी प्रेरित हैं। गोपी ने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को बिग बी की विनम्रता प्रेरणादायक लगी। "वह मेरे और मेरी पत्नी के लिए भगवान से कम नहीं हैं। उनके बारे में सबसे बड़ी बात जो मुझे प्रेरित करती है, वह है न केवल उनकी रील लाइफ बल्कि रियल लाइफ भी... वह सार्वजनिक रूप से खुद को कैसे संभालते हैं, वह कैसे संदेश देते हैं और संवाद करते हैं... आप सब कुछ जानते हैं। वह बहुत ही विनम्र हैं। वह अपने प्रशंसकों का ख्याल रखते हैं। वह इतने सारे अन्य सितारों की तरह नहीं हैं। यही कारण है कि मैंने सोचा कि मुझे अपने घर के बाहर भी उनका दर्जा रखना चाहिए," गोपी ने पीटीआई के हवाले से कहा।

2024-07-31 01:41:35
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NRI परिवार ने घर पर अमिताभ बच्चन की 60 लाख रुपये की प्रतिमा स्थापित की

अमेरिका : बॉलीवुड सुपरस्टार्स के प्रशंसक अपने आइकन 79 वर्षीय अमिताभ बच्चन के लिए अपनी दीवानगी जताई। दुनिया के सबसे पसंदीदा सितारों की सूची में सबसे अमिताभ बच्चन ऊपर हैं। अमेरिका के न्यू जर्सी के एक भारतीय जोड़े ने बॉलीवुड के शहंशाह के प्रति अपने प्यार को अगले स्तर पर पहुंचा दिया। इंटरनेट सुरक्षा इंजीनियर गोपी सेठ और उनकी पत्नी रिंकू वर्तमान में अमेरिका में सबसे चर्चित भारतीय जोड़े हैं। सेठ ने अपने घर पर मेगास्टार अमिताभ बच्चन की आदमकद प्रतिमा स्थापित करके सभी को चौंका दिया।BIG B के प्रसिद्ध ‘कौन बनेगा करोड़पति’ अवतार को एक प्रतिमा में अमर कर दिया गया है और जोड़े के घर में एक कांच के बक्से में रखा है। प्रतिमा को राजस्थान में 75,000 अमेरिकी डॉलर (यानि लगभग 60 लाख रुपये) में डिजाइन किया गया था। प्रतिमा की फोटो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद परिवार का ध्यान आकर्षित हुआ।न्यू जर्सी के एडिसन सिटी में रहने वाले इस जोड़े ने प्रतिमा का अनावरण करने के लिए समुदाय के नेता अल्बर्ट जसानी को आमंत्रित किया था। मेगास्टार की प्रतिमा को देखने के लिए शेठ निवास पर करीब 600 लोग आए थे। गोपी ने कहा कि ‘शोले’ स्टार उनके और उनकी पत्नी के लिए भगवान की तरह है।इंजीनियर ने आगे कहा कि वे न केवल रील हीरो से बल्कि फिल्मों के बाहर बिग बी के व्यक्तित्व से भी प्रेरित हैं। गोपी ने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को बिग बी की विनम्रता प्रेरणादायक लगी। "वह मेरे और मेरी पत्नी के लिए भगवान से कम नहीं हैं। उनके बारे में सबसे बड़ी बात जो मुझे प्रेरित करती है, वह है न केवल उनकी रील लाइफ बल्कि रियल लाइफ भी... वह सार्वजनिक रूप से खुद को कैसे संभालते हैं, वह कैसे संदेश देते हैं और संवाद करते हैं... आप सब कुछ जानते हैं। वह बहुत ही विनम्र हैं। वह अपने प्रशंसकों का ख्याल रखते हैं। वह इतने सारे अन्य सितारों की तरह नहीं हैं। यही कारण है कि मैंने सोचा कि मुझे अपने घर के बाहर भी उनका दर्जा रखना चाहिए," गोपी ने पीटीआई के हवाले से कहा।

2024-07-31 01:25:26
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Paris Olympics 2024 : मनु भाकर-सरबजोत सिंह की जोड़ी ने रचा इतिहास, भारत ने जीता दूसरा ब्रॉन्ज मेडल

भारतीय जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में रिपब्लिक ऑफ कोरिया की ओह ये जिन और ली वोन्हो 16-10 से हराकर यह उपलब्धि अपने नाम की। इसके साथ ही मनु भाकर एक ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पहले उन्होंने महिला 10 मीटर एयर पिस्टल में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।मनु भाकर ने ओलंपिक में दो मेडल जीत लिए हैं। उन्होंने पेरिस ओलंपिक में 10 मीटर मिक्स्ड टीम इवेंट में सरबजीत सिंह के साथ मिलकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। यह मनु भाकर का पेरिस ओलंपिक में दूसरा मेडल है। मनु इसके साथ ही ओलंपिक इतिहास में ऐसी पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। जिन्होंने एक ही ओलंपिक में 2 मेडल जीते हैं। मनु ने रविवार को 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।मनु भाकर से पहले ओलंपिक इतिहास में सिर्फ दो भारतीय खिलाड़ी ही ऐसे हुए हैं, जिन्होंने इंडिविजुअल इवेंट में दो मेडल जीते हैं. सुशील कुमार ने 2008 और 2012 में कुश्ती में मेडल जीते थे. इसी तरह स्टार शटलर पीवी सिंधु ने 2016 और 2020 में मेडल जीते हैं.

2024-07-30 14:12:25
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Global Warming: ग्लोबल वार्मिंग से भूजल पर संकट, जानिए पूरी खबर

दुनिया में लगभग हर चार में से एक व्यक्ति जीवित रहने के लिए पृथ्वी की सतह के नीचे मौजूद जलाशयों पर निर्भर हैग्लोबल वार्मिंग भूजल को भी प्रभावित कर सकती है। साफ पानी की झीलों, नदियों और बांधों तक आसान पहुंच नहीं हो पाने के कारण दुनिया में लगभग हर चार में से एक व्यक्ति जीवित रहने के लिए पृथ्वी की सतह के नीचे मौजूद जलाशयों पर निर्भर है। अब विज्ञानियों ने चेताया है कि सदी के अंत तक लाखों लोग पानी की इस मामूली आपूर्ति से भी वंचित हो सकते हैं, क्योंकि बढ़ते तापमान के कारण उथले भूजल के विषाक्त होने का खतरा है। शोधकर्ताओं की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने वैश्विक तापमान वृद्धि के विभिन्न परिदृश्यों के तहत कहा है कि सबसे खराब स्थिति में 2100 में लगभग 59 करोड़ लोग ऐसे जल स्रोतों पर निर्भर हो सकते हैं, जो पीने योग्य पानी के लिए सबसे कड़े मानकों को पूरा नहीं करते हैं।इस समय गर्मी, पिघलती हुई बर्फ और समुद्रों का बढ़ता स्तर नियमित रूप से सुर्खियां बटोर रहे हैं, लेकिन हमारा ध्यान भूमि पर ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों की तरफ नहीं जाता। जलवायु परिवर्तन पर चर्चा करते हुए हमारा फोकस मौसम की घटनाओं और पानी की उपलब्धता पर रहता है, लेकिन हमें भूजल पर पड़ने वाले जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के बारे में अधिक व्यापक रूप से सोचने की आवश्यकता है। यह आश्चर्यजनक है कि भूजल के गर्म होने के परिणामों पर इतना कम ध्यान दिया गया है। सतह के ठीक नीचे छिद्रपूर्ण चट्टानों के भीतर फंसा पानी घुले हुए खनिजों, प्रदूषकों और संभावित रोगजनकों से भरा हो सकता है, लेकिन बहुत बड़ी आबादी के समक्ष इस प्रदूषित जल पर निर्भर रहने के सिवाय और कोई विकल्प नहीं है। इन भूमिगत जलाशयों को सिर्फ एक या दो डिग्री गर्म करने से परिणाम भयावह हो सकते हैं l इससे पर्यावरण में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है और खतरनाक बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा मिल सकता है, या आर्सेनिक और मैंगनीज जैसी भारी धातुओं की मात्रा पानी में घुल सकती हैविज्ञानियों के अनुसार दुनिया में पहले से ही लगभग तीन करोड़ लोग ऐसे क्षेत्रों में रह रहे हैं, जहां भूजल निर्धारित तापमान से ज्यादा गर्म है। इसका मतलब है कि बिना ट्रीटमेंट के वहां का पानी पीना सुरक्षित नहीं है। आसपास पर्याप्त आकार के सतही जलाशयों वाली आबादी के लिए भी गर्म भूजल उन प्रमुख कारकों को बदल सकता है, जो पानी को मानव उपभोग के लिए सुरक्षित रखते हैं। 7.7 करोड़ से 18.8 करोड़ लोगों के ऐसे क्षेत्र में रहने का अनुमान है जहाँ भूजल 2100 तक पीने योग्य मानकों को पूरा नहीं कर पाएगा। इससे पता चलता है कि भूजल की रक्षा के लिए कार्रवाई करना और भूजल पर जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभाव का मुकाबला करने के लिए स्थायी समाधान खोजना कितना आवश्यक है।Written by: Ashutosh Shukla

2024-07-21 08:21:05
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इस देश ने meta पर क्यों लगाया 220 मिलियन डॉलर का जुर्माना? वजह जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे

नाइजीरिया की सरकार ने शुक्रवार को मेटा पर 220 मिलियन अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाने की घोषणा की और कहा कि उसकी जांच में फेसबुक और व्हाट्सएप पर देश के डेटा संरक्षण और उपभोक्ता अधिकार कानूनों का "कई बार और बार-बार" उल्लंघन पाया गया।नाइजीरिया की सरकार ने ‘मेटा’ पर 22 करोड़ अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया है। नाइजीरिया की सरकार ने मेटा पर जुर्माना लगाने की यह घोषणा शुक्रवार को की। सरकार ने कहा कि उसकी जांच में कंपनी को फेसबुक और व्हाट्सऐप से जुड़े देश के डेटा संरक्षण एवं उपभोक्ता अधिकार कानूनों का ‘‘कई बार’’ उल्लंघन करते पाया गया है। यानि सुरक्षा के लिहाज से सरकार ने मेटा को फिट नहीं पाया। नाइजीरिया के संघीय प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता संरक्षण आयोग (एफसीसीपीसी) के एक बयान में उन पांच तरीकों को सूचीबद्ध किया गया है, जिनके जरिये मेटा ने पश्चिम अफ्रीकी देश में डेटा कानूनों का उल्लंघन किया हैनाइजीरिया के संघीय प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता संरक्षण आयोग, या FCCPC के एक बयान में पाँच तरीके सूचीबद्ध किए गए हैं जिनसे मेटा ने पश्चिम अफ्रीकी देश में डेटा कानूनों का उल्लंघन किया है, जिसमें बिना प्राधिकरण के नाइजीरियाई लोगों के डेटा को साझा करना, उपभोक्ताओं को उनके डेटा के उपयोग को स्वयं निर्धारित करने के अधिकार से वंचित करना, भेदभावपूर्ण व्यवहार और साथ ही बाजार प्रभुत्व का दुरुपयोग शामिल है।”

2024-07-20 17:33:36
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सावधान: इस देश में कोरोना ने फिर मचाया हाहाकार, मिला ये नया वेरिएंट, जाने क्या है लक्षण

कोरोना ने दुनियाभर में कोहराम मचा दिया था, अब भले ही लोगों के मन से कोरोना को लेकर डर खत्म हो गया हो लेकिन ये बार-बार वापस आकर लोगों को डराता रहता है. आपको बता दें कि जापान में एक बार फिर से कोरोना का खतरा बढ़ने लगा है. जी हां, कोरोना के इस नए वेरिएंट का नाम KP.3 है. इसका खतरा जापान में तेजी से बढ़ने लगा है. माना जा रहा कि जापान में कोविड-19 संक्रमण की ये 11वीं लहर है. वहीं, तेजी से बढ़ते कोरोना के इस नए वेरिएंट ने फिर से लोगों में खौफ भर दिया है. संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से चेतावनी जारी कर दी गई है. ऐसे में संक्रमण के कुछ लक्षणों पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है।केपी.3 वैरिएंट के लक्षणएक्सपर्ट के मुताबिक, कोरोना के नए वेरियंट KP.3 के लक्षण JN.1 वैरिएंट से मिलतेजुलते हैं. समय रहते इन लक्षणों की पहचान कर इलाज जरूरी है. इस संक्रमण में बुखार या ठंड लगना, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, थकान, मांसपेशियों या शरीर में दर्द, सिरदर्द, स्वाद या गंध की हानि, गला खराब होना, नाक बंद होना या बहना, मतली या उलटी और दस्त जैसी परेशानी शुरुआती लक्षण हैं. इसके अलावा, यदि छाती में लगातार दर्द, जागने में परेशानी, त्वचा के रंग में बदलाव, होंठ या नाखूनों का रंग पीला होने जैसी परेशानी में भी डॉक्टर की सलाह जरूरी है.

2024-07-20 13:00:45
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Oman: समुद्र में डूबा तेल टैंकर का जहाज, 13 भारतीय सहित 16 सदस्य लापता

ओमान के समुद्रीय तट पर मंगलवार देर रात को करीब 117 मीटर लंबा तेल का जहाज जलमग्न हो गया. इस जहाज पर 16 क्री मेंबर सवार थे, जिनमें से 13 भारतीय नागरिक थे और 3 श्रीलंकाई नागरिक. जहाज के डूबने के बाद ये सभी भी लापता हो गए. इन सभी लापता सदस्यों को खोजने के लिए बचाव अभियान शुरू किया गया है लेकिन अभी तर इनमें से किसी का भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है. बता दें कि इस तेल के टैंकर का नाम प्रैस्टीज फाल्कन था.ओमान के तट के पास एक तेल टैंकर पलट गया. जिसमें 13 भारतीयों सहित 16 चालक दल के सदस्य सवार थे, वो सभी लापता हो गए हैं. ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र ने बताया कि यह जहाज कोमोरोस का झंडा लगा हुआ तेल टैंकर था. जो दुकम बंदरगाह शहर के पास रस मदरका से लगभग 25 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में पलट गया. समुद्री सुरक्षा केंद्र ने बताया कि लापता चालक दल के सदस्यों को बचाने के लिए खोज और बचाव अभियान जारी है.इस तेल टैंकर जहाज के ऊपर पूर्वी अफ्रीकाई देश कोमोरोज का झंडा लगा हुआ था. मंगलवार को अचानक ये तेल टैंकर ओमान के प्रमुख बंदरगाह जिसका नाम औद्योगिक दुक्म है उसमें डूब गया. अभी तक डूबे लोगों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है.

2024-07-17 07:35:22
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Nepal: केपी शर्मा ओली चौथी बार बने नेपाल के प्रधानमंत्री, पीएम मोदी ने दी बधाई

नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी के नेता केपी शर्मा ओली ने सोमवार को चौथी बार नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली। राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल उन्हें पद की गोपनीयता की शपथ दिलाई। ओली ने इसके ठीक बाद अपने मंत्रिमंडल में 22 मंत्रियों को जगह देने का एलान किया। इनमें ओली का समर्थन करने वाले चार दलों के नेताओं को जगह दी गई है।रामचंद्र पौडेल ने उनको पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। नेपाल के पीएम के तौर पर ओली का यह चौथा कार्यकाल है, वह पूर्व में तीन बार पीएम पद पर रह चुके हैं। ओली ने पीएम पद पर पुष्प कमल दहल प्रचंड की जगह ली है। पुष्प कमल दहल ने शुक्रवार को संसद में बहुमत साबित ना कर पाने का बाद पीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद राष्ट्रपति पौडेल ने राजनीतिक दलों को नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था।पीएम मोदी ने दी ओली को बधाईइस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर ओली को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने लिखा- दोनों देशों के बीच दोस्ती के गहरे बंधन को और मजबूत करने के लिए साथ में काम करने के लिए उत्सुक, जिससे दोनों देशों का परस्पर सहयोग और अपने लोगों की प्रगति और समृद्धि को आगे बढ़ाया जा सके।

2024-07-15 20:43:46
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पेंसिल्वेनिया में रैली के दौरान डोनाल्ड ट्रंप पर गोलीबारी, शूटर समेत एक समर्थक की मौत

पेंसिल्वेनिया में रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की रैली में डोनाल्ड ट्रम्प को गोली मार दी गई है। जिसमें ट्रंप का पूरा बचाव किया गया है. अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप सुरक्षित हैं. इस संबंध में वाशिंगटन पोस्ट ने अटॉर्नी जनरल के हवाले से बताया है कि हमले में शूटर और एक व्यक्ति की मौत हो गई.फिलहाल ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में ट्रम्प को चिल्लाते हुए और अपना दाहिना हाथ अपने दाहिने कान के पास उठाते हुए दिखाया गया है क्योंकि आउटडोर कार्यक्रम में गोलियां चल रही थीं।हमले के बाद बॉडी गार्ड्स ने ट्रंप को घेर लिया। अमेरिकी गुप्त सेवा द्वारा एक वाहन में ले जाते समय ट्रम्प ने बार-बार भीड़ की ओर अपनी मुट्ठी उठाई और चिल्लाए। गौरतलब है कि अमेरिकी मीडिया दावा कर रहा है कि गोली ट्रंप के कान के पास से गुजर गई और उन्हें मामूली चोट आई है.एजेंसी द्वारा घटना की पहचान करने के बाद सीक्रेट सर्विस के प्रवक्ता ने एक्स को बताया, "सीक्रेट सर्विस ने सुरक्षात्मक उपाय लागू किए हैं और पूर्व राष्ट्रपति सुरक्षित हैं। यह अब एक सक्रिय गुप्त सेवा जांच है और उपलब्ध होते ही अधिक जानकारी जारी की जाएगी।

2024-07-14 09:05:17
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नेपाल में भूस्खलन: 63 यात्रियों को ले जा रही 2 बस त्रिशूल नदी में गिरी

नेपाल में खराब मौसम के कारण भारी भूस्खलन की जानकारी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि आज सुबह मध्य नेपाल में मदन-अश्रित राजमार्ग पर भारी भूस्खलन के कारण लगभग 63 यात्रियों को ले जा रही दो बसें त्रिशूली नदी में गिर गईं हैं। इससे हाहाकार मच गया है। राहत और बचाव की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। स्थानीय लोग भी नदी में डूबे लोगों को निकालने के लिए प्रशासन की मदद कर रहे हैं। “प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों बसों में बस चालकों सहित कुल 63 लोग सवार थे। घटना सुबह साढ़े तीन बजे की बताई जा रही है। नेपाल में खराब मौसम लोगों के लिए आफत बना हुआ है। बताया जा रहा है कि आज यानी शुक्रवार सुबह मध्य नेपाल में मदन-आश्रित राजमार्ग पर भूस्खलन की वजह से लगभग 63 यात्रियों को ले जा रही दो बसें त्रिशूली नदी में बह गईं। सभी लापता बताए जा रहे हैं।जानकारी के अनुसार अनुसार अंधेरा होने की वजह से सुबह करीब साढ़े तीन बजे भूस्खलन का शिकार हुई दोनों बसें त्रिशूली नदी में बह गईं। खराब मौसम के कारण राहत-बचाव कार्य में अड़चन जिलाधिकारी ने बताया कि स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव कर्मी घटनास्थल पर हैं और तलाशी अभियान चल रहा है। लगातार बारिश के कारण लापता बसों की तलाश में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

2024-07-12 08:50:45
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रूस के बाद पीएम मोदी पहुंचे ऑस्ट्रिया, संबंधों को और गहरा करने पर होगी चर्चा

रूस में दो दिन के दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी एक दिवसीय यात्रा पर ऑस्ट्रिया पहुंच गए हैं। एयरपोर्ट पर ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्री एलेक्जेंडर शालेनबर्ग ने मोदी का स्वागत किया। पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान दोनों देश अपने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने तथा कई भू-राजनीतिक चुनौतियों पर करीबी सहयोग के रास्ते तलाशेंगे। पीएम मोदी का वियना का यह दौरा बेहद खास है। दरअसल, 41 साल से अधिक समय में मध्य यूरोपीय राष्ट्र ऑस्ट्रिया की यात्रा करने वाले नरेंद्र मोदी ऐसे दूसरे प्रधानमंत्री हैं। इससे पहले 1983 में इंदिरा गांधी ने आस्ट्रिया, वियना का दौरा किया था। इस यात्रा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विदेश मंत्री जयशंकर भी गए हैं। ऑस्ट्रिया पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इस संबंध में ट्वीट भी किया। इसमें उन्होंने लिखा कि ऑस्ट्रिया की यह यात्रा विशेष है। हमारे देश साझा मूल्यों और एक बेहतर ग्रह के प्रति प्रतिबद्धता से जुड़े हुए हैं। चांसलर कार्ल नेहमर के साथ वार्ता और भारतीय समुदाय के साथ बातचीत सहित ऑस्ट्रिया में विभिन्न कार्यक्रमों की प्रतीक्षा कर रहा हूं।' ऐसा रहेगा आज का पीएम का कार्यक्रमवियना दौरे पर पीएम मोदी आज यानी बुधवार को ऑस्ट्रिया गणराज्य के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वान डेर बेलेन से मुलाकात करेंगे। साथ ही वह ऑस्ट्रिया के चांसलर कार्ल नेहमर के साथ भी बातचीत करेंगे। पीएम मोदी और चांसलर नेहमर भारत-ऑस्ट्रिया के शीर्ष उद्यमियों की बैठक को भी संबोधित करेंगे। मोदी वियना में भारतीय समुदाय के लोगों से भी बातचीत करेंगे।

2024-07-10 07:34:18
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रूस पहुंचे PM नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ होगी अहम बैठक

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस पहुंच गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के मॉस्को पहुंचने पर रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पीएम मोदी रूस की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। वो मॉस्को में राष्ट्रपति पुतिन के साथ 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर बैठक करेंगे। इससे पहले रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी की रूस यात्रा और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी वार्ता द्विपक्षीय व्यापार तथा आर्थिक संबंधों, विज्ञान व प्रौद्योगिकी अनुसंधान के कुछ नए क्षेत्रों पर केंद्रित होगी। उन्होंने विश्वास जताया था कि वार्ता से कई क्षेत्रों में ठोस नतीजे निकलेंगे। 

2024-07-08 19:35:56
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UK Election Result: ऋषि सुनक ने स्वयं मानी हार, कहा - में माफी मांगता हूं और इस हार की...

ब्रिटेन चुनाव में वोटों की गिनती जारी है, लेकिन तस्वीर लगभग साफ हो गई है। लेबर पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ ब्रिटेन की सत्ता पर काबिज होने जा रही है और लेबर पार्टी के नेता कीर स्टार्मर ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री हो सकते हैं। मौजूदा पीएम ऋषि सुनक ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। साथ ही उन्होंने कीर स्टार्मर को जीत की बधाई भी दी है।लेबर पार्टी ने यूनाइटेड किंगडम में आम चुनाव 2024 को जीत लिया है इसके साथ ही ऋषि सुनक ने हार मान ली है। हालांकि, ब्रिटेन के निवर्तमान प्रधानमंत्री ऋषि सुनक अपनी सीट से जीत गए हैं। वर्तमान प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा कि लेबर पार्टी ने यह आम चुनाव जीत लिया है। मैंने कियर स्टारमर को उनकी जीत पर बधाई देने के लिए फोन किया है। सुनक ने ये भी बताया कि आज शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से सत्ता परिवर्तित होगी।लेबर पार्टी ने आधिकारिक तौर पर ब्रिटेन की संसद में बहुमत के लिए जरूरी सीटें जीत ली हैं। सुबह 5 बजे तक लेबर पार्टी ने 650 में से 326 सीटें जीत ली थीं। लेबर पार्टी के नेता कियर स्टारमर अब बहुमत की सरकार बनाएंगे। स्टारमर ने लंदन के टेट मॉडर्न संग्रहालय में समर्थकों से कहा कि हमने यह कर दिखाया। वही दूसरी ओर चुनाव नतीजों पर ऋषि सुनक ने अपने संसदीय क्षेत्र रिचमंड और नॉर्दर्न एलर्टन में समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि 'मैं माफी मांगता हूं और इस हार की जिम्मेदारी लेता हूं।' ऋषि सुनक ने कहा कि 'लेबर पार्टी ने इस चुनाव में जीत हासिल की है और मैंने कीर स्टार्मर को फोन कर उनकी जीत पर बधाई दी। आज, सत्ता शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से स्थानांतरित हो जाएगी।'

2024-07-05 10:11:51
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बारबाडोस में फंसी टीम इंडिया, 240 km की रफ्तार वाला चक्रवात, ऊंची लहरें, सभी उड़ने हुई रद्द!

बारबाडोस में टी20 विश्व कप का खिताब जीतने वाली टीम इंडिया का इंतजार पूरा देश कर रहा है। हालांकि, बारबाडोस के मौसम ने इस इंतजार को अब और लंबा कर दिया है। दरअसल, बारबाडोस में तूफान के कारण भारतीय टीम और भारत से आए मीडियाकर्मी बारबाडोस में फंस गए हैं। ऐसे में उनके वापस भारत आने में काफी समय लग रहा है। इस बीच बारबाडोस के मौसम के हालात को लेकर परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। बारबाडोस में T20 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच चुकी भारतीय क्रिकेट टीम वहां फंसी हुई है. इसकी वजह है, चक्रवाती तूफान बेरिल. कैटेगरी 4 का ये तूफान भयावह रूप ले चुका है. तूफान के दस्तक देने के बाद से प्रचंड हवाओं के साथ तेज बारिश हो रही है. इसके मद्देनजर सभी एयरपोर्ट बंद कर दिए गए हैं. कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी हुई है.इस पर बीसीसीआई सेक्रेट्री जय शाह ने बारबाडोस में मीडिया से बात करते हुए दिए अपने बयान में कहा कि वह खिलाड़ियों और वहां पर मौजूद मीडियाकर्मियों को सुरक्षित निकालने का प्लान बना रहे हैं। हम सोमवार को चार्टर्ड प्लेन के जरिए भारतीय खिलाड़ी और बाकी सभी लोगों को यहां से लेकर जाने की योजना बना रहे थे लेकिन उससे पहले ही एयरपोर्ट बंद कर दिए गए।

2024-07-02 08:58:48
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रूस: दागेस्तान-माखचकाला में आतंकी हमला, 16 पुलिसकर्मियों समेत कई नागरिकों की मौत, जानिए पूरा मामला

रूस के दक्षिणी प्रांत- दागेस्तान में ईसाईयों और यहूदियों के धर्मस्थल (सिनेगॉग) पर अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी किए जाने की खबर है। गोलीबारी दागेस्तान के डर्बेंट शहर में हुई है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने एपी के हवाले से बताया कि दागेस्तान के गवर्नर ने बताया कि बंदूकधारियों के हमलों में 16 से अधिक पुलिसकर्मियों और कई नागरिकों की हत्या कर दी गई है। वहीं, सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई में छह आतंकियों को मार गिराया है। हमले में 20 से अधिक लोगों के घायल होने की भी खबर है।इन जगहों पर हुआ हमलाएक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रूस के दागेस्तान में रविवार को आतंकियों ने दो चर्च, एक सिनेगॉग (यहूदी मंदिर) और एक पुलिस पोस्ट पर हमला किया। क्षेत्र में सोमवार, मंगलवार और बुधवार को शोक दिवस मनाया जाएगा। इतने हमलावर मार गिराएअधिकारियों ने क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया और पांच हमलावरों को मार गिराया। हालांकि, गवर्नर का कहना है कि छह बंदूकधारियों को मार गिराया है। फिलहाल, इसकी स्पष्ट पुष्टि नहीं हो सकी है। सुरक्षाबलों ने हमलावरों को मार गिरायाहमलों की तत्काल किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है। अधिकारियों ने एक आतंकवादी अधिनियम के आरोप में एक आपराधिक जांच शुरू की। इससे पहले देर रात आई विदेशी मीडिया की शुरुआती खबर में इसे आतंकी हमला बताया गया। फायरिंग में चर्च के पादरी और पुलिसकर्मी समेत सात लोगों की मौत की खबर आई थी। अब मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 16 हो चुका है। वहीं, हमलावरों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के दौरान रूस के सुरक्षाबलों ने कई हमलावरों को मार गिराया।

2024-06-24 15:10:51
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क्या अब 24 की जगह 25 घंटो का होगा एक दिन? क्या हमारी पृथ्वी धीरे घूम रही है, जानिए कब से होगा?

पृथ्वी अपने अक्ष पर भी घूमती रहती है, जिसमें 24 घंटे का वक्त लगता है. इसी वजह से पृथ्वी पर एक दिन 24 घंटे का होता है, लेकिन कई रिपोर्ट्स में दावा है कि एक दिन 24 घंटे की जगह 25 घंटे का होने वाला है. जी हां, आने वाले वक्त में पृथ्वी 24 घंटे की जगह 25 घंटे में अपने अक्ष पर अपना चक्कर पूरा करेगी और इसका नतीजा ये होगा कि पृथ्वी पर दिन बड़ा होने लगेगा. इतना ही नहीं, फिर एक साल का वक्त और भी कम हो जाएगा और 365 से कम दिन का साल होगा. ऐसे में जानते हैं कि आखिर पृथ्वी पर एक दिन में 25 घंटे होने की बात क्यों कही जा रही है और किस वजह से पृथ्वी पर धीरे घूम रही है. साथ ही ये भी जानते हैं कि जब पृथ्वी पर 25 घंटे का दिन हो जाएगा तो एक साल में कितने दिन होंगे.  साल में कितने दिन होंगे?सबसे पहले तो आपको ये बताते हैं कि जब पृथ्वी पर एक दिन 25 घंटे का होगा तो साल की गणना का क्या हिसाब होगा. अभी पृथ्वी पर एक साल में 365 दिन होते हैं यानी पृथ्वी 365 दिन में सूर्य के पूरा चक्कर काट लेती है. लेकिन अगर दिन का वक्त बढ़ जाता है तो उस हिसाब से साल में दिनों की संख्या कम हो जाएगी, क्योंकि पृथ्वी सूर्य के उतने ही घंटे में एक चक्कर पूरा करेगी और साल के दिन 365 से कम होकर करीब 350 ही रह जाएंगे।पहले 19 घंटे होते थेकई लाख साल पहले पृथ्वी के घूमने की स्पीड काफी तेज थी और उस वक्त एक दिन 24 घंटे का नहीं था और 19 घंटे में ही पृथ्वी अपने अक्ष पर एक चक्कर घूम लेती थी. हालांकि, यह बदलाव कई लाख साल में एक बार होता है और एक दिन में 19 घंटे आज से एक बिलियन साल पहले होते थे. बता दें कि पृथ्वी में एक दिन का टाइम बढ़ने की स्पीड काफी कम है. रिपोर्ट के हिसाब से एक सेंचुरी यानी 100 साल में ये वक्त 1.8 मिलिसेकेंड के हिसाब से बढ़ रहा है, मतलब हजारों साल में एक सेकेंड का वक्त बढ़ रहा है. वहीं, 3.3 मिलियन सालों में एक ये टाइम एक मिनट तक बढ़ रहा है. 

2024-06-21 14:56:20
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हज पर गर्मी का कहर : तापमान 52 डिग्री तक पहुंचने पर 500 से ज्यादा हजयात्रियों की मौत

सऊदी अरब के मक्का मदीना में हज यात्रा के लिए लाखों हज यात्री इकट्ठा हुए हैं। इस बीच यात्रियों को भीषण गर्मी का भी सामना करना पड़ रहा है। स्थिति ऐसी हो गई है कि मक्का में गर्मी से कुल 550 हज यात्रियों की मौत हो गई है। अल-मुआइसेम अस्पताल से प्राप्त कुल संख्या का हवाला देते हुए एक राजनयिक ने कहा,“सभी मिस्रवासी गर्मी के कारण मर गए, भीड़ के कुचलने के दौरान एक व्यक्ति को घातक चोटें भी आईं।” राजनयिकों ने बताया कि अम्मान की रिपोर्ट के अनुसार कम से कम 60 जॉर्डनवासी मारे गए जो 41 की आधिकारिक संख्या से अधिक है। इसमें सबसे ज्यादा 323 तो मिस्र के हैं जबकि अन्य अलग-अलग देशों के हैं। इन सभी यात्रियों की मौत के लिए भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को जिम्मेदार बताया गया है।एक राजनयिक ने इन सभी की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि मिस्र के 323 हज यात्रियों में सिवाय एक को छोड़कर सभी की मौत गर्मी की वजह से हुई है। वहीं एक हज यात्री भीड़ के दौरान घायल हो गया। यह आंकड़ा मक्का के पास अल-मुआइसम में अस्पताल के मुर्दाघर से आया है। ताजा आंकड़ों के साथ ही कई देशों द्वारा अब तक बताई गई कुल मौतों की संख्या 577 हो गई है। राजनयिकों ने बताया कि मक्का के सबसे बड़े मुर्दाघरों में से एक अल-मुआइसम में कुल 550 शव थे। 

2024-06-19 14:44:13
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डोली चायवाले ने मालदीव में लगाई चाय की टपरी, विदेशियों ने चाय पीने के बाद दिया गजब का रिएक्शन, वीडियो वायरल

सोशल मीडिया की दुनिया में 'डॉली की टपरी' को बच्चा-बच्चा जानता है। नागपुर में चाय बेचने वाला ये बंदा दुनियाभर में वायरल है। रविवार, 16 जून को डोली ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसे देखकर जनता बोल रही है कि इस बंदे ने चाय को पूरे वर्ल्ड में फेमस कर दिया है! View this post on Instagram A post shared by D🫖LLY (@dolly_ki_tapri_nagpur) दरअसल वायरल वीडियो में डोली मालदीव में अपनी टपरी पर चाय बनाते और फिर उसे विदेशी पर्यटकों को सर्व करते नजर दिख रहे हैं। बता दें कि डोली उस वक्त ट्रेंडिंग टॉपिक बन गए थे जब उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के को-फाउंडर और दुनिया के सबसे रईस व्यक्तियों में शामिल बिल गेट्स को चाय बनाकर पिलाई थी।इस वायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि मालदीव के बीच पर डोली ने चाय की टपरी लगा रखी है। वह विदेशी धरती पर बिंदास स्टाइल में चाय बनाते नजर आ रहे हैं। जबकि टूरिस्ट लोग डोली को देख रहे हैं कि आखिर ये बंदा कर क्या रहा है! जब चाय बन जाती है तो डोली कई पर्यटकों को चाय सर्व करते हैं। जबकि बहुत से फॉर्नर्स डोली के साथ फोटो भी खिंचवाते हैं। अब डोली का यह क्लिप इंटरनेट पर चर्चा में आ चुका है।

2024-06-17 18:57:06
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राष्ट्रपति पुतिन का घर जलकर हुआ राख, क्या यूक्रेन ने किया ये कारनामा?

रूस राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का एक गुप्त ठिकाना साइबेरिया के अल्ताई माउंटेन में मौजूद रूसी राष्ट्रपति के आलीशान मकान में आग लग गई। मकान जलने की खबर ब्लॉगर अमीर अयोताशेव और अरुणा अर्ना ने दी। उन्होंने घर में आग लगने की कुछ तस्वीरें साझा की। और रूसी राष्ट्रपति यहां गुप्त रूप से रहने आते रहे हैं। इसे पुतिन के बंकरों में गिना जाता है। घर से जुड़ी कई कहानियां मशहूर हैं, जिनमें पुतिन का यहां खून से स्नान करना भी शामिल है। पुतिन का यह घर 33 मिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा की लागत से बना है। अल्ताई गणराज्य के ओंगुडेस्की जिले में एक वर्गीकृत निर्माण परियोजना की जानकारी 2010 में सामने आई। इसके बाद इस पर हुए खर्च का ब्योरा सामने आया। स्थानीय विपक्षी लोग बार-बार दावा करते रहे हैं कि यह घर पुतिन से संबंधित है। किसी भी आम रूसी का यहां आना वर्जित है। रूसी मीडिया का यह भी दावा है कि इस परिसर में मराल हिरण के सींग निकालने के लिए एक छोटी सी जोत वाला एक विशेष खेत भी शामिल है।पुतिन का ये पैलेस अल्ताई रिपब्लिक के Ongudaysky जिले में है. इसके पास में ही मंगोलिया, चीन और कजाकिस्तान है. इस जगह और उसके आसपास कई वेंटिलेशन प्वाइंट्स हैं. इसके अलावा 110 किलोवोल्ट का अल्ट्रा-मॉडर्न सबसस्टेशन है. जो सिर्फ यहां बिजली सप्लाई करता है. बल्कि इससे पूरे कस्बे को रोशनी दी जा सकती है. जब ये पैलेस बन रहा था, तब बड़े-बड़े जर्मन एक्सेवेटर्स आए थे. यानी खुदाई करने वाली बड़ी मशीनें. यहां पर हिरणों का फार्म है.पुतिन के घर में आग में जलकर बर्बाद होने की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिसे अधिकार कार्यकर्ता अमीर अयताशेव और अरुणा अर्ना ने लिया है। सिरेना अखबार ने इन तस्वीरों की जांच में पाया है कि आग में जली इमारत बिल्कुल पुतिन के खुफिया घर की तरह ही है। ओडेसा जर्नल ने सॉफ्टवेयर की मदद से तस्वीरों का विश्लेषण किया, जिसमें पुष्टि हुई कि इन्हें घटना के दिन ही लिया गया था और कोई एडिटिंग का सबूत नहीं मिला है।

2024-05-31 17:33:52
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आस्ट्रेलिया के पापुआ न्यू गिनी में भूस्खलन ने मचाई तबाही, मारे गए 100 से ज्‍यादा लोग

आस्ट्रेलिया के पापुआ न्यू गिनी से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार,दक्षिण प्रशांत द्वीप देश की राजधानी पोर्ट मोरेस्बी से लगभग 600 किलोमीटर दूर एक गांव में आज तड़के 3 बजे लैंडस्लाइड हुआ। गांव का नाम काओकलाम बताया जा रहा है। ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्प से मिली सूचना के आधार पर 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है।ABC के मुताबिक, भूस्खलन पोर्ट मोरेस्बी से लगभग 600 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में एंगा प्रांत के काओकलाम गांव में सुबह करीब 3 बजे हुआ. एंगा प्रांतीय प्रशासन का कहना है कि उसने इस हादसे से हुए नुकसान का त्वरित आकलन करने के लिए एक इमरजेंसी एक्शन टीम का गठन किया है. टीम ने स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं और गैर सरकारी संगठनों से राहत प्रयासों में सहायता के लिए तैयार रहने के लिए कहा है. भूस्खलन की चपेट में आने से कई गांव के कई घर पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। राहत और बचावकर्मी यहां लोगों को निकालने का काम कर रहे हैं। कई शवों को निकाला जा चुका है। स्थानीय लोग भूस्खलन के बाद दबे हुए शवों को बाहर निकालने में राहत और बचाव कर्मियों की मदद कर रहे हैं। पापुआ न्यू गिनी में आया था भूकंप भूस्खलन से पहले पापुआ न्यू गिनी भूकंप के झटके भी महसूस किए गए थे। भूकंप फिन्सचाफेन से 39 किलोमीटर नॉर्थवेस्ट में आया था और रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.3 मापी गई थी। भारतीय समयानुसार पापुआ न्यू गिनी में यह भूकंप गुरुवार सुबह 9 बजकर 49 मिनट पर आया था। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे ने भी पापुआ न्यू गिनी में भूकंप की पुष्टि की थी। पापुआ न्यू गिनी में भूकंप से नुकसान की कोई खबर नहीं थी। गांव के लोगों का कहना है कि कई बड़े पत्थर और पेड़ गिर गए हैं. कई इमारतें ढह गई हैं, जिसकी वजह से शवों को तेजी से निकालने में मुश्किल हो रही है. भूस्खलन ने पोरगेरा शहर तक पहुंच मार्ग को भी अवरुद्ध कर दिया है, जहां एक बड़ी सोने की खदान है. सड़क बाधित होने से गांव तक जरूरी वस्तुओं को पहुंचाने में समस्या आ रही है. इस भूस्खलन का असर पोरगेरा शहर और सोने की खदान में काम करने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है.

2024-05-24 16:18:47
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किर्गिस्तान में भारतीय छात्रों पर खुलेआम हो रहे हिंसक हमले, भारत सरकार से मांगी मदद

किर्गिस्तान में रहकर पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों को हिंसक हमलों का सामना करना पड़ा रहा है। किर्गिस्तान के स्थानीय युवक भारतीय छात्रों को निशाना बनाकर हमले कर रहे हैं। ये हमले खुलेआम हो रहे हैं। किर्गिस्तान का स्थानीय प्रशासन और पुलिस छात्रों पर हमले का तमाशा देख रही है। छात्रों के बचाव के उपाय नहीं किए जा रहे हैं और न ही कोई ठोस एक्शन लिया जा रहा है। ऐसे में निराश होकर भारतीय छात्र स्थानीय दूतावास में गुहार कर रहे हैं। लेकिन उन्हें दूतावास की तरफ से भी पर्याप्त मदद नहीं मिल सकी है। निराश होकर अब छात्रों के अभिभावकों ने भारत सरकार से मदद मांगी है।गुजरात समेत अन्य राज्यों के काफी छात्र किर्गिस्तान में रहकर पढ़ाई करते हैं। दो दिन पहले पाकिस्तानी छात्रों ने स्थानीय युवकों की हत्या कर दी थी। इससे गुस्साए स्थानीय युवकों ने बालदेश हॉस्टल में घुसकर हमला कर दिया था। पाकिस्तानी छात्रों के साथ-साथ भारतीय युवाओं को भी निशाना बनाया गया। अब भारतीय छात्रों पर भी वहां खुलेआम हमले किए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की ओर से इन हमलों को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। पुलिस के सामने भारतीय छात्रों पर हमले हो रहे हैं।किर्गिस्तान में स्थानीय लोगों ने तीन पाकिस्तानी छात्रों की पीट-पीटकर हत्या कर दी है। इस बीच भारत सरकार ने किर्गिस्तान में रहकर पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों से घरों के अंदर रहने की अपील की है। इस संबंध में एडवाइजरी भी जारी की गई है। वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारतीय छात्रों को दूतावास के साथ नियमित संपर्क में रहने की सलाह दी है। भारतीय वाणिज्य दूतावास ने किर्गिस्तान में बिगड़ते हालात को देखते हुए छात्रों से दूतावास के संपर्क में रहने और घरों से बाहर नहीं निकलने को कहा है। साथ ही संपर्क नं 0555710041 जारी किया है। इस नंबर पर 24×7 संपर्क किया जा सकता है।

2024-05-23 14:38:18
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दक्षिण पूर्व एशिया में भीषण गर्मी से वियतनाम में मरीं हजारों मछलियां

दक्षिणी वियतनाम के दांग नाइ प्रांत में एक जलाशय में सैकड़ों हजारों मछलियां मर गई हैं, स्थानीय लोगों से पता चलता है कि भीषण गर्मी और झील का प्रबंधन इसके लिए जिम्मेदार है। बढ़ते तापमान का असर पड़ोसी कंबोडिया पर भी पड़ रहा है , जहां पारा 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।तुओई ट्रे अखबार ने बताया कि झील के प्रबंधन के प्रभारी फर्म ने 2024 की शुरुआत में ड्रेजिंग शुरू कर दी थी, शुरुआत में मछली के लिए जलाशय में अतिरिक्त पानी छोड़ने की योजना बनाई थी। इस क्षेत्र में कई हफ्तों से बारिश नहीं हुई है और जलाशय में पानी जीवों के जीवित रहने के लिए बहुत कम है। मृत समुद्री जीवन की चादर के नीचे सोंग मे जलाशय का पानी बमुश्किल दिखाई देता है। फोटो: एएफपीलेकिन भीषण गर्मी के कारण निवेशक ने पानी को निचले क्षेत्र में छोड़ दिया, जिससे जल स्तर नीचे चला गया। परिणामस्वरूप, मछलियां बड़ी संख्या में मर गईं l हालाँकि, प्रयास काम नहीं आए और कुछ ही समय बाद, कई मछलियाँ मर गईं, स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 200 टन तक की मछली नष्ट हो गई होगी।मौसम पूर्वानुमानकर्ताओं के अनुसार, हो ची मिन्ह सिटी से 100 किमी पश्चिम में डोंग नाई प्रांत में तापमान अप्रैल में 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसने 1998 में दर्ज रिकॉर्ड उच्च तापमान को तोड़ दिया। अधिकांश दक्षिण पूर्व एशिया की तरह - जहां हाल ही में स्कूलों को समय से पहले बंद करने के लिए मजबूर किया गया है और बिजली का उपयोग बढ़ गया है - दक्षिणी और मध्य वियतनाम विनाशकारी गर्मी से झुलस गए हैं। ट्रांग बॉम जिले के एक स्थानीय निवासी, जिसने अपना नाम नघिया बताया, ने NFP को बताया, सोंग मे जलाशय की सभी मछलियां पानी की कमी के कारण मर गईं।तस्वीरों में निवासियों को 300 हेक्टेयर के सोंग मई जलाशय में नौकायन और नौकायन करते हुए दिखाया गया है, जिसमें मृत समुद्री जीवन की चादर के नीचे पानी मुश्किल से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा, फिर उन्होंने जलाशय का नवीनीकरण करने की कोशिश की, कीचड़ को बाहर निकालने के लिए एक पंप लाया ताकि मछलियों को अधिक जगह और पानी मिल सके। फोटो: एएफपीयह जलाशय डोंग नाई प्रांत के ट्रांग बॉम और विन्ह कुउ जिलों में फसलों के लिए जल स्रोत है।अधिकारी घटना की जांच कर रहे हैं और मरी हुई मछलियों को शीघ्रता से हटाने का काम कर रहे हैं।नघिया ने कहा, "हमें उम्मीद है कि अधिकारी स्थिति को सुधारने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे।"ताप स्वास्थ्य अनुसंधान इतना महत्वपूर्ण क्यों है?नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के योंग लू लिन स्कूल ऑफ मेडिसिन में हीट रेजिलिएंस एंड परफॉर्मेंस सेंटर की सह-निदेशक सुश्री लिडिया लॉ ने कहा, गर्मी से संबंधित अनुसंधान इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। अब समय आ गया है कि हम एक रुख अपनाएं और इस क्षेत्र में अपने शोध को आगे बढ़ाएं, ताकि हम इस क्षेत्र में हर किसी को गर्मी में रहने और काम करने में मदद करना जारी रख सकें।उन्होंने गुरुवार को सीएनए के एशिया नाउ को बताया कि अत्यधिक गर्मी समाज के सभी वर्गों को प्रभावित कर सकती है, और क्षेत्र भर की सरकारें प्रभावों को कम करने के लिए अधिक लक्षित रणनीतियां विकसित कर सकती हैं। उन्होंने कहा, "तापमान में हालिया वृद्धि के साथ-साथ इन चरम मौसम पैटर्न की आवृत्ति के साथ, निश्चित रूप से न केवल घटना को समझने पर अधिक ध्यान और ध्यान दिया गया है, बल्कि अत्यधिक गर्मी के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से पड़ने वाले प्रभावों पर भी ध्यान दिया गया है। सरकारें इस जटिल चुनौती से निपटने के लिए जमीनी प्रयासों को सुविधाजनक बनाने में भी मदद कर सकती हैं।“हम पहले से ही इस सिंड्रोम के प्रति संवेदनशील हैं जिसे 'बॉयलिंग फ्रॉग सिंड्रोम' कहा जाता है। यह वह जगह है जहां हम बस अनुकूलन करते हैं और हम समायोजित करते हैं, क्योंकि गर्मी हमारे लिए पूरी तरह से नई नहीं है, ”सुश्री लॉ ने एक रूपक का जिक्र करते हुए कहा, जो दर्शाता है कि पर्यावरण में छोटे और क्रमिक परिवर्तन कैसे संचयी प्रभाव डाल सकते हैं। हम इसके साथ रह रहे हैं, लेकिन चूँकि हमें इसकी आदत हो गई है, हम स्थिति को कम करने के लिए बहुत कम या कोई कार्रवाई नहीं करते हैं, जब तक कि कभी-कभी बहुत देर हो जाती है और हम इससे बचना चाहते हैं।

2024-05-22 20:35:47
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ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई मौत

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई है। ईरानी मीडिया ने ये जानकारी दी है। रईसी के साथ हेलीकॉप्टर में सवार ईरान के विदेश मंत्री अमीर अब्दुल्लाहियान की भी मौत हो गई है। ईरान के सरकारी टीवी ने ये जानकारी दी है। रविवार को ईरान के राष्ट्रपति को लेकर जा रहा हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। रईसी के साथ ईरान के विदेश मंत्री अमीर अब्दुल्लाहियान भी सवार थे। ईरान की रेड क्रिसेंट सोसायटी के प्रमुख ने कहा कि बचाव दल दुर्घटना स्थल पर पहुंच गए हैं। हालांकि, अभी हादसे कैसे हुआ इस बारे में जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन एक्सपर्ट का मानना है कि रईसी का हेलीकॉप्टर अचानक आए कोहरे का शिकार बन गया।एक्सपर्ट ने बताई हादसे की वजहफ्लाइट एक्सपर्ट काइल बेली का कहना है कि राष्ट्रपति का विमान उड़ाने वाले पायलट आमतौर पर कुशल और अनुभवी होते हैं, लेकिन हेलीकॉप्टर एक बहुत जटिल मशीन है। उन्होंने अल जजीरा को बताया, 'जब आप उड़ान भरते हैं और मौसम साफ होता है तो सब ठीक है, लेकिन समस्या तब होती है जब पायलट पहाड़ी, ऊबड़-खाबड़ और जंगली इलाके में होते हैं और उन जगहों पर अचानक कोहरा विकसित हो सकता है जहां आपको इसकी उम्मीद नहीं होती है।'बेली ने कहा, 'यह मौसम के पूर्वानुमानों पर होता है। मानचित्रों पर भी नहीं होगा और न ही रडार पर नजर आता है। कोहरा कहीं भी बहुत तेजी से आ सकता है और पायलट पर अचानक हमला कर सकता है। इसके बाद पायलट के लिए हेलीकॉप्टर को संभालना मुश्किल हो जाता है।'

2024-05-20 11:58:02
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नेपाल का यह पर्वतारोही 54 साल की उम्र में 29वीं बार माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने का अपना रिकॉर्ड तोड़ा

प्रसिद्ध नेपाली पर्वतारोही कामी रीता शेरपा ने 29वीं बार माउंट एवरेस्ट पर विजय प्राप्त करके एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 54 साल की उम्र में, कामी रविवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 7:25 बजे 8,849 मीटर के शिखर पर पहुंचे। इस तरह उन्होंने एवरेस्ट पर सबसे अधिक बार चढ़ने का अपना ही रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रच दिया। नेपाल के 'सेवन समिट ट्रेक्स' ने इस पर्वतारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया था और इसमें 20 पर्वातारोही शामिल हुए थे.पिछले साल सोलुखुम्बु के पसंद दावा शेरपा ने 27वीं बार माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की थी, लेकिन इस सीजन में उन्होंने चढ़ाई करने के बारे में अभी फैसला नहीं किया है। ‘सेवन समिट ट्रेक्स’ के वरिष्ठ पर्वतीय गाइड कामी का जन्म 17 जनवरी 1970 को हुआ था। कामी ने सबसे पहले 1992 में माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई की थी। तब वह एक सहायक कर्मचारी के रूप में शामिल हुए थे। कामी ने तब से निडर होकर कई पर्वतों की चढ़ाई की, जिनमें माउंट के2, चो ओयु, ल्होत्से और मनास्लु शामिल है।द हिमालयन टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, बेस कैंप के अधिकारियों के अनुसार, दक्षिण पश्चिम इंग्लैंड के ग्लॉस्टरशायर के केंटन कूल ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर सबसे अधिक बार चढ़ने का अपना ब्रिटिश रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।नेपाल के दस पर्वत गाइडों ने अन्य पर्वतारोहियों के लिए मार्ग साफ़ करने के बाद पहाड़ में रस्सियाँ बाँधने के बाद दुनिया की सबसे ऊँची चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की।पर्यटन विभाग के पर्वतारोहण अनुभाग के एक अधिकारी चुन बहादुर तमांग ने शुक्रवार रात एक नोटिस जारी करते हुए कहा, जैसे ही रस्सी लगाने का काम पूरा हो गया है, माउंट एवरेस्ट अब नेपाल और विदेशी दोनों देशों के पर्वतारोहियों के लिए चढ़ाई के लिए खुला है।रस्सी जोड़ने का काम शुक्रवार सुबह शुरू हुआ और रात में समाप्त हुआ। कुल मिलाकर 41 अभियानों के 414 पर्वतारोहियों ने इस सीज़न में एवरेस्ट पर चढ़ने की अनुमति प्राप्त कर ली है।ये भी पढ़े :- Madhya Pradesh: लड़कियों ने निकाली 'दाढ़ी हटाओ प्यार बचाओ' रैली, देखे वीडियोउत्तर प्रदेश में सपा विधायक की दबंगई! SDM के साथ धक्का-मुक्की, देखे वीडियोआप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

2024-05-13 20:46:18
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चंद्रमा एक्सप्रेस': नासा चंद्र पर चलाएगा ट्रेन, आप भी कर सकते है चंद्र पर ट्रेन की यात्रा

चांद पर आज के समय दुनिया की प्रमुख स्पेस एजेंसियां जा रही हैं। चीन ने शुक्रवार को चंद्रमा से जुड़ा एक मिशन लॉन्च किया है। वहीं नासा एक बार फिर चंद्रमा पर इंसानों को भेजकर वहां बस्तियां बसाना चाहता है। एक्सपर्ट्स दूसरे ग्रहों पर इंसानों के परिवहन का सबसे अच्छा तरीका खोज रहे हैं। क्योंकि उड़ने वाला परिवहन सिस्टम फेल हो सकता है। चंद्रमा पर ज्यादा दूर तक इंसान जा सकें इसके लिए नासा एक रेलवे सिस्टम बनाना चाहता है। नासा अगर कामयाब हो गया तो चांद पर वह ट्रेन चला सकेगा। हालांकि रेलवे धरती की तरह दो पटरियों वाला नहीं होगा।क्या है नासा का प्लान?यह प्लान किसी साइंस फिक्शन फिल्म की तरह है। FLOAT का मतलब फ्लेक्सिबल लेविटेशन ऑन ए ट्रैक है। नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी की ओर से संचालित की जाने वाली यह परियोजना है और इसे नासा के इनोवेटिव एडवांस्ड कॉन्सेप्ट प्रोग्राम अध्ययन के दूसरे चरण में बनाया जा रहा है। दूसरे कॉन्सेप्ट जिनके ऊपर काम किया जा रहा है उनमें एक पल्स्ड प्लाज्मा रॉकेट और एक बड़ी ऑप्टिकल ऑब्जर्वेटरी है। जिस रॉकेट को बनाया जा रहा है उससे पृथ्वी से सौरमंडल में किसी भी जगह तेजी से पहुंचा जा सकेगा।काकैसे काम करेगा चांद पर रेलवे?चंद्र रेलवे सिस्टम अगले दशक तक चालू हो सकता है। चंद्रमा पर यह विश्वसनीय, ऑटोमैटिक और कुशल पेलोड परिवहन प्रदान करेगा। यह सतह के चारों और कई टन रेगोलिथ (चंद्रमा की मिट्टी) के ट्रांसपोर्ट में भूमिका निभा सकता है। चांद पर बेस बनाने में चंद्रमा की मिट्टी कई तरह से अंतरिक्ष यात्रियों की ओर से इस्तेमाल की जा सकेगी। नासा के रोबोटिक्स इंजीनियर एथन स्केलर इस परियोजना का नेतृत्व कर रहे हैं। उनका अनुमान है कि एक दिन में यह 100 टन कार्गो ट्रांसपोर्ट कर सकता है। स्केलर ने कहा, 'फ्लोट एक लपेटी जा सकने वाली कालीन की तरह होगी। आवश्यक्ताओं के हिसाब से इसे दूसरी जगह ले जाया जा सकेगा।' उन्होंने आगे बताया कि पहियों, पैरों या पटरियों वाले चंद्रमा रोबोट के विपरीत फ्लोट रोबोटों में कोई हिलने वाला भाग नहीं होगा, और ट्रैक पर उड़ेंगे।ये भी पढ़े :- Madhya Pradesh: लड़कियों ने निकाली 'दाढ़ी हटाओ प्यार बचाओ' रैली, देखे वीडियोउत्तर प्रदेश में सपा विधायक की दबंगई! SDM के साथ धक्का-मुक्की, देखे वीडियोआप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

2024-05-10 19:52:56
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Covid Vaccine Withdrawal: गंभीर साइड इफेक्ट्स के बाद एस्ट्राजेनेका का बड़ा फैसला, दुनियाभर से वापस मंगाई कोरोना वैक्सीन

कोवीशील्ड बनाने वाली एस्ट्राजेनेका दुनिया भर के बाजारों से अब अपनी कोविड वैक्सीन वापस मंगा रही है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ऐसा महामारी के बाद से मांग से अधिक वैक्सीन की उपलब्धता के चलते कर रही है। साइड इफेक्ट को लेकर उठ रहे सवालों के बीच एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड कोविड-19 वैक्सीन कंपनी ने अपनी वैक्सीन बाजार से वापस लेने का फैसला किया है. कंपनी ने कहा है कि वह यूरोप से वैक्सीन वैक्सजेवरिया (कोविड वैक्सीन) वापस लेने के क्रम में आगे बढ़ेगी. जब से कई प्रकार की कोविड-19 वैक्सीन मार्केट में आई हैं. तब से एस्ट्राजेनेका वैक्सीन  की डिमांड में गिरावट आई है. इसका प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट पहले ही बंद कर दिया गया है. एस्ट्राजेनेका द्वारा बनाई कोरोना वैक्सीन भारत में कोविशील्ड के नाम से लगाई गई थी। अब कंपनी ने खुद से बनाई कोविड-19 वैक्सीन को वैश्विक स्तर पर वापस ले लिया है। इससे पहले कंपनी ने अदालती दस्तावेजों में स्वीकार किया था कि उसके द्वारा बनाई कोरोना वैक्सीन लगने से खून के थक्के जमना जैसे गंभीर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। हालांकि, फार्मा दिग्गज ने कहा कि वैक्सीन को व्यावसायिक कारणों से बाजारों से हटाया जा रहा है। टेलीग्राफ ने मंगलवार को कंपनी के हवाले से कहा कि अब वैक्सीन का निर्माण या आपूर्ति नहीं की जा रही है।कंपनी के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमाएस्ट्राजेनेका कंपनी कोविड वैक्सीन को लेकर कई मुकदमों का सामना कर रही है। आरोप है कि कोविड वैक्सीन लगने के बाद कई लोगों की जान गई है। जैमी स्कॉट नामक एक व्यक्ति ने एस्ट्राजेनेका के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। स्कॉट का आरोप है कि वैक्सीन लेने के बाद उसके शरीर में खून के थक्के जमने की समस्या हुई और दिमाग में भी ब्लीडिंग हुई। इससे उसके मस्तिष्क को नुकसान हुआ। ऐसे ही कंपनी के खिलाफ 50 से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं। कंपनी ने भी कोर्ट में लिखित दस्तावेजों में स्वीकार किया कि कोरोना वैक्सीन के कुछ दुर्लभ मामलों में साइड इफेक्ट दिख सकते हैं।कंपनी ने क्या कहाटेलीग्राफ के हवाले से एस्ट्राजेनेका ने कहा, "वैश्विक महामारी को समाप्त करने में हमें अपनी कोरोना वैक्सीन पर गर्व है। एक अनुमान के अनुसार, इसके अकेले उपयोग करने के पहले वर्ष में 6.5 मिलियन से अधिक लोगों की जान बचाई जा सकी और विश्व स्तर पर इसकी तीन बिलियन से अधिक खुराक की आपूर्ति की गई। हमारे प्रयासों को दुनिया भर की सरकारों ने मान्यता दी है और व्यापक रूप से वैश्विक महामारी को समाप्त करने में हमने एक अभूतपूर्व योगदान दिया है।ये भी पढ़े :- Madhya Pradesh: लड़कियों ने निकाली 'दाढ़ी हटाओ प्यार बचाओ' रैली, देखे वीडियोउत्तर प्रदेश में सपा विधायक की दबंगई! SDM के साथ धक्का-मुक्की, देखे वीडियोआप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

2024-05-08 09:27:15
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मेट गाला 2024: आलिया भट्ट ने विदेश की सरजमीं पर लहराया भारतीय संस्कृति का परचम

आलिया भट्ट अपनी एक्टिंग हो या फैशन, दर्शकों का दिल जीतती रहती हैं। पिछले साल मेट गाला में मोतियों से सजे गाउन में शानदार शुरुआत करने के बाद, एक्ट्रेस ने लगातार दूसरी बार इस इवेंट की शोभा बढ़ाई। आलिया ने मेट गाला 2024 के लिए एक खूबसूरत साड़ी पहनी, जिसमें उन्हें पूरी दुनिया से तारीफ मिल रही है। नेटिज़न्स उनके लुक की तारीफ करना बंद नहीं कर पा रहे और वैश्विक मंच पर भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने के लिए उनकी सराहना भी कर रहे हैं।जैसे ही Alia Bhatt की मेट गाला 2024 की तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर सामने आए, ट्विटर पर नेटिज़न्स ने उन पर बहुत प्यार बरसाया। वे उनकी सब्यसाची साड़ी, एक्सेसरीज़, मेकअप और हेयरस्टाइल से सरप्राइज थे। साथ ही आलिया का ये स्टाइल देख कुछ लोगों को प्रियंका चोपड़ा भी याद आईं, जो कुछ साल पले अतरंगी फैशन के साथ मेट गाला में उतरी थीं। आलिया ने अपने इंस्टा पर खुद फोटोज शेयर की हैं और लंबा-चौड़ा कैप्शन भी लिखा है।एक यूजर ने कहा, 'आलिया भट्ट सचमुच मेट गाला में धमाल मचाने आई थीं! यह ड्रेस ही उनका सच्चा फैशन है। क्वीन के लिए खड़े होकर अभिनंदन!' एक ने कहा, ठीक है, 'क्या हम सिर्फ इस बारे में बात कर सकते हैं कि मेट गाला के लिए उस साड़ी में आलिया भट्ट कितनी खूबसूरत लग रही हैं। बिल्कुल सरप्राइज राजकुमारी वाइब्स।'सबको पसंद आया आलिया का लुकएक पोस्ट में कहा गया, 'रात का अब तक का पसंदीदा लुक। आलिया भट्ट हमेशा पेस्टल लुक में कमाल करती हैं और जिस तरह से उन्होंने उनके बालों को स्टाइल किया है, वह मुझे बहुत पसंद है।' एक यूजर ने तारीफ करते हुए लिखा, 'सब्यसाची में आलिया भट्ट, अब आप इसी तरह थीम के साथ बनी रहती हैं!!! यह सब आपको अलग बनाता है।'ये भी पढ़े :- Madhya Pradesh: लड़कियों ने निकाली 'दाढ़ी हटाओ प्यार बचाओ' रैली, देखे वीडियोउत्तर प्रदेश में सपा विधायक की दबंगई! SDM के साथ धक्का-मुक्की, देखे वीडियोआप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

2024-05-08 08:56:16
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मूसलाधार बारिश ने ब्राज़िल में मचाया कहर, अब तक 29 लोगो की मौत, 10 हजार से अधिक लोग...

ब्राजील के कई इलाकों में इस वक्त मूसलाधार बारिश हो रही है। बारिश के चलते कई इलाकों में बाढ़ आ गई है और हालात बेकाबू होते जा रहे हैं।  ब्राजील के दक्षिणी राज्य रियो ग्रांडे डो सुल में भारी बारिश से मरने वालों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है, जबकि 60 अन्य लोग अब भी लापता हैं.दुबई के बाद अब सऊदी अरब भारी बारिश के कारण बाढ़ से जूझ रहा है. बारिश ने सऊदी अरब के उत्तरी हिस्सों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया. मौसम विभाग की चेतावनी के बाद कई सड़कों को यातायात के लिए बंद कर दिया गया. इतना ही नहीं, बाढ़ के कारण स्कूलों में भी छुट्टी की गई थी.ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने स्थानीय अधिकारियों से मिलने और अपनी एकजुटता व्यक्त करने के लिए बृहस्पतिवार को राज्य का दौरा किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘इस बारिश से प्रभावित हुए लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए हमारी सरकार हरसंभव कोशिश करेगी।’’नागरिक सुरक्षा एजेंसी की तरफ से यह भी बताया गया है कि बारिश के कारण 10,000 से अधिक लोगों को अपने घर छोड़कर जाना पड़ा है। ये भी पढ़े :- Madhya Pradesh: लड़कियों ने निकाली 'दाढ़ी हटाओ प्यार बचाओ' रैली, देखे वीडियोउत्तर प्रदेश में सपा विधायक की दबंगई! SDM के साथ धक्का-मुक्की, देखे वीडियोआप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

2024-05-04 06:25:41
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International Harry Potter Day 2024: तिथि, इतिहास, महत्व और जादू के दिन के बारे में वह सब कुछ जो आप जानना चाहते हैं

International Harry Potter Day : जादू की दुनिया जिसने हम सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया और हमें हमेशा के लिए प्रशंसक बना दिया। हैरी पॉटर की किताबें ही वह कारण हैं जिनकी वजह से हम हॉगवर्ट्स, छड़ी के घुमाव और मंत्रों, हैरी, रॉन वीस्ली और हरमनी ग्रेंजर द्वारा साझा की गई दोस्ती पर विश्वास करते हैं। हैरी पॉटर ने हमें सिखाया कि लचीलेपन और साहस से हम सबसे मजबूत दुश्मनों को भी हरा सकते हैं। उन्होंने हमें सिखाया कि अगर हमारे साथ सही दोस्त हों तो जीवन हमेशा थोड़ा आसान होता है। हर साल हैरी पॉटर दिवस हमें हैरी के साहस और बहादुरी की याद दिलाने के लिए मनाया जाता है। कहने की जरूरत नहीं है, यह जादू की दुनिया में एक बार फिर ताजा गोता लगाने का एक और बहाना है। जैसे ही हम जादू का दिन मनाने की तैयारी कर रहे हैं, यहां कुछ चीजें हैं जिन्हें हमें ध्यान में रखना होगा।जेके राउलिंग द्वारा लिखी गई हैरी पॉटर किताबों की श्रृंखला 1998 से चली आ रही है, और उन किताबों पर फिल्में बनने की शुरुआत 2001 में हुई। हालांकि, फिल्में बनने के एक दशक बाद, हैरी पॉटर डे की स्थापना हुई। यूनाइटेड किंगडम के तत्कालीन राष्ट्रपति डेविड कैमरन ने घोषणा की कि लोगों को हैरी के लचीलेपन और साहस की याद दिलाने के लिए हर साल 2 मई को हैरी पॉटर दिवस के रूप में मनाया जाएगा। आमतौर पर यह ग़लतफ़हमी थी कि यह तारीख़ हैरी पॉटर के जन्मदिन पर पड़ती है। हालाँकि, एक सच्चा पॉटरहेड असली कारण जानता है - 2 मई को, हॉगवर्ट्स की महान लड़ाई लड़ी गई थी और लॉर्ड वोल्डेमॉर्ट - हैरी पॉटर का दुश्मन - हार गया था।हैरी पॉटर ने बचपन से ही हमें एक ऐसी दुनिया का सपना दिखाया है जिस पर जादू, प्यार, दोस्ती और मौज-मस्ती का राज है। इस दिन, हैरी पॉटर की किताबों और डीवीडी को अलमारियों से हटा दें और अपने दोस्तों को एक साथ इकट्ठा करें। अपना हैरी पॉटर-थीम वाला पायजामा पहनें और फिल्मों का दोबारा प्रसारण देखें, क्योंकि चाहे कुछ भी हो, हम हैरी पॉटर और जादू की दुनिया से कभी भी संतुष्ट नहीं हो सकते।ये भी पढ़े :- Madhya Pradesh: लड़कियों ने निकाली 'दाढ़ी हटाओ प्यार बचाओ' रैली, देखे वीडियोउत्तर प्रदेश में सपा विधायक की दबंगई! SDM के साथ धक्का-मुक्की, देखे वीडियोआप JHBNEWS हिंदी को यहां सोशल मीडिया पर फ़ॉलो कर सकते हैंफेसबुक पर JHBNEWS हिंदी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.यहां इंस्टाग्राम पर JHBNEWS हिंदी को फॉलो करें।यूट्यूब पर JHBNEWS हिंदी वीड़ियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।JHBNEWS हिंदी को ट्विटर पर फ़ॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।हमारे WHATSAPP पर JHBNEWS हिंदी से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

2024-05-01 20:01:58